TRENDING NEWS
हैदराबाद, तीन सितंबर सिकंदराबाद छावनी क्षेत्र में सेना के एक प्रतिष्ठान से हथियार और गोला-बारूद चोरी होने के कुछ दिन बाद एक निजी रियल एस्टेट परियोजना स्थल पर लावारिस हालत में 160 विस्फोटक मिले हैं। पुलिस…
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को कोंडा सुरेखा को तुरंत प्रभाव से मंत्रिपरिषद से हटाने का फैसला किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की एक विज्ञप्ति के अनुसार, सरकार ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से…
नयी दिल्ली, तीन सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि आगामी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की ओर से एक लाख रुपये की जमानत राशि केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि…
प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक ने अपनी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को तलाक देने का फैसला…
रायपुर, तीन सितंबर छत्तीसगढ़ सरकार ने जन्माष्टमी के अवसर पर चार सितंबर को शुष्क दिवस घोषित किया है और इस…
तेलंगाना के मुलुगु जिले के पालमपेट गांव में स्थित प्राचीन ‘गोल्लाला गुड़ी’ मंदिर को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय महत्व का…
चंडीगढ़, तीन सितंबर पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने बृहस्पतिवार को कहा कि मसौदा मतदाता सूची में उनके नाम…
देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना में तेलंगाना के सिकंदराबाद कैंटोनमेंट स्थित सेना…
बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात के बाद अमेरिका भड़क उठा है। वॉशिंगटन ने…
गुर्दे में संक्रमण के कारण मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की हालत में सुधार हो…
नयी दिल्ली, तीन सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्ला फिल्मों के दिग्गज कलाकार उत्तम कुमार की जन्मशती पर बृहस्पतिवार को…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसमें केंद्र से तमिल को…
देहरादून, दो सितंबर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अधिकारियों को ‘फ्लाइंग कार’ बनाने वाले अल्मोड़ा के…
हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज पर बाढ़ राहत और बचाव अभ्यास (Flood Relief Exercise) के दौरान बड़ा हादसा सामने आया है।…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
भारत के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों, टाटा, बिरला, रिलायंस, अडानी, आदि को अपना व्यवसायिक साम्राज्य खड़ा करने में दशकों लग गए थे। इन समूहों को अपनी…
भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने प्रतिष्ठित एक दिवसीय प्रतियोगिता की सीरीज के केवल दो टूर्नामेंट…
(भाष) प्रणवी उर्स ने केपीएमजी महिला आयरिश ओपन में शानदार शुरुआत करते हुए तीन अंडर 69 का…
गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यहां समीक्षा बैठक में भारत की 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की…
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों के मेजबान प्रसारक स्काई स्पोर्ट्स पर साक्षात्कार से…
ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।…
(मोना पार्थसारथी) एम्सटेलवीन, 28 अगस्त पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय महिला हॉकी में कई…
बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) एक बार फिर अपनी पुरानी खूबसूरत यादों में खो गई हैं। प्रियंका ने अपने पति व अमरीकी सिंगर निक जोनस (Nick Jonas) के साथ अपने रोमांस के शुरुआती दिनों को याद करते हुए सोशल मीडिया पर बेहद खास और अनदेखी तस्वीरें साझा की हैं। प्रियंका ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर डेटिंग के दिनों की अनसीन तस्वीरों का एक मोंटाज वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो के बैकग्राउंड में जोनस ब्रदर्स का हालिया रिलीज गाना ‘लिसन व्हेन सैड’ (Listen When Sad) बज रहा है, जिसके बोल लव स्टोरी की शुरुआत वाली उसी गर्मी से जुड़ते हैं। इस गाने में निक उस गर्मी के बारे में गा रहे हैं जब उनकी लव स्टोरी शुरू हुई थी, और प्रियंका को भी वह समय अच्छी तरह याद था। इसे भी पढ़ें: 3 सितंबर को OTT और सिनेमाघरों में धमाकेदार एंटरटेनमेंट! The…
मोबाइल रिचार्ज आज हर व्यक्ति के मासिक बजट का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। ऐसे में ज्यादातर यूजर्स कम…
शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और लंबी सिग्नल टाइमिंग के बीच रोजाना ड्राइव करने वाले लोगों के लिए रेड लाइट पर…
क्या आप भी Google Gemini इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं, तो यह खबर एक बार जरुर पढ़ें? कभी आपने सोचा…
Rising healthcare costs have overtaken job security and EMIs as the biggest financial concern for corporate India, according to a…
New Delhi: Medical device industry, patient safety groups and healthcare providers have opposed the draft Drugs, Medical Devices and Cosmetics…
New Delhi: The Indian Council of Medical Research (ICMR) has not conducted any study to assess whether ultra-processed foods exhibit…
New Delhi/ Bengaluru: Atta, paneer, tea, juices, biscuits, ghee, honey, chocolates, energy drinks — the list of daily consumption items…
New Delhi: The Delhi High Court is expected to pronounce its judgment this week in the long-running Daiichi Sankyo arbitration…
कई बार लोगों को चलने-फिरने या फिर बैठने के दौरान तेज दर्द महसूस होता है। यह दर्द पीठ से होता…
शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर…
एक बात साफ हो जानी चाहिए कि दुनिया के देशों के लिए नेपाल त्रासदी को हल्के में लेना बड़ी भूल होगी। 2020 की कनाड़ा की रॉक स्लाइड और 2023 की सिक्किम में साउथ ल्होनक झील की ग्लेशियल फटने की घटना हमारे सामने हैं। यह कोई पहली या अंतिम घटनाएं नहीं हैं अपितु देखा जाएं तो यह समय रहते प्रयास नहीं किये गये तो ऐसी घटनाओं की आवृति जल्दी जल्दी और अतिविनाशकारी होगी, इससे नकारा नहीं जा सकता। जलवायु परिवर्तन के कारण पिछले सालों में जिस तरह से प्रकृति का विकराल रुप देखने को मिल रहा है वह चाहे तूफानों के…
नयी दिल्ली, तीन सितंबर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक व्यवधानों के बावजूद भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में…
हफ़्ते की सुस्त शुरुआत के बाद, बुधवार को भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में रिकवरी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों…
मुंबई, एक सितंबर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच नए सिरे से बढ़े तनाव के कारण निवेशकों…
नयी दिल्ली, एक सितंबर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी के अनुरूप विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में मंगलवार को…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16