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बारीपदा, छह नवंबर ओडिशा सरकार ने मयूरभंज जिले के एक सरकारी आवासीय विद्यालय की 10वीं कक्षा की छात्रा के हाल में बच्चे को जन्म देने के मामले में कथित लापरवाही बरतने पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को…
गुवाहाटी, छह नवंबर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि जुबीन गर्ग की मौत के मामले में दो मुख्य आरोपियों को जमानत मिलने पर उनके आवास का घेराव करने की एक समूह…
(कोमल शर्मा) नयी दिल्ली, छह नवंबर दो से अधिक संतान होने पर दंड का प्रावधान करने वाले कानूनों की प्रासंगिकता पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी ने देश में जनसंख्या नीति को लेकर नयी बहस छेड़ दी…
मामल्लापुरम (तमिलनाडु), छह नवंबर तमिलनाडु के मामल्लापुरम में ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर एक वैन अनियंत्रित होकर पलट गयी और एक…
नयी दिल्ली, छह नवंबर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर संसदीय क्षेत्र से सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी…
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे राज्य के किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को…
नयी दिल्ली, छह नवंबर महात्मा गांधी ने अन्याय और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई न सिर्फ भारत में शुरू की बल्कि…
बलिया (उत्तर प्रदेश), छह नवंबर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बिहार के…
लखनऊ, पांच नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक…
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक और व्यस्त इलाके चावड़ी बाजार में हुई एक दर्दनाक दुर्घटना के मामले में पुलिस ने…
देश की राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल बाजार करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में बृहस्पतिवार देर रात एक…
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग जगत के…
नयी दिल्ली, छह नवंबर दिल्ली के गफ्फार मार्केट में बृहस्पतिवार देर रात मोबाइल फोन के सामान की एक दुकान में…
झारखंड के खूंटी जिले में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से तीन बच्चों और तीन महिलाओं समेत सात…
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 6 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
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दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के आसपास की बेशकीमती सरकारी जमीनों को वापस लेने की मोदी सरकार की मुहिम अब भारतीय वायु सेना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक…
मुंबई इंडियंस (MI) की बॉलिंग कोच और मेंटर झूलन गोस्वामी ने बताया कि महिला प्रीमियर लीग (WPL)…
मुंबई इंडियंस ने घोषणा की है कि लसिथ मलिंगा, पारस म्हांब्रे और कार्ल हॉपकिंसन पुरुष टीम में…
चोट के कारण न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी भारत के खिलाफ पांच मैचों…
ऑकलैंड के ईडन पार्क में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चौथे T20 इंटरनेशनल मैच से पहले, भारतीय बल्लेबाज़ तिलक…
भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा, केएल राहुल और हार्दिक पांड्या को पीछे छोड़कर T20I में भारत के लिए…
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ की गर्दन में ‘सर्वाइकल फैसेट जॉइंट’ की चोट लगी है। इस वजह से,…
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी और भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी पौराणिक महागाथा ‘रामायण पार्ट 1’ ने 5 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देते ही बॉक्स ऑफिस पर सफलता का एक नया इतिहास रच दिया है। रणबीर कपूर, साई पल्लवी और साउथ सुपरस्टार यश जैसी विशाल स्टार कास्ट से सजी इस फिल्म का पहले दिन का कलेक्शन ट्रेड एनालिस्ट्स और दर्शकों को हैरान कर रहा है। पांच भाषाओं (हिंदी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम) में भव्य पैमाने पर रिलीज हुई इस फिल्म ने भारतीय और वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार ओपनिंग ली है। प्रसिद्ध बॉक्स ऑफिस ट्रेड ट्रैकर ‘सैकनिल्क’ (Sacnilk) की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, ‘रामायण पार्ट 1′ ने भारत में पहले ही दिन 64.85 करोड़ रुपये (नेट कलेक्शन) की रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है।’रामायण पार्ट 1’ – पहले दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शनट्रेड ट्रैकर ‘सैकनिल्क’ (Sacnilk) के अनुसार, रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश अभिनीत ‘रामायण पार्ट 1’…
देशभर में दिवाली का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। आम तौर पर इस दिन…
Hindi NewsCareerCristiano Ronaldo Retires From International Football | Career Update14 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं।नेशनल (NATIONAL)1. गृहमंत्री अमित शाह ने अंबाला छावनी में शहीद स्मारक का उद्घाटन किया5 नवंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के अंबाला छावनी में शहीद स्मारक का उद्घाटन किया।इस स्मारक का नाम आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक रखा गया है।यह स्मारक भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले वीर सेनानियों और शहीदों के बलिदान को सम्मान देने के लिए बनाया गया है।इसके निर्माण में 800…
धनतेरस पर वाहन बिक्री में तेजी की उम्मीद है। दोपहिया, यात्री और वाणिज्यिक वाहनों की मांग मजबूत बनी…
मुंबई, छह नवंबर सेंसेक्स और निफ्टी शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरे शुरुआती कारोबार के बाद बढ़त के साथ कारोबार करने लगे।…
नयी दिल्ली, छह नवंबर चीनी कारोबारियों के संगठन एआईएसटीए ने सरकार से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 31 रुपये से…
नयी दिल्ली, चार नवंबर एस्सार पावर आंध्र प्रदेश में 300 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना में करीब 4,500 करोड़ रुपये…
नयी दिल्ली, चार नवंबर देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अक्टूबर में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज…
त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, सांसों में जहर घोलने के लिए नहीं। दीपावली प्रकाश, प्रसन्नता, उल्लास और मंगलकामना का पर्व है, लेकिन यदि उत्सव की चमक के पीछे आसमान धुएं से भर जाए, बच्चों और बुजुर्गों का दम घुटने लगे तथा आम आदमी स्वच्छ हवा के लिए तरसने लगे तो हमें अपनी उत्सव परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों पर गंभीरता से विचार करना होगा। विडंबना यह है कि आज प्रदूषण जैसी जीवन-मरण की समस्या पर भी राजनीति का धुआं छाने लगा है। जब लोगों की सांसें संकट में हों, तब धर्म, जाति और राजनीतिक विचारधाराओं के चश्मे से समस्या को देखना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का प्रमाण भी है। अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा ने पटाखों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने पर्यावरण अनुकूल दीपावली अभियान में उनका वीडियो जारी किया, लेकिन राजनीतिक…
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तारीखें अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन राज्य की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल अपने चरम पर पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के ठीक बाद, पार्टी के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी एक बड़े विस्फोट में बदल गई है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का एक साथ पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना केवल तीन विधायकों का इस्तीफा नहीं है, बल्कि यह भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक गहरा राजनीतिक और नैतिक झटका है। नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में 2 नवंबर 2026 को जिस तरह इन नेताओं…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था।’वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,…
देश के चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, सभी राजनीतिक दल व विश्लेषक परिणामों का अध्ययन करके उसके अपने-अपने लाभ-हानि के हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। लेकिन इस बार का यह चुनाव कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के साथ विशेषकर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द तलाश ना होगा। क्योंकि भाजपा को अन्य दलों से अलग मानते हुए किसी व्यक्ति या परिवार की जागीर की जगह संगठन को सर्वोपरि मानने वाला राजनीतिक दल माना जाता है और वैसे भी अंदरूनी गुटबाजी से दूर अनुशासन वाली पार्टी मानने का दावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा हमेशा सार्वजनिक रूप भी किया जाता है। लेकिन एमएलसी के चुनावों के परिणामों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की हॉट सीट वाराणसी, लखनऊ व महाराष्ट्र…
बचपन में घोर गरीबी को बेहद करीब से देखने वाले और जीवनयापन के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उनके सामने भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी गरीबी। करोड़ों लोगों के पास न पक्का मकान था, न बैंक खाता, न शौचालय, न रसोई गैस और न ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों को सरकारी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए गरीबी के अभिशाप से देश को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अब इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी मान रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट भारत की इसी परिवर्तनकारी यात्रा पर वैश्विक मुहर लगा रही है।विश्व बैंक की रिपोर्ट: 49.6 करोड़ लोगों की जिंदगी में बदलावविश्व बैंक की Poverty and Equity Brief, October 2026…
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं।भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है।इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है?अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी।WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदनWhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें:- EPFO…
भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों से एक अजीब और गहरी चिंताजनक परिपाटी देखने को मिल रही है। देश के राजनैतिक दल अपनी सांगठनिक कमजोरियों, जमीन से कटते जा रहे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच नीतियों के गहरे संकट पर आत्ममंथन करने के बजाय, अपनी हर पराजय का पूरा ठीकरा देश की संवैधानिक चुनावी व्यवस्था पर फोड़ देते हैं। इस पूरे राजनैतिक खेल में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी ईवीएम को एक बड़े वैश्विक खलनायक के रूप में पेश किया गया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक सुर में ‘वोट चोरी’ का एक ऐसा आक्रामक और संदेहास्पद नैरेटिव गढ़ा, जिसने आम मतदाताओं के मन में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास के बीज बोने की पुरजोर कोशिश की। राष्ट्रीय स्तर पर महीनों तक इस बात का माहौल बनाया गया कि यदि देश को वापस मतपत्र यानी पुरानी बैलेट पेपर प्रणाली के दौर में ले जाया जाए, तो लोकतंत्र का…
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।क्या है PMEGP योजना?प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा…
भारतीय लोकतंत्र का इतिहास वैचारिक असहमतियों, तीखे तर्कों और धारदार बहसों से समृद्ध रहा है। संसद से लेकर सड़क तक, देश ने दक्षिणपंथ से लेकर वामपंथ और क्षेत्रीय अस्मिताओं के बीच बड़े-बड़े वैचारिक द्वंद्व देखे हैं। लेकिन, अतीत में इन सभी बहसों की एक अंतर्निहित मर्यादा होती थी। राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे की नीतियों पर प्रहार करते थे, चरित्र और मर्यादाओं पर नहीं। दुर्भाग्य से, समकालीन राजनीति ने संवाद की उस समृद्ध परंपरा को हाशिए पर धकेल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी (“मोदी का बाप भी जाएगा”) और उसके बाद आज पूरे देश में मचा सियासी बवाल इसी कड़वी हकीकत की तस्दीक करता है। पटना के एक कार्यक्रम में सामने आए इस बयान ने न केवल एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, बल्कि यह सवाल भी नए सिरे से…
Supporting Student Journalist.
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