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नागपुर, पांच नवंबर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता उस ‘अंतरराष्ट्रीय साजिश’ का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसके जरिये…
लखनऊ, पांच नवंबर उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के बोनस को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को…
पटना, पांच नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 नवंबर को बिहार के वैशाली जिले का दौरा करेंगे। इस दौरान वह औद्योगिक गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ ही एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।…
लखनऊ, पांच नवंबर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (पीएमएचएस) संवर्ग के चिकित्सकों के लिए सुपर स्पेशियलिटी…
महराजगंज, पांच नवंबर उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में पुलिस और आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की संयुक्त टीम ने करीब…
केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। दो अन्य…
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को घोषणा की कि वह 7 नवंबर को केरल के कोच्चि में ‘स्पेशल इंटेंसिव…
नयी दिल्ली, पांच नवंबर जलवायु परिवर्तन संबंधी संयुक्त राष्ट्र निकाय के कार्यकारी सचिव साइमन स्टिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि…
लेह, पांच नवंबर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा स्थापित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लद्दाख (एचआईएएल) के खिलाफ मातृत्व लाभ का…
जयपुर, पांच नवंबर कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर विपक्ष…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को अंबाला छावनी में अत्याधुनिक ‘1857 शहीद स्मारक’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा…
नयी दिल्ली, पांच नवंबर बृहस्पतिवार को शाम छह बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार…
नयी दिल्ली, पांच नवंबर दुष्कर्म के मामले में वांछित एक आभूषण निर्माता कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक को दिल्ली पुलिस, इंटरपोल,…
भारतीय वायु सेना (IAF) ने नई दिल्ली के रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन में स्थित अपने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स वाली 39.5…
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ता सौरव दास ने गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को कड़ा जवाब दिया।…
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लोकतंत्र केवल सत्ता परिवर्तन की व्यवस्था नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं, नागरिक अधिकारों, जवाबदेही और सार्थक राजनीतिक संवाद की जीवंत प्रणाली है। इसकी मजबूती केवल सत्तारूढ़ दल की…
फिल्म ‘रामायण’ की रिलीज के बीच निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने दर्शकों को एक बड़ा सरप्राइज दिया है। मेकर्स ने फिल्म से जुड़ा ‘हनुमान चालीसा’ का एक बिल्कुल नया और भव्य वर्जन रिलीज कर दिया है। भक्ति भाव से भरे इस ट्रैक को किसी एक कलाकार ने नहीं, बल्कि देश के 5 दिग्गज गायकों ने मिलकर अपनी आवाज दी है। दिलजीत दोसांझ, सुखविंदर सिंह, मोहित चौहान, शंकर महादेवन और कैलाश खेर की जुगलबंदी ने इस गाने को बेहद खास बना दिया है। संगीत के जादूगर ए.आर. रहमान ने इसका संगीत तैयार किया है, जबकि इसके बोल जाने-माने कवि कुमार विश्वास ने लिखे हैं।पांच बड़े गायकों की मधुर और शक्तिशाली आवाज में सजी यह हनुमान चालीसा रिलीज होते ही इंटरनेट पर छा गई है और लोग पूरी तरह भक्ति रस में डूब गए हैं। इस भक्ति गीत के बीच में भगवान हनुमान का किरदार निभा रहे सनी देओल…
देशभर में दिवाली का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। आम तौर पर इस दिन…
15 मिनट पहलेकॉपी लिंकयूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी UPSC ने सिविल सर्विस मेन्स एग्जाम 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। UPSC CSE मेन्स एग्जाम में शामिल होने वाले सभी कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।2,536 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुएUPSC CSE 2026 में, 2,526 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुए हैं। कैंडिडेट्स ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म में जरूरी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। UPSC के ऑनलाइन पोर्टल 11 नवंबर से 25 नवंबर तक ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे।ये एग्जाम 21 अगस्त से 30 अगस्त के बीच आयोजित की गई थी। UPSC मेन्स में कुल 13,343 कैंडिडेट्स ने ये परीक्षा दी थी।UPSC ऑनलाइन भेजेगा…
नयी दिल्ली, पांच नवंबर टाइटन कंपनी लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष की जुलाई- सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध…
नयी दिल्ली, पांच नवंबर आभूषण कारोबारियों को उम्मीद है कि जनवरी के उच्चतम स्तर से कीमतों में भारी गिरावट के…
महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही अच्छी रही है। कंपनी ने गुरुवार को जुलाई से…
Tonbo Imaging IPO को अंतिम दिन मिला 136 गुना सब्सक्रिप्शन, निवेशकों ने लगाई 115 करोड़ शेयरों की बोली
रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने वाली कंपनी टोनबो इमेजिंग इंडिया लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को सोमवार को बोली के…
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की कार्रवाई के बाद सात ऑनलाइन मंच से अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक पदार्थों की…
त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, सांसों में जहर घोलने के लिए नहीं। दीपावली प्रकाश, प्रसन्नता, उल्लास और मंगलकामना का पर्व है, लेकिन यदि उत्सव की चमक के पीछे आसमान धुएं से भर जाए, बच्चों और बुजुर्गों का दम घुटने लगे तथा आम आदमी स्वच्छ हवा के लिए तरसने लगे तो हमें अपनी उत्सव परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों पर गंभीरता से विचार करना होगा। विडंबना यह है कि आज प्रदूषण जैसी जीवन-मरण की समस्या पर भी राजनीति का धुआं छाने लगा है। जब लोगों की सांसें संकट में हों, तब धर्म, जाति और राजनीतिक विचारधाराओं के चश्मे से समस्या को देखना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का प्रमाण भी है। अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा ने पटाखों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने पर्यावरण अनुकूल दीपावली अभियान में उनका वीडियो जारी किया, लेकिन राजनीतिक…
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तारीखें अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन राज्य की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल अपने चरम पर पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के ठीक बाद, पार्टी के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी एक बड़े विस्फोट में बदल गई है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का एक साथ पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना केवल तीन विधायकों का इस्तीफा नहीं है, बल्कि यह भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक गहरा राजनीतिक और नैतिक झटका है। नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में 2 नवंबर 2026 को जिस तरह इन नेताओं…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था।’वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,…
देश के चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, सभी राजनीतिक दल व विश्लेषक परिणामों का अध्ययन करके उसके अपने-अपने लाभ-हानि के हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। लेकिन इस बार का यह चुनाव कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के साथ विशेषकर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द तलाश ना होगा। क्योंकि भाजपा को अन्य दलों से अलग मानते हुए किसी व्यक्ति या परिवार की जागीर की जगह संगठन को सर्वोपरि मानने वाला राजनीतिक दल माना जाता है और वैसे भी अंदरूनी गुटबाजी से दूर अनुशासन वाली पार्टी मानने का दावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा हमेशा सार्वजनिक रूप भी किया जाता है। लेकिन एमएलसी के चुनावों के परिणामों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की हॉट सीट वाराणसी, लखनऊ व महाराष्ट्र…
बचपन में घोर गरीबी को बेहद करीब से देखने वाले और जीवनयापन के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उनके सामने भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी गरीबी। करोड़ों लोगों के पास न पक्का मकान था, न बैंक खाता, न शौचालय, न रसोई गैस और न ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों को सरकारी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए गरीबी के अभिशाप से देश को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अब इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी मान रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट भारत की इसी परिवर्तनकारी यात्रा पर वैश्विक मुहर लगा रही है।विश्व बैंक की रिपोर्ट: 49.6 करोड़ लोगों की जिंदगी में बदलावविश्व बैंक की Poverty and Equity Brief, October 2026…
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं।भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है।इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है?अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी।WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदनWhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें:- EPFO…
भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों से एक अजीब और गहरी चिंताजनक परिपाटी देखने को मिल रही है। देश के राजनैतिक दल अपनी सांगठनिक कमजोरियों, जमीन से कटते जा रहे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच नीतियों के गहरे संकट पर आत्ममंथन करने के बजाय, अपनी हर पराजय का पूरा ठीकरा देश की संवैधानिक चुनावी व्यवस्था पर फोड़ देते हैं। इस पूरे राजनैतिक खेल में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी ईवीएम को एक बड़े वैश्विक खलनायक के रूप में पेश किया गया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक सुर में ‘वोट चोरी’ का एक ऐसा आक्रामक और संदेहास्पद नैरेटिव गढ़ा, जिसने आम मतदाताओं के मन में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास के बीज बोने की पुरजोर कोशिश की। राष्ट्रीय स्तर पर महीनों तक इस बात का माहौल बनाया गया कि यदि देश को वापस मतपत्र यानी पुरानी बैलेट पेपर प्रणाली के दौर में ले जाया जाए, तो लोकतंत्र का…
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।क्या है PMEGP योजना?प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा…
भारतीय लोकतंत्र का इतिहास वैचारिक असहमतियों, तीखे तर्कों और धारदार बहसों से समृद्ध रहा है। संसद से लेकर सड़क तक, देश ने दक्षिणपंथ से लेकर वामपंथ और क्षेत्रीय अस्मिताओं के बीच बड़े-बड़े वैचारिक द्वंद्व देखे हैं। लेकिन, अतीत में इन सभी बहसों की एक अंतर्निहित मर्यादा होती थी। राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे की नीतियों पर प्रहार करते थे, चरित्र और मर्यादाओं पर नहीं। दुर्भाग्य से, समकालीन राजनीति ने संवाद की उस समृद्ध परंपरा को हाशिए पर धकेल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी (“मोदी का बाप भी जाएगा”) और उसके बाद आज पूरे देश में मचा सियासी बवाल इसी कड़वी हकीकत की तस्दीक करता है। पटना के एक कार्यक्रम में सामने आए इस बयान ने न केवल एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, बल्कि यह सवाल भी नए सिरे से…
Supporting Student Journalist.
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