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तेलंगाना पुलिस की मौजूदगी में, छत्तीसगढ़ राज्य की कुछ महिलाओं समेत करीब 47 माओवादियों ने आज हैदराबाद में आत्मसमर्पण कर दिया। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर डिवीजन के इन माओवादियों ने डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण…
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर परोक्ष रूप से निशाना साधा, एक दिन पहले ही चड्ढा और छह अन्य सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। चड्ढा का…
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने अपने नए विकसित ‘एडवांस्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म’ पेश किए हैं। ये प्लेटफॉर्म ट्रैक वाले और पहियों वाले, दोनों तरह के हैं और इन्हें ‘व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट’ ने तैयार…
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता CR केशवन ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार…
समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक नाबालिग लड़की की मौत…
आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के सत्तारूढ़ खेमे में जाने के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने…
बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख, जिन्हें इंजीनियर राशिद के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने बीमार पिता…
लांसडाउन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दिलीप रावत ने पौड़ी गढ़वाल ज़िले में…
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि BJP नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को बड़े पैमाने पर…
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और नंदीग्राम तथा भवानीपुर विधानसभा क्षेत्रों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी…
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल शुक्रवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं, उन्होंने आप प्रमुख अरविंद…
आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को दिल्ली लोक निर्माण विभाग के मंत्री परवेश…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता राम माधव द्वारा अमेरिका में एक…
92.88% मतदान पश्चिम बंगाल में हुआ है। भारत के इतिहास में किसी राज्य में किसी एक फेज में या ओवरऑल…
जनगणना देश या किसी निर्दिष्ट क्षेत्र में रहने वाले सभी व्यक्तियों से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आंकड़ों को…
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पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। सवाल सीधा है कि क्या सत्ताविरोधी माहौल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने पक्ष…
पाकिस्तान सुपर लीग 2026 शुरू होने से पहले ही टूर्नामेंट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।…
भारत के हरफनमौला हार्दिक पंड्या ने रविवार को कहा कि उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत विशुद्ध बल्लेबाज…
महज 14 साल की उम्र में अपनी बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान करने वाले वैभव सूर्यवंशी…
आईपीएल 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स में तेज गेंदबाज आकाशदीप की जगह सौरव दुबे की एंट्री…
भारत के स्टार मिडफील्डर हार्दिक सिंह, फॉरवर्ड सुखजीत सिंह और अभिषेक और डिफेंडर संजय इस साल हॉकी…
चेन्नई सुपर किंग्स ने रविवार को भारत के पूर्व हरफनमौला सुरेश रैना और आस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज…
कुछ फिल्में आप जिज्ञासा के साथ देखने जाते हैं, कुछ उत्साह के साथ, और फिर कुछ ऐसी दुर्लभ फिल्में होती हैं जो आपको यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं: आखिर इसे बनाया ही क्यों गया? ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ (Ginny Weds Sunny 2) इसी श्रेणी में मजबूती से खड़ी नजर आती है। यह एक ऐसी फिल्म है जहां कहानी बिखरी हुई है, संगीत याद नहीं रहता, और परफॉरमेंस पर आपका ध्यान नहीं टिकता। फिल्म खत्म होने के बाद आपको महसूस होता है कि अपनी सुबह के ढाई घंटे इसके लिए कुर्बान करना बिल्कुल जरूरी नहीं था।कहानी: शादी ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य?फिल्म की शुरुआत ऋषिकेश के एक छोटे शहर के लड़के सनी से होती है, जो कुश्ती में डूबा हुआ है और नेशनल टीम में जगह बनाने का सपना देखता है। लेकिन दुर्भाग्य से, कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं कि उस पर ‘परेशान करने वाले’ (pervert) का लेबल लग…
आधुनिक जीवनशैली के चक्कर में लोग अपनी सेहत पर ध्यान देना भूल ही गए हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट ने…
New Delhi: Urbanisation has always come with trade-offs. On one hand, it promises speed, choice and access; on the other,…
आजकल काफी लोगों में डायबिटीज की समस्या देखने को मिल रही है। जब हमारा शरीर ठीक तरह से इंसुलिन का…
New Delhi: A clinical study from Colombia, published in the Indian Journal of Medical Research, the peer-reviewed journal of the…
Odisha government on Wednesday notified sweeping new rules imposing a complete ban on the manufacture, processing, packaging, storage, transportation, distribution…
New York: Many patients using highly effective GLP-1 drugs like Wegovy may not regain lost weight quickly when they stop…
आजकल लोगों में घूमने का शौक काफी बढ़ गया है। घूमने के लिए कहीं न कहां ट्रिप पर…
8 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी SSC ने स्टेनोग्राफर के 731 पदों पर निकाली भर्ती, पंजाब में वेटरनरी इंस्पेक्टर की 150 वैकेंसी की। साथ ही श्री लाल बहादुर शास्त्री नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी में 33 नॉन टीचिंग पदों पर ओपनिंग्स की।इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए…1. SSC ने स्टेनोग्राफर के 731 पदों पर निकाली भर्ती, फीस 100 रुपएस्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने 731 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की आखिरी तारीख 16 मई 2026 है। वहीं आवेदन में करेक्शन…
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों के निकाय एटीसेपा ने हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) सेवाओं के प्रस्तावित…
देश की विकास यात्रा को लेकर एक नई बहस सामने आई हैं। जहां एक तरफ भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था…
केपीएमजी ने अपने अमेरिका स्थित लेखा जांच विभाग में करीब 10 प्रतिशत साझेदारों की संख्या घटाने का निर्णय लिया हैं।…
ओला इलेक्ट्रिक ने बृहस्पतिवार को ‘एंड आईसीई एज’ अभियान शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों…
सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों से निपटने में…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
बिहार की राजनीति में सत्ता का शिखर छूना जितना कठिन है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है उस शिखर पर टिके रहकर अपनी सर्वमान्यता सिद्ध करना। सम्राट चौधरी का बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में उदय राज्य के सियासी इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात माना जा रहा है। यह केवल एक व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी का बिहार में उस ‘बड़े भाई’ की भूमिका को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना है, जिसका इंतजार पार्टी कार्यकर्ता दशकों से कर रहे थे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के कंधों पर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वह नीतीश कुमार की उस लंबी और गहरी छाया से बाहर निकल पाएंगे, जिसने पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति को परिभाषित किया है? यही वह कसौटी है, जिस पर अब सम्राट चौधरी को…
भारत की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में यदि किसी एक समस्या ने दशकों तक देश की प्रगति को बाधित किया और हजारों निर्दोषों का लहू बहाया, तो वह नक्सलवाद था। एक समय ऐसा भी था जब तत्कालीन सरकारों ने इसे देश के लिए ‘सबसे बड़ा खतरा’ स्वीकार किया था, लेकिन इसके समाधान के लिए वह ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई थी जो आज नजर आ रही है। आज जब हम 2026 के मुहाने पर खड़े हैं, तो भारत के नक्शे से ‘लाल गलियारे’ का सिकुड़ता दायरा और बस्तर के जंगलों में गूंजती शांति इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है।अमित शाह ने गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही नक्सलवाद को केवल एक स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के बजाय इसे एक राष्ट्रव्यापी सुरक्षा चुनौती…
बिहार के नए सम्राट को फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज मिला है। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हों, या पूर्व मुख्यमंत्री दम्पत्ति लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, कभी भी चैन पूर्वक राज नहीं कर सके। लिहाजा, मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उन जातीय और साम्प्रदायिक चुनौतियों से जूझना होगा, जो बिहार के विकास में शुरू से ही बाधक समझी गई हैं। लेकिन जिस प्रकार से आधुनिक बिहार के निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा को कांग्रेस के सहयोग से लंबे समय तक राज करते हुए जनसेवा का मौका मिला, वैसी ही मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा के सहयोग से जनसेवा का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा भी है कि पार्टी ने उन्हें पद नहीं, जनसेवा का अवसर दिया है, इसलिए विकास, सुशासन और समृद्धि उनके शासन का मूलमंत्र होगा।बिहार के आर्थिक विश्लेषक बताते हैं कि बिहार के विकास में श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद नीतीश कुमार…
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार मे आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली…
हेल्थ इंश्योरेंस में Pre-existing Disease छुपाने से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, पॉलिसी रद्द हो सकती है और भविष्य में इंश्योरेंस मिलना भी मुश्किल हो सकता है। पूर्व शोध IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 8 से 10 लाख क्लेम PED या उससे जुड़ी शर्तों की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं। जब आप अपना हेल्थ इंश्योरेंस कराते है, तो कंपनी आपकी पुरानी बीमारी यानी Pre-existing Disease का रिकॉर्ड मांगती है। यदि आप ऐसे मेंं झूठ बोलते है या जानकारी छुपाते हैं, तो कंपनी आपकी पॉलिसी तुरंत रद्द कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह ‘अतुल्य विश्वास’ (Uberrimae Fidei) के सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसे बीमा कंपनी और कानून धोखाधड़ी मानते हैं।इसे भी पढ़ें: जानिए, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYMY) के तहत आपको मात्र 55-200 रुपये में कैसे मिलेगी 3000 पेंशन?अगर आप यह गलती कर चुके हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम स्वीकार नहीं करेगी या आपका…
Supporting Student Journalist.
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