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दिग्गज रियल एस्टेट समूह ‘कॉन्फिडेंट ग्रुप’ के चेयरमैन सीजे रॉय की कथित आत्महत्या ने कर्नाटक और केरल के व्यापारिक व राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आयकर (I-T) विभाग की छापेमारी के दौरान हुई इस…
संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार शनिवार सुबह से आंशिक शटडाउन (Partial Shutdown) की स्थिति में चली गई है। 30 जनवरी की आधी रात की समय सीमा तक कांग्रेस (अमेरिकी संसद) द्वारा 2026 के बजट को मंजूरी…
बड़ी बड़ी डींगे हांकने वाले और खोखले भाषणों से मुल्क को बहलाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आखिरकार वह सच कबूल कर लिया है जिसे दुनिया पहले से जानती थी। इस्लामाबाद में उद्योगपतियों के…
दिल्ली इन दिनों केवल भारत की राजधानी नहीं बल्कि एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया की कूटनीतिक धुरी बन चुकी है।…
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस के 20 साल के शासनकाल में असम की जनसंख्या संरचना…
सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्कूलों में…
डीएमके सांसद कनिमोझी ने शुक्रवार को कहा कि द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच बातचीत सुचारू रूप…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को टिहरी एक्रो फेस्टिवल और राष्ट्रीय एसआईवी चैंपियनशिप 2026 के भव्य समापन समारोह में…
दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड की विलंबित भुगतान अधिभार (एलपीएस) माफी योजना को 15 अगस्त…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और इंडिगो एयरलाइंस के संचालक इंटरग्लोब एविएशन को…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की “पुनर्विचार” की मांग को लेकर…
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के राज्य समन्वयक सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने शुक्रवार को मांग की कि पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी…
भारत द्वारा यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत पूरी करने के कुछ दिनों बाद, जिसे ‘सभी…
कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने उन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि यदि लद्दाख के…
समाजवादी परिवार के सदस्य और मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने बीते कुछ दिनों में जो कुछ…
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इन दिनों विपक्ष उत्तर प्रदेश में दो घटनाओं के माध्यम से अपनी राजनीति साधने के प्रयास में है। पहली घटना वाराणसी के मर्णिकर्णिका घाट के नवीनीकरण के…
गुरुवार को वडोदरा के कोटाम्बी स्थित बीसीए स्टेडियम में खेले गए 2026 महिला प्रीमियर लीग के प्लेऑफ…
विशाखापत्तनम में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले के बाद भारतीय टीम पूरी तरह निराश भी नहीं है।…
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अंडर-19 विश्व कप से टीम के बाहर होने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद…
ऑस्ट्रेलियन ओपन के इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल हो गया है। मेलबर्न के रोड लेवर…
जोरदार शॉट्स, आत्मविश्वास से भरे कदम और बड़े मंच पर दबाव झेलने की काबिलियत ने आर्यना सबालेंका…
चीन के फुटबॉल में लंबे समय से चल रही गड़बड़ियों पर आखिरकार बड़ा एक्शन देखने को मिला…
जब सफलता के शिखर पर बैठा कोई कलाकार अचानक पीछे हटने का फैसला करता है, तो दुनिया उसे ‘रिटायरमेंट’ कहती है। लेकिन अरिजीत सिंह के मामले में, यह संन्यास नहीं बल्कि एक ‘पावर मूव’ है। 38 वर्षीय अरिजीत सिंह ने घोषणा की है कि वे प्लेबैक सिंगिंग से दूर हो रहे हैं। उनका यह बयान पलक झपकते ही वायरल हो गया, लेकिन इस बयान की सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि उन्होंने ‘प्लेबैक इंडस्ट्री’ छोड़ने की बात कही है, ‘म्यूज़िक’ छोड़ने की नहीं। और यही वह अंतर है जहाँ एक कलाकार की असली ताकत छिपी है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, 38 साल के अरिजीत ने अपने करियर में अलग-अलग भाषाओं में 700 से ज़्यादा गाने रिकॉर्ड किए हैं। उनका करियर एक रियलिटी सिंगिंग शो से शुरू हुआ था, जिसे वह जीते भी नहीं थे। इसके बाद उन्हें अपना पहला बड़ा ब्रेक मिलने में पूरे आठ साल लग गए – 2013 की हिट…
सर्दियों की दस्तक के साथ ही घरों में गर्म पानी की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में गैस गीजर सबसे…
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने भारत में डिजिटल लेन-देन की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आज छोटे से…
हाल ही में टेनिस के सबसे बड़े टूर्नामेंट ऑस्टेलियन ओपन 2026 में एक बहुत ही अजीब मुद्दा विवाद का विषय…
हमारा शरीर सेहतमंद रहे, इसके लिए जरूरी है कि दिल की सेहत अच्छी रहे। क्योंकि अगर आपका दिल दुरुस्त नहीं…
Hyderabad: There is a low risk of the deadly Nipah virus spreading from India, the World Health Organization said on…
New Delhi: Declaring the right to dignified menstrual health as part of the right to life and education under the…
New Delhi: As India prepares for the Union Budget 2026–27, healthcare leaders across AYUSH, diagnostics and hospital care are calling…
क्या आप ने कभी अचार का पानी यानी पिकल जूस पिया है? फिटनेस लवर्स के बीच यह काफी ट्रेंडी बना…
New Delhi: Nearly half of urban Indian parents believe their children are addicted to social media, OTT platforms or online…
दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनको घूमना, नई जगहों को एक्सप्लोर करना और अलग-अलग संस्कृतियों को…
Hindi NewsCareerMichael Nobbs Passes Away | London Olympics Hockey Coach; Current Affairs9 मिनट पहलेकॉपी लिंकजानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स की जानकारी, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…नेशनल (NATIONAL)1. ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 38वें नंबर पर29 जनवरी को वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडेक्स (WIPO) ने अपनी ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) 2025 रैंकिंग जारी की। इस रैंकिंग में भारत 38वें पायदान पर है।WIPO, ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स की रैंकिंग हर साल पब्लिश करता है।ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स किसी देश की इकोनॉमी में ह्यूमन कैपिटल और टेक्नोलॉजी के इनोवेशन को मापता है।GII रैंकिंग 2024 में भारत 39वें…
मुंबई। ब्लू डार्ट एक्सप्रेस का दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 11.39 प्रतिशत घटकर…
संसद में पेश की गई आर्थिक समीक्षा ने भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र के निवेश व्यवहार को लेकर एक चिंताजनक पैटर्न उजागर…
केंद्रीय बजट 2026 से पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में वार्षिक आर्थिक सर्वेक्षण 2025-2026 पेश किया।…
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। आर्थिक…
रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सर्वकालिक निचले स्तर 92.00 पर पहुंच गया। डॉलर की स्थिर…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय एक ऐसे संक्रमण काल से गुजर रही है, जहां सत्ता, संघर्ष, कानून और जनभावना-चारों धाराएं एक-दूसरे से टकराती हुई दिखाई देती हैं। यह टकराव केवल भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई भर नहीं है, बल्कि यह उस शासन शैली, लोकतांत्रिक मर्यादा और विकास दृष्टि की भी परीक्षा है, जिसके आधार पर बंगाल अपनी आने वाली राजनीतिक दिशा तय करेगा। लंबे समय तक “खेला होगा” के नारे के सहारे भाजपा को रोकने में सफल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने इस बार परिस्थितियां अपेक्षाकृत अधिक जटिल, चुनौतीपूर्ण और बहुआयामी नजर आ रही हैं। आज समूचे देश की नजरे पश्चिम बंगाल पर टिकी है। वहां आगामी विधानसभा काफी रोमांचक एवं निर्णायक होगा, जिसमें पश्चिम बंगाल का नया भविष्य बुनने की दिशाएं उद्घाटित होगी। एक ओर केंद्र और राज्य के बीच टकराव अपने चरम पर है, तो दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई, अदालती…
महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न शहरी निकाय चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा, प्रवृत्ति और भविष्य का संकेत देने वाला एक बड़ा जनादेश बनकर सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र की राजनीति अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। यह बदलाव केवल सत्ता के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक सोच, जन अपेक्षाओं और लोकतांत्रिक व्यवहार में गहरे परिवर्तन का द्योतक है। इन चुनावों ने जहां भगवा राजनीति की वैचारिक और संगठनात्मक शक्ति को नए सिरे से रेखांकित किया है, वही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सकारात्मक सोच एवं विकास की राजनीति को आगे बढ़ाया है। यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब विधानसभा चुनावों में विपक्ष को करारी शिकस्त दिए जाने को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था। इसके बावजूद राज्यव्यापी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा नीत महायुति गठबंधन…
बीएमसी चुनाव 2026 में भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। यह जीत ठाकरे परिवार के तीन दशक पुराने दबदबे को समाप्त करती है। बीएमसी के 227 वार्डों में बहुमत चिह्न 114 है, जहां महायुति 118 वार्डों में विजयी रही। इस चुनाव में भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि शिंदे की शिवसेना को 29 मिलीं, जिससे महायुति गठबंधन को 118 सीटों का बहुमत प्राप्त हुआ। जबकि शिवसेना (यूबीटी) को मात्र 65 सीटें मिलीं, जो अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन रहा। वहीं, कांग्रेस को 24, एआईएमआईएम को 8 एनसीपी अजीत पवार को 3, सपा को 2 और एनसीपी शरद पवार को 1 सीट मिली। वहीं, राज्य के अन्य निकायों में भी भाजपा ने 25 में से 29 पर कब्जा जमाया।देखा जाए तो कुल 227 वार्डों में मुंबई की सबसे अमीर निगम या यूं कहें देश के भी सबसे अमीर नगर निगम पर भाजपा नीत गठबंधन…
माननीय सुप्रीमकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मुख्य आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी। इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। इसी केस में उमर और शरजील के 5 साथियों को 12 कड़ी शर्तो के साथ जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उमर और शरजील इमाम पर कड़ी टिप्पणियां करी हैं। अब ये दोनों अभियुक्त आने वाले एक साल में जमानत के लिए अपील भी नहीं कर पाएंगे। फरवरी 2020 के दिल्ली दंगे अत्यंत वीभत्स दंगो में से एक थे। इस दंगे में मारे गए 53 निर्दोष लोगों में एक युवा आईबी अधिकारी अंकित शर्मा, पौढ़ी गढ़वाल से पांच महीने पहले आया गरीब माता का बेटा दिलबर नेगी और दो पुलिस कर्मी भी शामिल थे। ऐसे कुख्यात दंगों के अपराधियों को जमानत न मिलने पर सर्व साधारण…
Supporting Student Journalist.
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