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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को अपने इतालवी समकक्ष गुइडो क्रोसेटो से मुलाकात की और रक्षा सहयोग तथा पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। अपनी मुलाकात के बारे में बात करते…
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए एग्जिट पोल के अनुमानों ने अलग-अलग तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ पैदा कीं। जहाँ ज़्यादातर पोल करने वालों, जैसे कि पीपल्स पल्स, मैट्रिज़, पी-मार्क और कामाख्या एनालिटिक्स ने राज्य में DMK और…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कोडाइकनाल से चार दिन की छुट्टी से लौटने के बाद, अगले दिन पार्टी मुख्यालय में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की…
बेंगलुरु में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने शहर में भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन पूरी…
15 मार्च को चुनाव आयोग द्वारा बिगुल फूंके जाने के ठीक 46 दिन बाद, पश्चिम बंगाल के हालिया इतिहास का…
राष्ट्रीय राजधानी के सफदरजंग में बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग…
राजस्थान के अलवर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर…
तकनीक जितनी हमारी सहूलियत बढ़ा रही है, अपराधी उसका उतना ही खतरनाक इस्तेमाल कर रहे हैं। अहमदाबाद पुलिस की साइबर…
चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में एक महीने तक चले मैराथन चुनाव के बाद अब सबकी नजरें नतीजों पर…
भारत और इक्वाडोर ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बुधवार को…
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार को हुई भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक…
पंजाब पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए तरन तारन जिले से सैन्य-ग्रेड के हथियारों और विस्फोटकों…
एन रंगासामी अपने गठबंधन को सत्ता में वापस लाने के लिए तैयार हैं – यह चार एग्जिट पोल पुडुचेरी के…
एग्जिट पोल के अनुसार, द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) तमिलनाडु में आराम से सत्ता बरकरार रखने के लिए तैयार है। उसने…
कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) के एक दशक बाद केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) से…
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भारतीय जनता पार्टी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की सियासी कमर तोड़कर निरंतर आगे बढ़ रही है। इससे भाजपा नीत एनडीए का कुनबा भी लगतार मजबूत हो रहा…
मुंबई इंडियन्स के कप्तान हार्दिक पंड्या ने इंडियन प्रीमियर लीग मैच में बुधवार को यहां 243 रन…
मुंबई इंडियन्स के बल्लेबाजी कोच कीरोन पोलार्ड ने कहा कि जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज तेज गेंदबाज का…
भारत की पुरुष टीम ने यहां आईटीटीएफ विश्व टीम टेबल टेनिस चैंपियनशिप के रोमांचक ग्रुप सात मुकाबले…
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर बृहस्पतिवार को मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।…
वेपिंग कांड के बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना…
आईपीएल 2026 सीजन में मुंबई इंडियंस की टीम जीत के लिए तरस रही है। मुंबई के लिए…
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की विरासत को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने करिश्मा कपूर के बच्चों के हितों की रक्षा करते हुए उनकी सौतेली माँ, प्रिया कपूर को संजय कपूर की चल-अचल संपत्ति से फिलहाल दूर रहने का निर्देश दिया है।प्रिया कपूर के लिए संपत्ति के हस्तांतरण पर पाबंदीन्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि प्रिया कपूर दिवंगत संजय कपूर की किसी भी संपत्ति को न तो बेच सकती हैं और न ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम हस्तांतरित कर सकती हैं।संपत्तियों की सुरक्षा: आदेश के अनुसार, जब तक इस कानूनी विवाद का अंतिम समाधान नहीं निकल जाता, तब तक सभी संपत्तियों की स्थिति (Status Quo) को ज्यों का त्यों सुरक्षित रखा जाएगा।वसीयत पर संदेह: करिश्मा कपूर और संजय कपूर की माँ ने…
आज के समय में ज्यादातर लोग मानते हैं कि इंटरनेट के बिना Smart TV किसी काम का नहीं रहता। लेकिन…
सोशल मीडिया पर यूनिक और आकर्षक कंटेंट बनाने की होड़ में अब एक और बड़ा कदम जुड़ गया है। मशहूर…
हाल ही में OnePlus का एक और नया 5G फोन चीन में लॉन्च किया है। कंपनी ने इस मॉडल का…
उत्तर भारत में सूरज का सितम जारी है और लोग गर्मी से बचने के लिए खूब पानी पी रहे हैं।…
शरीर को सेहतमंद बनाए रखने के लिए फिजिकल और मेंटल दोनों तरह की सेहत पर ध्यान देना जरूरी होता है।…
New Delhi: In a significant policy shift, the National Medical Commission (NMC) has removed key restrictions on MBBS seat expansion,…
Mumbai: The Bombay High Court has clarified that an insurance company cannot reject hospitalisation expense claims merely because the time…
Patna: Researchers at the All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), Patna have identified a distinct brain centre and vascular…
हम सभी की वेट लॉस जर्नी में सबसे बड़ा विलेन होता है माइंडलेस स्नैकिंग। कभी-कभी ऐसा होता है कि हमारा…
रोजाना की भागदौड़ से परेशान होकर हम सभी चाहते हैं आराम के लिए किसी ट्रिप पर जरुर जाएं।…
मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसे महापुरुष हुए हैं, जिनका जीवन केवल एक युग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि युगों-युगों तक मानवता के पथ को आलोकित करता है। गौतम बुद्ध ऐसे ही एक अद्वितीय प्रकाशस्तंभ हैं, जिनका करुणा, अहिंसा और आत्मजागरण का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना ढाई हजार वर्ष पूर्व था। बुद्ध पूर्णिमा का पावन दिवस केवल एक ऐतिहासिक स्मृति नहीं, बल्कि आत्मबोध, समता और शांति के उस दिव्य संदेश का पुनर्स्मरण है, जिसकी आज के हिंसाग्रस्त और तनावपूर्ण विश्व को अत्यंत आवश्यकता है। बुद्ध पूर्णिमा का दिन अद्वितीय है, क्योंकि इसी दिन गौतम बुद्ध…
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) का एकीकृत शुद्ध लाभ 2025-26 की चौथी तिमाही में 9.43…
मध्य पूर्व से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है, जहां तेल राजनीति और वैश्विक शक्ति संतुलन में बड़ा…
दवा बाजार से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई, जहां डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली लोकप्रिय दवा को…
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण…
एशियाई बाजारों में मजबूती और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों, वाहन एवं दूरसंचार शेयरों में लिवाली के बीच…
इंश्योरेंस का मकसद मन की शांति देना है, जब ज़िंदगी में अचानक कोई मुश्किल आती है – चाहे वह कार एक्सीडेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, घर में आग लग जाए, या कोई ट्रिप खराब हो जाए। लेकिन, अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम अचानक रिजेक्ट हो जाए तो यह शांति खत्म हो सकती है।क्लेम रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर साल हज़ारों क्लेम ऐसे कारणों से रिजेक्ट हो जाते हैं जिन्हें अक्सर रोका जा सकता है। यह आर्टिकल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों के बारे में बताता है, बताता है कि क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है और इन महंगी गलतियों से बचने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देता है।इसे भी पढ़ें: क्या होता है होम लोन इंश्योरेंस और क्यों हैं इसे लेना फायदे का सौदा?इंश्योरेंस क्लेम क्या है?इंश्योरेंस क्लेम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट है जो पॉलिसी होल्डर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हुए नुकसान या डैमेज के…
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। लेकिन अगर लोन चुकाने के दौरान कमाने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ऐसे जोखिम से बचाव के लिए होम लोन इंश्योरेंस अहम भूमिका निभाता है। लोन लेने वाले हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जल्द ही उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो वे अपने घर के लोन का बकाया नहीं चुका पाएंगे। कंज्यूमर नहीं चाहता कि उनकी असमय मौत के बाद होम लोन लेने का बोझ उनके परिवार पर पड़े। क्योंकि होम लोन एक लंबे समय के लोन से जुड़ा होता है जो 30 साल तक चल सकता है, इसलिए यह बात लोन लेने वाले के दिमाग में बार-बार आती है। इसलिए, लोन लेने वालों के लिए यह समझदारी है कि वे इसे ध्यान में…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
Supporting Student Journalist.
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