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वैश्विक तनाव और सीमा विवादों के बीच, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून से मुलाकात की। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा…
ईरान और अमेरिका के बीच शांति कराने का दिखावा कर रहे और मध्यस्थता के नाम पर दलाली कर रहे पाकिस्तान की असलियत अब खुलकर सामने आ गई है। पाकिस्तान शांति का कितना बड़ा समर्थक है, यह…
AI Imageअफगान सरकार ने इस हमले को युद्ध अपराध बताया है और इसे पाकिस्तान की बर्बर कारवाई करार दिया है। उनका कहना है कि आम नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाना किसी भी हाल में…
यहां की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान एक व्यक्ति का अपहरण और हत्या करने के…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के लोगों को एक भावुक पत्र लिखा। यह पत्र उन्होंने विधानसभा चुनावों के दूसरे…
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को आरामबाग मेडिकल कॉलेज जाकर टीएमसी सांसद मिताली बाग से मुलाक़ात…
पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल…
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना…
विधानसभा चुनावों के बीच, केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) सिद्धार्थ नाथ गुप्ता…
आरामबाग से तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिताली बाग ने सोमवार को आरोप लगाया कि हुगली ज़िले के गोगहाट में BJP…
वैश्विक व्यापार के मंच पर भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत और न्यूज़ीलैंड ने एक व्यापक…
एक ऐसे कदम के तहत जिससे नए एक्सपोर्ट मार्केट खुल सकते हैं और बिज़नेस के नियम आसान हो सकते हैं,…
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के भीतर एक बार फिर खलबली मच गई है। रिपोर्ट्स के…
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में मध्यस्थता का सुझाव…
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के विकास और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में सोमवार को एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित…
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पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। सवाल सीधा है कि क्या सत्ताविरोधी माहौल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने पक्ष…
बैडमिंटन विश्व महासंघ ने खेल के अंक प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए 3 गेम में 15…
केन्या के धावक सबास्टियन सावे ने टीसीएस लंदन मैराथन में 1 घंटा 59 मिनट 30 सेकंड का…
आईपीएल 2026 में रविवार का मुकाबला रोमांच और भावनाओं से भरा रहा, जहां कोलकाता नाइट राइडर्स के…
भारत की पुरुष और महिला टीम मंगलवार से यहां शुरू हो रही 2026 विश्व टीम टेबल टेनिस…
लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने आईपीएल मैच के सुपर ओवर में कोलकाता…
पिछले कुछ मैचों में अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाने वाले राजस्थान रॉयल्स को मंगलवार को यहां…
Instagramदक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु आज यानी की 28 अप्रैल को अपना 39वां जन्मदिन मना रही हैं। एक्ट्रेस ने बहुत कम समय में इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली है।दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु आज यानी की 28 अप्रैल को अपना 39वां जन्मदिन मना रही हैं। एक्ट्रेस ने बहुत कम समय में इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली है। सामंथा रुथ प्रभु ने हर किरदार को बड़े शानदार तरीके से पर्दे पर उतारा है और अपने फैंस का दिल जीता है। सामंथा रुथ की इंडस्ट्री के टॉप अभिनेताओं के साथ पर्दे पर सफल जोड़ी बना चुकी हैं। हालांकि सामंथा की पर्सनल लाइफ उतार-चढ़ाव भरी रही है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…जन्म और परिवारचेन्नई में 28 अप्रैल 1987 को सामंथा रुथ प्रभु का जन्म हुआ…
अप्रैल में लोगों का गर्मी से बुरा हाल हो रखा है। भीषण गर्मी से लोग परेशान नजर आ रहे है।…
डिजिटल दुनिया में आज के समय एक आधार कार्ड ही हमारी पहचान का सबसे मुख्य डॉक्यूमेंट है। बैंकिंग का कोई…
हाल ही में Reliance Jio ने भारत में Youth and Gaming Plan लॉन्च किया है। ये एक प्रीपेड प्लान है,…
Washington DC: A new study reveals that internalising stress–especially feelings of hopelessness–may significantly speed up memory decline in older Chinese…
Mumbai: Local scientists have identified a genetic defect that could explain why some breast cancer patients stop responding to standard…
New Delhi: Malaysia-headquartered hospital group IHH Healthcare has asked its largest shareholder, Mitsui, to help broker a conversation with Japanese…
New Delhi: Senior endocrinologist and its Dean (Academic) Dr Nikhil Tandon has been assigned to look after the functions of…
New Delhi: For thousands of Indians living with heart failure, the biggest strain is not just the disease, but the…
खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण मोटापा बढ़ता है। मोटापे के बढ़ने से कई बीमारियां बढ़ जाती है। पेट…
रोजाना की भागदौड़ से परेशान होकर हम सभी चाहते हैं आराम के लिए किसी ट्रिप पर जरुर जाएं।…
Hindi NewsCareerAIIMS Director Dr M Srinivas Niti Aayog Member | April 2026 Current Affairs11 मिनट पहलेकॉपी लिंकजानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL)1. डॉ. एम श्रीनिवास नीति आयोग के मेंबर अपॉइंट हुए26 अप्रैल को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास नीति आयोग के मेंबर बने। डॉ. श्रीनिवास, डॉ. वीके पॉल की जगह लेंगे।डॉ एम श्रीनिवास नेशनल पॉलिसी के तहत हेल्थ डेवलपमेंट से जुड़े सुधार पर काम करेंगे।डॉ श्रीनिवास वर्तमान में एम्स दिल्ली के डायरेक्टर हैं और वे 22 सितंबर 2022 को…
भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार की सुबह सुस्त रही। मिले-जुले वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती…
बासमती चावल किसान एवं निर्यातक विकास मंच (बीआरएफईडीएफ) ने सरकार से कुछ निर्यात शुल्क पर तत्काल हस्तक्षेप करने का सोमवार…
ऑनलाइन ऋण देने वाले मंच किश्त का संचालन करने वाली कंपनी वन ईएमआई टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने अपने 926 करोड़…
भारत-New Zealand की ऐतिहासिक Trade Deal: 5000 भारतीयों को मिलेगा Visa, IT-प्रोफेशनल्स की बल्ले-बल्ले
भारत और न्यूजीलैंड वस्तुओं एवं सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक…
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शीर्ष संगठन नैसकॉम के चेयरमैन श्रीकांत वेलामकन्नी ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) भारतीय प्रौद्योगिकी…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
बिहार की राजनीति में सत्ता का शिखर छूना जितना कठिन है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है उस शिखर पर टिके रहकर अपनी सर्वमान्यता सिद्ध करना। सम्राट चौधरी का बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में उदय राज्य के सियासी इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात माना जा रहा है। यह केवल एक व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी का बिहार में उस ‘बड़े भाई’ की भूमिका को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना है, जिसका इंतजार पार्टी कार्यकर्ता दशकों से कर रहे थे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के कंधों पर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वह नीतीश कुमार की उस लंबी और गहरी छाया से बाहर निकल पाएंगे, जिसने पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति को परिभाषित किया है? यही वह कसौटी है, जिस पर अब सम्राट चौधरी को…
भारत की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में यदि किसी एक समस्या ने दशकों तक देश की प्रगति को बाधित किया और हजारों निर्दोषों का लहू बहाया, तो वह नक्सलवाद था। एक समय ऐसा भी था जब तत्कालीन सरकारों ने इसे देश के लिए ‘सबसे बड़ा खतरा’ स्वीकार किया था, लेकिन इसके समाधान के लिए वह ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई थी जो आज नजर आ रही है। आज जब हम 2026 के मुहाने पर खड़े हैं, तो भारत के नक्शे से ‘लाल गलियारे’ का सिकुड़ता दायरा और बस्तर के जंगलों में गूंजती शांति इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है।अमित शाह ने गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही नक्सलवाद को केवल एक स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के बजाय इसे एक राष्ट्रव्यापी सुरक्षा चुनौती…
बिहार के नए सम्राट को फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज मिला है। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हों, या पूर्व मुख्यमंत्री दम्पत्ति लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, कभी भी चैन पूर्वक राज नहीं कर सके। लिहाजा, मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उन जातीय और साम्प्रदायिक चुनौतियों से जूझना होगा, जो बिहार के विकास में शुरू से ही बाधक समझी गई हैं। लेकिन जिस प्रकार से आधुनिक बिहार के निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा को कांग्रेस के सहयोग से लंबे समय तक राज करते हुए जनसेवा का मौका मिला, वैसी ही मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा के सहयोग से जनसेवा का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा भी है कि पार्टी ने उन्हें पद नहीं, जनसेवा का अवसर दिया है, इसलिए विकास, सुशासन और समृद्धि उनके शासन का मूलमंत्र होगा।बिहार के आर्थिक विश्लेषक बताते हैं कि बिहार के विकास में श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद नीतीश कुमार…
Supporting Student Journalist.
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