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केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को खत्म हो रहा है। केरल में एक बार फिर से कांग्रेस के नेतृत्व में UDF, वाम मोर्चे के LDF और बीजेपी के नेतृत्व में NDA…
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के उन दावों को खारिज कर दिया है कि उनके या उनके परिवार के दुबई या विदेश में कोई संपत्ति…
यूएई में रहने वाले कई प्रवासी आगामी केरल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान करने के लिए भारत लौटने के लिए हवाई टिकटों पर 9,000 दिरहम (230,000 रुपये) तक का भुगतान कर रहे हैं, जिसके लिए मतदान…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब केवल तीन सप्ताह शेष हैं, ऐसे में सबका ध्यान सुप्रीम कोर्ट में आज होने…
सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ के कई प्रतिष्ठित स्कूलों में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब संस्थानों के आधिकारिक ईमेल…
केरल विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को मतदाता अपना फैसला सुनाने जा रहे हैं। मुकाबला सीधा है, लेकिन तस्वीर धुंधली…
सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के…
न्याय के गलियारों में अक्सर कानून और भावनाओं की जंग देखने को मिलती है, लेकिन हाल ही में मध्य प्रदेश…
असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान (9 अप्रैल) से ठीक पहले राज्य की राजनीति में उबाल आ गया…
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए सोमवार की सुबह राहत भरी रही। शहर के विभिन्न हिस्सों में न्यूनतम तापमान…
पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी (Sacrilege) के संवेदनशील मुद्दे पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिरोमणि…
दिल्ली आबकारी नीति (Excise Policy) मामले में कानूनी लड़ाई अब एक दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गई है। दिल्ली के पूर्व…
केरल विधानसभा चुनाव (9 अप्रैल) से ठीक पहले राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कूचबिहार में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।…
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी के पासपोर्ट से जुड़े कांग्रेस के दावों को पूरी तरह खारिज…
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पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान 7 न्यायिक अधिकारियों, जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल थीं, के साथ हुई दुर्व्यवहार…
बीते रविवार का भारतीय रेसलर संग्राम सिंह ब्यूनस आयर्स में इतिहास रच रहे थे। संग्राम सिंह खुद…
आईसीसी ने मार्च 2026 के लिए प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड की नॉमिनेशनल जारी की है। हर…
भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलासा किया है कि अगर वह चेन्नई सुपर किंग्स…
आईपीएल 2026 अपने पड़ाव पर लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। वहीं पांच बार की चैंपियन मुंबई…
कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल 2026 का 12वां मैच आज यानी 6 अप्रैल…
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने आईपीएल में एक खास उपलब्धि हासिल की है। दरअसल,…
न्याय की देवी की आँखों पर भले ही पट्टी बंधी हो, लेकिन पटपड़गंज के सेशंस कोर्ट के गलियारों में घूमने वाले किरदार हमेशा अपनी आँखें खुली रखते हैं—खासकर तब, जब मामले ‘जुगाड़’ और कोर्टरूम की बहसों के बीच फँस जाते हैं। जब 2024 में ‘मामला लीगल है’ का पहला सीज़न आया था, तो अपनी सादगी और ज़मीनी कॉमेडी की वजह से इसने दर्शकों के दिलों में अपनी एक खास जगह बना ली थी। अब, आखिरकार ‘मामला लीगल है’ का दूसरा सीज़न भी Netflix पर आ गया है। इसे भी पढ़ें: नन्हे मोजे और Mom-Dad की कैप, टीवी की ये टॉप एक्ट्रेस है प्रेग्नेंट, अगस्त में होगी डिलीवरीइस बार, पटपड़गंज का माहौल कुछ बदला-बदला सा लग रहा है। यादें तो जानी-पहचानी हैं, चेहरे भी वही पुराने हैं, लेकिन उनके ओहदे और ताकत में अब काफी बदलाव आ गया है। जहाँ पहला सीज़न वकीलों की कोर्टरूम वाली तिकड़मों का एक मिला-जुला रूप लग…
टाटा मोटर्स 2026 के त्योहारी सीजन में टाटा सफारी ईवी को लॉन्च करके अपने इलेक्ट्रिक एसयूवी पोर्टफोलियो का विस्तार करने…
तकनीक और एआई की दुनिया में इन दिनों एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है, जहां ओपनएआई ने अपने…
हर साल नए फोन को लेकर चर्चा रहती है, लेकिन इस बार एप्पल के नेक्स्ट जनरेशन के प्रीमियम फोन आईफोन…
New Delhi: Widely used heart disease risk calculators may be failing to identify a large proportion of Indians at risk,…
Mumbai: Around 15 lakh cancer cases are detected in India every year, adding a patient load equal to the population…
आजकल बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल का सीधा असर लोगों के शरीर पर पड़ रहा है। आज के समय में तेजी से…
New Delhi: Funding for rare disease treatment at Centres of Excellence has dropped sharply, with allocations falling from Rs 82.87…
New Delhi: Members of the Resident Doctors Association and the Student Association of AIIMS Delhi, along with faculty from AIIMS…
Nairobi/London: The US is upending the way it delivers medical supplies for diseases such as HIV and malaria to lower-income…
ज्यादातर लोगों को शहर की भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और सुकून भरी जगह पर समय बिताना पसंद…
भारत को एक समर्थ शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ राष्ट्र को प्रथम मानने का दावा करने वाले राजनेताओं के एक समूह ने वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठन किया था। भाजपा का गठन नई दिल्ली के कोटला मैदान में 6 अप्रैल 1980 को आयोजित एक कार्यकर्ता अधिवेशन में तत्कालीन दिग्गज नेताओं की उपस्थिति किया गया था। उस वक्त भाजपा के प्रथम अध्यक्ष के रूप में लोकप्रिय नेता अटल बिहारी वाजपेयी निर्वाचित हुए थे, जो बाद में देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे थे। भाजपा नेतृत्व व कार्यकर्ताओं ने सनातन धर्म संस्कृति परंपराओं को अपनाते हुए, अंतर्राष्ट्रीय,…
ऑटो बाजार में इन दिनों हलचल तेज है और इसी बीच महिंद्रा ने अपने नए उत्पादों को लेकर…
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत और रूस के रिश्तों को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है, जहां रूस…
वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक अहम खबर सामने आई है, क्योंकि महिंद्रा एंड महिंद्रा ने…
हवाई यात्रियों के लिए राहत और असमंजस दोनों तरह की स्थिति बन गई है, क्योंकि सरकार ने सीट चयन से…
पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की लपटें अब पड़ोसी देश पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बुरी…
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधनासभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे राज्य की राजनीति का पारा चढ़ रहा है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने प्रचार को आक्रामक बना चुकी हैं। उनके लिए इस बार राह उतनी आसान नहीं है। भारतीय जनता पार्टी भी इस बार हर हाल में बंगाल में अपनी सरकार बनाने को संकल्पबद्ध है। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा में कहा था कि गंगा नदी बिहार से ही बंगाल में जाती है और उसी दिन से बंगाल मे राजनीतिक तपिश का अनुभव होने लगा था। बंगाल में ममता दीदी के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह बहुत आसान नहीं है क्योकि कांग्रेस और वामपंथी दल भी पूरी ताकत से ममता दीदी को हराने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी अपनी ही पार्टी के निष्कासित विधायक…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
धार्मिक स्थलों को बंदरों से क्यों नही मिलती मुक्ति। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि इन स्थानों पर आने वाले श्रृद्धालु कब तक इनके आंतक झेलते रहेंगे? कब तक इनका शिकार होते रहेंगे?हाल में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में 19 मार्च को वृंदावन आईं। वे दूसरी बार यहां आईं है। इससे पहले इसी पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार वृंदावन आए थे। लेकिन, राष्ट्रपति मुर्मु वृंदावन के तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्रप्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह एक बार वृंदावन आए। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा, आर वेंकटरामन, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी वृंदावन अपनी धार्मिक यात्रा पर आ चुके हैं।इसे भी पढ़ें: President Murmu के Vrindavan दौरे से पहले हाई अलर्ट, चश्मा चोर बंदरों को डराएंगे लंगूर के कटआउटनिवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दो बार वृंदावन आए। आश्रय…
आजकल आधार कई सरकारी सर्विस और स्कीम का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। आधार का इस्तेमाल लगभग हर सर्विस में पहचान वेरिफिकेशन के लिए किया जाता है, चाहे वह बैंक अकाउंट हो, मोबाइल नंबर हो, गैस सब्सिडी हो या पेंशन हो। ऐसे में पेंशन अकाउंट, खासकर EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) से आधार को लिंक करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक करना ज़रूरी नहीं है, लेकिन इससे आपकी पहचान और डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करना आसान हो जाता है। इससे भविष्य में क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और दूसरी सर्विस में देरी की संभावना कम हो सकती है। अच्छी बात यह है कि आप आसानी से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अपने पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक कर सकते हैं। सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार लिंकिंग को महत्वपूर्ण बनाया गया है। पेंशन खाते…
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी भाजपा गठबंधन की सरकार ने नौ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन नौ वर्षों में सरकार ने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा विकास के अनेक प्रतिमान गढ़े हैं। अपनी उपलब्धियों को जन जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ने, ”नवनिर्माण के नौ वर्ष” नामक पुस्तक का प्रकाशन भी किया है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश अराजकता के जाल में फंसा हुआ था। छोटी -छोटी बातों पर फसाद हो जाते थे। कानून और व्यवस्था की बुरी स्थिति के कारण निवेशक यहां आने से डरते थे। मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर था। लोग उल्टा प्रदेश कहकर प्रदेश का उपहास करते थे। 2017 में योगी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से इस स्थिति में व्यापक परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अब प्रदेश की पहचान का संकट समाप्त हो चुका है,…
आजकल व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार नम्बर का इस्तेमाल अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में ऐन वक्त पर यदि आधार ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो लोगों के परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसी समस्या प्रायः सर्वर डाउन होने या गलत नम्बर दर्ज रहने से आती है। जानकारों का कहना है कि आधार ओटीपी (OTP) न आने या ऑथेंटिकेशन फेल होने की समस्या आम है, जो मोबाइल नंबर, नेटवर्क या सर्वर से जुड़ी हो सकती है। इसलिए आइए हमलोग यहां जानते हैं कि इसका मुख्य कारण क्या है और इसका समाधान क्या हो सकता है। इस आम समस्या के मुख्य कारण की बात करें तो गलत या अपंजीकृत नंबर इसका पहला कारण समझा जाता है। आमतौर पर आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर किसी कारण बस बंद रहना, या उसका बदल जाना या फिर कभी लिंक ही न किया जाना इसकी वहज हो सकती है।इसे भी पढ़ें: क्या आप भी हैं किसी के लोन…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली और दूसरी सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि इस बार वह आधी अधूरी तैयारी के साथ नहीं बल्कि पूरी ताकत, पूरी रणनीति और पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतरी है। खासतौर पर दूसरी सूची में 111 उम्मीदवारों के नामों पर नजर डालने पर पता चलता है कि एक एक सीट पर गहरे मंथन के बाद उम्मीदवार तय किये गये हैं। हम आपको बता दें कि हिंगलगंज से रेखा पात्रा, खड़दह से कल्याण चक्रवर्ती, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली, मथाभांगा से निसिथ प्रमाणिक, चोपड़ा से शंकर अधिकारी, बैरकपुर से कौस्तव बागची, कमरहाटी से अरूप चौधरी जैसे नाम सीधे चुनावी मुकाबले को और दमदार बना रहे हैं। इसके अलावा एंटाली से प्रियंका तिबरेवाल और मणिकतला से तपस रॉय जैसे उम्मीदवार राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।अगर पहली सूची पर नजर डालें तो…
Supporting Student Journalist.
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