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1970 के दशक का अंत हो गया है। जब भारतीय सेना के बेड़े में सोवियत संघ से एक ऐसा लड़ाकू बख्तरबंद सिपाही शामिल होता है भारत में जिसने भारत की जमीनी सरहदों पर अभेद दीवार खड़ी…
रियाद में भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा से जुड़ी एक विस्तृत एडवाइज़री जारी की है। इसमें उनसे सुरक्षा को प्राथमिकता देने और मौजूदा सुरक्षा हालात के बीच…
एक तरफ यमन के अंसारुल्लाह हूती लड़ाके सीधे रियाद के एयरपोर्ट्स और तेल प्रतिष्ठानों पर मिसाइलों की बमबारी कर रहे हैं। दूसरी तरफ वाशिंगटन से मदद मांगना सऊदी शहजादे के लिए अपने ही हाथों में बारूद…
मध्य अमेरिका में अपनी राजनयिक मौजूदगी बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक कदम उठाते हुए, भारत ने कोस्टा रिका की राजधानी…
दिल्ली के उप-राज्यपाल सरदार टी.एस. संधू ने मंगलवार को कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) को सिर्फ़ फ़ंडिंग के एक विकल्प…
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर हुई…
क्या आतंकवाद और सीमा पार अपराधों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सख्त तेवरों से बांग्लादेश असहज है? यह…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और…
चीन को भारत की जमीन पर गिद्ध नजरें गड़ाने की पुरानी बीमारी है। कभी सीमा पर घुसपैठ की हिमाकत, कभी…
दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन्स (IFSO) यूनिट ने उन सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ़ चार से ज़्यादा…
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि रामलीला और दूसरे सांस्कृतिक या धार्मिक कार्यक्रमों के लिए पब्लिक ग्राउंड अलॉट करने…
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में एक व्यक्ति ने झगड़े के बाद अपनी पत्नी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या…
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए तय की गई तीन नई जगहों में से एक, रामलीला मैदान में इस साल बुकिंग…
चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के खुलासे के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच जारी रहने के…
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे कृष्णा घाटी सेक्टर में सोमवार शाम हुए भीषण विस्फोट ने…
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उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का चुनाव अभी कुछ समय दूर है, लेकिन शह-मात का खेल अभी से गरमाने लगा है। समाजवादी पार्टी के दरवाजे…
दुनिया की सबसे बड़ी कार रेसिंग प्रतियोगिताओं में शामिल फॉर्मूला-1 की अफ्रीका में वापसी का रास्ता साफ…
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। अमेरिका के आंतरिक राजस्व सेवा…
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना ने आईसीसी की ताजा महिला एकदिवसीय बल्लेबाजी रैंकिंग…
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है और अब वह करीब…
फ्रेंचाइज़ी ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को पुष्टि की कि भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह दिल्ली कैपिटल्स…
भारतीय बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले ज़िम्बाब्वे के…
पैर में फ्रैक्चर, फिर भी Sidharth Malhotra का मजाकिया अंदाज! बोले- ‘ब्रेक ए लेग’ को सीरियसली ले लिया
बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के पैर में चोट लग गई है। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की है, जिसमें उनके पैर पर प्लास्टर चढ़ा नजर आ रहा है। उनकी यह तस्वीर सामने आते ही प्रशंसक परेशान हो गए और उनके जल्द ठीक होने की कामना करने लगे। सिद्धार्थ ने अपने पैर में फ्रैक्चर होने की जानकारी भी दी है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि चोट कब और कैसे लगी।सिद्धार्थ मल्होत्रा ने चोट पर क्या कहा?सिद्धार्थ मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर पैर पर प्लास्टर चढ़े होने की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “मैंने ‘ब्रेक ए लेग’ को बहुत ज्यादा गंभीरता से ले लिया।” अंग्रेजी के इस मुहावरे का इस्तेमाल आमतौर पर किसी को सफलता की शुभकामना देने के लिए किया जाता है। सिद्धार्थ ने इसे अपने पैर की चोट से जोड़कर मजाकिया अंदाज में लिखा।हालांकि, अभिनेता ने अपनी पोस्ट में चोट लगने की वजह और समय…
भारतीय दोपहिया बाजार में अपनी मजबूत पहचान रखने वाली Bajaj Auto अब अपनी लोकप्रिय Pulsar सीरीज को नए फीचर्स के…
बदलते मौसम में बारिश जरुर देखने को मिलती है। इस समय देश के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल…
एपल (Apple) कंपनी ने अपने ग्राहकों को स्पेशल फील कराने का कोई भी मौका नहीं छोड़ती है। हालिए बहुप्रतीक्षित iPhone…
New Delhi: People who developed an early onset of Alzheimer’s disease — before turning 65 — displayed symptoms and conditions…
बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश जरुर परेशान करती है। ऐसे में मुलेठी चबाना बेहद फायदेमंद हो सकती…
हमारे आसपास जितने भी लोग होते हैं, उनमें अपने व्यक्तित्व की कोई न कोई खासियत मौजूद होती है, जो उनको…
Bengaluru: Amid growing calls for transparency in healthcare costs, the Karnataka Food Safety and Drug Administration has ordered all hospitals,…
New Delhi: The Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) is considering formulating regulations specific to the ecommerce ecosystem,…
Mumbai: She was educated, professionally accomplished and financially secure. Yet when she noticed a lump in her breast, she waited…
शारदीय नवरात्रि में हर जगह भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। भक्तजन देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना कर…
Hindi NewsCareerIIT Kanpur Alumnus Gautam Dev Struggles In Dallas | Jobless Gig Worker13 मिनट पहलेकॉपी लिंक61 साल के IIT कानपुर के एक्स स्टूडेंट गौतम देव अमेरिका के डलास शहर में रहते हैं और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने 2 साल पहले नौकरी छोड़ी थी लेकिन 20 साल के अनुभव के बाद भी अब तक उन्हें कोई भी नौकरी नहीं मिल पाई है। IIT से पढ़ने के बाद भी वे एक गिग वर्कर के तौर पर काम करने को मजबूर हैं।नौकरी नहीं मिली, टैक्सी चलाई, डिलीवरी बॉय का काम कियादेव को जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने ऊबर…
भारत में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने के लिए अडानी समूह ने एक…
भारत के एक शोध संस्थान ने सरकार से विदेशी उपग्रह सेवा प्रदाताओं पर कड़ी और ऐसी शर्तें लगाने का आग्रह…
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि पिछले डेढ़ साल में रुपये के मूल्य में खासी गिरावट…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बुनियाद, वित्तीय मजबूती और लगातार हो रहे सुधारों पर…
इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने मंगलवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की समस्या का व्यवस्थित तरीके से समाधान…
लोकतंत्र की जीवंतता केवल इस बात से तय नहीं होती कि संसद के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कितनी सार्थक बहस होती है, बल्कि इसकी असली कसौटी यह है कि संसद के बाहर सड़कों पर आम नागरिक की आवाज को कितनी गंभीरता और सहजता से सुना जाता है। देश की राजधानी नई दिल्ली के हृदय स्थल में स्थित जंतर मंतर पिछले 33 वर्षों से इसी लोकतांत्रिक चेतना, जन आक्रोश और नागरिक उम्मीदों का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। किंतु अब केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए जंतर मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है। 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्थायी आदेश में संशोधन करते हुए अब राजधानी में धरना और प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं, जिनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को एक घंटे तक संबोधित करते हुए कहा कि जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक न थकूंगा, न रुकूंगा। इस नारे का 19 बार जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक हर हालत में विकसित देश बनाना है। निश्चित तौर पर भारत को विकसित देश बनना ही चाहिए। सवाल यह है कि क्या तब तक भारत के करोड़ों लोग प्यासे रहेंगे। उन्हें पर्याप्त और शुद्ध पानी के लिए क्या भारत के विकसित होने तक इंतजार करना पड़ेगा। क्या देश के लोगों की प्यास और दूषित पेयजल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को तब तक के लिए रोका जा सकता है।विकसित भारत का सपना देखने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन इससे पहले केंद्र और राज्यों की सरकारों का यह खुलासा करना चाहिए कि देश के लोगों को गुणवत्तायुक्त पर्याप्त पीने का पानी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढ़ाई दशक की अनवरत राजनीतिक नेतृत्व यात्रा के दौरान लिए गए एक से एक चौंकाने वाले फैसलों ने मोदी को मोदी बनाया है। आज मोदी विश्व के सर्वाधिक भरोसेमंद नेताओं में से एक है। सामने वाले को भी यह भय सताये रहता है कि पता नहीं मोदी क्या स्टेंड लेकर क्या का क्या कर ड़ालेंगे। यही कारण है कि चाहे डोनाल्ड ट्रम्प हो, पुतिन हो या फिर शी जिंनपिंग हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हल्के में नहीं ले पाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी के आगे भारत नहीं झुका है तो रुस से कच्चे तेल का आयात जारी है। मालदीव का उदाहरण सामने है जब नरेन्द्र मोदी ने भारत के द्वीप पर केवल कुर्सी लगाकर बैठकर ही मालदीव का हिला कर रख दिया। देश में भी गुजरात के मुख्यमंत्री के रुप में करीब 13 साल और देश के प्रधानमंत्री के रुप…
स्टारलिंक की भारत में एंट्री का रास्ता साफ होता नहीं दिख रहा, तो एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर हमला करने का नया तरीका खोज लिया है। पहले अंबानी को भारत का ‘असली बॉस’ बताया और अब उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ कहकर तंज कस दिया। लेकिन मस्क साहब, जरा ठहरिए! यह सिर्फ मुकेश अंबानी पर कटाक्ष नहीं है, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री पद को भी एक कारोबारी विवाद में घसीटने की कोशिश है। प्रधानमंत्री का पद किसी उद्योगपति की जागीर नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का प्रतीक है। ऐसे में अपनी कंपनी के हितों के लिए इस पद पर तंज कसना आखिर किस तरह की कारोबारी शालीनता है? सवाल यह भी है कि भारत में अपनी शर्तें मनवाने के लिए मस्क इतने उतावले क्यों हैं कि उन्हें अब देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा का भी ख्याल नहीं रहा?हम आपको बता दें कि एलन मस्क का…
भारतीय चुनावी राजनीति में इन दिनों EVM बनाम बैलेट पेपर की बहस फिर तेज है। विपक्षी दलों का एक वर्ग लगातार मांग कर रहा है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह पुराने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। हाल में INDIA ब्लॉक ने भी बैलेट पेपर की वापसी की मांग दोहराई है और चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज किया है। लेकिन इस बहस के बीच एक असहज सवाल विपक्ष से भी पूछा जाना चाहिए कि अगर बैलेट पेपर ही चुनावी निष्पक्षता की गारंटी है, तो हाल में बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों की व्याख्या विपक्ष किस तरह करेगा?हम आपको बता दें कि असम के सिलचर में 3 अक्टूबर को नगर निगम के पहले चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान हुआ। परिणाम में भाजपा ने 42 में से 32 सीटें जीतीं और उसकी सहयोगी असम गण परिषद ने दो सीटें हासिल कीं। कांग्रेस को केवल…
पहाड़ की राजनीति में वैसे तो मौसम कब करवट ले ले, कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस बार कांग्रेस के भीतर का मौसम कुछ ज्यादा ही बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ भाजपा लगातार संगठन को चुनावी मोड में ले जा रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस अपने ही घर की उठापटक से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही है। इस पूरी कहानी के केंद्र में एक बार फिर वही पुराने चेहरे हरीश रावत हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार सवाल यह है कि लगातार चुनावी पराजयों के बाद भी कांग्रेस आखिर बार-बार उन्हीं पर दांव क्यों लगाये? और क्या अब भी उनके पास उत्तराखंड की राजनीति को निर्णायक रूप से प्रभावित करने की उतनी ही ताकत बची है?हम आपको बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर साफ संदेश दिया है कि चुनावी राज्य में किसी एक नेता का…
दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य में शक्ति संतुलन तेजी से करवट बदल रहा है। पिछले कुछ समय में चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा और सामरिक सहयोग जिस आक्रामकता के साथ आगे बढ़ा है, उसने नई दिल्ली के सुरक्षा गलियारों में खतरे की घंटी बजा दी है। हाल ही में चीन द्वारा पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक स्टेल्थ लड़ाकू विमान, विशेष रूप से जे-35 और जे-31 की आपूर्ति करने की खबरें और पाकिस्तानी पायलटों की चीनी वायुसेना के साथ बढ़ती संयुक्त ट्रेनिंग महज एक द्विपक्षीय सैन्य सौदा नहीं है। यह भारत की संप्रभुता, हवाई श्रेष्ठता और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए एक सीधी और गंभीर चुनौती है। भारतीय वायुसेना के नेतृत्व ने भी इस उभरते खतरे को खुले तौर पर स्वीकार किया है। आज भारत के सामने सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि वह एक तरफ घटती हुई लड़ाकू विमानों की स्क्वाड्रन क्षमता और दूसरी तरफ “टू-फ्रंट वॉर” (दो…
वर्तमान समय में कांग्रेस पार्टी जहां एक ओर अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए चुनाव आयोग व देश की अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर हमलावर है वहीं दूसरी ओर उसके तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हिंदू देवी देवताओें का विभाजन करके कांग्रेस की बांटो और राज करो की नीति को आगे बढ़ाकर राजनैतिक माहौल को गर्म कर दिया है। दक्षिण का राज्य तेलंगाना कांग्रेस के शासन में आर्थिक तंगी व भ्रष्टाचार से गुजर रहा है। अपनी प्रशासनिक नाकामियों तथा चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम रहने व मुस्लिम तुष्टिकरण को छुपाने के लिए रेवंत रेड्डी ने प्रभु श्रीराम को उत्तर और भगवान शिव को दक्षिण का देवता बताकर एक नयी विभाजक रेखा खींचने का असफल प्रयास किया है। उत्तर भारत में अपने अस्तित्व का संघर्ष करती कांग्रेस अब विभाजनकारी मानसिकता के सबसे निचले पायदान पर पहुँच गयी लगती है।तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इससे पूर्व भी कई विवादित…
फ्लाईदुबई की एक उड़ान में संकट टालने वाले कप्तान स्मित मच्छर का नाम सामने आया तो उनकी बहादुरी के साथ उनके अनोखे उपनाम ने भी लोगों का ध्यान खींचा। ‘मच्छर’ नाम सुनकर भले ही पहले उड़ने वाले कीट की तस्वीर सामने आए, लेकिन यहां बात एक ऐसे पायलट की है, जिसने 9/11 जैसे आतंकी हमले को घटित होने से रोका और सभी विमान यात्रियों की जान बचाई। स्मित मच्छर नाम ने गुजरात के उन अनोखे उपनामों की कहानी भी सामने ला दी, जिनमें पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों के नाम पीढ़ियों से लोगों की पहचान बने हुए हैं।हम आपको बता दें कि गुजराती समाज में विशेषकर कुछ नागर ब्राह्मण, ब्रह्मक्षत्रिय और लोहाना समुदायों में पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों से जुड़े कई उपनाम मिलते हैं। इनमें घोड़ा, मांकड़ यानी खटमल, मांकड़ी यानी बड़ी चींटी, पोपट यानी तोता, विंछी यानी बिच्छू, शियाल यानी सियार, तीतर और हाथी जैसे उपनाम शामिल हैं। यानी एक ही सामाजिक…
दुकानों पर अक्सर एक बोर्ड लगा दिखाई देता है- “बिका हुआ माल वापस नहीं होगा”, “No Return, No Exchange” या “No Refund”। ऐसे बोर्ड देखकर कई ग्राहक मान लेते हैं कि सामान में खराबी निकलने पर भी दुकानदार उसे वापस लेने, बदलने या पैसा लौटाने के लिए बाध्य नहीं है। लेकिन यह बात पूरी तरह सही नहीं है।भारत में उपभोक्ताओं को Consumer Protection Act, 2019 के तहत कई अधिकार मिले हैं। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के उपभोक्ता हैंडबुक में भी स्पष्ट किया गया है कि “Goods once sold will not be taken back”, “No exchange” या “No refund under any circumstances” जैसे बोर्ड अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आ सकते हैं और ऐसे बोर्ड अपने आप उपभोक्ता के कानूनी अधिकार खत्म नहीं कर देते।क्या दुकानदार हर सामान वापस लेने के लिए बाध्य है?यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। केवल इसलिए कि ग्राहक ने सामान खरीदने…
Supporting Student Journalist.
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