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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि मंत्री बी. नागेंद्र ने कांग्रेस और सरकार को किसी भी तरह की असहज स्थिति से बचाने के लिए इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। शिवकुमार…
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के लोकसभा सदस्य आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के 3 नवंबर को इस्तीफा देने की अटकलों के बीच, उन्होंने शुक्रवार को कहा कि वह संसद की सदस्यता छोड़ने से पहले अनुच्छेद 370 पर पार्टी…
शिरीष बी प्रधान काठमांडू, 28 अगस्त नेपाल ने शुक्रवार को इस बात का खंडन किया कि उसने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता लेने से इनकार किया है। नेपाल ने कहा कि वह अपने सुरक्षा…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चियों के साथ…
क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बीजेपी बहुत बड़ा फैसला लेने वाली है? दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स…
कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को वाल्मीकि निगम घोटाले के आरोपों के चलते पद संभालने…
मराठा समाज के नेता मनोज जारांगे पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि वे मराठा आरक्षण के मुद्दे पर शनिवार को…
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी से अलग हुए गुटों में शामिल…
उच्चतम न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय की उस अपील पर सुनवाई के लिए…
‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से शुक्रवार को शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं;दि40 नेपाल बाढ़ भारत…
केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने केपीएससी की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे…
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में…
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने शुक्रवार को कहा कि ओडिशा के राउरकेला में संगठित अपराध के एक मामले…
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने लंबे समय से लंबित राज्य के दर्जे की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए…
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले में पूरी…
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“येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः।तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥”जिस रक्षा सूत्र से महाबली राजा बलि को बाँधा गया था, उसी रक्षा-सूत्र से मैं तुम्हें…
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज क्रिकेटर इमरान खान के स्वास्थ्य और जेल में उन्हें मिल रही…
(अमनप्रीत सिंह) नयी दिल्ली, 28 अगस्त भारतीय पहलवानों से जुड़े डोपिंग और ठिकाने की जानकारी देने (वेयरअबाउट्स)…
भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला श्रीलंका ने भले ही बराबरी पर खत्म की हो,…
Rishabh Pant के 50 Test के बाद Ravichandran Ashwin की दो टूक सलाह: अब टीम की जरूरत के हिसाब से खेलें
रिषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 168 रन बनाकर दो अर्धशतक…
पुर्तगाल के फुटबॉल क्लब गुआर्डा एफसी ने मुंबई में जन्में भारतीय युवा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी योहान बेंजामिन के…
ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।…
ओरहान अवत्रामणि, जिन्हें लोग ओरी के नाम से जानते हैं, ने अपनी जिंदगी के एक बेहद मुश्किल दौर के बारे में बात की है। एक बातचीत के दौरान ओरी ने दिग्गज एक्ट्रेस अमृता सिंह से जुड़े एक कथित दर्दनाक अनुभव को याद किया और बताया कि 2021 में इस घटना ने उन्हें किस तरह प्रभावित किया था।ओरी ने इस दौर को अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल और अंधेरे समय में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस अनुभव का उन पर लंबे समय तक असर रहा और वह ऐसी स्थिति से गुजरे, जिसका उन्होंने पहले कभी सामना नहीं किया था।बहुत मुश्किल और बुरा दौर थापिंकविला के साथ बातचीत में ओरी ने 2021 की उस घटना का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने अमृता सिंह को अमृता अली खान कहकर संबोधित किया। ओरी ने कहा कि 2021 में जब अमृता सिंह ने उन्हें कथित तौर पर ट्रॉमा दिया, तो वह उनके लिए…
आज के समय में भारत स्मार्टफोन बनाने में चीन को टक्कर दे रहा है। गौरतलब है कि एपल और सैमसंग…
क्या आप भी काफी समय स्मार्टफोन लेने का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यदि आप…
Hyundai Motor India अपनी गाड़ियों की रेंज में अगली पीढ़ी की Creta और i10 को शामिल करने की तैयारी कर…
Global private equity firm LeapFrog Investments plans to invest $80 million to $100 million in India’s healthcare sector over the…
आजकल महिलाओं में थायराइड की दिक्कत काफी देखने को मिल रही है। थायराइड गर्दन के निचले हिस्से में मौजूद एक…
मेनोपॉज होने के बाद महिलाओं को पीरियड्स आना पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। वहीं उनके शरीर में एस्ट्रोजन…
महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव काफी देखने के मिलते हैं। अक्सर तनाव, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान का सीधा असर…
NEW DELHI: The Centre has identified 160 district hospitals for the first phase of a programme to increase emergency and…
Mumbai: Advent International and Blackstone-backed Aster DM Quality Care are negotiating to acquire a controlling stake in Yatharth Hospitals and…
अगर आप भी बाबा केदारनाथ और भगवान बद्रीनाथ के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख…
6 मिनट पहलेकॉपी लिंकबिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी गांव में प्राथमिक विद्यालय एक झोपड़ी में चल रहा रहा था। हाल ही के दिनों में इस स्कूल की एक तस्वीर भी सामने आई थी।दरअसल ये स्कूल बेनीपट्टी प्रखंड की अड़ेर दक्षिणी पंचायत का प्राथमिक विद्यालय है, जिसकी बिल्डिंग का काम चल रहा है और बच्चे छप्पर में पढ़ रहे हैं।डीएम ने औचक निरीक्षण कियाजब जिलाधिकारी आनंद शर्मा को इसकी खबर मिली तो वे स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। जहां बच्चे झोपड़ी में पढ़ते नजर आए।इस बदहाल स्थिति पर डीएम ने बेहद नाराजगी जताई और सभी बच्चों को अपनी सरकारी…
इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण कंपनी, अन्नू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के आईपीओ को शुक्रवार को बोली के आखिरी दिन कुल…
सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका में बड़ा फैसला सामने आया…
तेल बाजार में शुक्रवार को एक बार फिर नरमी देखने को मिली है। कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों…
ओला इलेक्ट्रिक को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई-वाहन) के तहत 95.81 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए भारी…
ई20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्थिति साफ कर दी है। कंपनी…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
कानूनी विवाद में वकील की फीस और अन्य खर्च कई बार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। खासकर घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, तलाक, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या अन्य कानूनी मामलों में महिलाओं को जानकारी और कानूनी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सरकार की मुफ्त कानूनी सहायता व्यवस्था महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है।सबसे खास बात यह है कि किसी महिला को मुफ्त कानूनी सहायता पाने के लिए केवल कम आय वाली होना जरूरी नहीं है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत महिला होने के आधार पर भी मुफ्त कानूनी सेवाएं ली जा सकती हैं। NALSA के अनुसार आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला भी मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है।इसे भी पढ़ें: Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ?किन मामलों में मिल सकती है मदद?मुफ्त कानूनी सहायता केवल…
मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है और राज्य सरकार ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। मणिपुर में बड़े प्रयासों के बाद शांति स्थापित हुई लेकिन नये आंदोलन के चलते प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं और जनगणना प्रशिक्षण का काम कुछ जिलों में रोकना पड़ गया है। देखा जाये तो मणिपुर में ‘नो एनआरसी, नो सेंसस’ का नारा अब केवल जनगणना रोकने की मांग तक सीमित नहीं रह गया है। इसके पीछे विस्थापन, जनसंख्या में बदलाव, भूमि अधिकार, पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताएं हैं। तीन साल से अधिक समय से जातीय हिंसा की मार झेल रहे मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे का रूप ले चुकी है।बताया जा रहा है कि वर्तमान आंदोलन…
Supporting Student Journalist.
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