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तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में फिर हलचल तेज हो गई है। बता दें कि जब दोनों देशों के अधिकारी युद्ध टालने के प्रयास में बातचीत कर रहे थे, उसी दौरान ट्रंप…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए और आधुनिक परमाणु समझौते की जरूरत पर जोर दिया है। बता दें कि अमेरिका और रूस के बीच आखिरी परमाणु हथियार नियंत्रण संधि न्यू स्टार्ट की अवधि खत्म होते…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि देश की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसकी सीमाओं की सुरक्षा करना, और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को…
बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के बीच राज्य की राजनीतिक स्थिति को…
राजधानी के जनकपुरी इलाके में गुरुवार रात मोटरसाइकिल से घर लौटते समय एक बाइकर की कथित तौर पर गड्ढे में…
शुक्रवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पर आम चर्चा शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के जोरदार विरोध के कारण लोकसभा की…
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि उन्होंने गुरुवार…
वेब सीरीज घूसखोर पंडत को लेकर बढ़ते विवाद के बीच लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गयी…
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण…
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने जन सूरज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव…
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली में लापता लड़कियों की बढ़ती संख्या को लेकर चल रही अटकलों का खंडन करते…
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को नेटफ्लिक्स पर आने वाली वेब सीरीज़ ‘घुसखोर पंडित’ पर तत्काल…
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे गांधी-नेहरू परिवार पर एक भौतिक और एक ऑनलाइन पुस्तकालय…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग (LKM) पर ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) के नौवें…
भारतीय वायुसेना इस माह राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के निकट एक विशाल वायु युद्ध अभ्यास करने जा…
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ईरान पर युद्ध के मंडराते बादल अब और घने होते जा रहे हैं क्योंकि ओमान में बातचीत के लिए आये ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधियों ने सीधे…
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व प्रमुख एहसान मनी ने आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन जय…
इंडियन सुपर लीग के 12वें सीजन को लेकर अब धीरे-धीरे उम्मीद बनती दिख रही है। बता दें…
महिला प्रीमियर लीग के फाइनल में स्मृति मंधाना ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए उस वक्त मोर्चा…
क़िंगदाओ में खेले गए एशियन टीम बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में भारत को मौजूदा चैंपियन चीन के…
जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर भारत…
दिल्ली की रोहिणी अदालत ने शुक्रवार को ओलंपिक पहलवान सुशील कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी।…
हाल ही में सोशल मीडिया पर दिल्ली में लड़कियों के लापता होने की खबरों ने काफी जोर पकड़ लिया था। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को इन खबरों का खंडन करते हुए इन्हें अफवाह करार दिया। पुलिस ने चौंकाने वाला दावा किया कि ये खबरें पेड प्रमोशन के जरिए फैलाई जा रही हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या यह रानी मुखर्जी की आने वाली फिल्म ‘मर्दानी 3’ के प्रमोशन का कोई हिस्सा है?यशराज फिल्म्स ने दी सफाईइन गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए यशराज फिल्म्स के प्रवक्ता ने साफ किया कि उनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यशराज फिल्म्स एक 50 साल पुरानी प्रतिष्ठित कंपनी है जो उसूलों और ईमानदारी पर टिकी है। हम इन आरोपों का कड़ा विरोध करते हैं कि ‘मर्दानी 3′ के प्रमोशन के लिए किसी संवेदनशील मुद्दे का गलत इस्तेमाल किया गया है।’ मेकर्स ने आगे…
इसमें कोई दोहराए नहीं है कि, जबसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आया तबसे तकनीकी दुनिया पूरी तरह से बदल गई है।…
सबसे ज्यादा iPhone यूजर इसकी स्टोरेज फुल हो जाने से परेशान रहते हैं। अब आप भी iPhone की स्टोरेज से…
स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपनी सब-4 मीटर एसयूवी, काइलाक की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 50,000 से अधिक यूनिट्स की…
आजकल ज्यादतर लोग मोटापे की वजह से परेशान है रहते हैं। खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण भी मोटापा…
New Delhi: Nearly 60 per cent of urban Indians are not consuming protein-rich foods on a daily basis, highlighting a…
Chennai: The Tamil Nadu government on Friday sounded a high alert following reports of large-scale crow deaths in various parts…
Mumbai: The Indian Institute of Technology Bombay (IIT Bombay) on Thursday said its researchers, in collaboration with Monash University, have…
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को काफी सोच-समझकर डाइट प्लान दिया जाता है और कुछ चीजों को खाने की मनाही होती…
New Delhi: Breast, cervical and ovarian cancer cases have risen steadily in India over the past five years, with deaths…
Mount Abu Budget Trip: सिर्फ 10 हजार में ऐसे करें ट्रिप प्लान, एक भी रुपया नहीं होगा एक्स्ट्रा खर्च।
घुमक्कड लोग हमेशा घूमने के लिए तैयार रहते हैं। नई-नई जगहों की तलाश में रहते हैं। अगर आप…
मार्च 2023 में जब चीन की सेना का शीर्ष नेतृत्व राष्ट्र के सामने एकजुट खड़ा दिखाया गया, तब संदेश साफ था कि शी जिनपिंग ने लगभग एक दशक की सत्ता के बाद अपनी पसंद का सैन्य ढांचा खड़ा कर लिया है। अपने भरोसे के अधिकारियों को ऊपर बैठाकर उन्होंने जन मुक्ति सेना को विश्व स्तर की शक्ति बनाने का लक्ष्य रखा था। पर अब वही ढांचा भीतर से हिलता दिख रहा है।हम आपको बता दें कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के नाम पर चल रही कार्रवाई ने सेना के सबसे ऊंचे हलकों को झकझोर दिया है। केंद्रीय सैन्य आयोग के…
Toyota का मास्टरस्ट्रोक! Koji Sato की जगह अब Kenta Kon संभालेंगे CEO का पद, जानें क्या है नई रणनीति।
टोयोटा मोटर कॉर्प ने अपने शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। बता दें कि कंपनी ने अपने…
भारत और पश्चिमी एशियाई देशों के समूह खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने के…
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट बृहस्पतिवार…
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के…
एआई के नए प्रोडक्ट्स जैसे ही सामने आए, भारतीय सॉफ्टवेयर सेवा कंपनियों पर दबाव अचानक बढ़ गया। बता दें कि…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय एक ऐसे संक्रमण काल से गुजर रही है, जहां सत्ता, संघर्ष, कानून और जनभावना-चारों धाराएं एक-दूसरे से टकराती हुई दिखाई देती हैं। यह टकराव केवल भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई भर नहीं है, बल्कि यह उस शासन शैली, लोकतांत्रिक मर्यादा और विकास दृष्टि की भी परीक्षा है, जिसके आधार पर बंगाल अपनी आने वाली राजनीतिक दिशा तय करेगा। लंबे समय तक “खेला होगा” के नारे के सहारे भाजपा को रोकने में सफल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने इस बार परिस्थितियां अपेक्षाकृत अधिक जटिल, चुनौतीपूर्ण और बहुआयामी नजर आ रही हैं। आज समूचे देश की नजरे पश्चिम बंगाल पर टिकी है। वहां आगामी विधानसभा काफी रोमांचक एवं निर्णायक होगा, जिसमें पश्चिम बंगाल का नया भविष्य बुनने की दिशाएं उद्घाटित होगी। एक ओर केंद्र और राज्य के बीच टकराव अपने चरम पर है, तो दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई, अदालती…
Supporting Student Journalist.
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