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क्या आपने कभी किसी खुले ट्रक के पीछे गाड़ी चलाई है, यह डरते हुए कि उसमें लदा सामान आपकी गाड़ी पर गिर सकता है? या क्या आपको कभी कचरे के ऐसे ट्रक के पास से गुज़रना…
इज़राइली रिसर्चर्स की एक नई स्टडी में इज़राइल के फ़ूड-एड (भोजन सहायता) नेटवर्क की पहली व्यापक राष्ट्रीय मैपिंग की गई है। इसके लेखकों का कहना है कि इससे उस सेक्टर की पहली विस्तृत तस्वीर सामने आई…
संसद का मानसून सत्र अपने आखिरी पड़ाव पर है और मंगलवार को सत्ता के गलियारे में NDA का साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ हुआ। संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र…
बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह को AAP नेताओं की आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने दो लोगों का एक…
आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले, दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों, खालिस्तानी तत्वों और अचानक विरोध प्रदर्शनों की…
(तस्वीरों सहित) नयी दिल्ली, 11 अगस्त संसद भवन परिसर में मंगलवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की साप्ताहिक संसदीय…
असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच वर्षों से सुलग रहे सीमा विवाद ने सोमवार को एक बार फिर हिंसक रूप…
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 56 हजार से अधिक वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि…
जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में निर्माणाधीन सुरंग के पास संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद सुरक्षाबलों…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की उनकी पुण्यतिथि पर मंगलवार को श्रद्धांजलि दी। खुदीराम…
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना में योजना, भूमि अधिग्रहण, परियोजना क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन…
दिल्ली में मंगलवार को बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में ‘येलो…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राज्य विधानसभा की ओर मार्च कर रहे अभ्यर्थियों पर की गई…
सावन के पावन सोमवार पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शिवालयों से लेकर काशी, प्रयागराज और अयोध्या तक पूरा प्रदेश भगवान…
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें स्वीकार करने में विफल रहती है…
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अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी बनाम अखिलेश की सियासत अब सीधे जातीय समीकरणों के अखाड़े में उतर चुकी है। मुख्यमंत्री…
भारत के पूर्व फील्डिंग कोच टी. दिलीप ने ICC T20 वर्ल्ड कप 2024 के फ़ाइनल में सूर्यकुमार…
स्टार स्पिनर राशिद खान के शानदार ऑल-राउंड प्रदर्शन की बदौलत अफ़गानिस्तान ने बेलफ़ास्ट में खेले गए तीसरे…
(मोना पार्थसारथी) नयी दिल्ली, 11 अगस्त भारत के महानतम ड्रैग फ्लिकरों में शुमार जुगराज सिंह के सुनहरे…
ज़िम्बाब्वे के सफल दौरे के बाद, भारतीय बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने आने वाले घरेलू सीज़न की तैयारी…
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने ग्रैंड शतरंज टूर की प्रतियोगिता सिंकफील्ड कप के पहले दौर में अपने…
इंग्लैंड के अनुभवी सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय को ग्लास्गो कॉस्मिक ने पहले यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल)…
टीवी एक्ट्रेस हिना खान और रॉकी जायसवाल की शादी काफी समय से चर्चा में रही है। अब हिना ने अपने पॉडकास्ट शो में खुलकर बताया है कि दोनों ने बिना ज्यादा प्लानिंग के अचानक शादी करने का फैसला क्यों लिया। इस दौरान हिना ने अपने रिश्ते और शादी से जुड़े कई अनकहे पहलुओं पर भी बात की।शायद हम अभी भी शादी नहीं करतेहिना खान ने अपनी शादी के पलों को याद करते हुए कहा कि दोनों ने लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट किया था। उन्होंने बताया कि शायद अगर हालात अलग होते तो वे अभी भी शादी नहीं करते। हिना ने कहा, “हमने शादी की, क्योंकि हमने लंबे समय तक डेटिंग की थी। शायद हम अभी भी शादी नहीं करते। लेकिन हमने शादी की, क्योंकि ये बहुत एडवांस में तय हुआ।” इसे भी पढ़ें: मेरी नालायक औलाद… Samay Raina ने हनी सिंह का नाम लेकर Badshah को किया रोस्ट,…
मानसून के दौरान ड्राइविंग करना जितना चुनौतीपूर्ण होता है, उतना ही जरूरी होता है कार की विजिबिलिटी को बेहतर बनाए…
आज के समय में घर का इंटरनेट केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पढ़ाई, ऑफिस मीटिंग, ऑनलाइन बैंकिंग और वीडियो…
आज के समय में इंस्टाग्राम का इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन या फोटो और वीडियो शेयर करने के लिए नहीं, बल्कि बिजनेस,…
भागदौड़ भारी जिंदगी में किसी के पास भी फिटनेस के लिए समय नहीं है। खराब जीवनशैली और अनहेल्दी फूड्स आदतों…
पिछले कुछ सालों में हाई-प्रोटीन डाइट का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है। वेट कम करे, फिट रहने और मसल्स…
ET Intelligence Group: Molbio Diagnostics, a molecular diagnostics manufacturer, plans to raise ₹200 crore through a fresh issue for capital…
Rising healthcare costs have overtaken job security and EMIs as the biggest financial concern for corporate India, according to a…
New Delhi: Medical device industry, patient safety groups and healthcare providers have opposed the draft Drugs, Medical Devices and Cosmetics…
New Delhi: The Indian Council of Medical Research (ICMR) has not conducted any study to assess whether ultra-processed foods exhibit…
वृंदावन का प्रेम मंदिर सिर्फ अपने आध्यात्मिक वातावरण के लिए ही नहीं बल्कि अपनी खूबसूरती के लिए भी…
रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर आई है। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने स्पोर्ट्स कोटे के तहत 56 पदों पर भर्ती शुरूकर दी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी मांगे गए हैं। इस भर्ती के लिए देशभर के पात्र भारतीय खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं। वहीं आवेदन प्रोसेस 25 जुलाई 2026 से शुरू हो गई है। ऐसे में योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 24 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।56 पदों पर होगी मांगे आवेदनइस भर्ती के माध्यम से 7वें वेतन आयोग के विभिन्न पे लेवल के कुल 56 पदों पर भर्ती की जाएगी।…
रियल एस्टेट कंपनी एम्बैसी डेवलपमेंट्स लिमिटेड को कम आय के कारण चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में…
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सरकारी खरीद मंच (जीईएम) के माध्यम से सैन्य मामलों…
महाराष्ट्र एफडीए ने मुंबई स्थित ब्लिंक कॉमर्स (ब्लिंकिट) के एक केंद्र का खाद्य लाइसेंस बड़े पैमाने पर कॉकरोच के प्रकोप…
वित्त मंत्रालय अगले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगा। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों…
भारत में कोका-कोला की बॉटलिंग कंपनियों में शामिल एसएलएमजी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड ने सोमवार को लगन शास्त्री को तत्काल प्रभाव…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जो लोग बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को हल्के में लेकर चल रहे थे, उन्हें अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं और उनकी सभाओं में उमड़ रही भीड़, खासकर युवाओं की मौजूदगी, पार्टी के लिए नई उम्मीद पैदा कर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी आकाश आनंद ने बसपा की रैलियों में बड़ी भीड़ आकर्षित की थी, हालांकि इसका चुनावी परिणाम पार्टी के लिए शून्य रहा। लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मुद्दे अलग होते हैं और इसी अंतर को समझते हुए आकाश आनंद इस बार बसपा के लिए जमीन तैयार करने में जुटे हैं।पिछले दिनों बसपा के भीतर हुई राजनीतिक उठापटक और संगठनात्मक चुनौतियों के बीच आकाश आनंद का यह आक्रामक अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा महज एक…
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले सप्ताहांत दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरण और रणनीति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद योगी ने इसे ‘सुशासन के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ने’ के लिए प्रेरणा देने वाला बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार भेंट के तौर पर नहीं देखा जा रहा।दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में डालते हुए नई नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने छह संगठनात्मक क्षेत्रों और विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा की है। नई टीम में करीब 60 फीसदी नए चेहरों को जगह दी गई है। साफ है कि भाजपा अब मिशन 2027 को केवल नारों तक…
राहुल गांधी का प्रयागराज आकर छात्रों से संवाद करना अपने आप में कोई असामान्य राजनीतिक घटना नहीं है। लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का युवाओं के बीच जाना, उनकी समस्याएं सुनना और सरकार से सवाल पूछना बिल्कुल स्वाभाविक है। लेकिन राजनीति में किसी कार्यक्रम का समाचार बन जाना और उसका चुनावी प्रभाव पैदा करना, ये दो बिल्कुल अलग बातें हैं। यही अंतर उत्तर प्रदेश की राजनीति के संदर्भ में राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को पेपर लीक, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं की समस्याओं के खिलाफ एक बड़े अभियान के रूप में पेश किया है। प्रयागराज का चयन भी प्रतीकात्मक है, क्योंकि यह देश के प्रमुख शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा केंद्रों में गिना जाता है। कांग्रेस का दावा है कि वह छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है। लेकिन यहां पहला राजनीतिक सवाल खड़ा…
किसी भी वाहन धारक के लिए थर्ड पार्टी बीमा बहुत जरूरी होता है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तीसरे व्यक्ति को हुई जान-माल की क्षति की भरपाई की जा सके। लेकिन बीमा कम्पनियों ने अब जो नया रुख अख्तियार किया है, उसका सार-सत्य यह है कि अब आपके गाड़ी चलाने के तरीके से ही यह तय होगा कि आपको कितना बीमा प्रीमियम देना होगा। यानी कि रफ ड्राइविंग करने वालों को अब ज्यादा बीमा प्रीमियम अदा करना पड़ेगा। इस हेतु बीमा कम्पनियों ने टेलीमैटिक्स तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है।वस्तुतः टेलीमैटिक्स (Telematics) एक ऐसी तकनीक है, जिसमें वाहन में लगे सेंसर, जीपीएस, मोबाइल ऐप या OBD (On-Board Diagnostics) डिवाइस के जरिए गाड़ी चलाने से जुड़ा डेटा एकत्र किया जाता है। फिर बीमा कंपनियां इस डेटा का विश्लेषण करके यह तय करती हैं कि चालक कितना सुरक्षित वाहन चलाता है और उसी के आधार पर अब बीमा प्रीमियम भी…
देश को नक्सलवाद-माओवाद के आतंक से मुक्ति दिलाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दो नये अहम अभियान प्रारंभ किये हैं- पहला, भारत को घुसपैठियों से मुक्त करना तथा दूसरा है, युवाओं को नशे की लत से मुक्ति दिलाना। भारत के किशोरों तथा युवाओं को हर प्रकार के नशे से मुक्ति दिलाने के लिए 2 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान“ का प्रारंभ करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया है। अपने सन्देश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहाकि जो युवा नशे से लड़कर बाहर निकलते हैं वे कमजोर नहीं, बल्कि असली योद्धा होते हैं। समाज को उनका सम्मान करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई दुश्मन देशों की आतंकी साजिश का ही एक हिस्सा है। दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में धकेलना चाहते हैं ताकि भारत कभी भी एक सशक्त एवं…
लोकतांत्रिक राजनीति में कई बार छोटे चुनाव भी बड़े संदेश दे जाते हैं। विधानसभा उपचुनावों को लंबे समय तक केवल रिक्त सीटों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया माना जाता रहा है। सामान्य धारणा यही रही कि जिस राज्य में जिस दल की सरकार होती है, प्रशासनिक बढ़त, संगठनात्मक शक्ति और सत्ता के प्रभाव के कारण वही दल उपचुनाव आसानी से जीत जाता है। इसी कारण उपचुनावों के परिणामों को व्यापक राजनीतिक संकेतक के रूप में कम ही देखा जाता था किंतु पिछले कुछ वर्षों में यह धारणा तेजी से बदली है। अब उपचुनाव केवल एक सीट का फैसला नहीं करते बल्कि जनता के तत्कालीन मनोभाव, सरकार के प्रति संतोष-असंतोष, संगठन की मजबूती, नेतृत्व की स्वीकार्यता और भविष्य की राजनीतिक दिशा के संकेत भी देते हैं। बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांझलपुर विधानसभा उपचुनावों ने भी यही संदेश दिया है। तीन सीटों में से दो पर…
आज जब पूरा देश पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, तब हर भारतीय के मन में उनकी मुस्कुराती छवि, ओजस्वी आवाज़ और मानवीय संवेदनाओं से भरा व्यक्तित्व एक बार फिर जीवंत हो उठता है। देखा जाये तो भारतीय राजनीति में ऐसे नेता विरले ही हुए हैं, जिनकी लोकप्रियता केवल अपनी पार्टी तक सीमित न रहकर राजनीतिक सीमाओं को भी पार कर गई हो। सुषमा स्वराज उन्हीं असाधारण नेताओं में थीं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, संसद हो या अंतरराष्ट्रीय मंच, उनके शब्दों में दृढ़ता थी, विचारों में स्पष्टता थी और व्यवहार में ऐसी आत्मीयता थी, जिसने उन्हें हर दल के नेताओं और करोड़ों भारतीयों का सम्मान दिलाया। छह अगस्त 2019 को 67 वर्ष की आयु में उनके निधन ने भारतीय राजनीति को एक ऐसी आवाज़ से वंचित कर दिया, जिसकी कमी आज भी महसूस की जाती है।सुषमा स्वराज का अंतिम सार्वजनिक संदेश…
जन सुराज पार्टी के संस्थापक व मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार को लगभग 19 हजार वोटों से तगड़ी शिकस्त देकर न केवल चुनाव जीता, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया। प्रशांत किशोर की यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखी जा रही है। ऐसा इसलिए कि प्रशांत किशोर ने भाजपा के तीन दशक से अधिक पुराने गढ़ में अकल्पनीय जीत दर्ज की है और अपनी जन सुराज पार्टी को पहली बड़ी चुनावी सफलता दिलाई है। हालांकि, एक उपचुनाव के परिणाम के आधार पर पूरे राज्य के चुनाव के जनादेश का संकेत मान लेना एक बड़ी सियासी गलतफहमी होगी। फिर भी, उनकी यह जीत कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जन सुराज पार्टी के सुप्रीमो प्रशांत किशोर ने बांकीपुर…
करीब तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल जगत और मीडिया के केंद्र में रहे पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को आखिरकार दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत से बड़ी राहत मिल गई। महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। वैसे बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों के समर्थन में जिस तरह तमाम विपक्षी नेता खड़े हो गये थे उसके चलते यह सब कुछ शुरू से ही राजनीतिक षड्यंत्र नजर आ रहा था। उल्लेखनीय है कि जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना प्रदर्शन कराया गया था और धरने के मंच पर तमाम बड़े विपक्षी नेता पहुँचे थे और मंच से दिये गये भाषणों के जरिये भाजपा को महिला विरोधी बताया जा रहा था। साथ ही बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ देशभर में माहौल बनवाने और मीडिया ट्रायल के जरिये उनकी छवि बिगाड़ने के…
लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है और सत्ता की आलोचना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत मानी जाती है। लेकिन जब विरोध की भाषा शालीनता की सीमा लांघकर व्यक्तिगत अपमान में बदल जाए, जब तर्क और तथ्यों की जगह गाली-गलौज और कटाक्ष ले लें, और जब वरिष्ठों के सम्मान जैसी बुनियादी सामाजिक मर्यादाओं का भी मजाक उड़ाया जाने लगे, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह लोकतांत्रिक विरोध है या फिर अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में सभ्य संवाद की संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश है?हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके, उसके प्रवक्ता सौरव दास और अभिनेत्री रिचा चड्ढा के बयानों ने इसी बहस को जन्म दिया है। तीनों के बयान अलग-अलग संदर्भों में आए, लेकिन उनकी भाषा और दृष्टिकोण में जो समानता दिखाई देती है वह है व्यक्तिगत कटाक्ष, वरिष्ठों के प्रति असम्मान और मर्यादा की…
Supporting Student Journalist.
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