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भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक स्तर पर हलचल देखने को मिली है, जहां हालिया बयान को लेकर बांग्लादेश ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए एक बयान के…
ईरान से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें देश के सर्वोच्च नेता की सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों पर सरकार ने साफ प्रतिक्रिया दी है। ईरान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिका…
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हालात एक बार फिर नाजुक मोड़ पर नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को संशोधित शांति…
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले कोलकाता में सियासी माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। तृणमूल कांग्रेस…
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में श्वेत क्रांति (White Revolution) को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह…
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की एक विशेष अदालत ने देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाले एक गंभीर मामले में…
पंजाब विधानसभा का मज़दूर दिवस को समर्पित विशेष सत्र शुक्रवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष ने मुख्यमंत्री…
“सब कुछ 2 से 3 मिनट के भीतर खत्म हो गया। हम चिल्लाते रहे, गुहार लगाते रहे कि नाव को…
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए बरगी बांध क्रूज हादसे के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ऐसा…
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अधीन हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा हज यात्रियों के हवाई किराए में 10,000 रुपये की…
Labour Day पर नोएडा में ‘हाई अलर्ट’! भारी सुरक्षा बल तैनात और धारा 163 लागू, हिंसा के बाद पुलिस सख्त
अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस (1 मई) को देखते हुए गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने पूरे ज़िले में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी कानूनी जीत मिली है। शीर्ष अदालत…
देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार की सुबह लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। शहर के विभिन्न हिस्सों में…
पांच राज्यों के लिए मतदान खत्म होने के ठीक दो दिन बाद मोदी सरकार ने एलपीजी की कीमतों में बड़ी…
जबलपुर के बरगी बांध में गुरुवार को हुआ क्रूज़ हादसा अब केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासन और ऑपरेटरों…
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भारतीय जनता पार्टी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की सियासी कमर तोड़कर निरंतर आगे बढ़ रही है। इससे भाजपा नीत एनडीए का कुनबा भी लगतार मजबूत हो रहा…
बैडमिंटन में भारत के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है, जहां भारतीय पुरुष टीम…
अब तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और मुंबई इंडियंस की टीमों के…
दिल्ली कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने स्पष्ट किया कि खिताब के बिना व्यक्तिगत उपलब्धियों का…
आईपीएल 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में गुजरात टाइटन्स (GT) ने मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु…
आर्सेनल और एटलेटिको मैड्रिड के बीच चैंपियंस लीग सेमीफाइनल का पहला चरण ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन…
बैडमिंटन के बड़े टीम टूर्नामेंट की बात करें तो इस समय डेनमार्क के हॉर्सेन्स में चल रहा…
सुपरस्टार सलमान खान ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी में सलमान खान की अचानक एंट्री देखकर फैंस हैरान रह गए। फिल्म में सलमान जीवा महाला के एक छोटे लेकिन बेहद प्रभावशाली किरदार में नजर आ रहे हैं। जैसे ही फिल्म से उनके स्क्रीनशॉट और वीडियो क्लिप सामने आए, इंटरनेट पर तारीफों की बाढ़ आ गई। फैंस उनके इस सरप्राइज रोल को फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बता रहे हैं।नारंगी पगड़ी और हाथ में तलवारफिल्म में सलमान खान का लुक बेहद दमदार है। वह नारंगी रंग की पगड़ी, कुर्ता और हाथ में मराठा तलवार लिए रितेश देशमुख (जो शिवाजी महाराज की भूमिका में हैं) के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। हालांकि उनके इस रोल को महीनों तक गुप्त रखा गया था, लेकिन उनकी एंट्री ने सिनेमाघरों में सीटियां बजवा दीं। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, ‘पूरी फिल्म…
आजकल मार्केट में कंपनी कई तरह के स्मार्टफोन्स को लॉन्च कर रही हैं। मार्केट के साथ-साथ ग्राहकों की पसंद भी…
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (एमएंडएम) की कुल वाहन बिक्री अप्रैल में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 94,627 इकाई हो…
यूरोप में लैपटॉप से जुड़े एक अहम नियम को लागू किया गया है, जिससे आने वाले समय में चार्जिंग को…
New Delhi: Climate change poses an escalating threat to brain health, with extreme heat, rapid humidity shifts and exposure to…
गर्मी से राहत पाने के लिए हम सभी एयर कंडीशनर में जरुर बैठते हैं। अब सभी के घरों में एसी…
कई घरों में सुबह की शुरुआत आमतौर पर चाय और बिस्कुट या हल्के स्नैक्स से होती है। जब घर के…
New Delhi: India remains among the countries bearing the highest burden of hepatitis-related deaths even as global efforts show progress,…
Mumbai: An increasing number of Indians are opting for health covers of ₹1 crore and above, multiple insurers told ET,…
New Delhi: The market for oral rehydration solutions (ORS) in India has started declining, impacting pharmaceutical companies that produce them…
धुमक्कड़ लोग घूमने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। किसी को पहाड़ों पर जाना है , तो कोई…
BPSC ने शुक्रवार को सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा रद्द कर दी है। एग्जाम में गड़बड़ी और कदाचार को लेकर 6 जिलों में 8 FIR दर्ज हुई थी। जिसके बाद आयोग ने इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया।.इसके साथ ही आयोग ने 32 अभ्यर्थियों को प्रतिबंधित भी कर दिया गया है, जो अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस परीक्षा के लिए 11 लाख कैंडिडेट्स ने फॉर्म भरा था।सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए…
आईटी क्षेत्र से एक अहम खबर सामने आ रही है, जहां अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी कॉग्निजेंट…
काफी समय से लंबित पड़े भविष्य निधि खातों को लेकर अब बड़ी पहल सामने आई है। कर्मचारियों के भविष्य निधि…
गूगल की पहचान धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। ताजा वित्तीय नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि गूगल…
शेयर बाजार में गुरुवार को वेदांता के शेयर को लेकर अचानक बड़ी गिरावट की चर्चा शुरू हो गई। पहली नजर…
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) का एकीकृत शुद्ध लाभ 2025-26 की चौथी तिमाही में 9.43 प्रतिशत बढ़कर…
इंश्योरेंस का मकसद मन की शांति देना है, जब ज़िंदगी में अचानक कोई मुश्किल आती है – चाहे वह कार एक्सीडेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, घर में आग लग जाए, या कोई ट्रिप खराब हो जाए। लेकिन, अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम अचानक रिजेक्ट हो जाए तो यह शांति खत्म हो सकती है।क्लेम रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर साल हज़ारों क्लेम ऐसे कारणों से रिजेक्ट हो जाते हैं जिन्हें अक्सर रोका जा सकता है। यह आर्टिकल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों के बारे में बताता है, बताता है कि क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है और इन महंगी गलतियों से बचने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देता है।इसे भी पढ़ें: क्या होता है होम लोन इंश्योरेंस और क्यों हैं इसे लेना फायदे का सौदा?इंश्योरेंस क्लेम क्या है?इंश्योरेंस क्लेम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट है जो पॉलिसी होल्डर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हुए नुकसान या डैमेज के…
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। लेकिन अगर लोन चुकाने के दौरान कमाने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ऐसे जोखिम से बचाव के लिए होम लोन इंश्योरेंस अहम भूमिका निभाता है। लोन लेने वाले हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जल्द ही उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो वे अपने घर के लोन का बकाया नहीं चुका पाएंगे। कंज्यूमर नहीं चाहता कि उनकी असमय मौत के बाद होम लोन लेने का बोझ उनके परिवार पर पड़े। क्योंकि होम लोन एक लंबे समय के लोन से जुड़ा होता है जो 30 साल तक चल सकता है, इसलिए यह बात लोन लेने वाले के दिमाग में बार-बार आती है। इसलिए, लोन लेने वालों के लिए यह समझदारी है कि वे इसे ध्यान में…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
Supporting Student Journalist.
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