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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के विजयी इतिहास पर विचार किया और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत की उम्मीद जताई। तिरुपथुर में पार्टी के बूथ एजेंटों के…
समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों पर तीखा हमला बोला। यह हमला तब हुआ जब उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमउद्दीन सिद्दीकी ने…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे।इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के…
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार को आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले रोमांचक मुकाबले…
बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रीय चुनावों में शानदार जीत के बाद अब एक नए राजनीतिक युग की…
राजनैतिक छवि एक अनुभवी और दक्ष प्रशासक हरदीप सिंह पुरी आज यानी की 15 फरवरी को अपना 74वां जन्मदिन मना…
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को चुनाव वाले असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत पर…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश के किसानों को…
PM Modi का Northeast Mission: Guwahati में ब्रह्मपुत्र पर बने नए Bridge से विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विशाल ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा पुल का उद्घाटन किया। यह नया…
द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने शनिवार को तमिलनाडु के…
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान गिरे एक स्तंभ पर शोक व्यक्त किया…
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रशासन, अवसंरचना, नगरीय विकास, नवाचार और संपर्क के मोर्चे पर कई दूरगामी फैसलों को मंजूरी दी है।…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर अपने शासनकाल में पूर्वोत्तर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस के वी. नारायणसामी के नेतृत्व वाली पुडुचेरी की पूर्व सरकार पर…
निशिकांत दुबे ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते…
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वेलेंटाइन वीक में जहां दुनिया भर के युगल प्रेम और रोमांस में डूबे नजर आ रहे हैं, वहीं चीन के कई युवक युवतियां विवाह और रिश्तों…
पूर्व भारतीय क्रिकेटर किरण मोरे ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में रविवार को कोलंबो के…
जेसन होल्डर के चार विकेट और कप्तान शाई होप की 44 गेंदों पर 61 रनों की पारी…
टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के कोच उत्तम मजूमदार ने कहा कि भारत बनाम पाकिस्तान टी20…
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने युवा भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा का बचाव किया है, जब रविवार…
हफ्तों तक चले ‘बॉयकॉट ड्रामे’ और बैन के डर से पाकिस्तान के ‘यू-टर्न’ लेने के बाद, आखिरकार…
पूर्व भारतीय क्रिकेटर नयन मोंगिया ने रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले बहुप्रतीक्षित…
पिछले साल दोबारा रिलीज हुई फिल्म ‘लैला मजनू’ को मिली जबरदस्त सफलता और ‘कल्ट क्लासिक’ के दर्जे ने मेकर्स को एक और अमर प्रेम कहानी पर्दे पर उतारने के लिए प्रेरित किया है। फिल्ममेकर इम्तियाज अली, साजिद अली और प्रोड्यूसर एकता कपूर ने अब ‘हीर रांझा’ पर काम शुरू कर दिया है। वैलेंटाइन डे के खास मौके पर इस फिल्म की आधिकारिक घोषणा की गई।’लैला मजनू’ फ्रेंचाइजी का अगला चैप्टर होगी ‘हीर रांझा’मेकर्स के आधिकारिक बयान के अनुसार, साजिद अली के निर्देशन में बनने वाली ‘हीर रांझा’ दरअसल ‘लैला मजनू’ फ्रेंचाइजी का दूसरा चैप्टर होगी। यह फिल्म उसी गहरे भावनात्मक जुड़ाव को आगे बढ़ाएगी जिसने दर्शकों के दिलों में ‘लैला मजनू’ के लिए जगह बनाई थी। हालांकि यह एक क्लासिक रोमांस है, लेकिन इसे आज के दौर के हिसाब से आधुनिक रंग-रूप में पेश किया जाएगा।फिल्म की प्रोड्यूसर एकता कपूर ने कहा, ‘इम्तियाज और साजिद में प्यार को ईमानदारी और…
आज के स्मार्टफोन में USB Type-C पोर्ट लगभग स्टैंडर्ड बन चुका है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ चार्जिंग या कभी-कभार डेटा…
हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। यह दिन प्रेम, स्नेह और आपसी सम्मान को व्यक्त करने…
मैटर ने 2026 की शुरुआत एक साहसिक नए दृष्टिकोण के साथ की है, जिसमें एक नए एआई-डिफाइंड व्हीकल प्लेटफॉर्म पर…
ज्यादातर लोगों का यहीं सवाल होता है कि मिसकैरेज के बाद कितने दिनों तक सेक्शुअल रिलेशन से बचना जरुरी चाहिए।…
पीरियड्स का दौर किसी भी महिला के लिए काफी परेशानीभरा होता है। इस दौरान सिर्फ ब्लीडिंग ही नहीं होती, बल्कि…
काली मिर्च खाने के स्वाद को पूरी तरह बदल सकती है, फिर चाहे सूप हो, सब्जी हो, या काढ़ा, इससे…
Chennai: Tamil Nadu government on Friday allayed fears of bird flu in the state and appealed to the people to…
New Delhi: Union Health Minister J P Nadda on Saturday said India has witnessed a substantial reduction in out-of-pocket expenditure…
ज्यादातर महिलाएं कंफर्टेबल ब्रा का पहनती है और इससे उनका शरीर भी स्वस्थ रहता है। लेकिन गलती से आप ने…
घुमक्कड़ लोग घूमने के लिए प्लान बनाते रहते हैं। अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे…
फरवरी 2026 में 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में सजा के बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया है। यह मामला उनकी होम-प्रोडक्शन फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। इस फिल्म के लिए उन्होंने कर्ज लिया था, जो ब्याज समेत बढ़ता गया और मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। हंगामा, हलचल जैसी फिल्मों से कॉमेडी किंग बने 2003 में फिल्म हंगामा, 2005 में गरम मसाला, 2006 में चुप चुप के, 2006 में फिर हेरा फेरी और 2007 में भूल भुलैया जैसी फिल्मों ने उन्हें कॉमेडी मे पहचान मिली। कॉमिक डायरेक्टर प्रियदर्शन के साथ…
टाइटन कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) अजय चावला ने कहा है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के वैश्विक वृद्धि में 16 प्रतिशत से अधिक का योगदान देने का उल्लेख करते हुए…
रियल एस्टेट डेस्क देशभर के घर खरीदारों के प्रमुख संगठन फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स (FPCE) ने शुक्रवार को एक…
शुक्रवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत तो सामान्य रही, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा बिकवाली का दबाव तेज…
हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद चांदी की कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों की…
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों से पूर्व 9 लाख करोड़ रु का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। सत्तापक्ष, विशेषज्ञ और मीडिया भी इस बजट की सराहना कर रहे हैं। परंपरागत रूप से विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए इसे योगी सरकार का अंतिम बजट कह रहा है। योगीराज के इस बजट का आकार भारत के पड़ोसी राष्ट्रों पाकिस्तान ओैर बांग्लादेश के बजट से भी कई गुना बड़ा है। यूपी में योगी बजट की एक और विशेष बात है कि किसी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार 10वां बजट पेश हुआ हो ऐसा पहली बार हुआ है। अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री को लगातार इतने बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हुआ है। यूपी के बजट में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की छाप दिख रही है। योगी सरकार का चुनावी वर्ष के पूर्व का यह बजट प्रदेश को समस्त क्षेत्र…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
Supporting Student Journalist.
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