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यमकेश्वर के पास उस समय भारी हंगामा हुआ, जब उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। वे अंकिता भंडारी की पुण्यतिथि पर…
तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने कल मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर में हुए कुंभाभिषेकम के लिए पास बांटने में कुप्रबंधन और गड़बड़ी के आरोपों को खारिज कर दिया। अन्ना सलाई स्थित बिजली बोर्ड मुख्यालय में TANGEDCO…
ईरान में शुक्रवार को हजारों नागरिकों ने फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद सरकार द्वारा आयोजित अपनी तरह के सबसे बड़े प्रदर्शन में संकल्प जताया कि वे हथियार उठाने को भी तैयार हैं।…
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान जारी रहने के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और…
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP की प्रस्तावित ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को लेकर उस पर हमले तेज़…
दक्षिण पश्चिम दिल्ली के आरके पुरम इलाके में अफ्रीका एवेन्यू रोड पर एक कार ने सड़क किनारे खड़ी बाइक को…
वर्ष 1812 में 18 सितंबर के दिन ही मॉस्को में आग लगने से शहर का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो…
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पार्षद के पति और कारोबारी शेर बहादुर…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में गिरफ्तार हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज…
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक महिला की अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर लगाकर आपत्तिजनक पोस्ट…
झारखंड के एक व्यापार संगठन ने केंद्र सरकार से ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (यूपीआई) के जरिये 2,000 रुपये से अधिक के…
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल…
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 18 सितंबर राजा कृष्णमूर्ति अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में रूस प्रतिबंध विधेयक के पक्ष में मतदान करने…
ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के उस अंतरिम आदेश पर अपना जवाब सौंपा है, जिसमें…
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि कृषि उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, उद्यमियों को सशक्त बनाने और…
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बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए शायद यह सोचा होगा कि उन्होंने आकाश आनंद की राजनीति शुरू…
Commonwealth Games में Rupa Rani Tirkey और Pinki Singh का जलवा, Tonga को हराकर सेमीफाइनल की ओर India
रूपा रानी टिर्की और पिंकी सिंह की भारतीय जोड़ी ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों की लॉन बॉल्स…
ग्लासगो में हो रहे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अपना मेडल खाता खोला। आज सुबह पुरुषों…
भारत के उभरते हुए युवा मुक्केबाज जदुमणि सिंह ने पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग में मेजबान स्कॉटलैंड के…
वेस्ट इंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत से ठीक पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम…
(तस्वीरों के साथ) … अपराजिता उपाध्याय … ग्लास्गो, 24 जुलाई राष्ट्रमंडल खेलों में अपना अभियान शुरू करने…
भारत के कार्तिक बुडिगिना राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा तैराकी प्रतियोगिता में पदक जीतने से मामूली अंतर से…
अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी पुरस्कार यानी IIFA Awards के 27वें संस्करण की घोषणा के साथ ही बॉलीवुड के गलियारों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। सिनेमा जगत के इस सबसे भव्य मंच पर इस बार दर्शकों को एक बिल्कुल नई और धमाकेदार जोड़ी देखने को मिलेगी। बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन (Varun Dhawan) IIFA 2027 के साथ अपने होस्टिंग करियर का आगाज़ करने जा रहे हैं। वे जाने-माने फिल्म निर्माता करण जौहर (Karan Johar) के साथ मिलकर मुख्य पुरस्कार समारोह की मेजबानी संभालेंगे।IIFA 2027 का दो दिवसीय भव्य आयोजन 22 और 23 जनवरी, 2027 को अबू धाबी के मशहूर यास आइलैंड (Yas Island) स्थित एतिहाद एरिना (Etihad Arena) में आयोजित किया जाएगा।दो दिन के इस इवेंट में इंडियन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के एक्टर्स, फिल्ममेकर्स, म्यूजिशियन और दूसरे सदस्य अवार्ड्स, परफॉर्मेंस और दूसरे इवेंट्स के लिए एक साथ आएंगे। IIFA ने अबू धाबी में वापसी की पुष्टि कर दी है, और इसकी…
कैंची धाम को नीम करोली बाबा के आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। हर महीने यहां…
Hindi NewsCareerRUHS Medical Officer Recruitment 2026 | Rajasthan 600 Posts Job Apply15 मिनट पहलेकॉपी लिंकराजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी ने मेडिकल ऑफिसर के 600 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ruhsraj.org पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं।एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :एमबीबीएस की डिग्री।राजस्थान मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।देवनागरी लिपि में हिंदी और राजस्थान की संस्कृति का नॉलेज होना चाहिएआयु सीमा :न्यूनतम : 22 वर्षअधिकतम : 45 वर्षसरकारी नियमों के अनुसार उम्र में छूट दी जाएगी।सैलरी :15,600 – 39,100 रुपए प्रतिमाहफीस :उम्मीदवारों को 5000 रुपए फीस का भुगतान करना होगा।राज्य के एससी, एसटी वर्ग के लिए…
मारुति सुजुकी इंडिया ने शुक्रवार को कहा कि उसने गुजरात और हरियाणा के दो विनिर्माण संयंत्रों में स्थिति…
मूडीज रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान छह प्रतिशत से बढ़ाकर सात…
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रणधीर ठाकुर ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा ‘‘मजबूत’’…
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने ऐसे खाद्य उत्पादों के पैकेट के…
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने शनिवार को दिल्ली में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम…
नई दिल्ली ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद जिस गति से पड़ोसी देशों के साथ उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ाया है, उसने भारतीय विदेश नीति के अगले चरण की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के बाद भारत ने हिमालयी पड़ोस और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सक्रियता तेज कर दी है।भूटान में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यात्रा इसका सबसे ताजा उदाहरण है। 16 से 18 सितंबर तक की यात्रा में जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री के अलावा विदेश मंत्री डी.एन. ढुंगयेल के साथ विकास, ऊर्जा, व्यापार, संपर्क, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों पर व्यापक चर्चा की। इसके साथ ही भारत ने तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाकर यह संदेश दिया कि भूटान के साथ संबंध केवल पारंपरिक मित्रता तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले विकास और रणनीतिक सहयोग पर…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज विकास के पथ पर तेज़ी से अग्रसरित भारत, विकसित भारत बने के लिए सर्वांगीण विकास के कार्यों को धरातल पर मूर्त रूप देते हुए सफलता के नित-नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तेज़ी से आर्थिक सुधार हो रहे हैं, मोदी ने देश में परिवर्तन लाने के लिए शहर, कस्बों से लेकर के गांव, दुर्गम दूरदराज के इलाकों तक में भी अब विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के अनवरत विकास का कार्य युद्ध स्तर पर चलवाने का कार्य कर रखा है। 21वीं सदी की आधुनिकता की दौड़ में एआई व डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में भारत दुनिया भर में अपना लोहा मनवाने का कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विज़न के दम पर स्वदेशी को तेज़ी से बढ़ावा देकर के भारत तेज़ी से आत्मनिर्भर बनने का मुकाम हासिल कर रहा है। देश में विश्वस्तरीय आधुनिक सड़क, सागर…
दिल्ली में हुई ब्रिक्स शिखर बैठक को अगर केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानकर देखा जाएगा तो उसकी असली राजनीतिक अहमियत समझ में नहीं आएगी। देखा जाये तो यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव, युद्ध, अविश्वास और बदलते शक्ति-संतुलन से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत ने जिस तरह अलग-अलग ध्रुवों के देशों को एक मंच पर बैठाया, संवाद के रास्ते खोले और मतभेदों के बावजूद सहयोग की जमीन तैयार की, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर सामने आई है।ब्रिक्स की इस बैठक की सबसे बड़ी सफलता यही रही कि भारत ने उन देशों के बीच भी संवाद की संभावना पैदा की, जिनके बीच गहरे मतभेद हैं। ईरान और खाड़ी के देशों के बीच बातचीत इसका सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। पश्चिम एशिया लंबे समय से टकराव, अविश्वास और संघर्ष का मैदान बना हुआ है।…
आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रचलन बढ़ा है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी जोखिम उठाने और सही रणनीति अपनाने से बैंक ब्याज या एफडी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त होता है। इसलिए वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे बड़ी गलती रिटर्न के पीछे भागना और अपने लक्ष्य, जोखिम तथा समय-अवधि को नजरअंदाज करना है। देखा जाए तो म्यूचुअल फंड के निवेशक 10 आम गलतियाँ कर ही बैठते हैं। प्रायः हर किसी से यह हो जाती हैं। इसलिए इन गलतियों से बचें और एक बेहतर आर्थिक भविष्य प्राप्त करें। म्यूचुअल फंड निवेश की कुछ महत्वपूर्ण गलतियाँ निम्नलिखित हैं:-पहला, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना: पिछले 1–3 साल का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसलिए फंड की रणनीति, जोखिम और लंबी अवधि का प्रदर्शन भी देखें। अन्यथा भविष्य में आपको हानि उठानी पड़ सकती है।इसे भी पढ़ें: वाहन खरीदा, लेकिन छह महीने तक…
पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख शैक्षणिक प्रकल्प विद्या भारती के कम से कम एक हजार नए विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की घोषणा नहीं है, बल्कि इसे राज्य की शिक्षा-दृष्टि में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। 4 सितंबर 2026 को सामने आई इस घोषणा के अनुसार अगले एक वर्ष में राज्य के प्रत्येक जिले, नगरपालिका और पंचायत तक विद्या भारती के विद्यालयों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विद्या भारती से जुड़े 313 विद्यालय संचालित होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने विद्या भारती के नेतृत्व को राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाने का भी निमंत्रण दिया है। यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि विद्या भारती आज देश…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव सिर्फ वोटों की गिनती से नहीं जीते जाते। यहां जाति, जज्बात, चेहरा और संदेश, इन चारों का सही तालमेल सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाता है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर जरूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपनी पुरानी साइकिल में नए राजनीतिक पुर्जे लगाने में जुटे हैं। मकसद सपा को उसकी पुरानी छवि से बाहर निकालना है, जिसे विरोधी लंबे समय से एक खास सामाजिक दायरे और सत्ता में कथित तौर पर आक्रामक राजनीति से जोड़ते रहे हैं। अखिलेश की नई रणनीति में जातीय समीकरण भी है, हिंदू प्रतीक भी हैं, पीडीए का विस्तार भी है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि डिंपल यादव के रूप में एक नया और अपेक्षाकृत शांत चेहरा भी है।डिंपल की बढ़ती भूमिका और ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’देखा जाये तो अब तक डिंपल यादव की राजनीति अपेक्षाकृत…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र का हृदयस्थल माना जाता है। दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर गुजरता है, यही कारण है कि देश के इस सबसे बड़े सूबे में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचल का असर राष्ट्रीय फलक पर साफ दिखाई देता है। वर्ष 2026 की समाप्ति के करीब आते ही और 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच शह-मात का खेल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने सूबे की राजनीतिक जमीन को जो नई शक्ल दी थी, उसके बाद हर दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटा है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचने की कवायद में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे दस…
उत्तरप्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और निर्णायक अध्यायों में से एक रहा है। इस मंदिर आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली, भाजपा को राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अंततः 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक लक्ष्य पूरा हुआ।लेकिन इतिहास का दिलचस्प मोड़ यह है कि मंदिर बनने के बाद असली प्रशासनिक चुनौती शुरू हुई है, जिसके दृष्टिगत 2 सितंबर 2026 को “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र कुमार मिश्र को अपना पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। इसलिए मिश्र की नियुक्ति के पीछे छिपे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सियासी संदेश को समझना होगा।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से अयोध्या तक: कौन है राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, क्या होगी जिम्मेदारीमसलन, लगभग 5,585 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
Supporting Student Journalist.
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