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(विजय जोशी) फॉरसाइथ काउंटी (अमेरिका), सात नवंबर लगभग दो सदी पहले, ज़मीन और सोने (गोल्ड) के लालच में गोरे यूरोपीय प्रवासियों ने उत्तरी जॉर्जिया में मूल निवासी अमेरिकी इंडियन्स को उनकी पुश्तैनी ज़मीन से खदेड़ दिया…
ईटानगर, सात नवंबर अरुणाचल प्रदेश में 11,200 मेगावाट क्षमता वाली प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) के विरोध को लेकर हिरासत में लिए गए चार प्रदर्शनकारियों को शनिवार को गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद ईटानगर…
अयोध्या (उप्र), सात नवंबर वनवास के बाद भगवान राम के अयोध्या आगमन के प्रतीकात्मक उत्सव की शुरुआत के संकेत के रूप में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से शनिवार को अयोध्या में…
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक…
(कोमल शर्मा) नयी दिल्ली, सात नवंबर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा है कि महिलाओं की…
राष्ट्रीय राजधानी में हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए, दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को…
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के प्रमुख आईटी और व्यावसायिक केंद्र गाचीबोवली स्थित एक लग्जरी होटल के कमरे में 41 वर्षीय…
ठाणे, सात नवंबर महाराष्ट्र में ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने 10 साल की बच्ची से तीन साल तक…
तिरुवनंतपुरम, सात नवंबर केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षाओं और नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही…
अरनघाटा (बंगाल), सात नवंबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वादा किया कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत…
नयी दिल्ली, सात नवंबर इतिहास के पन्नों में सात नवंबर की तारीख भारत के एक महान वैज्ञानिक के जन्मदिन के…
गुरुवायुर (केरलम), सात नवंबर केरलम के वायनाड में 2024 में हुए भूस्खलन में अपने परिवार के नौ सदस्यों और बाद…
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने…
सुनेत्रा पवार गुट के नेता सुनील तटकरे ने खुलासा किया है कि अगर अजित पवार जीवित होते, तो नेशनलिस्ट कांग्रेस…
तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने खुद पर एक और हमले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कल रात…
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम और दलित वोटों को लेकर नई सियासी गोलबंदी की कोशिश तेज हो गई है।…
पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 2027 के सत्र से पहले…
भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा चोट से नहीं उबर पाने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ चार नवंबर…
प्रीमियर लीग में 20 बार की चैंपियन मैनचेस्टर यूनाइटेड (Manchester United) का यह सीजन अब तक किसी…
घरेलू क्रिकेट में चौथे दिन बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने कई शानदार प्रदर्शन किए। मुंबई ने हरियाणा को…
(सौमोज्योति एस चौधरी) जालंधर, 29 अक्टूबर कप्तान हरमनप्रीत सिंह और स्ट्राइकर सुखजीत सिंह ने अपने घरेलू दर्शकों…
भारत के युवा पहलवान सुजीत कलकल का विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का इंतजार एक बार फिर…
महान आध्यात्मिक गुरु और संत नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित बहुचर्चित भक्तिपूर्ण ड्रामा फिल्म ‘हनुमान अंश’ अब बड़े पर्दे पर इतिहास रचने के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सिनेमाघरों में देश-विदेश के दर्शकों का दिल जीतने वाली यह फिल्म 27 नवंबर, 2026 को प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनीलिव (SonyLIV) पर स्ट्रीम की जाएगी। हालाँकि, फिल्म के डिजिटल प्रीमियर की खुशी के साथ-साथ इसके निर्माताओं के बीच अधिकारों और प्रचार-प्रसार की व्यवस्था को लेकर चल रहे अंदरूनी विवाद ने भी मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।इससे पहले, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने फिल्म का पोस्टर भी शेयर किया था, जिसके साथ लिखा था, “यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और चमत्कारों का एक ऐसा सफर है जिसने करोड़ों दिलों को छू लिया है… इस साल की सबसे पसंदीदा फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखें, जो 27 नवंबर को सिर्फ सोनीलिव पर आ रही है……
भारत में कई ऐसी जगहें मौजूद हैं, जोकि अपने प्राचीन इतिहास, अनोखी बनावट और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए…
Hindi NewsCareerCBSE Board Exam 2027 Datesheet Released | Class 10 12 Exam Schedule9 मिनट पहलेकॉपी लिंककेंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है। बोर्ड परीक्षाएं 16 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। विद्यार्थी विषयवार परीक्षा की तारीखें आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।कक्षा 10वीं में 26.5 लाख से अधिक स्टूडेंट्स शामिल होंगे। वहीं कक्षा 12वीं में 19.8 लाख से अधिक स्टूडेंट्स एग्जाम देंगे। दोनों क्लासेस में कुल 46 लाख से अधिक स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इस बार बोर्ड ने परीक्षा शुरू होने से 101 दिन पहले…
नयी दिल्ली, सात नवंबर वाहन विनिर्माता फोर्स मोटर्स अगले साल जनवरी-मार्च तिमाही में अपने ट्रैवलर प्लेटफॉर्म पर आधारित…
मुंबई/ नयी दिल्ली, छह नवंबर सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में आई गिरावट से धनतेरस पर…
देश के बड़े खुदरा कारोबार से जुड़ी कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड एक बार फिर विवादों में आ गई है। सीबीआई…
शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक ऑनलाइन मंच से जुड़ा कथित धोखाधड़ी का मामला लगातार गंभीर…
दुनियाभर की कंपनियों में एआई के बढ़ते इस्तेमाल और कारोबार की बदलती जरूरतों के बीच अब डिजाइन क्षेत्र की बड़ी…
त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, सांसों में जहर घोलने के लिए नहीं। दीपावली प्रकाश, प्रसन्नता, उल्लास और मंगलकामना का पर्व है, लेकिन यदि उत्सव की चमक के पीछे आसमान धुएं से भर जाए, बच्चों और बुजुर्गों का दम घुटने लगे तथा आम आदमी स्वच्छ हवा के लिए तरसने लगे तो हमें अपनी उत्सव परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों पर गंभीरता से विचार करना होगा। विडंबना यह है कि आज प्रदूषण जैसी जीवन-मरण की समस्या पर भी राजनीति का धुआं छाने लगा है। जब लोगों की सांसें संकट में हों, तब धर्म, जाति और राजनीतिक विचारधाराओं के चश्मे से समस्या को देखना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का प्रमाण भी है। अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा ने पटाखों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने पर्यावरण अनुकूल दीपावली अभियान में उनका वीडियो जारी किया, लेकिन राजनीतिक…
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तारीखें अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन राज्य की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल अपने चरम पर पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के ठीक बाद, पार्टी के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी एक बड़े विस्फोट में बदल गई है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का एक साथ पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना केवल तीन विधायकों का इस्तीफा नहीं है, बल्कि यह भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक गहरा राजनीतिक और नैतिक झटका है। नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में 2 नवंबर 2026 को जिस तरह इन नेताओं…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था।’वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,…
देश के चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, सभी राजनीतिक दल व विश्लेषक परिणामों का अध्ययन करके उसके अपने-अपने लाभ-हानि के हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। लेकिन इस बार का यह चुनाव कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के साथ विशेषकर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द तलाश ना होगा। क्योंकि भाजपा को अन्य दलों से अलग मानते हुए किसी व्यक्ति या परिवार की जागीर की जगह संगठन को सर्वोपरि मानने वाला राजनीतिक दल माना जाता है और वैसे भी अंदरूनी गुटबाजी से दूर अनुशासन वाली पार्टी मानने का दावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा हमेशा सार्वजनिक रूप भी किया जाता है। लेकिन एमएलसी के चुनावों के परिणामों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की हॉट सीट वाराणसी, लखनऊ व महाराष्ट्र…
बचपन में घोर गरीबी को बेहद करीब से देखने वाले और जीवनयापन के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उनके सामने भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी गरीबी। करोड़ों लोगों के पास न पक्का मकान था, न बैंक खाता, न शौचालय, न रसोई गैस और न ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों को सरकारी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए गरीबी के अभिशाप से देश को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अब इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी मान रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट भारत की इसी परिवर्तनकारी यात्रा पर वैश्विक मुहर लगा रही है।विश्व बैंक की रिपोर्ट: 49.6 करोड़ लोगों की जिंदगी में बदलावविश्व बैंक की Poverty and Equity Brief, October 2026…
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं।भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है।इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है?अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी।WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदनWhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें:- EPFO…
भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों से एक अजीब और गहरी चिंताजनक परिपाटी देखने को मिल रही है। देश के राजनैतिक दल अपनी सांगठनिक कमजोरियों, जमीन से कटते जा रहे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच नीतियों के गहरे संकट पर आत्ममंथन करने के बजाय, अपनी हर पराजय का पूरा ठीकरा देश की संवैधानिक चुनावी व्यवस्था पर फोड़ देते हैं। इस पूरे राजनैतिक खेल में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी ईवीएम को एक बड़े वैश्विक खलनायक के रूप में पेश किया गया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक सुर में ‘वोट चोरी’ का एक ऐसा आक्रामक और संदेहास्पद नैरेटिव गढ़ा, जिसने आम मतदाताओं के मन में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास के बीज बोने की पुरजोर कोशिश की। राष्ट्रीय स्तर पर महीनों तक इस बात का माहौल बनाया गया कि यदि देश को वापस मतपत्र यानी पुरानी बैलेट पेपर प्रणाली के दौर में ले जाया जाए, तो लोकतंत्र का…
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।क्या है PMEGP योजना?प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा…
भारतीय लोकतंत्र का इतिहास वैचारिक असहमतियों, तीखे तर्कों और धारदार बहसों से समृद्ध रहा है। संसद से लेकर सड़क तक, देश ने दक्षिणपंथ से लेकर वामपंथ और क्षेत्रीय अस्मिताओं के बीच बड़े-बड़े वैचारिक द्वंद्व देखे हैं। लेकिन, अतीत में इन सभी बहसों की एक अंतर्निहित मर्यादा होती थी। राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे की नीतियों पर प्रहार करते थे, चरित्र और मर्यादाओं पर नहीं। दुर्भाग्य से, समकालीन राजनीति ने संवाद की उस समृद्ध परंपरा को हाशिए पर धकेल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी (“मोदी का बाप भी जाएगा”) और उसके बाद आज पूरे देश में मचा सियासी बवाल इसी कड़वी हकीकत की तस्दीक करता है। पटना के एक कार्यक्रम में सामने आए इस बयान ने न केवल एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, बल्कि यह सवाल भी नए सिरे से…
Supporting Student Journalist.
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