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पलक्कड़ (केरलम), पांच नवंबर केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के मादक पदार्थ रोधी अभियान में 30 लाख से अधिक लोग ‘तूफान वॉरियर्स’ के रूप में शामिल हुए हैं। सरकार…
नयी दिल्ली, पांच नवंबर उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धनशोधन के एक नए मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करने से इनकार कर…
वाशिंगटन, पांच नवंबर (एपी) अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए धुआंधार चुनावी सभाएं कीं और समर्थकों से यहां तक अपील की कि वे उन्हें ही उम्मीदवार मानकर मतदान करें,…
गुरुवार को लगातार चौथे दिन दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रही, जबकि राजधानी के आसमान…
बुधवार को मानसा में, नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार और ‘जॉइंट एक्शन कमिटी’ के सदस्यों के साथ पांच…
नयी दिल्ली, पांच नवंबर भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के एक कार्यक्रम के मद्देनजर इंदिरा गांधी स्टेडियम के आसपास की कई…
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा आज, गुरुवार शाम (5 नवंबर) को इंदिरा गांधी स्टेडियम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन…
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)…
देहरादून, चार नवंबर उत्तराखंड की बेशकीमती सरकारी जमीनों को मनमाने ढंग से निजी हाथों में सौंपने के कांग्रेस के आरोपों…
संगरूर/नयी दिल्ली, चार नवंबर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर…
गुवाहाटी, चार नवंबर असम पुलिस ने ‘म्यूल’ बैंक खातों के जरिये राज्य से संचालित एक वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश…
चंडीगढ़, चार नवंबर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को अपने पहले के आदेश में बदलाव करते हुए दलजीत…
नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने पिछली तिमाही के दौरान 569 निरीक्षण किए और दवाओं…
नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने बुधवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मसौदा मतदाता…
भुवनेश्वर, चार नवंबर ओडिशा सरकार ने गंजाम और कोरापुट जिलों में चक्रवात अर्नब और उसके बाद आई बाढ़ से प्रभावित…
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लोकतंत्र केवल सत्ता परिवर्तन की व्यवस्था नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं, नागरिक अधिकारों, जवाबदेही और सार्थक राजनीतिक संवाद की जीवंत प्रणाली है। इसकी मजबूती केवल सत्तारूढ़ दल की…
वेलिंगटन में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ जीतने के बाद, भारतीय तेज़ गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार ने चार साल…
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज फिन एलन ने माना कि भारत की आक्रामक बल्लेबाजी, खासकर अभिषेक शर्मा और वैभव…
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज फिन एलन ने कहा कि तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अभिषेक शर्मा और युवा…
पाकिस्तान के बैटिंग कोच माइक स्मिथ ने बाबर आज़म का समर्थन किया है। भले ही हाल के…
हरमनप्रीत कौर (121 गेंद में 126 रन) और दीप्ति शर्मा (86 गेंद में नाबाद 106 रन) के…
भारतीय महिला क्रिकेटर एस मेघना ने 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी प्रारूपों में खिलाड़ी…
भारतीय महाकाव्य ‘रामायण’ की परिकल्पना भगवान राम और रावण के बीच के महान युद्ध के बिना अधूरी है। लेकिन इस पौराणिक कथा के कैनवास को और अधिक विशाल और रोमांचक बनाते हैं वे अन्य शक्तिशाली योद्धा, जिनकी रणनीतियाँ और पराक्रम युद्ध का रुख तय करते हैं। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ में ऐसे ही एक सबसे खूंखार और पराक्रमी योद्धा- रावण के पुत्र मेघनाद (इंद्रजीत) की भूमिका को लेकर काफी चर्चा है। फिल्म के पहले भाग में अपनी सीमित लेकिन प्रभावशाली उपस्थिति से राघव जुयाल ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, और आने वाले दूसरे भाग में उनका यह किरदार कहानी का एक मुख्य केंद्र बनने जा रहा है।नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में राघव जुयाल ने मेघनाद का किरदार निभाया है। हालांकि पहले भाग में उनकी मौजूदगी सीमित है, लेकिन अपने दमदार रूप से उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उम्मीद है कि दूसरे…
घूमने-फिरने का असली मजा सर्दियों के मौसम में आता है। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर…
Hindi NewsCareerDRDO Pralay Missile Test | Assam Government Job Polygamy Ban Rules7 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं।नेशनल (NATIONAL)1. DRDO ने प्रलय’ मिसाइल की सफल टेस्टिंग की4 नवंबर को DRDO ने सतह-से-सतह पर मार करने वाली ‘प्रलय’ मिसाइल की सफल टेस्टिंग की।ये टेस्टिंग चांदीपुर के ओडिशा में की गई थी और इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन के सैन्य ठिकानों, एयरबेस, कमांड सेंटर और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाना है।इसकी मारक क्षमता लगभग 150 से 500 किमी है। ये मिसाइल हवा में ही अपना रास्ता बदल सकती है…
नयी दिल्ली, पांच नवंबर एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शुद्ध…
नयी दिल्ली, चार नवंबर कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और वित्तीय-प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कंपनियों पर…
नयी दिल्ली, चार नवंबर एयरलाइन कंपनियों को जल्द ही टिकाऊ विमान ईंधन (एसएएफ) का मिश्रण अनिवार्य रूप से शुरू करना…
(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, तीन नवंबर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत…
मुंबई, तीन नवंबर भारत में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान सोने की मांग सालाना आधार पर 29 प्रतिशत घटकर 162.5 टन…
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तारीखें अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन राज्य की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल अपने चरम पर पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के ठीक बाद, पार्टी के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी एक बड़े विस्फोट में बदल गई है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का एक साथ पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना केवल तीन विधायकों का इस्तीफा नहीं है, बल्कि यह भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक गहरा राजनीतिक और नैतिक झटका है। नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में 2 नवंबर 2026 को जिस तरह इन नेताओं…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था।’वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,…
देश के चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, सभी राजनीतिक दल व विश्लेषक परिणामों का अध्ययन करके उसके अपने-अपने लाभ-हानि के हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। लेकिन इस बार का यह चुनाव कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के साथ विशेषकर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द तलाश ना होगा। क्योंकि भाजपा को अन्य दलों से अलग मानते हुए किसी व्यक्ति या परिवार की जागीर की जगह संगठन को सर्वोपरि मानने वाला राजनीतिक दल माना जाता है और वैसे भी अंदरूनी गुटबाजी से दूर अनुशासन वाली पार्टी मानने का दावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा हमेशा सार्वजनिक रूप भी किया जाता है। लेकिन एमएलसी के चुनावों के परिणामों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की हॉट सीट वाराणसी, लखनऊ व महाराष्ट्र…
बचपन में घोर गरीबी को बेहद करीब से देखने वाले और जीवनयापन के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उनके सामने भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी गरीबी। करोड़ों लोगों के पास न पक्का मकान था, न बैंक खाता, न शौचालय, न रसोई गैस और न ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों को सरकारी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए गरीबी के अभिशाप से देश को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अब इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी मान रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट भारत की इसी परिवर्तनकारी यात्रा पर वैश्विक मुहर लगा रही है।विश्व बैंक की रिपोर्ट: 49.6 करोड़ लोगों की जिंदगी में बदलावविश्व बैंक की Poverty and Equity Brief, October 2026…
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं।भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है।इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है?अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी।WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदनWhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें:- EPFO…
भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों से एक अजीब और गहरी चिंताजनक परिपाटी देखने को मिल रही है। देश के राजनैतिक दल अपनी सांगठनिक कमजोरियों, जमीन से कटते जा रहे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच नीतियों के गहरे संकट पर आत्ममंथन करने के बजाय, अपनी हर पराजय का पूरा ठीकरा देश की संवैधानिक चुनावी व्यवस्था पर फोड़ देते हैं। इस पूरे राजनैतिक खेल में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी ईवीएम को एक बड़े वैश्विक खलनायक के रूप में पेश किया गया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक सुर में ‘वोट चोरी’ का एक ऐसा आक्रामक और संदेहास्पद नैरेटिव गढ़ा, जिसने आम मतदाताओं के मन में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास के बीज बोने की पुरजोर कोशिश की। राष्ट्रीय स्तर पर महीनों तक इस बात का माहौल बनाया गया कि यदि देश को वापस मतपत्र यानी पुरानी बैलेट पेपर प्रणाली के दौर में ले जाया जाए, तो लोकतंत्र का…
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।क्या है PMEGP योजना?प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा…
भारतीय लोकतंत्र का इतिहास वैचारिक असहमतियों, तीखे तर्कों और धारदार बहसों से समृद्ध रहा है। संसद से लेकर सड़क तक, देश ने दक्षिणपंथ से लेकर वामपंथ और क्षेत्रीय अस्मिताओं के बीच बड़े-बड़े वैचारिक द्वंद्व देखे हैं। लेकिन, अतीत में इन सभी बहसों की एक अंतर्निहित मर्यादा होती थी। राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे की नीतियों पर प्रहार करते थे, चरित्र और मर्यादाओं पर नहीं। दुर्भाग्य से, समकालीन राजनीति ने संवाद की उस समृद्ध परंपरा को हाशिए पर धकेल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी (“मोदी का बाप भी जाएगा”) और उसके बाद आज पूरे देश में मचा सियासी बवाल इसी कड़वी हकीकत की तस्दीक करता है। पटना के एक कार्यक्रम में सामने आए इस बयान ने न केवल एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, बल्कि यह सवाल भी नए सिरे से…
यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा महिला उद्यमी क्रेडिट योजना की जो मौखिक घोषणा की गई, उससे राज्य की औरतों में आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा निर्णायक कदम साबित होगा। दरअसल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना केवल सामाजिक सशक्तिकरण का विषय नहीं, बल्कि परिवार की समृद्धि, रोजगार सृजन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी प्रभावी माध्यम है।यदि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को “महिला उद्यमी क्रेडिट योजना 2026” के तहत एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की पहल प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह प्रदेश में महिला उद्यमिता को नई गति देने वाला कदम साबित हो सकती है। इस तरह की योजना का सबसे बड़ा लाभ उन महिलाओं को मिल सकता है, जो सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, हस्तशिल्प, छोटी दुकान, घरेलू उत्पाद निर्माण अथवा डिजिटल…
Supporting Student Journalist.
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