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आसमान में भारत की अब एक तीसरी आंख खुलने जा रही है। जिससे दुश्मन देशों की नींद उड़ गई है। इसरो यानी कि इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन आने वाले 4 सितंबर को अब एक बड़ा धमाका…
देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना में तेलंगाना के सिकंदराबाद कैंटोनमेंट स्थित सेना के अत्यधिक सुरक्षित परिसर से 12 हथियार, भारी मात्रा में गोलियां और नाइट-विजन उपकरण गायब होने…
किर्गिस्तान में पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजिशियान की मुलाकात के बाद अब अमेरिका की ओर से भी एक बड़ा बयान सामने आया है और यह बयान कुछ ऐसा है कि ईरान से अगर दोस्ती…
पालघर, दो सितंबर मीरा-भायंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस ने 139 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मेफेड्रोन और रसायनों की जब्ती…
नयी दिल्ली, दो सितंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक व्यक्ति की 20 साल पुरानी दोषसिद्धि यह कहते हुए रद्द…
नयी दिल्ली, दो सितंबर दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सूची में नाम शामिल कराने…
मुजफ्फरनगर (उप्र), दो सितंबर मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र के बेल्डा गांव में मेले के दौरान हुए विवाद और उसके बाद…
साहिबगंज, दो सितंबर झारखंड के साहिबगंज जिले में एक व्यक्ति से साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर 1.20 करोड़ रुपये…
भुवनेश्वर, दो सितंबर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से चुनावी रिकॉर्ड…
नागपुर, दो सितंबर महाराष्ट्र के नागपुर में बुधवार को एक कोयला खदान कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया। उस पर कार्यस्थल…
चंडीगढ़, दो सितंबर पंजाब पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को एक और पत्र लिखकर धनशोधन मामले से संबंधित पूरी और…
अहमदाबाद, दो सितंबर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को गुजरात सरकार को निर्देश दिया कि कथित जालसाजी के मामले…
जालना (महाराष्ट्र), दो सितंबर महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार शाम सरकार की ओर से उनसे मिलने…
भुवनेश्वर, दो सितंबर ओडिशा के उत्तरी हिस्से में बुधवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। सुवर्णरेखा नदी उफान पर…
देहरादून, दो सितंबर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता…
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भारत के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों, टाटा, बिरला, रिलायंस, अडानी, आदि को अपना व्यवसायिक साम्राज्य खड़ा करने में दशकों लग गए थे। इन समूहों को अपनी…
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम की श्रीलंका के…
क्रिकेटरों के रहने की व्यवस्था के स्टैंडर्ड को लेकर चिंताओं के बीच, फुल-मेंबर क्रिकेट बोर्ड ने अपने…
ऐसे समय में जबकि टीम की फॉर्म और निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं तब हरमनप्रीत कौर…
लॉर्ड्स में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन एक…
हॉकी इंडिया ने भारतीय महिला हॉकी टीम को एफआईएच हॉकी विश्व कप में ऐतिहासिक पांचवां स्थान हासिल…
बायर्न म्यूनिख और मैनचेस्टर सिटी ने अपनी राष्ट्रीय फुटबाल लीग में बड़ी जीत हासिल करके अपने अभियान…
गुजराती संगीत और फिल्म जगत के प्रसिद्ध संगीतकार गौरंग व्यास का कल देर रात अहमदाबाद में निधन हो गया। उनके निधन की खबर आते ही गुजरात के संगीत, फिल्म, साहित्य और कला समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। कई प्रमुख कलाकारों, गायकों, निर्माताओं और संगीत प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। व्यास, मशहूर गुजराती संगीतकार और कंपोज़र अविनाश व्यास के बेटे थे, जिन्होंने गुजराती फ़िल्मों और संगीत में अहम योगदान दिया था। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए, गौरंग व्यास ने परिवार की संगीत विरासत को आगे बढ़ाया और गुजराती संगीत उद्योग में अपनी अलग पहचान बनाई।उनके निधन को न केवल संगीत जगत के लिए, बल्कि गुजरात के व्यापक कला और साहित्य समुदाय के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।पीएम मोदी ने गौरंग व्यास को श्रद्धांजलि दीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर एक पोस्ट में व्यास के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने गुजराती…
क्या आप भी iPhone छोड़कर Android स्मार्टफोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो अब बिना किसी दिक्कत के मिनटों…
क्या आप भी एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल करते हैं? तो यह खबर आपके बेहद काम की है। दरअसल, एंड्रॉयड 6.0…
गाड़ी चलाना आज की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। रोज़ाना दफ्तर जाना हो, बच्चों को स्कूल छोड़ना…
New Delhi: Union Health and Family Welfare Minister JP Nadda is currently stable and has been admitted to the Department…
प्रेग्नेंसी के समय एक हेल्दी बच्चे के लिए जरूरी होता है कि महिलाएं अपनी डाइट में जरूरी पोषण को शामिल…
Mumbai: Wise minds will reconsider a blanket price cap on private hospital room rents once affordability is weighed against the…
Festival Diet Plan: रक्षाबंधन से पहले 2 किलो वजन घटाने का Formula, डिनर में अपनाएं ये Healthy Habits
सावन का महीना व्रत-त्योहारों से भरा हुआ है। हरियाली तीज से लेकर रक्षाबंधन पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता…
New Delhi: The Supreme Court on Thursday slammed the Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) over a delay…
Suneeta Reddy Warns Against Price Caps in Private Healthcare Amid Investment Concerns, ETHealthworld
New Delhi: Putting price controls on private healthcare could disincentivise investments in capacity creation and innovation, Apollo Hospitals Managing Director…
शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर…
दुश्मनों पर अब आसमान से कहर बरपाने की भारत की ताकत और बढ़ गई है। भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम ‘खगांतक-243’ का सफल परीक्षण किया है। 140 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने में सक्षम यह हथियार भारतीय लड़ाकू विमानों को दुश्मन के ठिकानों पर दूर से ही सटीक और घातक हमला करने की क्षमता देगा। भारतीय वायुसेना ने इस उपलब्धि को “Precision. Power. Pride” बताते हुए कहा है कि परीक्षण ने सभी निर्धारित उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। IAF के मुताबिक, यह भारतीय वायुसेना और भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर…
मुंबई, तीन सितंबर घरेलू शेयर बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी में तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद बृहस्पतिवार…
भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही की शुरुआत में अब तक मजबूती के संकेत दिए हैं, लेकिन…
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए सीधे हमलों ने दुनिया के ऊर्जा बाजार की चिंता…
देश की प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की अगस्त में कुल बिक्री सालाना आधार पर 21.3 प्रतिशत बढ़कर…
देश में हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर जल्द ही बड़ा असर पड़ सकता है। सरकारी तेल विपणन…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
Supporting Student Journalist.
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