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राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में देर रात एक बड़ी सुरक्षा चूक और आतंकी साजिश का मामला सामने आया है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर गांव…
मुंबई, चार नवंबर बहरीन से मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचे दो यात्रियों के पास से करीब 2.09 करोड़ रुपये मूल्य का 1.68 किलोग्राम सोना (सोने का बुरादा) बरामद किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह…
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, चार नवंबर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह मध्यावधि चुनाव के नतीजों को स्वीकार करते हैं। इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और गवर्नर पदों के प्रमुख मुकाबलों…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को…
रायपुर, तीन नवंबर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि खनिज संपदा का समुचित उपयोग कर राज्य…
जयपुर, तीन नवंबर राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे चरण के चुनाव के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति…
लखनऊ, तीन नवंबर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को कहा कि स्वतंत्र भारत में प्रत्येक व्यक्ति के…
(फोटो के साथ) अमरावती, तीन नवंबर आंध्र प्रदेश में मंगलवार को भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु के चलते कम से कम…
गुवाहाटी, तीन नवंबर असम सरकार ने इस साल की शुरुआत में शिवसागर और चराईदेव जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के…
रुद्रपुर (उत्तराखंड), तीन नवंबर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के कई सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में…
पुरी, तीन नवंबर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को पुरी में 1,500 करोड़ रुपये…
लखनऊ, तीन नवंबर लखनऊ में जलवायु शिखर सम्मेलन में विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने मंगलवार को भूजल की कमी, मिट्टी की…
देहरादून, तीन नवंबर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार शाम नयी दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के दूसरे चरण में प्रदूषण रोधी उपायों…
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लोकतंत्र केवल सत्ता परिवर्तन की व्यवस्था नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं, नागरिक अधिकारों, जवाबदेही और सार्थक राजनीतिक संवाद की जीवंत प्रणाली है। इसकी मजबूती केवल सत्तारूढ़ दल की…
पाकिस्तान के बैटिंग कोच माइक स्मिथ ने बाबर आज़म का समर्थन किया है। भले ही हाल के…
हरमनप्रीत कौर (121 गेंद में 126 रन) और दीप्ति शर्मा (86 गेंद में नाबाद 106 रन) के…
भारतीय महिला क्रिकेटर एस मेघना ने 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी प्रारूपों में खिलाड़ी…
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान दीप्ति शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपनी नयी जिम्मेदारी…
सीआईएसएफ में खेल के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर…
ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी तेज गेंदबाज मेगन शट को दवा के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन नहीं…
बॉलीवुड के ‘दबंग’ अभिनेता सलमान खान अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ (Matrubhoomi: May War Rest in Peace) को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। इसी कड़ी में अब फिल्म का एक और नया और धमाकेदार गाना ‘तेरी सेक्सी ब्यूटी’ आधिकारिक तौर पर रिलीज़ कर दिया गया है। इस गाने में सलमान खान के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह की एक नई और फ्रेश जोड़ी देखने को मिल रही है, जिसमें दोनों कलाकार बेहद रोमांटिक अंदाज़ में स्क्रीन साझा करते नज़र आ रहे हैं। इस गाने की सबसे खास बात यह है कि खुद सलमान खान ने इसके लिए प्लेबैक सिंगिंग की है, जिसे सुनकर उनके फैंस बेहद उत्साहित हैं। सलमान ने इस गाने के लिए प्लेबैक सिंगिंग लगभग 11 साल बाद उन्होंने किसी फिल्म के लिए फिर से गाना गाया है।’मातृभूमि’ का गाना ‘तेरी सेक्सी ब्यूटी’ रिलीज़ हो गया हैहाल ही में रिलीज़ हुए गाने ‘तेरी…
फेस्टिव सीजन चल रहा है। अगर आप भी दिवाली और धनतेरस के मौके पर माता लक्ष्मी के मंदिरों…
Hindi NewsCareerMars Meteorite Sahara Desert Found | India US Tiger Triumph 2026 Begins17 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं।नेशनल (NATIONAL)1.पीएम मोदी ने पुणे मेट्रो का उद्घाटन किया3 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुणे मेट्रो की करीब ₹21,800 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।इसमें ₹8,300 करोड़ से ज्यादा की लागत से बनी पुणे मेट्रो की लाइन-3 (पिंक लाइन) का उद्घाटन किया।इसमें लगभग 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन महाराष्ट्र के मान से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक जाएगी और इसका संचालन पूरी तरह महिला…
नयी दिल्ली, चार नवंबर रियल एस्टेट कंपनी एम्बेसी डेवलपमेंट्स लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही…
दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने दवा बनाने में इस्तेमाल होने…
नयी दिल्ली, तीन नवंबर शोध प्रकाशनों के मामले में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र शीर्ष तीन राज्यों के रूप में…
भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लागू करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की है। इस…
इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विली वॉल्श ने सोमवार को कहा कि विमानन कंपनी फिलहाल ईंधन की कीमतों में…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था।’वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,…
देश के चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, सभी राजनीतिक दल व विश्लेषक परिणामों का अध्ययन करके उसके अपने-अपने लाभ-हानि के हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। लेकिन इस बार का यह चुनाव कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के साथ विशेषकर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द तलाश ना होगा। क्योंकि भाजपा को अन्य दलों से अलग मानते हुए किसी व्यक्ति या परिवार की जागीर की जगह संगठन को सर्वोपरि मानने वाला राजनीतिक दल माना जाता है और वैसे भी अंदरूनी गुटबाजी से दूर अनुशासन वाली पार्टी मानने का दावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा हमेशा सार्वजनिक रूप भी किया जाता है। लेकिन एमएलसी के चुनावों के परिणामों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की हॉट सीट वाराणसी, लखनऊ व महाराष्ट्र…
बचपन में घोर गरीबी को बेहद करीब से देखने वाले और जीवनयापन के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उनके सामने भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी गरीबी। करोड़ों लोगों के पास न पक्का मकान था, न बैंक खाता, न शौचालय, न रसोई गैस और न ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों को सरकारी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए गरीबी के अभिशाप से देश को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अब इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी मान रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट भारत की इसी परिवर्तनकारी यात्रा पर वैश्विक मुहर लगा रही है।विश्व बैंक की रिपोर्ट: 49.6 करोड़ लोगों की जिंदगी में बदलावविश्व बैंक की Poverty and Equity Brief, October 2026…
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं।भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है।इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है?अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी।WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदनWhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें:- EPFO…
भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों से एक अजीब और गहरी चिंताजनक परिपाटी देखने को मिल रही है। देश के राजनैतिक दल अपनी सांगठनिक कमजोरियों, जमीन से कटते जा रहे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच नीतियों के गहरे संकट पर आत्ममंथन करने के बजाय, अपनी हर पराजय का पूरा ठीकरा देश की संवैधानिक चुनावी व्यवस्था पर फोड़ देते हैं। इस पूरे राजनैतिक खेल में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी ईवीएम को एक बड़े वैश्विक खलनायक के रूप में पेश किया गया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक सुर में ‘वोट चोरी’ का एक ऐसा आक्रामक और संदेहास्पद नैरेटिव गढ़ा, जिसने आम मतदाताओं के मन में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास के बीज बोने की पुरजोर कोशिश की। राष्ट्रीय स्तर पर महीनों तक इस बात का माहौल बनाया गया कि यदि देश को वापस मतपत्र यानी पुरानी बैलेट पेपर प्रणाली के दौर में ले जाया जाए, तो लोकतंत्र का…
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।क्या है PMEGP योजना?प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा…
भारतीय लोकतंत्र का इतिहास वैचारिक असहमतियों, तीखे तर्कों और धारदार बहसों से समृद्ध रहा है। संसद से लेकर सड़क तक, देश ने दक्षिणपंथ से लेकर वामपंथ और क्षेत्रीय अस्मिताओं के बीच बड़े-बड़े वैचारिक द्वंद्व देखे हैं। लेकिन, अतीत में इन सभी बहसों की एक अंतर्निहित मर्यादा होती थी। राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे की नीतियों पर प्रहार करते थे, चरित्र और मर्यादाओं पर नहीं। दुर्भाग्य से, समकालीन राजनीति ने संवाद की उस समृद्ध परंपरा को हाशिए पर धकेल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी (“मोदी का बाप भी जाएगा”) और उसके बाद आज पूरे देश में मचा सियासी बवाल इसी कड़वी हकीकत की तस्दीक करता है। पटना के एक कार्यक्रम में सामने आए इस बयान ने न केवल एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, बल्कि यह सवाल भी नए सिरे से…
यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा महिला उद्यमी क्रेडिट योजना की जो मौखिक घोषणा की गई, उससे राज्य की औरतों में आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा निर्णायक कदम साबित होगा। दरअसल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना केवल सामाजिक सशक्तिकरण का विषय नहीं, बल्कि परिवार की समृद्धि, रोजगार सृजन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी प्रभावी माध्यम है।यदि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को “महिला उद्यमी क्रेडिट योजना 2026” के तहत एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की पहल प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह प्रदेश में महिला उद्यमिता को नई गति देने वाला कदम साबित हो सकती है। इस तरह की योजना का सबसे बड़ा लाभ उन महिलाओं को मिल सकता है, जो सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, हस्तशिल्प, छोटी दुकान, घरेलू उत्पाद निर्माण अथवा डिजिटल…
विपरीत वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद दुनिया भर की रेटिंग संस्थाओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था को गतिमान स्वीकार करते हुए वैश्विक औसत से लगभग दो गुणी विकास दर रहने की संभावना जताई है। यह इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि वैश्विक परिस्थितियों में कहीं और किसी तरह का सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। ईरान-अमेरिका युद्ध हो या रूस-यूक्रेन युद्ध हो या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तानाशाही पूर्ण तुगलकी निर्णय हो या कच्चे तेल के भावों में बेतहासा बढ़ोतरी और हार्मुज का संकट हालात समूचे विश्व में विकट से विकटतर बने हुए हैं। अब तो फ्रांस के हालात भी बिगड़ते जा रहे हैं तो उसका असर जहां योरोप में दिखाई देगा वहीं भारत में भी हालात को प्रभावित करने के कतिपय प्रयास जारी है। अच्छी बात यह है कि देश-दुनिया के गंभीर हालातों के बावजूद आर्थिक क्षेत्र की दुनिया की लगभग सभी रेटिंग संस्थाओं ने इंडियन इकोनोमी की ग्रोथ रेट को…
Supporting Student Journalist.
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