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राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लुका-छिपी का खेल देखने को मिला, जब कुछ लोग सार्वजनिक शौचालय में छिप गए जबकि कुछ अन्य ने…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को भारतीय मूल की दक्षिण अफ़्रीकी कानूनविद नवी पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने के फ़ैसले की आलोचना जारी रखी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए…
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि मॉस्को, ईरान को अमेरिका-इज़राइल के साथ चल रहे क्षेत्रीय विवाद को सुलझाने में मदद करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करने को तैयार है। उन्होंने तुर्कमेनिस्तान में…
केंद्र सरकार ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को ‘फ्लाईदुबई’ (flyDubai) की एक फ़्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर…
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस-112) की शुरूआत करते हुए कहा कि…
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को दिल्ली में युवाओं की हिरासत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा…
चंदौली जिले में जनसेवा केंद्र के एक कर्मचारी से करीब छह लाख रुपये लूटने के आरोप में चार लोगों को…
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके की दादी का शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली ज़िले के संटुक पिंपरी गाँव…
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को चेन्नई का दौरा करेंगे और 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत…
आंदोलनजीवी शब्द आखिर आया कहाँ से और यह किसी आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ में कैसे दर्ज हो गया? यह तीखा सवाल…
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले शनिवार को दिल्ली पुलिस ने ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई)…
(छठे पैरा में नाम ठीक करते हुए) ठाणे, 10 अक्टूबर महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक सरकारी आश्रम स्कूल के…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ दोपहर के भोजन पर…
वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी…
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हिमालय केवल पर्वतों की एक शृंखला नहीं है, वह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक आस्था और प्राकृतिक जीवन का आधार है। उसकी चोटियों में तप की…
एक बड़ी खबर यह है कि WCL (वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ़ लेजेंड्स) में पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट के…
ब्राजील के खिलाफ 0-4 की हार के बाद अब भारत का सामना 2 बार विश्व कप जीत…
(कुशान सरकार) नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारतीय चयनकर्ता न्यूजीलैंड के आगामी दौर के लिए भारत की तीन…
जापान में हुए 2026 एशियन गेम्स के पुरुष T20 क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान को हराकर…
शनिवार को न्यू चंडीगढ़ में खेली गई सीरीज़ के तीसरे और आखिरी वनडे इंटरनेशनल (ODI) मैच में…
30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होने वाले 2026 हांगकांग सिक्सस टूर्नामेंट के लिए भारत एक मज़बूत…
अजय देवगन की अपराध आधारित रोमांचक श्रृंखला की अंतिम कड़ी ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ ने सिनेमाघरों में अपनी शानदार रफ्तार बरकरार रखते हुए एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। यह फिल्म वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल हो गई है। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस श्रृंखला की तीसरी और अंतिम कड़ी दो अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे काफी हद तक सकारात्मक समीक्षाएं मिली हैं। समीक्षकों ने इसके कलाकारों के अभिनय, रोमांच और कहानी में आने वाले अप्रत्याशित मोड़ों की विशेष रूप से सराहना की है। फिल्म में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर की भूमिका में नजर आए हैं, जो एक बार फिर कानून के साथ आंख-मिचौली के खेल में उलझ जाता है। फिल्म ने अपनी रिलीज के पहले सप्ताहांत में शानदार शुरुआत की और महज चार दिनों में 300 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया। निर्माताओं…
The government is considering amending the medical devices rules to make it easier for regulators to stop the manufacture and…
Mumbai: Alzheimer’s cases in India could be up to five times higher than the projected number, as most cases go…
आज यानी 21 सितंबर 2026 को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। दरअसल, अल्जाइमर एक ऐसी प्रगतिशील न्यूरोलॉजिकल बीमारी है,…
New Delhi: Union Minister of State for Health Anupriya Patel on Monday said the Centre has approved the Biovigilance Programme…
आजकल खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण बीमारियों की समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। धूम्रपान को फेफड़ों की…
बढ़ती उम्र के साथ भूलना एक आम समस्या है। जैसे हम किसी का नाम भूल जाते हैं, गाड़ी की चाबी…
नवरात्रि का पर्व शुरु होते ही दिल्ली में हर जगह रामलीला कार्यक्रम शुरु हो जाता है। हर जगह…
भारतवर्ष पर्वों और उत्सवों की पावन भूमि है। यहाँ मनाए जाने वाले सभी त्योहारों का अपना एक विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इन सभी पर्वों में शारदीय नवरात्र का स्थान अत्यंत विशिष्ट और पवित्र माना गया है। नव का अर्थ है 9 और रात्रि का अर्थ है रातों का समूह। यह 9 रातों और 10 दिनों का एक ऐसा पावन समय है जब संपूर्ण ब्रह्मांड में आदि शक्ति माँ भगवती की विशेष कृपा बरसती है। नवरात्र केवल एक साधारण व्रत या उत्सव मात्र नहीं है, बल्कि यह मानव मन और आत्मा की शुद्धि तथा दैवीय शक्ति के संचय का…
भारत में त्योहारी सीजन का समय हमेशा से परिवारों के लिए बड़ी खरीदारी करने का सबसे पसंदीदा मौका…
अमेरिका में काम कर रहे भारतीय तकनीकी पेशेवरों के भविष्य को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच जोहो के संस्थापक श्रीधर…
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि उपग्रह संचार (सैटकॉम) सेवाएं गृह मंत्रालय से…
मुंबई, आठ अक्टूबर कच्चे तेल के दाम में तेजी, मौद्रिक नीति और सख्त होने की आशंका में घरेलू शेयर बाजार…
नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने की समयसीमा 15 अक्टूबर से बढ़ाकर एक जनवरी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढ़ाई दशक की अनवरत राजनीतिक नेतृत्व यात्रा के दौरान लिए गए एक से एक चौंकाने वाले फैसलों ने मोदी को मोदी बनाया है। आज मोदी विश्व के सर्वाधिक भरोसेमंद नेताओं में से एक है। सामने वाले को भी यह भय सताये रहता है कि पता नहीं मोदी क्या स्टेंड लेकर क्या का क्या कर ड़ालेंगे। यही कारण है कि चाहे डोनाल्ड ट्रम्प हो, पुतिन हो या फिर शी जिंनपिंग हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हल्के में नहीं ले पाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी के आगे भारत नहीं झुका है तो रुस से कच्चे तेल का आयात जारी है। मालदीव का उदाहरण सामने है जब नरेन्द्र मोदी ने भारत के द्वीप पर केवल कुर्सी लगाकर बैठकर ही मालदीव का हिला कर रख दिया। देश में भी गुजरात के मुख्यमंत्री के रुप में करीब 13 साल और देश के प्रधानमंत्री के रुप…
स्टारलिंक की भारत में एंट्री का रास्ता साफ होता नहीं दिख रहा, तो एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर हमला करने का नया तरीका खोज लिया है। पहले अंबानी को भारत का ‘असली बॉस’ बताया और अब उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ कहकर तंज कस दिया। लेकिन मस्क साहब, जरा ठहरिए! यह सिर्फ मुकेश अंबानी पर कटाक्ष नहीं है, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री पद को भी एक कारोबारी विवाद में घसीटने की कोशिश है। प्रधानमंत्री का पद किसी उद्योगपति की जागीर नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का प्रतीक है। ऐसे में अपनी कंपनी के हितों के लिए इस पद पर तंज कसना आखिर किस तरह की कारोबारी शालीनता है? सवाल यह भी है कि भारत में अपनी शर्तें मनवाने के लिए मस्क इतने उतावले क्यों हैं कि उन्हें अब देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा का भी ख्याल नहीं रहा?हम आपको बता दें कि एलन मस्क का…
भारतीय चुनावी राजनीति में इन दिनों EVM बनाम बैलेट पेपर की बहस फिर तेज है। विपक्षी दलों का एक वर्ग लगातार मांग कर रहा है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह पुराने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। हाल में INDIA ब्लॉक ने भी बैलेट पेपर की वापसी की मांग दोहराई है और चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज किया है। लेकिन इस बहस के बीच एक असहज सवाल विपक्ष से भी पूछा जाना चाहिए कि अगर बैलेट पेपर ही चुनावी निष्पक्षता की गारंटी है, तो हाल में बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों की व्याख्या विपक्ष किस तरह करेगा?हम आपको बता दें कि असम के सिलचर में 3 अक्टूबर को नगर निगम के पहले चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान हुआ। परिणाम में भाजपा ने 42 में से 32 सीटें जीतीं और उसकी सहयोगी असम गण परिषद ने दो सीटें हासिल कीं। कांग्रेस को केवल…
पहाड़ की राजनीति में वैसे तो मौसम कब करवट ले ले, कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस बार कांग्रेस के भीतर का मौसम कुछ ज्यादा ही बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ भाजपा लगातार संगठन को चुनावी मोड में ले जा रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस अपने ही घर की उठापटक से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही है। इस पूरी कहानी के केंद्र में एक बार फिर वही पुराने चेहरे हरीश रावत हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार सवाल यह है कि लगातार चुनावी पराजयों के बाद भी कांग्रेस आखिर बार-बार उन्हीं पर दांव क्यों लगाये? और क्या अब भी उनके पास उत्तराखंड की राजनीति को निर्णायक रूप से प्रभावित करने की उतनी ही ताकत बची है?हम आपको बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर साफ संदेश दिया है कि चुनावी राज्य में किसी एक नेता का…
दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य में शक्ति संतुलन तेजी से करवट बदल रहा है। पिछले कुछ समय में चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा और सामरिक सहयोग जिस आक्रामकता के साथ आगे बढ़ा है, उसने नई दिल्ली के सुरक्षा गलियारों में खतरे की घंटी बजा दी है। हाल ही में चीन द्वारा पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक स्टेल्थ लड़ाकू विमान, विशेष रूप से जे-35 और जे-31 की आपूर्ति करने की खबरें और पाकिस्तानी पायलटों की चीनी वायुसेना के साथ बढ़ती संयुक्त ट्रेनिंग महज एक द्विपक्षीय सैन्य सौदा नहीं है। यह भारत की संप्रभुता, हवाई श्रेष्ठता और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए एक सीधी और गंभीर चुनौती है। भारतीय वायुसेना के नेतृत्व ने भी इस उभरते खतरे को खुले तौर पर स्वीकार किया है। आज भारत के सामने सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि वह एक तरफ घटती हुई लड़ाकू विमानों की स्क्वाड्रन क्षमता और दूसरी तरफ “टू-फ्रंट वॉर” (दो…
वर्तमान समय में कांग्रेस पार्टी जहां एक ओर अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए चुनाव आयोग व देश की अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर हमलावर है वहीं दूसरी ओर उसके तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हिंदू देवी देवताओें का विभाजन करके कांग्रेस की बांटो और राज करो की नीति को आगे बढ़ाकर राजनैतिक माहौल को गर्म कर दिया है। दक्षिण का राज्य तेलंगाना कांग्रेस के शासन में आर्थिक तंगी व भ्रष्टाचार से गुजर रहा है। अपनी प्रशासनिक नाकामियों तथा चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम रहने व मुस्लिम तुष्टिकरण को छुपाने के लिए रेवंत रेड्डी ने प्रभु श्रीराम को उत्तर और भगवान शिव को दक्षिण का देवता बताकर एक नयी विभाजक रेखा खींचने का असफल प्रयास किया है। उत्तर भारत में अपने अस्तित्व का संघर्ष करती कांग्रेस अब विभाजनकारी मानसिकता के सबसे निचले पायदान पर पहुँच गयी लगती है।तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इससे पूर्व भी कई विवादित…
फ्लाईदुबई की एक उड़ान में संकट टालने वाले कप्तान स्मित मच्छर का नाम सामने आया तो उनकी बहादुरी के साथ उनके अनोखे उपनाम ने भी लोगों का ध्यान खींचा। ‘मच्छर’ नाम सुनकर भले ही पहले उड़ने वाले कीट की तस्वीर सामने आए, लेकिन यहां बात एक ऐसे पायलट की है, जिसने 9/11 जैसे आतंकी हमले को घटित होने से रोका और सभी विमान यात्रियों की जान बचाई। स्मित मच्छर नाम ने गुजरात के उन अनोखे उपनामों की कहानी भी सामने ला दी, जिनमें पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों के नाम पीढ़ियों से लोगों की पहचान बने हुए हैं।हम आपको बता दें कि गुजराती समाज में विशेषकर कुछ नागर ब्राह्मण, ब्रह्मक्षत्रिय और लोहाना समुदायों में पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों से जुड़े कई उपनाम मिलते हैं। इनमें घोड़ा, मांकड़ यानी खटमल, मांकड़ी यानी बड़ी चींटी, पोपट यानी तोता, विंछी यानी बिच्छू, शियाल यानी सियार, तीतर और हाथी जैसे उपनाम शामिल हैं। यानी एक ही सामाजिक…
दुकानों पर अक्सर एक बोर्ड लगा दिखाई देता है- “बिका हुआ माल वापस नहीं होगा”, “No Return, No Exchange” या “No Refund”। ऐसे बोर्ड देखकर कई ग्राहक मान लेते हैं कि सामान में खराबी निकलने पर भी दुकानदार उसे वापस लेने, बदलने या पैसा लौटाने के लिए बाध्य नहीं है। लेकिन यह बात पूरी तरह सही नहीं है।भारत में उपभोक्ताओं को Consumer Protection Act, 2019 के तहत कई अधिकार मिले हैं। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के उपभोक्ता हैंडबुक में भी स्पष्ट किया गया है कि “Goods once sold will not be taken back”, “No exchange” या “No refund under any circumstances” जैसे बोर्ड अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आ सकते हैं और ऐसे बोर्ड अपने आप उपभोक्ता के कानूनी अधिकार खत्म नहीं कर देते।क्या दुकानदार हर सामान वापस लेने के लिए बाध्य है?यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। केवल इसलिए कि ग्राहक ने सामान खरीदने…
देश में बैंकिंग सुविधाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) आज दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत बिना बैंक खाता रखने वाले लोगों को जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खोलने की सुविधा दी जाती है। इसके साथ ही पात्र खाताधारकों को 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा समेत कई अन्य लाभ मिल सकते हैं।वित्त मंत्रालय की ताजा जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2026 तक देश में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 59.15 करोड़ खाते खोले जा चुके थे। इससे पहले 19 अगस्त 2026 तक खातों की संख्या 59.09 करोड़ दर्ज की गई थी।क्या है प्रधानमंत्री जन धन योजना?प्रधानमंत्री जन धन योजना को 28 अगस्त 2014 को राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन के रूप में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य बैंकिंग सुविधा से वंचित लोगों को बचत खाता, बीमा, पेंशन, ऋण और…
सड़क पर यातायात नियम तोड़कर चालान कटवाना आसान है, लेकिन अब उसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लंबित ई-चालानों की वसूली के लिए ऐसा तंत्र बनाने की जरूरत बताई है, जिससे नियम तोड़ने वालों को जुर्माना चुकाने के लिए मजबूर होना पड़े। अदालत ने यहां तक सुझाव दिया कि बकाया यातायात चालान को बिजली बिल से जोड़ दिया जाए। बिजली का बिल नहीं चुकाने पर जिस तरह बिजली काटने की कार्रवाई होती है, उसी तरह चालान की वसूली सुनिश्चित करने का रास्ता खोजने की बात अदालत ने कही।न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने साफ कहा कि केवल हजारों-लाखों ई-चालान काटते रहना पर्याप्त नहीं है। असली सवाल जुर्माने की वसूली का है। अदालत के सामने रखे आंकड़ों के मुताबिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में करीब 45 हजार करोड़ रुपये के ई-चालान जारी किए गए हैं, जिनमें लगभग 25 हजार करोड़…
Supporting Student Journalist.
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