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सिंगापुर, आठ नवंबर थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने रविवार को बैंकॉक में ‘अमेजिंग थाईलैंड ग्रैंड दिवाली फेस्टिवल 2026’ का उद्घाटन किया। माना जा रहा है कि महीने भर चलने वाले इस उत्सव में भारतीय संस्कृति…
काहिरा, आठ नवंबर (एपी) मिस्र में रविवार को दो ट्रेनों के बीच हुई टक्कर में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और लगभग 90 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।…
बेंगलुरु, आठ नवंबर कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सरकार द्वारा की गई मूल्य वृद्धि के विरोध में और इसे वापस लेने की मांग को लेकर 11 नवंबर को यहां फ्रीडम पार्क में दिनभर…
पुणे, आठ नवंबर पुणे के येरवडा इलाके में विवाद के बाद अपने दोस्त पर कथित तौर पर तेजाब फेंकने वाले…
चेन्नई, आठ नवंबर दीपावली के त्योहार के दौरान तमिलनाडु में अलग-अलग हादसों में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि…
बेंगलुरु, आठ नवंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने रविवार को कहा कि पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण बढ़ाए…
नयी दिल्ली, आठ नवंबर नौ नवंबर की तारीख इतिहास में उत्तराखंड के स्थापना दिवस के तौर पर दर्ज है। पृथक…
गोरखपुर, आठ नवंबर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र की ईस्टर्नपुर कॉलोनी में एक वित्त कंपनी के…
चंडीगढ़, आठ नवंबर पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से वांछित गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ आफरीदी को 10 महीने तक…
नयी दिल्ली, आठ नवंबर रविवार को शाम छह बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार…
ठाणे, आठ नवंबर महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने वर्ष 2008 में दंगा और मारपीट करने के मामले में…
हासन, आठ नवंबर केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने रविवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक के हासन जिले में अधिकारी…
हरिद्वार, आठ नवंबर वार्षिक रखरखाव कार्य के लिए 18 दिनों तक बंद रखा गया गंगा नदी का जल प्रवाह बहाल…
नयी दिल्ली, आठ नवंबर कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान को लेकर उन पर निशाना…
भुवनेश्वर, आठ नवंबर ओडिशा के जंगल से दो महीने पहले बचाए गए पांच ओरंगुटान पर अपना मालिकाना हक साबित करने…
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम और दलित वोटों को लेकर नई सियासी गोलबंदी की कोशिश तेज हो गई है।…
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना ने आईसीसी की ताजा महिला एकदिवसीय बल्लेबाजी रैंकिंग…
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है और अब वह करीब…
फ्रेंचाइज़ी ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को पुष्टि की कि भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह दिल्ली कैपिटल्स…
भारतीय बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले ज़िम्बाब्वे के…
ICC ने बताया है कि 12 दिन पहले बैलेट शुरू होने के बाद से ICC पुरुष क्रिकेट…
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मंगलवार को कहा है कि उसे 12 दिन पहले 2027 विश्व कप…
बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा देओल एक बार फिर इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई हैं। इस बार वजह उनका हाल ही में सामने आया एक नया वीडियो है, जिसे देखकर फैंस हैरान भी हैं और काफी खुश भी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में ईशा देओल अपने पूर्व पति और बिजनेसमैन भरत तख्तानी के साथ पैपराजी के सामने पोज देती नजर आ रही हैं। अलग होने के बाद दोनों को इस तरह साथ देखकर हर कोई उन्हें देखता रह गया।लुक की बात करें तो ईशा बेबी पिंक कलर की सीक्विन साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थीं, जबकि भरत क्रीम रंग के बंदगला सूट में काफी हैंडसम दिखे। दोनों ने पैपराजी के सामने एक साथ खड़े होकर मुस्कुराते हुए कई तस्वीरें खिंचवाईं। दोनों के बीच की बॉन्डिंग देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।View this post on InstagramA post shared by Zoom TV (@zoomtv)इसे भी पढ़ें:…
आज के समय में लोग भागदौड़ वाली जिंदगी से दूर कुछ समय सुकून पाना चाहते हैं। ऑफिस के…
Hindi NewsCareerCanva Layoffs | Employees Get MacBook, Healthcare & Severance Package11 मिनट पहलेकॉपी लिंकऑनलाइन डिजाइन और पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म विदेशी कंपनी कैनवा ने अपने वर्कफोर्स में 22% से ज्यादा की कटौती का ऐलान किया है। कंपनी के इस फैसले से कम से कम 1,271 कर्मचारियों की नौकरी जाएगी। हो सकता है कंपनी में उनका रोल बदले या फिर उन्हें सेंट्रल हब्स में रिलोकेट किया जाए। अब कंपनी अपनी टीम को छोटा करके उसे अधिक जिम्मेदारी देना चाहती है।कैनवा की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) ने कर्मचारियों को भेजे एक नोट में बताया कि इस कंपनी की ग्रोथ एक दशक में पहली बार…
त्योहारों के दौरान बाजारों में दूध, मिठाई, पनीर और घी की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में…
भारत की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) अब कच्चे तेल और रसोई गैस की ढुलाई के…
मुंबई, आठ नवंबर मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने रविवार को विशेष मुहूर्त कारोबार सत्र की शुरुआत मजबूत रुख के…
भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापार समझौते को दोनों देशों के कारोबार के लिए बड़ी उपलब्धि माना गया था।…
नयी दिल्ली, दो नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को निवेशकों से भारत में निवेश करने का आह्वान करते हुए…
भारत केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि एक जीवंत सनातन सांस्कृतिक चेतना है। इस चेतना की अभिव्यक्ति हमारे पर्वों, उत्सवों और त्योहारों में होती है। दीपावली, जो अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय का शाश्वत संदेश देती है, वह महज एक कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की सामूहिक आस्था का प्रतीक है। लेकिन हाल के वर्षों में, विशेषकर समकालीन राजनीतिक परिदृश्य में, देश के इन पावन त्योहारों को लेकर एक नई और चिंताजनक स्क्रिप्ट लिखी जा रही है। इस स्क्रिप्ट के केंद्र में है—बहुसंख्यक समाज की आस्था को कठघरे में खड़ा करना, सनातन परंपराओं पर चयनात्मक प्रतिबंध थोपना और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर सांस्कृतिक प्रतीकों का राजनीतिकरण करना। इस चौतरफा वैचारिक हमले के बीच, भारतीय जनता पार्टी और हिंदुत्व की विचारधारा आज केवल एक राजनीतिक दल या विमर्श की आवाज नहीं, बल्कि सदियों से दबाई गई बहुसंख्यक समाज की सांस्कृतिक अस्मिता और आत्मगौरव की ढाल बनकर…
त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, सांसों में जहर घोलने के लिए नहीं। दीपावली प्रकाश, प्रसन्नता, उल्लास और मंगलकामना का पर्व है, लेकिन यदि उत्सव की चमक के पीछे आसमान धुएं से भर जाए, बच्चों और बुजुर्गों का दम घुटने लगे तथा आम आदमी स्वच्छ हवा के लिए तरसने लगे तो हमें अपनी उत्सव परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों पर गंभीरता से विचार करना होगा। विडंबना यह है कि आज प्रदूषण जैसी जीवन-मरण की समस्या पर भी राजनीति का धुआं छाने लगा है। जब लोगों की सांसें संकट में हों, तब धर्म, जाति और राजनीतिक विचारधाराओं के चश्मे से समस्या को देखना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का प्रमाण भी है। अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा ने पटाखों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने पर्यावरण अनुकूल दीपावली अभियान में उनका वीडियो जारी किया, लेकिन राजनीतिक…
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तारीखें अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन राज्य की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल अपने चरम पर पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के ठीक बाद, पार्टी के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी एक बड़े विस्फोट में बदल गई है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का एक साथ पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना केवल तीन विधायकों का इस्तीफा नहीं है, बल्कि यह भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक गहरा राजनीतिक और नैतिक झटका है। नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में 2 नवंबर 2026 को जिस तरह इन नेताओं…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था।’वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,…
देश के चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, सभी राजनीतिक दल व विश्लेषक परिणामों का अध्ययन करके उसके अपने-अपने लाभ-हानि के हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। लेकिन इस बार का यह चुनाव कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के साथ विशेषकर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द तलाश ना होगा। क्योंकि भाजपा को अन्य दलों से अलग मानते हुए किसी व्यक्ति या परिवार की जागीर की जगह संगठन को सर्वोपरि मानने वाला राजनीतिक दल माना जाता है और वैसे भी अंदरूनी गुटबाजी से दूर अनुशासन वाली पार्टी मानने का दावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा हमेशा सार्वजनिक रूप भी किया जाता है। लेकिन एमएलसी के चुनावों के परिणामों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की हॉट सीट वाराणसी, लखनऊ व महाराष्ट्र…
बचपन में घोर गरीबी को बेहद करीब से देखने वाले और जीवनयापन के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उनके सामने भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी गरीबी। करोड़ों लोगों के पास न पक्का मकान था, न बैंक खाता, न शौचालय, न रसोई गैस और न ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों को सरकारी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए गरीबी के अभिशाप से देश को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अब इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी मान रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट भारत की इसी परिवर्तनकारी यात्रा पर वैश्विक मुहर लगा रही है।विश्व बैंक की रिपोर्ट: 49.6 करोड़ लोगों की जिंदगी में बदलावविश्व बैंक की Poverty and Equity Brief, October 2026…
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं।भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है।इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है?अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी।WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदनWhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें:- EPFO…
भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों से एक अजीब और गहरी चिंताजनक परिपाटी देखने को मिल रही है। देश के राजनैतिक दल अपनी सांगठनिक कमजोरियों, जमीन से कटते जा रहे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच नीतियों के गहरे संकट पर आत्ममंथन करने के बजाय, अपनी हर पराजय का पूरा ठीकरा देश की संवैधानिक चुनावी व्यवस्था पर फोड़ देते हैं। इस पूरे राजनैतिक खेल में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी ईवीएम को एक बड़े वैश्विक खलनायक के रूप में पेश किया गया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक सुर में ‘वोट चोरी’ का एक ऐसा आक्रामक और संदेहास्पद नैरेटिव गढ़ा, जिसने आम मतदाताओं के मन में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास के बीज बोने की पुरजोर कोशिश की। राष्ट्रीय स्तर पर महीनों तक इस बात का माहौल बनाया गया कि यदि देश को वापस मतपत्र यानी पुरानी बैलेट पेपर प्रणाली के दौर में ले जाया जाए, तो लोकतंत्र का…
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।क्या है PMEGP योजना?प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा…
Supporting Student Journalist.
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