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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि यूपी के वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर को दान में मिलने वाला सारा पैसा – चाहे वह दान पेटी के ज़रिए हो या ऑनलाइन – सीधे मंदिर के…
रूस के वनुकोवो एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना का एक विमान उतरा। यूक्रेन विवाद को लेकर वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच तनाव के इस दौर में हुई इस रहस्यमयी लैंडिंग को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई…
पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अदालत की अवमानना की याचिका फिर से दाखिल की। पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने खान को…
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस भाषण में बताए गए विकास के…
NC में बगावत? Farooq Abdullah ने Ruhullah Mehdi को दी खुली चुनौती, कहा – इस्तीफ़ा दो, नया जनादेश लो!
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को पार्टी सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के हालिया बयानों पर पलटवार…
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी लोकसभा सांसदों को नोटिस जारी किया। यह नोटिस पार्टी…
उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि निजी कंपनियों की कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और आयकर रिटर्न (आईटीआर) जैसे संवेदनशील…
कई दशकों से, मुंबई की मशहूर काली-पीली टैक्सी और ऑटो-रिक्शा शहर की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा रहे हैं…
आजकल सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम रील्स पर ज्यादा से ज्यादा व्यूज व लाइक्स पाने की होड़ में लोग तरह-तरह के…
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवाद रोधी अभियानों को लेकर सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा…
गुजरात पुलिस ने भावनगर जहरीली शराब कांड में 13 और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक मध्यप्रदेश निवासी भी…
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल की सलाखों से बाहर आ गए हैं। दो…
अरुणाचल प्रदेश में बाल तस्करी के एक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभिन्न हिस्सों से 19 बच्चों को बचाया…
दिल्ली के कई हिस्सों में मंगलवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया और यातायात प्रभावित हुआ। सुबह…
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शिक्षण संस्थानों में अनुशासन और यूनिफॉर्म की महत्ता को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया…
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बांग्लादेश आज अपने इतिहास के एक ऐसे संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है, जिसे कूटनीतिक और राजनीतिक विश्लेषक ‘चौराहे’ का नाम दे रहे हैं। सत्ता के तख्तापलट,…
श्रीलंका दौरे पर पहुंची भारतीय टीम ने अपने एकमात्र अभ्यास मैच की शुरुआत संघर्षपूर्ण अंदाज में की।…
भारत की अश्मिता चालिहा और रक्षिता रामराज ने शुक्रवार को यहां 250,000 अमेरिकी डॉलर इनामी कोरिया मास्टर्स…
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप के…
अरिहा पंगंबम एरोबिक जिम्नास्टिक्स एशियाई चैंपियनशिप की सीनियर महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली…
जब तीरंदाज साहिल जाधव ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉटसन की पुस्तक ‘द विनर्स माइंडसेट’ पढ़नी शुरू…
पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने ट्रोलिंग और फेक न्यूज़ का सामना करने के बारे में बात…
बॉलीवुड की ‘क्वीन’ और सांसद कंगना रनौत ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के अपने विरोधियों, राजनीतिक आलोचकों और योग गुरु बाबा रामदेव पर सीधा और हमलावर रुख अपनाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना ने अपने परिवार, राजनीति और सार्वजनिक आचरण पर टिप्पणी करने वाले साथियों के नाम लेते हुए उन्हें ‘फेलियर’ (असफल) करार दिया। कंगना ने साफ किया कि जो लोग उनकी सफलता के 1% तक भी नहीं पहुंचे हैं, वे उन्हें कोई सलाह न दें। कंगना ने कहा, “ये लोगों के लिए मेरा सिर्फ एक मैसेज है कि अगर आप लोग मेरी 1% भी लाइफ में सक्सेस नहीं कमा पाए हों, तो मैं लाइफ में आपका कोई भी ज्ञान नहीं सुनूंगी।”सोमवार को मीडिया से बात करते हुए, कंगना ने उन लोगों को सीधे नाम लेकर बुलाया जिन्होंने उन पर कमेंट किया था। उन्होंने कहा, “मैं ऐसे लोगों को हर दिन देखती हूँ, चाहे वो आशुतोष राणा हों,…
जब भी वजन कम करने की बात होती है तो लोग सबसे पहले कैलोरी काउंट की बात ही करते हैं,…
गर्मी से राहत के लिए जुलाई का महीना खास माना जाता है। क्योंकि इस दौरान कई राज्यों में बरसात की…
मां बनने का एहसास बेहद खास होता है। हर एक महिला का सपना होता है मां बनने का और यह…
New Delhi: Kidney transplant hospitals will now have to publish patient survival rates, deaths, graft failures and other long-term results,…
आजकल की बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के बीच थायराइड की बीमारी तेजी से लोगों को अपनी चपेट…
New Delhi: Fertility clinics and sperm banks that are not registered under the Assisted Reproductive Technology (ART) and Surrogacy Acts…
क्या आप कभी भारत के ऐसे इलाके में घूमने गए हैं, जहां की सड़कें एकदम जिगजैग हों। ऐसा…
आज के समय में हम सभी लोग अपने काम को आसान बनाने के लिए AI का यूज करते हैं। सोशल मीडिया पर भी AI से बने फोटो और वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। इन तस्वीरों और वीडियो को देखकर अक्सर मन में यह सवाल आता है कि इनको कैसे बनाया जाता है। साथ ही इसके पीछे क्या कमांड दिया जाता है। किसी भी तरह से हम कुछ प्रॉम्प्ट ढूंढ लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह बेहतरीन प्रॉम्प्ट तैयार कौन करता है। तो यह किसी और का काम नहीं बल्कि एक प्रॉम्प्ट इंजीनियर का होता है।…
पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत कृत्रिम मेधा (एआई) में युवा आबादी की…
कर्नाटक के भारी और मध्यम उद्योग मंत्री एम बी पाटिल ने सोमवार को कहा कि डिजिटल बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा…
वाहन विनिर्माता बजाज ऑटो अगले 45 दिन में तीन नए उत्पाद पेश करेगी और आने वाले महीनों में दो नए…
हिमाचल प्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड की बिक्री वित्त वर्ष 2025-26 में सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़कर 54.84 करोड़…
चीनी की कीमतों ने इस समय सरकार और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। देश में गन्ने की…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
कानूनी विवाद में वकील की फीस और अन्य खर्च कई बार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। खासकर घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, तलाक, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या अन्य कानूनी मामलों में महिलाओं को जानकारी और कानूनी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सरकार की मुफ्त कानूनी सहायता व्यवस्था महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है।सबसे खास बात यह है कि किसी महिला को मुफ्त कानूनी सहायता पाने के लिए केवल कम आय वाली होना जरूरी नहीं है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत महिला होने के आधार पर भी मुफ्त कानूनी सेवाएं ली जा सकती हैं। NALSA के अनुसार आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला भी मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है।इसे भी पढ़ें: Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ?किन मामलों में मिल सकती है मदद?मुफ्त कानूनी सहायता केवल…
मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है और राज्य सरकार ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। मणिपुर में बड़े प्रयासों के बाद शांति स्थापित हुई लेकिन नये आंदोलन के चलते प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं और जनगणना प्रशिक्षण का काम कुछ जिलों में रोकना पड़ गया है। देखा जाये तो मणिपुर में ‘नो एनआरसी, नो सेंसस’ का नारा अब केवल जनगणना रोकने की मांग तक सीमित नहीं रह गया है। इसके पीछे विस्थापन, जनसंख्या में बदलाव, भूमि अधिकार, पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताएं हैं। तीन साल से अधिक समय से जातीय हिंसा की मार झेल रहे मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे का रूप ले चुकी है।बताया जा रहा है कि वर्तमान आंदोलन…
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। एक समय ग्रामीण और बाहरी दिल्ली की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरों में गिने जाने वाले, जाट समाज में व्यापक जनाधार रखने वाले और राष्ट्रीय राजधानी की सियासत में कांग्रेस की सत्ता का मजबूत स्तंभ रहे सज्जन कुमार की जिंदगी आखिरकार एक ऐसे मोड़ पर खत्म हुई, जिसे उनके राजनीतिक उत्थान और बाद के पतन की पूरी कहानी के रूप में देखा जा सकता है। सत्ता के शिखर से लेकर तिहाड़ जेल तक का उनका सफर इस कड़वे सच की याद दिलाता है कि बुरे काम का अंजाम बुरा ही होता है। हम आपको बता दें कि पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को तिहाड़ जेल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की…
सर्जियो गोर के एक बयान ने पाकिस्तान को ऐसा झटका दिया कि इस्लामाबाद ट्रंप प्रशासन पर बुरी तरह भड़क उठा। अमेरिका के भारत में राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर पहुंचकर जम्मू-कश्मीर को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” क्या बताया, पाकिस्तान की वर्षों पुरानी कूटनीतिक पटकथा ही हिल गई। प्रतिक्रिया इतनी तीखी थी कि पाकिस्तान ने अमेरिकी चार्जे डी’अफेयर्स नताली बेकर को विदेश मंत्रालय तलब कर बाकायदा “स्ट्रॉन्ग डिमार्श” थमा दिया और गोर के बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” करार दे डाला। सवाल यह है कि आखिर गोर के शब्दों में ऐसा क्या था जिसने पाकिस्तान को सीधे अमेरिका से भिड़ने के लिए मजबूर कर दिया?दरअसल, श्रीनगर दौरे पर पहुंचे गोर ने साफ कहा, “यह भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और मैं यहां पहली बार आया हूं।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ की, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर…
आधार आज कई सरकारी और निजी सेवाओं में पहचान के दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल होता है। बैंकिंग और दूसरी सेवाओं में KYC के लिए भी आधार का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आधार नंबर को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए Masked Aadhaar का विकल्प दिया गया है। इसमें आधार नंबर के ज्यादातर अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं।क्या होता है Masked Aadhaar?UIDAI के मुताबिक, Masked Aadhaar में आधार नंबर के पहले आठ अंक ‘xxxx-xxxx’ से छिपा दिए जाते हैं, जबकि केवल अंतिम चार अंक दिखाई देते हैं। यानी 12 अंकों का पूरा आधार नंबर दस्तावेज पर नजर नहीं आता। यह e-Aadhaar का ही एक रूप है। इसका मकसद जरूरत के मुताबिक पहचान का दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे को कम करना है।इसे भी पढ़ें: Atal Pension Scheme: क्या…
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिया गया हालिया बयान केवल एक जहरीली एवं कड़वी राजनीतिक टिप्पणी ही नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की उस मानसिकता का आईना है, जिसमें भारत के प्रति कटुता, अविश्वास, नफरत और वैचारिक विरोध आज भी गहरे पैठे हुए हैं। जरदारी ने ‘अखंड भारत’ की अवधारणा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय इसमें विश्वास करते हैं, लेकिन वे मुसलमान होने के नाते इससे सहमत नहीं हैं। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान में हिंदुओं के सुरक्षित और सुखी होने का दावा भी किया। सवाल यह है कि दुनिया किसी राष्ट्राध्यक्ष के दावे पर विश्वास करे या आंकड़ों और जमीन पर दिखाई देने वाली वास्तविकता पर? इतिहास का न्याय भावनाओं से नहीं, तथ्यों से होता है। और पाकिस्तान के संदर्भ में जनसांख्यिकी, अल्पसंख्यकों की स्थिति, धार्मिक स्वतंत्रता और आतंकवाद-ये चारों क्षेत्र ऐसे आईने हैं जिनमें उसकी अपनी तस्वीर साफ दिखाई देती है।1947…
Supporting Student Journalist.
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