नयी दिल्ली, छह अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक प्राधिकरण स्थापित करने और लघु एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश के लिए एसएमई वृद्धि कोष स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने फैसलों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन फैसलों का देश की आर्थिक वृद्धि पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मंत्रिमंडल ने भारत की परिवहन व्यवस्था में बेहतर समन्वय, आंकड़ा आधारित योजना और विभिन्न परिवहन साधनों के एकीकरण के लिए एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक प्राधिकरण (आईटीएलए) की स्थापना को मंजूरी दी है।
इसका हमारी वृद्धि पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।”
विशेष उद्देश्य के लिए गठित इकाई आईटीएलए के प्रस्ताव को मंजूरी देने का उद्देश्य सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, जलमार्ग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। यह परिवहन और लॉजिस्टिक के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करेगा। मोदी ने कहा, ‘‘सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन!
मंत्रिमंडल का यह फैसला अगली पीढ़ी के भारतीय उद्योग प्रमुखों को तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
उन्होंने कहा, ‘‘यह एसएमई को विस्तार करने, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां अपनाने, विनिर्माण बढ़ाने, वैश्विक बाजारों में प्रवेश करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ने के लिए मंच उपलब्ध कराता है।’’
मंत्रिमंडल ने एसएमई वृद्धि कोष स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य वृद्धि केंद्रित पूंजी उपलब्ध कराकर एसएमई के विस्तार को बढ़ावा देना और विनिर्माण, सेवा, प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष आधारित क्षेत्रों तथा रणनीतिक मूल्य श्रृंखलाओं में भारतीय कंपनियों को मजबूत बनाना है।
