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(शिरीष बी प्रधान) काठमांडू, सात नवंबर नेपाल ने शनिवार को 32 जिलों के 2,294 नागरिकों और सात देशों के 171 विदेशी नागरिकों का विवरण जारी किया, जो 26 अगस्त को देश में आई भीषण बाढ़ के…
मुंबई/ठाणे, सात नवंबर महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने बिहार और झारखंड में 63 मामलों में वांछित 13 लाख रुपये के इनामी नक्सली को ठाणे जिले से गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह…
अयोध्या (उप्र), सात नवंबर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र का उल्लेख करते हुए शनिवार को कहा कि देश में दो ‘‘योगी’’-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ‘‘कर्मयोगी’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके…
नागपुर, सात नवंबर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) के…
डिब्रूगढ़, सात नवंबर असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) की एक इकाई में हुए विस्फोट के बाद…
पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को चेतावनी दी कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त…
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 7 नवंबर को दिल्ली में पुरी के आवास…
नयी दिल्ली, सात नवंबर शनिवार को शाम छह बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि…
शिलांग, सात नवंबर मेघालय में 1901 के बाद वर्ष 2025 अब तक का सबसे गर्म वर्ष दर्ज किया गया जब…
नयी दिल्ली, सात नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ की…
कोलकाता, सात नवंबर प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय ने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर वाले पोस्टर पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखने और…
नयी दिल्ली, सात नवंबर पुरानी दिल्ली के हौज काजी इलाके में तीन मंजिला इमारत ढहने की घटना में शनिवार को…
जम्मू, सात नवंबर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के कुछ विधायकों में कथित असंतोष…
नयी दिल्ली, सात नवंबर नीब करौरी बाबा के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ 27 नवंबर को…
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम और दलित वोटों को लेकर नई सियासी गोलबंदी की कोशिश तेज हो गई है।…
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई…
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने टेस्ट क्रिकेट में एक नया इतिहास रच दिया है। दक्षिण…
भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन जारी है। रविवार को इंदौर में…
अबू धाबी में बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में तीसरे दिन बांग्लादेश…
स्पेन की फुटबॉल लीग में बार्सिलोना ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए गेटाफे को 3-0 से…
भारत के उदयवीर सिद्धू ने रविवार को यहां आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल विश्व कप की पुरुष 10 मीटर एयर…
भारतीय सिनेमा के ‘उलगनायकन’ यानी दिग्गज अभिनेता कमल हासन के 72वें जन्मदिन (7 नवंबर, 2026) से ठीक एक दिन पहले उनके प्रशंसकों को एक बहुत बड़ा सरप्राइज मिला है। निर्देशक एसयू अरुण कुमार के साथ उनकी आने वाली बहुप्रतीक्षित एक्शन-ड्रामा फिल्म के आधिकारिक शीर्षक (Title) का ऐलान कर दिया गया है। मेकर्स ने फिल्म का नाम ‘संडियार’ (Sandiyar) रखा है और इसके साथ ही कमल हासन का रोंगटे खड़े कर देने वाला फर्स्ट-लुक पोस्टर भी जारी कर दिया है। इस घोषणा के सामने आते ही सोशल मीडिया पर #Sandiyar और #KamalHaasan तेज़ी से ट्रेंड करने लगा है और सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ‘संडियार’ को कमल हासन और आर. महेंद्रन ने ‘राज कमल फिल्म्स इंटरनेशनल’ और ‘टर्मरिक मीडिया’ के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।’संडियार’ का फर्स्ट लुक: हाथ में बंदूक लिए रफ लुक में नजर आए कमल हासन’संडियार’ के फर्स्ट-लुक पोस्टर में कमल हासन एक…
भारत में कई ऐसी जगहें मौजूद हैं, जोकि अपने प्राचीन इतिहास, अनोखी बनावट और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए…
दीवाली, उजालों का त्योहार, खुशियों का स्वागत! लेकिन जब यही जश्न हमारी सांसों को घुटन से भर दे और हमारे वातावरण को जहर बना दे, तब कहीं न कहीं हमारी संवेदनशीलता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। सदियों से भारत में दीयों की रोशनी और हल्की आतिशबाजी के साथ दीपोत्सव मनाने की परम्परा रही है। यह उत्सव प्रतीक है बुराई पर अच्छाई की विजय का, अंधकार पर प्रकाश का, लेकिन पिछले कुछ दशकों में इसका स्वरूप इस कदर बदल गया है कि अब यह ‘आतिशबाजी का युद्ध’ प्रतीत होता है। जिस उत्सव की आत्मा प्रकाश और शांति में निहित थी, वह…
नयी दिल्ली, सात नवंबर वाहन विनिर्माता फोर्स मोटर्स अगले साल जनवरी-मार्च तिमाही में अपने ट्रैवलर प्लेटफॉर्म पर आधारित…
मुंबई/ नयी दिल्ली, छह नवंबर सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में आई गिरावट से धनतेरस पर…
देश के बड़े खुदरा कारोबार से जुड़ी कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड एक बार फिर विवादों में आ गई है। सीबीआई…
आजकल लोग स्वाद के साथ अपनी सेहत और शरीर में प्रोटीन की जरूरत का भी ध्यान रखने लगे हैं। इसी…
त्योहारी सीजन में कारों की खरीदारी बढ़ने का फायदा किया इंडिया को मिला है। कंपनी ने अक्टूबर 2026 में घरेलू…
भारत केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि एक जीवंत सनातन सांस्कृतिक चेतना है। इस चेतना की अभिव्यक्ति हमारे पर्वों, उत्सवों और त्योहारों में होती है। दीपावली, जो अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय का शाश्वत संदेश देती है, वह महज एक कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की सामूहिक आस्था का प्रतीक है। लेकिन हाल के वर्षों में, विशेषकर समकालीन राजनीतिक परिदृश्य में, देश के इन पावन त्योहारों को लेकर एक नई और चिंताजनक स्क्रिप्ट लिखी जा रही है। इस स्क्रिप्ट के केंद्र में है—बहुसंख्यक समाज की आस्था को कठघरे में खड़ा करना, सनातन परंपराओं पर चयनात्मक प्रतिबंध थोपना और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर सांस्कृतिक प्रतीकों का राजनीतिकरण करना। इस चौतरफा वैचारिक हमले के बीच, भारतीय जनता पार्टी और हिंदुत्व की विचारधारा आज केवल एक राजनीतिक दल या विमर्श की आवाज नहीं, बल्कि सदियों से दबाई गई बहुसंख्यक समाज की सांस्कृतिक अस्मिता और आत्मगौरव की ढाल बनकर…
त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, सांसों में जहर घोलने के लिए नहीं। दीपावली प्रकाश, प्रसन्नता, उल्लास और मंगलकामना का पर्व है, लेकिन यदि उत्सव की चमक के पीछे आसमान धुएं से भर जाए, बच्चों और बुजुर्गों का दम घुटने लगे तथा आम आदमी स्वच्छ हवा के लिए तरसने लगे तो हमें अपनी उत्सव परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों पर गंभीरता से विचार करना होगा। विडंबना यह है कि आज प्रदूषण जैसी जीवन-मरण की समस्या पर भी राजनीति का धुआं छाने लगा है। जब लोगों की सांसें संकट में हों, तब धर्म, जाति और राजनीतिक विचारधाराओं के चश्मे से समस्या को देखना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का प्रमाण भी है। अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा ने पटाखों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने पर्यावरण अनुकूल दीपावली अभियान में उनका वीडियो जारी किया, लेकिन राजनीतिक…
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तारीखें अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन राज्य की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल अपने चरम पर पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के ठीक बाद, पार्टी के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी एक बड़े विस्फोट में बदल गई है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का एक साथ पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना केवल तीन विधायकों का इस्तीफा नहीं है, बल्कि यह भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक गहरा राजनीतिक और नैतिक झटका है। नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में 2 नवंबर 2026 को जिस तरह इन नेताओं…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था।’वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,…
देश के चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं, सभी राजनीतिक दल व विश्लेषक परिणामों का अध्ययन करके उसके अपने-अपने लाभ-हानि के हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। लेकिन इस बार का यह चुनाव कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के साथ विशेषकर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द तलाश ना होगा। क्योंकि भाजपा को अन्य दलों से अलग मानते हुए किसी व्यक्ति या परिवार की जागीर की जगह संगठन को सर्वोपरि मानने वाला राजनीतिक दल माना जाता है और वैसे भी अंदरूनी गुटबाजी से दूर अनुशासन वाली पार्टी मानने का दावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा हमेशा सार्वजनिक रूप भी किया जाता है। लेकिन एमएलसी के चुनावों के परिणामों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश की हॉट सीट वाराणसी, लखनऊ व महाराष्ट्र…
बचपन में घोर गरीबी को बेहद करीब से देखने वाले और जीवनयापन के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उनके सामने भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी गरीबी। करोड़ों लोगों के पास न पक्का मकान था, न बैंक खाता, न शौचालय, न रसोई गैस और न ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों को सरकारी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए गरीबी के अभिशाप से देश को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अब इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी मान रही हैं। उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट भारत की इसी परिवर्तनकारी यात्रा पर वैश्विक मुहर लगा रही है।विश्व बैंक की रिपोर्ट: 49.6 करोड़ लोगों की जिंदगी में बदलावविश्व बैंक की Poverty and Equity Brief, October 2026…
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं।भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है।इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम?क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है?अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों और पेंशनर्स के लिए WhatsApp पर आधिकारिक चैनल शुरू किया है। इसका मकसद PF, पेंशन और EPFO से जुड़ी जरूरी जानकारी और नए अपडेट लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। EPFO ने सितंबर 2026 में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सदस्यों से WhatsApp Channel को फॉलो करने की अपील की थी।WhatsApp पर EPFO की सेवा कैसे काम करती है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया WhatsApp Channel एक सूचना और अपडेट प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए सदस्यों को EPFO की घोषणाओं, स्कीम से जुड़े अलर्ट और दूसरी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। इसे PF खाते के पूरे ऑनलाइन पोर्टल का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदनWhatsApp पर EPFO से जुड़ी सुविधाओं को मोटे तौर पर इस तरह समझें:- EPFO…
भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों से एक अजीब और गहरी चिंताजनक परिपाटी देखने को मिल रही है। देश के राजनैतिक दल अपनी सांगठनिक कमजोरियों, जमीन से कटते जा रहे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच नीतियों के गहरे संकट पर आत्ममंथन करने के बजाय, अपनी हर पराजय का पूरा ठीकरा देश की संवैधानिक चुनावी व्यवस्था पर फोड़ देते हैं। इस पूरे राजनैतिक खेल में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ यानी ईवीएम को एक बड़े वैश्विक खलनायक के रूप में पेश किया गया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक सुर में ‘वोट चोरी’ का एक ऐसा आक्रामक और संदेहास्पद नैरेटिव गढ़ा, जिसने आम मतदाताओं के मन में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास के बीज बोने की पुरजोर कोशिश की। राष्ट्रीय स्तर पर महीनों तक इस बात का माहौल बनाया गया कि यदि देश को वापस मतपत्र यानी पुरानी बैलेट पेपर प्रणाली के दौर में ले जाया जाए, तो लोकतंत्र का…
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला।क्या है PMEGP योजना?प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा…
Supporting Student Journalist.
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