नयी दिल्ली, छह अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा समेत 10 सांसदों एवं 250 अन्य लोगों को बिना अनुमति मार्च निकालने के आरोप में मंगलवार को हिरासत में ले लिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारकी दी गई। पुलिस मुख्यालय से जारी बयान में बताया गया है कि ‘इंडिया’ गठबंधन के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) कार्यालय की ओर मार्च के दौरान पुलिस निर्देशों की कथित अवहेलना करने पर लोगों को हिरासत में लिया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, उसे सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली थी कि इंडिया गठबंधन सुबह करीब 10:30 बजे संसद भवन से निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर मार्च निकालेगा। पुलिस ने कहा कि मार्च के आयोजन के संबंध में अनुमति के लिए नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया था और इस कारण मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। बयान में कहा गया कि जमावड़े तथा नयी दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
पुलिस के अनुसार, मार्च करीब 10:30 बजे शुरू हुआ और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए पहले बैरिकेड को तोड़ दिया तथा आगे बढ़ते हुए नीति आयोग के निकट लगाए गए दूसरे बैरिकेड तक पहुंच गए। पुलिस ने कहा कि बार-बार घोषणा कर प्रदर्शनकारियों को धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों की जानकारी दी गई और उनसे शांतिपूर्वक वापस जाने की अपील की गई, लेकिन उन्होंने पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया और वहां बने रहे। पुलिस के अनुसार, वैध निर्देशों की लगातार अवहेलना तथा स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदर्शनकारियों को कानून के अनुसार हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने कहा कि 10 सांसदों समेत कम से कम 260 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर दिल्ली के विभिन्न थानों में ले जाया गया, जहां उनके संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद अधिकांश प्रदर्शनकारी वहां से चले गए। बयान में कहा गया है कि हालांकि, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, मनीष छत्रथ और करीब 50-60 समर्थक बिना अनुमति के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर वहां बैठ गए।
पुलिस ने कहा कि राहुल गांधी ने आकाशवाणी परिसर से बाहर जाने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को निर्वाचन आयोग से मिलने के लिए समय नहीं दिया जाता, तब तक वे वहां से नहीं जाएंगे। पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई की गई और इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित अन्य प्रदर्शनकारियों को भी परिसर से हटाया गया और आवश्यकतानुसार हिरासत में लिया गया। पुलिस ने कहा कि कार्रवाई कानून के अनुसार की गई तथा इस दौरान कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
इससे पहले पुलिस सूत्रों ने बताया था हिरासत में लिये गए लोगों में लगभग 50 सांसद शामिल थे। हिरासत में लिये गए लोगों को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
साथ ही सभी संबंधित व्यक्तियों से शांति बनाए रखने और पुलिस के वैध निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
