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जम्मू, आठ अगस्त खराब मौसम, अगले कुछ दिन में भारी बारिश के पूर्वानुमान और श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी के बीच शनिवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी…
रांची, आठ अगस्त झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन, राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद गतिरोध न टूटने के कारण शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। हालांकि, सरकार…
अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों (तेल और प्राकृतिक गैस) को खरीदने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक (Bill) पास कर दिया है। 86-11 के भारी बहुमत से पारित…
जयपुर, सात अगस्त ब्रिक्स देशों के व्यापार मंत्रियों की 16वीं बैठक शुक्रवार को जयपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में…
कुरुक्षेत्र, सात अगस्त हरियाणा के कुरुत्रेक्ष में चार नकाबपोश बदमाश कथित तौर पर एक वरिष्ठ अधिवक्ता के घर में घुस…
नयी दिल्ली, सात अगस्त बेंगलुरु आधारित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ‘एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज़’ ने शुक्रवार को भारत के पहले निजी तौर…
Jharkhand सरकार से वार्ता के बाद JPSC अभ्यर्थी आंदोलन पर अड़े, 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी
रांची, सात अगस्त झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को कहा कि…
नयी दिल्ली, सात अगस्त कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि अगर किसी देश की महिलाएं अपनी बात…
देहरादून, सात अगस्त उत्तराखंड सरकार ने पिछले महीने भारी बारिश के दौरान देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी…
नयी दिल्ली, सात अगस्त पुरानी दिल्ली के खारी बावली बाजार क्षेत्र की एक दुकान से 7.79 लाख रुपये की कथित…
नयी दिल्ली, सात अगस्त राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को हुई भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।…
नयी दिल्ली, सात अगस्त संसद की एक समिति ने सिफारिश की है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और “हर समय विश्वसनीय…
नयी दिल्ली, सात अगस्त दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में 2011 के बाद सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई।…
नयी दिल्ली, सात अगस्त दिल्ली की एक अदालत में नीट प्रश्नपत्र लीक के सिलसिले में हाल में दाखिल केंद्रीय अन्वेषण…
मुंबई, सात अगस्त महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने शुक्रवार को कहा कि उसने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई…
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अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी बनाम अखिलेश की सियासत अब सीधे जातीय समीकरणों के अखाड़े में उतर चुकी है। मुख्यमंत्री…
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की “सबसे बड़ी ताकत” करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, “यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं।” कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की ‘सबसे बड़ी ताकत’ बताया।उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण…
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सावन में भगवान शिव के दर्शन के लिए इस बार अगर आप भी गुजरात के सोमनाथ मंदिर जाने…
Hindi NewsCareerAgni 4 Ballistic Missile Test & Anil Menon Spacewalk Record | 8 August7 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-इंटरनेशनल (INTERNATIONAL)1. अनिल मेनन और जेसिका मीर ने स्पेस वॉक की7 अगस्त को भारतीय मूल के एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन ने अपनी पहली स्पेस वॉक पूरी की।वहीं जेसिका मीर ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बाहर स्पेस वॉक की।इस दौरान उन्होंने स्टेशन के पावर चैनल के लिए मॉडिफिकेशन किट को असेंबल किया, जिससे भविष्य में सोलर एरे लगाने का रास्ता साफ हो गया है।ये स्पेस वॉक गुरुवार सुबह 8:33…
नयी दिल्ली, सात अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र की पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) का एकीकृत शुद्ध लाभ जून तिमाही में…
मुंबई, सात अगस्त गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का स्वर्ण आभूषण पर दिया गया कर्ज जून में 69 प्रतिशत उछलकर 3.42…
नयी दिल्ली, सात अगस्त ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र…
लोकतांत्रिक राजनीति में कई बार छोटे चुनाव भी बड़े संदेश दे जाते हैं। विधानसभा उपचुनावों को लंबे समय तक केवल रिक्त सीटों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया माना जाता रहा है। सामान्य धारणा यही रही कि जिस राज्य में जिस दल की सरकार होती है, प्रशासनिक बढ़त, संगठनात्मक शक्ति और सत्ता के प्रभाव के कारण वही दल उपचुनाव आसानी से जीत जाता है। इसी कारण उपचुनावों के परिणामों को व्यापक राजनीतिक संकेतक के रूप में कम ही देखा जाता था किंतु पिछले कुछ वर्षों में यह धारणा तेजी से बदली है। अब उपचुनाव केवल एक सीट का फैसला नहीं करते बल्कि जनता के तत्कालीन मनोभाव, सरकार के प्रति संतोष-असंतोष, संगठन की मजबूती, नेतृत्व की स्वीकार्यता और भविष्य की राजनीतिक दिशा के संकेत भी देते हैं। बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांझलपुर विधानसभा उपचुनावों ने भी यही संदेश दिया है। तीन सीटों में से दो पर…
आज जब पूरा देश पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, तब हर भारतीय के मन में उनकी मुस्कुराती छवि, ओजस्वी आवाज़ और मानवीय संवेदनाओं से भरा व्यक्तित्व एक बार फिर जीवंत हो उठता है। देखा जाये तो भारतीय राजनीति में ऐसे नेता विरले ही हुए हैं, जिनकी लोकप्रियता केवल अपनी पार्टी तक सीमित न रहकर राजनीतिक सीमाओं को भी पार कर गई हो। सुषमा स्वराज उन्हीं असाधारण नेताओं में थीं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, संसद हो या अंतरराष्ट्रीय मंच, उनके शब्दों में दृढ़ता थी, विचारों में स्पष्टता थी और व्यवहार में ऐसी आत्मीयता थी, जिसने उन्हें हर दल के नेताओं और करोड़ों भारतीयों का सम्मान दिलाया। छह अगस्त 2019 को 67 वर्ष की आयु में उनके निधन ने भारतीय राजनीति को एक ऐसी आवाज़ से वंचित कर दिया, जिसकी कमी आज भी महसूस की जाती है।सुषमा स्वराज का अंतिम सार्वजनिक संदेश…
जन सुराज पार्टी के संस्थापक व मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार को लगभग 19 हजार वोटों से तगड़ी शिकस्त देकर न केवल चुनाव जीता, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया। प्रशांत किशोर की यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखी जा रही है। ऐसा इसलिए कि प्रशांत किशोर ने भाजपा के तीन दशक से अधिक पुराने गढ़ में अकल्पनीय जीत दर्ज की है और अपनी जन सुराज पार्टी को पहली बड़ी चुनावी सफलता दिलाई है। हालांकि, एक उपचुनाव के परिणाम के आधार पर पूरे राज्य के चुनाव के जनादेश का संकेत मान लेना एक बड़ी सियासी गलतफहमी होगी। फिर भी, उनकी यह जीत कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जन सुराज पार्टी के सुप्रीमो प्रशांत किशोर ने बांकीपुर…
करीब तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल जगत और मीडिया के केंद्र में रहे पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को आखिरकार दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत से बड़ी राहत मिल गई। महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। वैसे बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों के समर्थन में जिस तरह तमाम विपक्षी नेता खड़े हो गये थे उसके चलते यह सब कुछ शुरू से ही राजनीतिक षड्यंत्र नजर आ रहा था। उल्लेखनीय है कि जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना प्रदर्शन कराया गया था और धरने के मंच पर तमाम बड़े विपक्षी नेता पहुँचे थे और मंच से दिये गये भाषणों के जरिये भाजपा को महिला विरोधी बताया जा रहा था। साथ ही बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ देशभर में माहौल बनवाने और मीडिया ट्रायल के जरिये उनकी छवि बिगाड़ने के…
लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है और सत्ता की आलोचना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत मानी जाती है। लेकिन जब विरोध की भाषा शालीनता की सीमा लांघकर व्यक्तिगत अपमान में बदल जाए, जब तर्क और तथ्यों की जगह गाली-गलौज और कटाक्ष ले लें, और जब वरिष्ठों के सम्मान जैसी बुनियादी सामाजिक मर्यादाओं का भी मजाक उड़ाया जाने लगे, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह लोकतांत्रिक विरोध है या फिर अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में सभ्य संवाद की संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश है?हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके, उसके प्रवक्ता सौरव दास और अभिनेत्री रिचा चड्ढा के बयानों ने इसी बहस को जन्म दिया है। तीनों के बयान अलग-अलग संदर्भों में आए, लेकिन उनकी भाषा और दृष्टिकोण में जो समानता दिखाई देती है वह है व्यक्तिगत कटाक्ष, वरिष्ठों के प्रति असम्मान और मर्यादा की…
भारत में 15 फरवरी 2021 से हर फोर-व्हीलर, चाहे वह प्राइवेट हो या कमर्शियल, के लिए FASTag होना ज़रूरी है। FASTag कार की विंड शील्ड पर चिपकाया जाता है और RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टेक्नोलॉजी और एक डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करके टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल पेमेंट करने में मदद करता है।देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान को आसान बनाने के लिए FASTag अनिवार्य किया गया है। हालांकि कई बार वाहन मालिकों को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जब FASTag में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद वह ब्लैकलिस्ट (Blacklisted) या हॉटलिस्ट (Hotlisted) हो जाता है। ऐसी स्थिति में टोल प्लाजा पर परेशानी के साथ अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है।इसके अलावा, 1 अप्रैल 2021 से कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए भी FASTags ज़रूरी हो गए हैं। भारत में पब्लिक सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए कम से कम एक थर्ड-पार्टी फोर-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी की…
गिद्धों का भी एक धर्म होता है, वो जिंदा जानवरों का मांस नहीं खातीं। वह प्रतीक्षा करती हैं उसके मरने की और प्राण छोडऩे के बाद ही लोथड़ों को नोचती हैं। लेकिन आज का इंसान गिद्ध से भी ज्यादा विभत्स हो गया लगता है। नीट पेपर लीक को लेकर देश भर में प्राण गंवाने वाले 21 युवाओं के पोस्टर लगा कर दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के नेता इन युवाओं का शोक मनाना तो दूर बल्कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद फाइव स्टार होटलों में कुल्हे मटकाते और बोतलों के ढक्कन खोलते दिखे। पेपर लीक मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र हो गया और लगभग एक महीने से दिल्ली के जंतर मंतर पर लोकतंत्र की नई-नई रखवाली कॉकरोच जनता पार्टी का धरना भी खत्म हो गया पर दो दिनों के भीतर ही इन नए नवेले लोकतंत्र के रखवालों…
जब नई दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र राजनीति गरमाई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया और सोशल मीडिया मंच “इंस्टाग्राम” पर किए अपने एक लगभग 2.55 मिनट के सेल्फी वीडियो पोस्ट के माध्यम से जेन-जी से संवाद स्थापित कर विपक्षी नेताओं के सियासी चक्रब्यूह को सफलतापूर्वक भेद दिया। छात्र आंदोलन के दृष्टिगत प्रधानमंत्री के सेल्फी वीडियो संवाद के नीतिगत व सियासी मायने दूरगामी प्रभाव वाले साबित होंगे।इस बात में कोई दो राय नहीं कि प्रधानमंत्री मोदी के इस निर्णायक पहल से पुनः यह स्पष्ट हो गया कि पीएम मोदी भारतीय राजनीति पर गहरी पकड़ रखते हैं और जब जब सियासी फुटबॉल सुर्खियों में आता है, तब तब वह खुद ही आगे आकर कांग्रेस के नेता प्तिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ राजनीतिक मैदान का तगड़ा गोल मारते हुए उन्हें अप्रासंगिक बना डालते हैं। बीते 12 वर्षों में ऐसे कई मौके आए जब भाजपा का विकल्प…
नीट-यूजी की 3 मई 2026 को आयोजित मूल परीक्षा के पेपर लीक होने की खबरों के बाद 12 मई 2026 को सरकार ने नीट की परीक्षा को रद्द कर दिया था। तब से ही छात्रों में आक्रोश व्याप्त है और वह देश के विभिन्न हिस्सों में शांति पूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन करके अपना जबरदस्त विरोध प्रकट कर रहे थे। लेकिन अचानक ही 16 मई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नामक एक पार्टी बन जाती है और वह पार्टी छात्रों के आंदोलन में कूद पड़ती है, उस पार्टी के द्वारा दिल्ली में जून के प्रथम सप्ताह से धरना प्रदर्शन शुरू किया जाता है, इस धरना प्रदर्शन में सबकुछ ठीक ठाक ही चल रहा था, लेकिन जब से कुछ राजनेताओं की एंट्री हुई है तब से ही छात्रों की मूल मांगो से खिलवाड़ होना शुरू हो गया है। हालांकि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा के पेपर लीक के इस मामले…
समय के साथ सोच में एक बड़ा बदलाव तेजी से यह देखने में आ रहा है कि यदि जुखाम, बुखार, खांसी जैसी सामान्य बीमारी में भी डॉक्टर की दवा से तत्काल राहत नहीं मिलती तो अब डॉक्टर बदलने में कोई गुरेज नहीं होता। देखा जाएं तो तुरंत स्वास्थ्य लाभ की प्रवृति के कारण डॉक्टर के ईलाज पर विश्वास में कहीं ना कहीं कमी देखने में आने लगी है और इसके परिणाम स्वरुप महानगरों में डॉक्टर शापिंग का नया ही चलन चलने लगा है। खासतौर से मरीज से मिलने-मिलाने वाले चिकित्सक बदलने की सलाह देने में किसी तरह का कोई गुरेज नहीं करते। चिकित्सक बदलने में कोई बुराई नहीं है पर जिस चिकित्सक से ईलाज करवा रहे हैं उससे बीमारी ठीक होने की संभावना के संबंध में चर्चा करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अन्य चिकित्सक की सलाह लेना और चिकित्सक बदलने में हमें अंतर करके चलना होगा। बीच ईलाज ही बार…
Supporting Student Journalist.
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