चंडीगढ़, तीन नवंबर हरियाणा के युवाओं को विदेश में रोजगार और बेहतर करियर के अवसर दिलाने का झांसा देकर ठगने तथा अवैध रूप से विदेश भेजने वाले लोगों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार प्रभावी नियामकीय व्यवस्था लागू करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा पंजीकरण एवं ट्रैवल एजेंट विनियमन अधिनियम, 2025 के तहत हरियाणा पंजीकरण एवं ट्रैवल एजेंट विनियमन नियम, 2026 को मंजूरी दी गई। इन नियमों का मुख्य मकसद राज्य के युवाओं से धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंट, विदेश में अवैध भर्ती, मानव तस्करी और ‘डंकी रूट’ (अवैध प्रवास का रास्ता) जैसी गैरकानूनी गतिविधियों से बचाना तथा ट्रैवल एजेंसी के कारोबार में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
हरियाणा के कई युवा पहले भी धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंट से शोषण का शिकार होने की आपबीती सुना चुके हैं। इस साल जून में कुरुक्षेत्र के एक युवक ने बताया था कि मोल्दोवा जाने का वैध रास्ता मुहैया कराने का वादा कर उसे ट्रैवल एजेंट ने अवैध ‘डंकी रूट’ से यूरोप भेज दिया था, जहां उसे कथित तौर पर यातना, जबरन वसूली और कैद का सामना करना पड़ा। नए नियमों के तहत राज्य में काम कर रहे सभी नए और मौजूदा ट्रैवल एजेंट के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
प्रत्येक नए कार्यालय या शाखा के लिए अलग से पंजीकरण कराना होगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, पासपोर्ट सेवाओं, टूर एवं ट्रैवल एजेंसी सेवाओं, शिक्षा के लिए वीजा परामर्श और टिकट बुकिंग सेवाओं सहित प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए भी अलग-अलग पंजीकरण अनिवार्य होगा।
