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भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मणिपुर की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान बिष्णुपुर जिले में स्थित मीठे पानी की पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी झील लोकटक में शनिवार को नौका विहार किया। यह…
योगी सरकार तय समय-सीमा के भीतर राजस्व मामलों के निपटारे और पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर काफी गंभीर है। इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने गुरुवार को 3 पोर्टल लॉन्च किए। बोर्ड ने राजस्व…
सऊदी अरब ने शुक्रवार को कहा कि उसने ड्रोन हमले के एक दिन बाद एक प्रमुख तेल पाइपलाइन को बंद कर दिया है, वहीं यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश…
राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन के मद्देनजर शनिवार को कई प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रित रहेगा…
दिल्ली पुलिस ने घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के निर्देश पर यहां सिंघु बॉर्डर पर कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे…
अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक डेटिंग ऐप के माध्यम से लड़की से मिलवाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 17.98…
सितंबर 2023 के G20 शिखर सम्मेलन में भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच सभी वैश्विक शक्तियों से सहमति पत्र पर…
बिहार में नदियों के उफान और मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के…
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने शुक्रवार को नई दिल्ली और तेहरान के…
BRICS Summit में भारत का बड़ा दांव, Critical Minerals के लिए G. Kishan Reddy ने पेश किया Master Plan
कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत और दूसरे सदस्य…
माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आज बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप की समीक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक…
बिहार के 15 ज़िलों में 46 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को भी हालात गंभीर…
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने BRICS समिट पर पार्टी के साथी पी. चिदंबरम की टिप्पणी को लेकर BJP की आलोचना…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ग्लोबल इकॉनमी में भारत की बढ़ती भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि जब…
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने…
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अगर 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात होती…
India U-19 vs Sri Lanka: कोलंबो में युवा सितारों का जलवा, 211 रन की बड़ी जीत के साथ श्रृंखला पर कब्जा
भारत अंडर-19 क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे युवा टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 211…
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 के फाइनल को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और…
जापान ओपन का खिताब जीतने के बाद शानदार लय में नजर आ रहीं भारत की स्टार बैडमिंटन…
भारत ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही अपना खाता खोल लिया। बॉक्सर लवलीना…
गुरुवार को ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ होने वाले पहले T20I मैच से पहले, भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने…
David Warner ने Drink Driving Case में स्वीकार किया अपना जुर्म, 18 August को कोर्ट सुनाएगी अंतिम सजा
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार…
‘बिग बॉस 20’ (Bigg Boss 20) के घर में रोज़ नए समीकरण, दोस्ती और तकरार देखने को मिल रही है। हालिया एपिसोड में गायक काज़ी तौकीर (Qazi Touqeer) ने अपने पुराने दोस्त और मशहूर प्लेबैक सिंगर अरिजीत सिंह (Arijit Singh) को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए और उन्हें एक खास म्यूजिकल ट्रिब्यूट दिया। वहीं दूसरी ओर, शो के नए प्रोमो में आसिफ़ खान और अमन गांधी के बीच तीखी बहस और कनिका मान के साथ गुलू की फ्लर्टिंग ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।काज़ी अमन गांधी से बात कर रहे थे, तभी बातचीत अरिजीत पर आ गई। सिंगर की पर्सनैलिटी और टैलेंट की तारीफ़ करते हुए काज़ी ने कहा कि अगर वह खुद ‘क्रेज़ी’ (अतरंगी) हैं, तो अरिजीत इस ‘क्रेज़ीपन’ के “पिता” हैं। जब अमन ने कहा कि काज़ी नेशनल टेलीविज़न पर ऐसी बातें कर रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि अरिजीत को इससे कोई फ़र्क…
घूमने के लिहाज से पुडुचेरी बेहद ही खूबसूरत है। यहां पर सुंदर बीचेज के अलावा आध्यात्मिक मंदिरों के…
लंबे समय से नौकरियों की तलाश में घूम रहें, युवाओं के लिए सबसे बड़ी खबर सामने आई है। जल्द ही यूपी के प्रतापगढ़ में रोजगार के नए मौके दिए जाएंगे। देश की नामचीन कंपनियों में 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती की जाएगी।इसके लिए योग्य कैंडिडेट्स का चयन जॉब फेयर में किया जाएगा। आपको बता दें कि 15 सितंबर को मेगा जॉब फेयर का आयोजन किया जाएगा। यहां पर नौकरी पाने के इच्छुक कैंडिडेट्स पहुंच सकते हैं। इस जॉब फेयर की सबसे खास बात यही है कि इस मेले में रजिस्ट्रेशन या हिस्सा लेने के लिए उन्हें एक भी रुपया…
ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने वैश्विक वित्तीय संस्थानों में उभरती अर्थव्यवस्थाओं को…
आर्टफिशल इन्टेलिजेंस जितनी तेज हो रही है, उसके गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता भी उतनी ही बढ़ रही है। अब…
तेलंगाना के उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने शुक्रवार को बताया कि पिछले साल दिसंबर में आयोजित ‘तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल…
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को कहा कि डाक विभाग का ‘डाक सेवा’ ऐप उपभोक्ताओं को घर बैठे…
महिंद्रा ट्रक एंड बस ने सोमवार को भारी वाणिज्यिक वाहन ब्लेजो आई-टीआरके पेश किया। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित स्वचालित…
आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रचलन बढ़ा है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी जोखिम उठाने और सही रणनीति अपनाने से बैंक ब्याज या एफडी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त होता है। इसलिए वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे बड़ी गलती रिटर्न के पीछे भागना और अपने लक्ष्य, जोखिम तथा समय-अवधि को नजरअंदाज करना है। देखा जाए तो म्यूचुअल फंड के निवेशक 10 आम गलतियाँ कर ही बैठते हैं। प्रायः हर किसी से यह हो जाती हैं। इसलिए इन गलतियों से बचें और एक बेहतर आर्थिक भविष्य प्राप्त करें। म्यूचुअल फंड निवेश की कुछ महत्वपूर्ण गलतियाँ निम्नलिखित हैं:-पहला, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना: पिछले 1–3 साल का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसलिए फंड की रणनीति, जोखिम और लंबी अवधि का प्रदर्शन भी देखें। अन्यथा भविष्य में आपको हानि उठानी पड़ सकती है।इसे भी पढ़ें: वाहन खरीदा, लेकिन छह महीने तक…
पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख शैक्षणिक प्रकल्प विद्या भारती के कम से कम एक हजार नए विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की घोषणा नहीं है, बल्कि इसे राज्य की शिक्षा-दृष्टि में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। 4 सितंबर 2026 को सामने आई इस घोषणा के अनुसार अगले एक वर्ष में राज्य के प्रत्येक जिले, नगरपालिका और पंचायत तक विद्या भारती के विद्यालयों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विद्या भारती से जुड़े 313 विद्यालय संचालित होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने विद्या भारती के नेतृत्व को राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाने का भी निमंत्रण दिया है। यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि विद्या भारती आज देश…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव सिर्फ वोटों की गिनती से नहीं जीते जाते। यहां जाति, जज्बात, चेहरा और संदेश, इन चारों का सही तालमेल सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाता है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर जरूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपनी पुरानी साइकिल में नए राजनीतिक पुर्जे लगाने में जुटे हैं। मकसद सपा को उसकी पुरानी छवि से बाहर निकालना है, जिसे विरोधी लंबे समय से एक खास सामाजिक दायरे और सत्ता में कथित तौर पर आक्रामक राजनीति से जोड़ते रहे हैं। अखिलेश की नई रणनीति में जातीय समीकरण भी है, हिंदू प्रतीक भी हैं, पीडीए का विस्तार भी है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि डिंपल यादव के रूप में एक नया और अपेक्षाकृत शांत चेहरा भी है।डिंपल की बढ़ती भूमिका और ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’देखा जाये तो अब तक डिंपल यादव की राजनीति अपेक्षाकृत…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र का हृदयस्थल माना जाता है। दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर गुजरता है, यही कारण है कि देश के इस सबसे बड़े सूबे में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचल का असर राष्ट्रीय फलक पर साफ दिखाई देता है। वर्ष 2026 की समाप्ति के करीब आते ही और 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच शह-मात का खेल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने सूबे की राजनीतिक जमीन को जो नई शक्ल दी थी, उसके बाद हर दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटा है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचने की कवायद में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे दस…
उत्तरप्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और निर्णायक अध्यायों में से एक रहा है। इस मंदिर आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली, भाजपा को राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अंततः 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक लक्ष्य पूरा हुआ।लेकिन इतिहास का दिलचस्प मोड़ यह है कि मंदिर बनने के बाद असली प्रशासनिक चुनौती शुरू हुई है, जिसके दृष्टिगत 2 सितंबर 2026 को “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र कुमार मिश्र को अपना पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। इसलिए मिश्र की नियुक्ति के पीछे छिपे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सियासी संदेश को समझना होगा।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से अयोध्या तक: कौन है राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, क्या होगी जिम्मेदारीमसलन, लगभग 5,585 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
Supporting Student Journalist.
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