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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिल रहे हैं। जिनपिंग से हाथ मिलाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने जो बयान दिया वो भारत के लिए एक बड़े तूफान की चेतावनी…
भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस ली है और इस कड़ी में सबसे पहले पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए कई कदम उठाये जाएंगे। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश…
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच, भारत के लिए एलपीजी आपूर्ति ले जा रहे दो मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं और अगले कुछ दिनों में भारतीय बंदरगाहों पर…
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ लगे आरोपों से जुड़े एक मामले…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को केंद्र सरकार से NEET आधारित प्रवेश प्रक्रिया को रद्द करने और…
कई दिनों की परामर्श और बढ़ते सस्पेंस के बाद, कांग्रेस ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की…
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को काले रंग के वकील के गाउन में कलकत्ता उच्च न्यायालय में…
बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के…
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पिछले साल दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के बाहर हुए भीषण कार बम धमाके के…
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए…
तीन राज्यों में शानदार जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा नगर निकाय चुनावों में भी जोरदार…
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी कुदरत के कहर ने भारी तबाही मचाई है। धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि…
लखनऊ, 14 मई समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के…
चुनाव आयोग की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न’ (SIR) पहल, जो मूल रूप से वोटर लिस्ट को शुद्ध करने के लिए शुरू…
केरल में विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के 10 से अधिक दिन बाद राज्य को बृहस्पतिवार को अपना नया मुख्यमंत्री…
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पश्चिम बंगाल में 69 वर्षों के अथक संघर्ष के बाद भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार प्रथम सरकार शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में कार्यभार…
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को ट्रेनिंग देने वाले इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह आदि प्रतामा…
वेस्ट इंडीज के अनुभवी ऑलराउंडर जेसन होल्डर रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत के खिलाफ…
भारतीय स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु के पिता पीवी रमना ने बताया कि उनकी बेटी ने पुष्टि…
टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में लगातार तीसरी बार न पहुंच पाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में…
टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल में आखिरी स्थान के लिए भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले…
आज, 1 मार्च 2026 को टी20 वर्ल्ड कप का 52वां मैच खेला जाएगा। भारतीय टीम अपने पिछले…
शाहरुख खान की बहुप्रतीक्षित एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘किंग’ को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है। फिल्म की शूटिंग जोरों पर है, लेकिन मेकर्स की लाख कोशिशों के बावजूद सेट से तस्वीरें लीक होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब फिल्म के मुख्य विलेन अभिषेक बच्चन का पहला लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है।कैसा है अभिषेक बच्चन का ‘विलेन’ अवतार?लीक हुई तस्वीर कथित तौर पर एक आउटडोर लोकेशन की है। इसमें अभिषेक बच्चन का बेहद रफ-एंड-टफ और डरावना लुक देखने को मिल रहा है: तस्वीर में अभिषेक एक गाड़ी के ऊपर खड़े हैं और उनके हाथों में एक शॉटगन है। उन्होंने गहरे रंग के कपड़ों के ऊपर एक लंबा ग्रे ओवरकोट पहना हुआ है। पीछे ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियां नजर आ रही हैं, जो फिल्म के इंटेंस एक्शन की ओर इशारा कर रही हैं।फिल्म की टीम हाल ही में एक गाने की…
हवाई जहाज की पहली यात्रा हर किसी के लिए खास होती है, लेकिन इसके साथ थोड़ी घबराहट भी…
12वीं पास करने के बाद युवाओं के लिए डिफेंस सेक्टर बेस्ट ऑप्शन है। डिफेंस सेक्टर का मतलब इंडियन आर्मी से लेकर एयरफोर्स, नेवी और आर्म्ड फोर्स में शामिल होना है। सेना की वर्दी और बार्डर पर ड्यूटी ज्यादातर स्टूडेंट्स का ड्रीम होता है। इस सपने को पूरा करने का मौका 12वीं के पास मिलता है। जिसके तहत अलग-अलग एंट्रेंस में एग्जाम को पास करने के बाद आप इंडियन नेवी, इंडियन आर्मी, इंडियन एयरफोर्स समेत आर्म्ड फोर्स में शामिल हो सकते हैं।12वीं के बाद डिफेंसबता दें कि 12वीं के बाद डिफेंस में जाने के कई अलग-अलग रास्ते हैं। डिफेंस में जाने…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि नोएडा के जेवर स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान सेवाएं…
टाटा समूह की विमानन कंपनी एयर इंडिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय उड़ान नेटवर्क में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है।…
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक…
पश्चिम एशिया के ऊपर हवाई क्षेत्र में लगी पाबंदियों के कारण भारतीय विमानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है।…
इन दिनों वैश्विक तेल बाजार में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं और इसका असर भारत की ऊर्जा…
बिहार सरकार ने नेशनल मखाना बोर्ड के तहत फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए मखाना डेवलपमेंट स्कीम शुरू की है, जिसमें खेती से लेकर एक्सपोर्ट तक सप्लाई चेन में सब्सिडी दी जाएगी। इस स्कीम का मकसद मखाना, जिसे फॉक्स नट्स भी कहते हैं, के प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को बढ़ाकर किसानों की इनकम बढ़ाना है। बिहार भारत में मखाना का सबसे बड़ा प्रोड्यूसर है। इस पहल से विशेष रूप से कोसी, मिथिलांचल और सीमांचल जैसे क्षेत्रों के किसानों को लाभ होगा।अधिकारियों ने कहा कि मखाना की खेती करने वाले किसान मॉडर्न तरीके अपनाने और प्रोडक्शन बेहतर करने के लिए 71,600 रुपये तक की मदद के हकदार होंगे। राज्य में मखाना की खेती और प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी और अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।इसे भी पढ़ें:…
आज पूरी दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं ने मानव सभ्यता को नई चुनौतियों के सामने खड़ा कर दिया है। खाड़ी देशों में लंबे समय से चल रहे संघर्ष और युद्ध की विभीषिका ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरे तक प्रभावित किया है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि, आपूर्ति श्रृंखलाओं का बाधित होना, डॉलर के मुकाबले विभिन्न देशों की मुद्राओं का कमजोर होना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उत्पन्न असंतुलन ने लगभग हर राष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित किया है। भारत भी इन परिस्थितियों से अछूता नहीं रह सकता। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करता है और सोने का भी विश्व के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन के संयमित उपयोग और सोने की खरीद को सीमित करने का आह्वान केवल एक…
पश्चिम बंगाल में अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार के तौर पर शुभेन्दु अधिकारी ने शासन की बागडोर संभाल ली है। भाजपा का यह स्पष्ट नारा रहा है कि वह विदेशी घुसपैठियों को देश से बाहर करेगी। इसलिए पश्चिम बंगाल के जनादेश में इस पर अब जनता की मुहर भी लग गई है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने मुस्लिम तुष्टिकरण को बढ़ावा देकर अपने शासन का संचालन किया। इसमें बांग्लादेश के घुसपैठियों का भी समर्थन भी शामिल रहा। अब भाजपा की सरकार बनने के बाद यह तय हो चुका है कि अब पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से लगी हुई सीमाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित होंगी और एक बड़ी समस्या से छुटकारा भी मिलेगा। इससे यह भी आशय निकलता है कि सबका साथ और सबका विकास वाली राजनीतिक अवधारणा को स्वीकार किया जाने लगा है। देश में इसी प्रकार की…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी प्रकार की आपदा को अवसर में बदलना जानते हैं। पहले कृत्रिम वैश्विक महामारी कोरोना (कोविड-19), फिर रूस-यूक्रेन युद्ध और अब अमेरिका/इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया है। फिलवक्त मौजूदा वैश्विक संकट से भारत को निजात दिलाने और इससे प्रभावित हो रहे आम भारतीयों के हितों की रक्षा करने के लिए ही उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने, आयातित वस्तुओं का उपभोग मितव्ययिता पूर्वक करने और इनके मौजूद देशी विकल्प को आजमाते हुए स्थायी हल निकालने और उनपर निर्भर होने की दिशा में जनसहयोग का आह्वान करके सबको चौंका दिया है।समझा जाता है कि अमेरिका, चीन, यूरोप और अरब के कुछ देशों के द्वारा लगातार भारत विरोधी षड्यंत्र किए जा रहे हैं। कोई अपना इस्लामिक एजेंडा भारत पर थोपना चाहता है तो कोई भारत-रूस के भरोसेमंद सम्बन्धों में पलीता लगाना चाहता है और कोई भारत को पाकिस्तान, बंग्लादेश और चीन के त्रिपक्षीय कुचक्र में…
धर्मनिरपेक्षता की भारतीय अवधारणा मूलतः “सर्वधर्म समभाव” और राज्य की धार्मिक निष्पक्षता पर आधारित रही है। लेकिन पिछले कई दशकों में भारतीय राजनीति के एक हिस्से ने इसे सामाजिक संतुलन के बजाय “अल्पसंख्यक तुष्टिकरण” के राजनीतिक औजार के रूप में प्रस्तुत किया। यही कारण है कि आज अनेक क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल वैचारिक संकट से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। सच कहूं तो वे सभी धर्मनिरपेक्षता की मृगतृष्णा में भटक रहे हैं, ‘इंडिया गठबंधन’ के सहयोगी दल कांग्रेस की बेरुखी से अपना अपना सियासी दम तोड़ते जा रहे हैं! जानिए कैसेजहां कांग्रेस ने स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक खुद को धर्मनिरपेक्ष राजनीति की केंद्रीय धुरी के रूप में स्थापित रखा। परंतु समय के साथ उस पर यह आरोप मजबूत होता गया कि उसने बहुसंख्यक समाज की सांस्कृतिक आकांक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया और वोट बैंक आधारित राजनीति को प्राथमिकता दी। इसका परिणाम यह हुआ कि भाजपा ने “सांस्कृतिक…
वित्तीय आपातकाल कभी चेतावनी देकर नहीं आते। चाहे अचानक आया मेडिकल बिल हो या घर की तत्काल मरम्मत, आपको अक्सर तुरंत पैसों की ज़रूरत पड़ती है। जबकि कई प्लेटफ़ॉर्म तुरंत लोन प्रदान करते हैं, लेकिन उसका “approved” स्टेटस मिलना पूरी तरह आपकी प्रोफ़ाइल पर निर्भर करता है।ऋणदाता अपना पैसा देने से पहले आपकी बैंकिंग और क्रेडिट हिस्ट्री में कुछ विशेष पैटर्न देखते हैं। यदि आप उनके मानकों पर खरे नहीं उतरते, तो आपका आवेदन लगातार रिजेक्शन के चक्र में फँस जाता है। इस पोस्ट में आपका स्वागत है, जो बताती है कि आप अपने आवेदन को वेरिफिकेशन में आसानी से कैसे पास करवा सकते हैं।पर्सनल लोन पात्रता को जल्दी सुधारने के टिप्सयहाँ आपके पर्सनल लोन की पात्रता सुधारने के तरीके दिए गए हैं –आज ही अपनी क्रेडिट रिकॉर्ड ठीक करेंजैसे ही आप अपना PAN दर्ज करते हैं, पर्सनल लोन ऐप सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर निकालती है। इसे अपनी वित्तीय…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आ चुके हैं। नई सरकारों के गठन की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी के ये विधानसभा चुनाव परिणाम कई स्पष्ट संकेत देने वाले हैं। बंगाल, असम, और पुद्दुचेरी ने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले भाजपा व राजग गठबंध को दो तिहाई बहुमत के साथ चुना वहीं तमिलनाडु और केरल में भी सत्ता बदल गई। बंगाल, असम और पुद्दुचेरी में विकास, कल्याणकारी योजनाओं व हिंदुत्व का कमाल रहा। असम में कल्याणकारी योजनाओं के सहारे भाजपा जहां महिलाओं और युवाओं को साधने में सफल रही वहीं मुख्यंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ मुहिम छेड़कर नस्ल, क्षेत्र और भाषा में बनते हिंदुओं को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। असम और बंगाल की जनता को भाजपा यह भरोसा दिलाने में सफल रही कि केवल भाजपा ही बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या से मुक्ति दिला सकती है। बंगाल और…
2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में केवल सत्ता परिवर्तन या सत्ता वापसी की घटना मात्र नहीं हैं बल्कि ये देश की राजनैतिक दिशा और मतदाता के बदलते मनोविज्ञान का एक ऐसा विस्तृत दस्तावेज हैं, जिसने भविष्य की राजनीति के लिए नए प्रतिमान स्थापित कर दिए हैं। इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय मतदाता अब केवल भावनात्मक नारों या पारंपरिक वोट बैंक के गणित में उलझने वाला नहीं है बल्कि वह शासन की जवाबदेही, नेतृत्व की विश्वसनीयता और विकास के ठोस धरातल पर अपना निर्णय सुना रहा है। पूर्वोत्तर की पहाड़ियों से लेकर दक्षिण के तटीय मैदानों तक फैली इस राजनैतिक हलचल का यदि सूक्ष्म विश्लेषण किया जाए तो यह साफ दिखाई देता है कि ‘भगवा’ राजनीति का पूर्वी विस्तार अब अपने चरम पर है जबकि दक्षिण में क्षेत्रीय अस्मिता और नए राजनैतिक विजन के बीच एक दिलचस्प संघर्ष छिड़ गया…
पश्चिम बंगाल में स्वाधीनता के पश्चात पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड और ऐतिहासिक बहुत मिला है। भाजपा ने बंगाल में दो शतक का आंकड़ा पार कर कर एक नई लकीर खींच दी है। पश्चिम बंगाल में भाजपा को जहां साल 2016 में 3 और 2021 में 77 सीटें मिलीं। वहां 4 मई 2026 को घोषित हुए चुनाव परिणाम में भाजपा ने 206 सीटों के साथ नया अध्याय लिख दिया है। अंततः भाजपा के लिए कभी असंभव माने जाने वाले पश्चिम बंगाल में भगवा लहरा गया है। भाजपा ने ममता बनर्जी के अभेद्य किले को भेदकर वहां अपना विजय का परचम लहरा दिया है। बीजेपी की ये जीत कई मायनों में विशेष है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में जिसने भी वहां के जनमानस को देखा, वहां के लोगों के मनोभावों, मुखरता और मौन को देखा। उन्हें ये परिणाम अप्रत्याशित नहीं लगे। क्योंकि 2026 के चुनाव में बंगभूमि…
बंगाल केवल एक भौगोलिक भूभाग नहीं है, बल्कि यह वह विचार है जिसने आधुनिक भारत की आधारशिला रखी। आज का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होने वाला है, क्योंकि यह मात्र एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उस माटी की अपनी जड़ों की ओर वापसी है, जिसने कभी ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से पूरे आर्यावर्त को जगाया था। यह जीत उस संकल्प की सिद्धि है जो दशकों से बंगाल की गलियों में मौन था, किंतु मरा नहीं था। आज जब बंगाल में राष्ट्रवाद का भगवा ध्वज लहरा रहा है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि गंगासागर की लहरें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उन बलिदानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं, जिन्होंने एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। यह उस विचारधारा की विजय है जो मानती है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही भारत की…
Supporting Student Journalist.
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