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कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य…
(सीमा हाकू काचरू) ह्यूस्टन (अमेरिका), 14 सितंबर जी20 देशों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ह्यूस्टन आए केंद्रीय विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने अमेरिका के…
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को कृत्रिम मेधा (एआई) और आधुनिक तकनीक में अधिक विशेषज्ञता हासिल करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई की समझ नहीं रखने वाले समाजों का विदेशी ताकतों…
महाराष्ट्र के नासिक में पानी की परियोजना के लिए रखे लोहे के पाइप से एक मोटरसाइकिल के टकराने के बाद…
45 साल की उम्र तक कई लोग अपने सपने पूरे करने की जद्दोजहद छोड़ देते हैं लेकिन रेणु हंस ने…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने समूह के दिल्ली…
बाहरी-उत्तर दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में अज्ञात हमलावरों ने एक ई-रिक्शा चालक की कथित तौर पर चाकू घोंपकर हत्या…
हिंदी उन भाषाओं में शुमार है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा बोली और समझी जाती है। महात्मा गांधी ने कहा…
‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से रविवार को रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं:दि61 ब्रिक्स मोदी दूसरी…
राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी भाजपा के लिए उत्साहवर्धक साबित हुई है। पार्टी के एक…
कांग्रेस ने रविवार को कहा कि उसने असम के तीन जिलों में बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण का फैसला…
महाराष्ट्र में नवी मुंबई के नेरुल इलाके में पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई,…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने भारत…
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के ‘अर्पण’ केंद्रों पर पिछले महीने शुरुआत के बाद से…
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर मनमाने ढंग से काम करने, कानूनों…
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अगर 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात होती…
ग्लास्गो, 29 जुलाई भारत के अनुभवी तैराक साजन प्रकाश राष्ट्रमंडल खेलों में पुरूषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल…
ताइपे सिटी, 29 जुलाई अनुभवी शटलर एचएस प्रणय और उन्नति हुडा ने सीधे गेम में जीत दर्ज…
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को घोषणा की कि शिक्षा विभाग ने ‘शिक्षक भर्ती परीक्षा…
ICC की ताज़ा रैंकिंग के अनुसार, भारत के कप्तान शुभमन गिल नए नंबर वन ODI बल्लेबाज़ बन…
भारतीय कप्तान शुभमन गिल बुधवार को जारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की रैंकिंग में फिर से दुनिया…
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के ब्रांड मूल्य वाली दुनिया की पहली…
हाल ही में सिल्वरस्टोन में माइकलिन ले मैंस कप रेस का आयोजन हुआ है, जिसे देखने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर विजय भी पहुंचे। लेकिन इस समय थलपति विजय काफी चर्चाओं में बनें हुए है। दरअसल, इस दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी उनके साथ नजर आईं है। रेसिंग सर्किट में पहुंचते ही तृषा का एक वीडियो काफी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।एक बार फिर साथ नजर आए विजय-तृषावायरल वीडियो में तृषा जींस, टी-शर्ट और मैरून जैकेट पहने दिखाई दे रही हैं। एक्ट्रेस कार से उतरकर रेसिंग सर्किट में बने टेंट की तरफ जाती नजर आ रही है। वहीं, एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें तमिलनाडु के सीएम विजय रेस का आनंद लेते दिखाई दिए हैं। इस दौरान तृषा भी उनके साथ नजर आ रही हैं। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ फैंस के बीच हलचल मचने शुरु हो चुकी है। दोनों को एक-साथ देखकर फिर…
हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान…
Hindi NewsCareerElena Rybakina Wins US Open | DRDO New Testing Site In West Bengal13 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-नेशनल (NATIONAL)1. BRICS 2026 के पहले दिन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को अपनाया गया12 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को अपनाया गया।इसमें व्यापार और आतंकवाद से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संस्थागत सुधार जैसे मुद्दों पर सभी देशों ने अपना मत दिया।इस घोषणापत्र में टैरिफ, व्यापारिक तनाव और भू-राजनीतिक बंटवारे के माहौल में, समूह ने एकतरफा व्यापार प्रतिबंधों का विरोध किया।साथ ही, ब्रिक्स…
भारतीय लग्जरी कार बाजार में मर्सिडीज-बेंज की बादशाहत को एक दशक से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन…
तमिलनाडु में सी. जोसेफ विजय की अगुवाई वाली टीवीके सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के…
अवकाश के कारण कम कारोबारी सत्रों वाले आगामी सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर…
घरेलू वाहन कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवी) ने बृहस्पतिवार को अपने यात्री वाहन कारोबार के लिए नई ब्रांड…
सरकार द्वारा आयात की अनुमति देने, स्टॉक रखने पर पाबंदी लगाने और जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद बृहस्पतिवार…
आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रचलन बढ़ा है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी जोखिम उठाने और सही रणनीति अपनाने से बैंक ब्याज या एफडी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त होता है। इसलिए वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे बड़ी गलती रिटर्न के पीछे भागना और अपने लक्ष्य, जोखिम तथा समय-अवधि को नजरअंदाज करना है। देखा जाए तो म्यूचुअल फंड के निवेशक 10 आम गलतियाँ कर ही बैठते हैं। प्रायः हर किसी से यह हो जाती हैं। इसलिए इन गलतियों से बचें और एक बेहतर आर्थिक भविष्य प्राप्त करें। म्यूचुअल फंड निवेश की कुछ महत्वपूर्ण गलतियाँ निम्नलिखित हैं:-पहला, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना: पिछले 1–3 साल का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसलिए फंड की रणनीति, जोखिम और लंबी अवधि का प्रदर्शन भी देखें। अन्यथा भविष्य में आपको हानि उठानी पड़ सकती है।इसे भी पढ़ें: वाहन खरीदा, लेकिन छह महीने तक…
पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख शैक्षणिक प्रकल्प विद्या भारती के कम से कम एक हजार नए विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की घोषणा नहीं है, बल्कि इसे राज्य की शिक्षा-दृष्टि में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। 4 सितंबर 2026 को सामने आई इस घोषणा के अनुसार अगले एक वर्ष में राज्य के प्रत्येक जिले, नगरपालिका और पंचायत तक विद्या भारती के विद्यालयों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विद्या भारती से जुड़े 313 विद्यालय संचालित होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने विद्या भारती के नेतृत्व को राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाने का भी निमंत्रण दिया है। यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि विद्या भारती आज देश…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव सिर्फ वोटों की गिनती से नहीं जीते जाते। यहां जाति, जज्बात, चेहरा और संदेश, इन चारों का सही तालमेल सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाता है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर जरूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपनी पुरानी साइकिल में नए राजनीतिक पुर्जे लगाने में जुटे हैं। मकसद सपा को उसकी पुरानी छवि से बाहर निकालना है, जिसे विरोधी लंबे समय से एक खास सामाजिक दायरे और सत्ता में कथित तौर पर आक्रामक राजनीति से जोड़ते रहे हैं। अखिलेश की नई रणनीति में जातीय समीकरण भी है, हिंदू प्रतीक भी हैं, पीडीए का विस्तार भी है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि डिंपल यादव के रूप में एक नया और अपेक्षाकृत शांत चेहरा भी है।डिंपल की बढ़ती भूमिका और ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’देखा जाये तो अब तक डिंपल यादव की राजनीति अपेक्षाकृत…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र का हृदयस्थल माना जाता है। दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर गुजरता है, यही कारण है कि देश के इस सबसे बड़े सूबे में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचल का असर राष्ट्रीय फलक पर साफ दिखाई देता है। वर्ष 2026 की समाप्ति के करीब आते ही और 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच शह-मात का खेल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने सूबे की राजनीतिक जमीन को जो नई शक्ल दी थी, उसके बाद हर दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटा है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचने की कवायद में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे दस…
उत्तरप्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और निर्णायक अध्यायों में से एक रहा है। इस मंदिर आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली, भाजपा को राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अंततः 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक लक्ष्य पूरा हुआ।लेकिन इतिहास का दिलचस्प मोड़ यह है कि मंदिर बनने के बाद असली प्रशासनिक चुनौती शुरू हुई है, जिसके दृष्टिगत 2 सितंबर 2026 को “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र कुमार मिश्र को अपना पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। इसलिए मिश्र की नियुक्ति के पीछे छिपे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सियासी संदेश को समझना होगा।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से अयोध्या तक: कौन है राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, क्या होगी जिम्मेदारीमसलन, लगभग 5,585 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
Supporting Student Journalist.
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