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शनिवार सुबह लुधियाना रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब वैष्णो देवी जाने वाली एक विशेष ट्रेन के एक डिब्बे में स्टेशन से रवाना होने के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी आ गई,…
जब आसमान से मौत बरस रही थी और इमारतें मलबे में तब्दील हो रही थी उस वक्त ईरान के सुप्रीम लीडर के दफ्तर में क्या चल रहा था? अमेरिका और इजराइल के विनाशकारी हमलों के बीच…
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक में इजराइल ने ऐसा तहलका मचा दिया जैसा पहले कभी नहीं देखा गयै होगा। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डेनी डेनन ने अचानक एक ड्रोन निकाल लिया और…
के. अन्नामलाई द्वारा पार्टी छोड़ने की घोषणा के एक दिन बाद, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने शनिवार को आरोप…
इस साल अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में 3 जुलाई…
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी (DTU) ने हरिजन सेवक संघ परिसर तथा विश्वविद्यालय परिवार के सहयोग…
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा करते हुए कहा कि…
भारत ने बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ अब निर्णायक और कठोर अभियान छेड़ दिया है। सीमा सुरक्षा बल, राज्य पुलिस और…
शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद, युवाओं के नेतृत्व वाले व्यंग्य संगठन ‘कॉकरोच जनता…
एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार से पीड़ित तीन वर्षीय बच्ची ने अपने पिता के माध्यम से दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख…
फैसल खान, जिन्हें लोकप्रिय रूप से “खान सर” के नाम से जाना जाता है, ने शनिवार को बिहार के पटना…
शिक्षाविद और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैकड़ों छात्रों और युवा पेशेवरों के साथ शामिल हुए।…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अच्छे लोगों को चुनने पर जोर दिया और 2017 से पहले…
जम्मू-कश्मीर में राजौरी और पुंछ के पहाड़ी इलाकों में आतंक के खिलाफ चल रही सबसे लंबी और कठिन घेराबंदी अब…
आगामी राज्यसभा चुनावों से पहले झारखंड में नई राजनीतिक हलचल मच गई है, क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने स्पष्ट…
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राज्यसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इन घोषणाओं ने केवल संसदीय राजनीति ही नहीं, बल्कि…
लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज आईपीएल 2025 का…
श्रेयस अय्यर पर मंगलवार को न्यू चंडीगढ़ में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026…
आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटन्स की शुरुआत लड़खड़ाती हुई रही और मंगलवार रात पंजाब किंग्स के खिलाफ…
पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने मंगलवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के रोमांचक टी20…
मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश ने इस सत्र में अपने निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मंगलवार को अपने…
तीन बार की ओलंपियन मनिका बत्रा मंगलवार को अमेरिका की लिली झांग पर 3-2 से जीत दर्ज…
सिनेमा की दुनिया में निर्देशक अनुराग कश्यप कभी भी आसान और सीधे रास्ते चुनने वाले फिल्ममेकर नहीं रहे हैं। उनकी फिल्में अक्सर दर्शकों को नैतिक रूप से एक ऐसे दोराहे पर लाकर खड़ा कर देती हैं, जहां सही और गलत के बीच का अंतर धुंधला हो जाता है। उनकी नई फिल्म ‘बंदर’ भी इसी कड़वी हकीकत और बेचैनी की परंपरा को आगे बढ़ाती है। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह फिल्म दिखाती है कि कैसे किसी व्यक्ति की हँसती-खेलती दुनिया महज एक आपराधिक आरोप के बाद ताश के पत्तों की तरह बिखर जाती है, और फिर शुरू होता है देश की सुस्त न्याय व्यवस्था का अंतहीन चक्रव्यूह। यह फिल्म किसी के दोषी या निर्दोष होने का फैसला सुनाने का ठेका नहीं लेती, बल्कि यह एक असंवेदनशील सिस्टम में फंसने के मानवीय और मानसिक परिणामों पर फोकस करती है। धीमी रफ्तार के बावजूद, बॉबी देओल की संजीदा एक्टिंग के दम पर यह…
अगर आप Beach Lover हैं और काफी समय में ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख…
भारत दौर पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं। हम इन्हें गंभीरता से लेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भी बेवकूफ लोग मौजूद हैं। ‘क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग’ (क्वाड) की बैठक में शिरकत करने राजधानी दिल्ली में आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमरीका में भारतीयों पर नस्लीय हमलों को लेकर यह जवाब दिया। रुबियो ने कहा कि मैं नस्लभेदी कमेंट्स को बहुत गंभीरता से लूंगा। मुझे यकीन है कि ऐसे लोग हैं जिन्होंने ऑनलाइन और दूसरी जगहों पर कमेंट्स किए हैं, क्योंकि दुनिया के हर देश में बेवकूफ…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्यों के साथ बैठक कर…
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। विदेशी पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा…
वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के बावजूद, वित्त वर्ष 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी…
आईटी क्षेत्र से एक अहम खबर सामने आ रही है, जहां अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी कॉग्निजेंट अपने बड़े…
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है, जहां वस्तु एवं सेवा कर संग्रह ने अप्रैल महीने…
भारत में परीक्षा अब केवल योग्यता का आकलन नहीं रह गई है बल्कि यह करोड़ों सपनों की निर्णायक कसौटी बन चुकी है लेकिन जब यही कसौटी बार-बार संदिग्ध हो जाए, जब मेहनत और ईमानदारी की जगह ‘जुगाड़’ और ‘माफिया नेटवर्क’ हावी हो जाएं, तब यह केवल परीक्षा का संकट नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य का संकट बन जाता है। पेपर लीक के चलते नीट-यूजी 2026 परीक्षा का रद्द होना, सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल और एसएससी जीडी परीक्षा में धांधली, ये घटनाएं मिलकर यह साबित करती हैं कि भारत की परीक्षा प्रणाली अब गहरे संस्थागत संकट में फंस चुकी है और भारत की परीक्षा प्रणाली अब वेंटिलेटर पर है। नीट-यूजी 2026 का घटनाक्रम तो इस विफलता की सबसे भयावह तस्वीर पेश करता है। लगभग 22.79 लाख छात्रों की मेहनत, उनके परिवारों के त्याग और वर्षों की तैयारी एक झटके में शून्य हो गई। यह…
हम सभी के पास एक बैंक अकाउंट होता है जो हमने स्कूल या कॉलेज के दौरान खोला था। या जब हमारी सैलरी किसी दूसरी कंपनी के ज़रिए आती थी। या क्योंकि किसी दोस्त ने कहा, “बस खोल लो, कोई नुकसान नहीं है।” लेकिन सालों बाद पासबुक गायब है, ATM कार्ड एक्सपायर हो गया है और आपने उसे कभी छुआ तक नहीं है।तो क्या होता है जब आप लंबे समय तक अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करते? क्या बैंक इसे बंद कर सकता है? क्या कोई चार्ज जमा हो रहा है? क्या आपका पैसा गायब हो जाएगा?बैंक अकाउंट तब “इनएक्टिव” होता है जब लगातार 12 महीने तक कस्टमर की तरफ से कोई ट्रांज़ैक्शन—जैसे, डिपॉज़िट, विड्रॉल, फंड ट्रांसफर, या इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन नहीं हुआ हो। अगर यह 24 महीने तक इनएक्टिव रहता है तो अकाउंट को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नियमों और दूसरे देशों के ऐसे ही नियमों के…
क्या आप जानते हैं कि हर साल 40% से ज़्यादा EPF बेनिफिट्स इसलिए बिना क्लेम के रह जाते हैं क्योंकि मेंबर्स ने सही नॉमिनेशन फाइल नहीं किया था? एक EPF मेंबर के तौर पर यह पक्का करना कि आपकी मेहनत की कमाई आपकी गैरमौजूदगी में आपके अपनों तक पहुंचे, सिर्फ़ एक ज़िम्मेदार फाइनेंशियल प्लानिंग ही नहीं है बल्कि यह आपके परिवार के भविष्य के लिए ज़रूरी सुरक्षा भी है। EPFO यूनिफाइड पोर्टल पर ई-नॉमिनेशन की शुरुआत ने इस प्रोसेस में बड़ा बदलाव किया है, फिर भी कई मेंबर्स अभी भी इस ज़रूरी काम को सही तरीके से पूरा करने में मुश्किल महसूस करते हैं। एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) मेंबर्स को अपने EPF अकाउंट के लिए परिवार के सदस्यों को नॉमिनेट करने की सुविधा देता है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में फंड ट्रांसफर आसानी से हो सके। बाद में होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए नॉमिनी की डिटेल्स…
यदि आपने समय से पहले ही कर्ज यानी लोन चुका दिया, जिसे “लोन फोरक्लोजर/प्री-क्लोजर” कहा जाता है और उसके बाद भी आपका सिबिल स्कोर गिर गया हो, तो यह प्रथम दृष्टया यानी पहली नजर में भले ही अजीब सा लगता है। लेकिन क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम ऐसा होने के पीछे कई तकनीकी पहलुओं पर काम करता है। इसलिए कई बार “जल्दी कर्ज चुकाना” भी अस्थायी रूप से आपके स्कोर घटा देता है। कहा भी जाता है कि कोई भी कार्य न तो समय से पहले करना चाहिए और न ही समय के बाद, बल्कि उसे उचित समय पर ही करना चाहिए। खासकर कर्ज जैसे वित्तीय लेन-देन के मामले में। अब आइए समझते हैं कि आखिर सिबिल स्कोर क्यों गिर जाता है?इसे भी पढ़ें: पीएम मुद्रा योजना में किस कैटेगरी में कितना लोन मिलता है?पहला, पुराना लोन एकाउंट बंद हो जाता है: जब आप लोन फोरक्लोज करते हैं, तो वह अकाउंट “बंद” दिखने…
कर्नाटक में कांग्रेस इस समय एक गहरे राजनीतिक धर्मसंकट में दिखाई दे रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री बदलकर उसने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। जिस तरह से आलाकमान के निर्देश पर सिद्धारमैया की जगह डी के शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है, वह दूरदर्शिता का परिचायक है। लेकिन सवाल है कि क्या मुख्यमंत्री बदलने से समस्या का स्थायी हल निकल चुका है? या फिर कोई और नई समस्या पनपेगी! कांग्रेस का अतीत इसी बात की चुगली करता है।चूंकि कांग्रेस के लिए जहां एक ओर सत्ता संतुलन मायने रखता है, तो वहीं दूसरी ओर एक स्थिर और टिकाऊ सरकार की चुनौती उसके समक्ष मौजूद है, जो चुनावी मुद्दा भी 2028 के विधानसभा चुनाव में बनेगा। और इसी बीच मुख्यमंत्री बदलने की लगातार चल रही चर्चाओं को सही साबित करके और अपना नया मुख्यमंत्री घोषित करके उसने कर्नाटक के राजनीतिक तापमान बढ़ा चुकी है।सवाल यह है कि क्या नेतृत्व परिवर्तन…
प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा संपन्न हो चुकी है। पश्चिमी एशिया संकट सहित दुनियाभर में चल रही उथल -पुथल तथा चीन की विस्तारवादी नीतियों के दृष्टिगत प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इन देशों से द्विपक्षीय संबंध सुधारने की दिशा में एक अहम पड़ाव बनी। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान उन्हें स्वीडन तथा नार्वे जैसे देशों ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देकर सम्मानित किया। नार्वे की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-नार्डिक देशों के शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया। प्रधानमंत्री की पांच देशों की यात्रा के दौरान कुल 57 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के व्यापक कूटनीतिक, आर्थिक और सामरिक निहितार्थ हैं। इन यात्राओं का एक परोक्ष संदेश यह भी है अब भारत दुनिया के ताकतवर देशों की कूटनीति की छत्रछाया से बाहर निकल कर अपनी स्वतंत्र नीति…
वर्ष 2026 की गर्मी केवल एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सामने खड़ी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है। अप्रैल-मई के दौरान भारत सहित दक्षिण एशिया के अनेक हिस्सों में पड़ी रिकॉर्ड हीटवेव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का संकट नहीं, वर्तमान की भयावह वास्तविकता है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य भारत के अनेक क्षेत्रों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई शहरों में बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। सड़कें सूनी दिखने लगीं, श्रमिकों का श्रम ठहरने लगा और बच्चों, बुजुर्गों तथा गरीब तबकों के सामने जीवन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। यह संकट अचानक नहीं आया। यह दशकों से प्रकृति के साथ किए गए असंतुलित व्यवहार, अंधाधुंध शहरीकरण, जंगलों की कटाई, संसाधनों के दोहन और सुविधावादी जीवनशैली का परिणाम है। प्रकृति ने बार-बार संकेत दिए, लेकिन विकास की अंधी दौड़ में…
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने एक बार फिर बसपा प्रमुख मायावती के करीब जाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। चूंकि कांग्रेस इस समय समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में है, इसलिए उसके शीर्ष नेता खुलकर मायावती से संपर्क नहीं कर सकते थे। ऐसे में कांग्रेस से जुड़े कुछ दलित नेताओं के माध्यम से मायावती तक पहुंचने की कोशिश की गई, लेकिन मायावती ने इस प्रयास को पूरी तरह विफल कर दिया। लखनऊ स्थित अपने आवास पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को उन्होंने मिलने का समय तक नहीं दिया। इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए संकेत दे दिए हैं।दरअसल मंगलवार शाम कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया मायावती से मिलने उनके आवास पहुंच गए। बताया गया कि उनके साथ कुछ अन्य दलित नेता भी थे। हालांकि उन्हें मायावती से मिलने का समय…
बंगाल में 69 वर्षों के अथक संघर्ष के बाद बनी शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र के अनुरूप काम पर लग गई है। सत्ता परिवर्तन होते ही सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बंद करवाए गए। अवैध बूचड़खानों पर बुलडोजर एक्शन के आदेश जारी हुए। सभी विद्यालयों में अब सम्पूर्ण वंदेमातरम का गायन अनिवार्य कर दिया गया है। सड़कों पर नमाज व अन्य धार्मिक गतिविघियों पर पाबंदी लगा दी गई है। सीमा पर फेंसिंग के लिए सीमा सुरक्षा बल को जगह दे दी गई है और सम्पूर्ण भूमिहस्तांतरण निर्णय के 45 दिन में पूरा हो जाएगा। चिकन नेक क्षेत्र केंद्र को सौंप दिया गया है। धार्मिक आधार पर चलने वाली योजनाएं जैसे इमामों को वेतन बंद कर दिया गया है। आर.जी.कर केस की फाइल दोबारा खुलने के आदेश हो गए हैं। आयुष्मान भारत जैसी केंद्रीय जन कल्याण योजनाएं अब बंगाल पहुँच रही हैं।शुभेंदु सरकार की गति…
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 53वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के क्रम में याचिकाकर्ता की अपरिपक्व भाषा और समकालीन “सिस्टम पर हमले की प्रवृत्ति” पर एक तल्ख टिप्पणी की और परजीवी तक कह डाला। लिहाजा इसको भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। हालांकि, यह टिप्पणी केवल न्यायपालिका तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद, चुनाव आयोग, मीडिया, नौकरशाही और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार बढ़ते अविश्वास, राजनीतिक ध्रुवीकरण और सोशल मीडिया आधारित आक्रामक विमर्श की ओर संकेत करती है। इसलिए इसके अहम सियासी और प्रशासनिक मायने हैं और संविधान का संरक्षक होने के नाते सर्वोच्च न्यायालय भी अपने नैतिक दायित्व से सिर्फ छिछली टिप्पणी करके बच नहीं सकता, क्योंकि उसे हासिल स्वतः संज्ञान का अधिकार भी गरीबों की भलाई में एक हदतक निरर्थक प्रतीत होता आया है। बावजूद इसके सीजेआई की टिप्पणी कई मायनों में जायज मानी जा सकती है, क्योंकि आज भारत…
Supporting Student Journalist.
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