बीजिंग में चीन ओपन का मुकाबला जीतने के बाद अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी कोको गॉफ को सोशल मीडिया पर भारी नस्लीय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा है। चीन की 16 वर्षीय सन शिनरान के खिलाफ मुकाबले में एक विवादित प्वाइंट के बाद गॉफ की आलोचना शुरू हुई थी, लेकिन बाद में मामला नस्लीय टिप्पणियों तक पहुंच गया। 2 बार की ग्रैंड स्लैम विजेता गॉफ ने साफ कहा कि उनके खेल या किसी फैसले से असहमति जताई जा सकती है, लेकिन इसके नाम पर नस्लवादी भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सोमवार को खेले गए मुकाबले में 22 वर्षीय गॉफ ने सन शिनरान को 7-5, 6-1 से हराकर चीन ओपन के चौथे दौर में जगह बनाई। हालांकि, पहले सेट के आखिरी हिस्से में हुए एक विवाद के कारण मैच के बाद उनकी जीत से ज्यादा चर्चा उस एक प्वाइंट को लेकर हुई।
दरअसल, पहले सेट में स्कोर 5-5 के करीब था और दोनों खिलाड़ी एक अहम रैली खेल रही थीं। इसी दौरान कोर्ट के किनारे लगे विज्ञापन बोर्ड में अचानक झिलमिलाहट दिखाई दी। गॉफ ने खेल रोक दिया और हाथ उठाकर अंपायर का ध्यान इस तरफ दिलाया। उस समय सन शिनरान एक ऐसा शॉट लगाने की स्थिति में थीं, जिससे वह अंक जीत सकती थीं।
इसके बाद अंपायर ने वीडियो समीक्षा की और फैसला दिया कि उस प्वाइंट को दोबारा खेला जाएगा। गॉफ ने दोबारा खेले गए प्वाइंट को अपने नाम किया और फिर अपनी सर्विस बचाकर स्कोर 5-5 कर दिया। इसके बाद उन्होंने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया और पहला सेट जीतने के बाद दूसरे सेट में 6-1 से आसानी से मैच अपने नाम कर लिया।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर गॉफ के खिलाफ काफी टिप्पणियां की गईं। मंगलवार को एक नस्लीय गाली वाली पोस्ट का जवाब देते हुए गॉफ ने कहा कि किसी को उन्हें पसंद न करना या घटना को लेकर उनसे असहमत होना अलग बात है, लेकिन नस्लीय टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह न तो धोखेबाज हैं और न ही किसी का हक छीनने वाली खिलाड़ी हैं।
गॉफ ने यह भी समझाया कि उन्होंने खेल के नियमों के तहत ही वीडियो समीक्षा की मांग की थी। कुछ परिस्थितियों में खिलाड़ी यह समीक्षा मांग सकते हैं, खासकर जब खेल के दौरान किसी बाहरी चीज से खिलाड़ी का ध्यान भंग होने की संभावना हो। इसलिए गॉफ का कहना था कि विवादित अंक को दोबारा खेलने का फैसला नियमों के तहत हुआ था।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों के खिलाफ बढ़ते दुर्व्यवहार को लेकर महिला टेनिस संस्था पहले से चिंतित है। संस्था ने खिलाड़ियों और अधिकारियों से जुड़े हजारों सोशल मीडिया संदेशों पर नजर रखने के लिए एआई आधारित व्यवस्था भी शुरू की है। एक अध्ययन के मुताबिक, 2025 में खिलाड़ियों को 12,000 से ज्यादा अपमानजनक पोस्ट और कमेंट्स मिले थे, जबकि 2024 में यह संख्या करीब 8,000 थी।
मैच के बाद गॉफ ने सन शिनरान से भी बात की और विवादित घटना के लिए माफी मांगी। उन्होंने चीनी खिलाड़ी की तारीफ करते हुए कहा कि वह शानदार प्रतिभा हैं और उन्होंने पूरी स्थिति को समझा। सन शिनरान चीन ओपन में विशेष प्रवेश के जरिए शामिल हुई थीं और यह उनके महिला पेशेवर टेनिस दौरे का पहला मुकाबला था। इससे कुछ समय पहले ही उन्होंने अमेरिकी ओपन की जूनियर प्रतियोगिता का खिताब जीता था।
गॉफ ने कहा कि मैच के बाद सन को भावुक देखकर उन्हें अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई। खुद गॉफ भी 2019 में केवल 15 साल की उम्र में विंबलडन के चौथे दौर तक पहुंची थीं। इसलिए वह समझ सकती हैं कि घरेलू दर्शकों के सामने इतने बड़े मुकाबले में हार के बाद सन पर क्या बीत रही होगी।
इस विवाद के बावजूद गॉफ ने मैच में खुद को संभाला और शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाई है। अब चीन ओपन में उनकी नजर आगे बढ़ने पर है, जबकि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि खिलाड़ियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर होने वाले नस्लीय और व्यक्तिगत दुर्व्यवहार को रोकने के लिए और कितने कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
