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निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का आदेश दिया। साथ ही आयोग ने पहली बार यह निर्देश दिया है कि राजनीतिक दलों को…
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनका ‘‘पूरा इकोसिस्टम’’ केंद्र में सत्ता हासिल करने और ‘‘तख्तापलट’’ करने के लिए देश में ‘‘बांग्लादेश जैसी अराजकता’’ फैलाने की कोशिश…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित ‘नमो डिजिटल मंदिर’ की बृहस्पतिवार को लखनऊ में शुरुआत की गई। इस अवसर पर गाजियाबाद के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने मोदी के मंदिर के निर्माण के लिए…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) और इसके संस्थापक अभिजीत दीपके को 16 अक्टूबर को कनॉट…
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के कारण अमेरिकी नागरिक और बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान…
उत्तर भारत के ऊंचाई वाले इलाकों में बृहस्पतिवार को ताजा बर्फबारी से कई सड़कें बंद हो गईं जबकि राष्ट्रीय राजधानी…
पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता में इंद्रधनुषी रंगों से रंगे फ्लाईओवर पर सड़क संकेतक लगाए हैं और एक पुल की…
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आग्रह किया कि वह सरकार से दुष्यंत…
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को वकील प्रशांत भूषण और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने ‘सत्ता परिवर्तन’ की मांग…
रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को राजधानी के बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज के लोगों को आश्वस्त…
सरकार और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के समर्थन में 3000 से ज्यादा जेन-जी युवा सड़कों पर उतर आए हैं। इसे देखकर…
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद दोषी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी ने स्थानीय…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को घोषणा की कि कसारी-मसारी, जिसे कभी मारे गए गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद…
राष्ट्रीय राजधानी में द्वारका के मोहन गार्डन इलाके में एक सरकारी स्कूल के बाहर 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र…
जेवर विधानसभा क्षेत्र के विधायक धीरेन्द्र सिंह ने आज दनकौर स्थित श्री द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज एवं ग्राम कलूपुरा स्थित बौद्ध…
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उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का चुनाव अभी कुछ समय दूर है, लेकिन शह-मात का खेल अभी से गरमाने लगा है। समाजवादी पार्टी के दरवाजे…
कार्तिक आर्यन एक बार फिर प्यार और दर्द से भरी कहानी लेकर बड़े पर्दे पर आने वाले हैं। इस बार वह पहली बार श्रीलीला के साथ जोड़ी बनाते नजर आएंगे। लंबे समय से चर्चा में चल रही इस फिल्म की रिलीज डेट आखिरकार सामने आ गई है। हालांकि, फिल्म के नाम को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।30 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी फिल्मअनुराग बासु के निर्देशन में बन रही कार्तिक आर्यन और श्रीलीला की यह रोमांटिक फिल्म इस साल रिलीज नहीं होगी। फिल्म 30 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इस फिल्म को पिछले करीब एक साल से ‘आशिकी 3’ के नाम से जोड़ा जा रहा है, लेकिन अभी तक मेकर्स ने इसका आधिकारिक नाम सामने नहीं रखा है। इसी महीने प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू की फिल्म ‘वाराणसी’ भी रिलीज होने वाली है। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में आएगी।इसे भी पढ़ें: Karisma Kapoor…
वीकेंड आते ही दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत और सुकून वाली जगह पर जाने का मन…
Hindi NewsCareerJantar Mantar Chalo Game | Delhi Protest Satirical 3D Video Game News10 मिनट पहलेकॉपी लिंकदिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शनों (Jantar Mantar 2.0) पर एक 27 वर्षीय IIT प्रोफेशनल सूरज कुशवाहा ने एक वीडियो गेम बनाया गया है, जिसका नाम ‘जंतर मंतर चलो’ है।ये एक 3D गेम (Satirical Game) है, जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और चुनौतियों को एक गेमिंग मोड में ढाला गया है।इसमें आप गेम शुरू करने के लिए दिल्ली पुलिस या प्रोटेस्टर बनकर शामिल हो सकते हैं। जैसे ही आप गेम शुरू करते हैं आपको दिल्ली का जंतर-मंतर…
बैंक कर्मचारी संगठनों ने आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के सरकार के फैसले का विरोध करते हुए इसे वापस…
अब मोबाइल पर आने वाली अनजान कॉल की पहचान करना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। भारत में 1…
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें यस बैंक के प्रशासक द्वारा…
भारतीय लोकतंत्र का सबसे मजबूत खंभा उसकी निष्पक्ष चुनाव प्रणाली रही है। वैश्विक पटल पर जब भी भारत की लोकतांत्रिक परिपक्वता की मिसाल दी जाती है, तो निर्वाचन सदन यानी भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका को अग्रिम पंक्ति में रखा जाता है। किंतु, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर वर्तमान में जो अभूतपूर्व राजनीतिक और संवैधानिक गतिरोध पैदा हुआ है, उसने इस प्रतिष्ठित संस्था की निष्पक्षता को इतिहास के सबसे गंभीर दोराहे पर ला खड़ा किया है। देश की राजनीति इस समय इस सवाल को लेकर सुलग रही है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगना कांग्रेस और समूचे विपक्ष की एक सैद्धांतिक लड़ाई है, या फिर यह उनकी सोची-समझी राजनीतिक विवशता और नैरेटिव सेट करने की मजबूरी का हिस्सा है? केरल विधानसभा द्वारा देश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव पारित करना और कांग्रेस द्वारा सड़कों से लेकर सुप्रीम…
उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को कृषि और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि ऋण पर प्रभावी ब्याज दर 6 फीसदी सालाना रखी गई है। योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से किया जा रहा है।6 लाख रुपये के लोन के लिए पात्रतायोजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है। बैंक की ओर से पात्रता और ऋण स्वीकृति की जांच की जाएगी।- आवेदक उत्तर प्रदेश का किसान होना चाहिए।- कृषि योग्य भूमि से जुड़े वैध दस्तावेज जरूरी होंगे।- लोन का इस्तेमाल कृषि या कृषि आधारित गतिविधियों के लिए होना चाहिए।- बैंक की ओर से दस्तावेज, भूमि और ऋण चुकाने की क्षमता की जांच की जाएगी।केवल आवेदन करने…
भारतीय राजनीति का यह एक सर्वमान्य और समय-सिद्ध सिद्धांत है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर ही गुजरता है। उत्तर प्रदेश न केवल देश का सबसे बड़ा राज्य है, बल्कि यह वह राजनैतिक कुरुक्षेत्र भी है जहां राष्ट्रीय स्तर के बड़े-बड़े सियासी सूरमाओं का भाग्य तय होता है। वर्ष 2026 के इस उत्तरार्ध में कदम रखते ही प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं और संपूर्ण राज्य एक बार फिर एक बड़े लोकतांत्रिक उत्सव और उसकी जटिलताओं के मुहाने पर खड़ा है। किसी भी चुनाव प्रक्रिया का सबसे पहला, महत्वपूर्ण और प्रशासनिक रूप से संवेदनशील पड़ाव नामांकन होता है, जो केवल एक कानूनी या प्रशासनिक औपचारिकता मात्र नहीं है, बल्कि यह किसी भी राजनैतिक दल की सांगठनिक शक्ति, आंतरिक अनुशासन और जमीनी रणनीति का लिटमस टेस्ट है। इस प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियां न केवल चुनाव आयोग और प्रशासन के…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने, छात्रों की गिरफ्तारी और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को लेकर छिड़ा विवाद अब महज कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है। इसके मंच पर देश की सियासत का एक नया नाटक भी आकार लेने लगा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की गिरफ्तारी पर जिस अंदाज में आवाज बुलंद की है, उससे साफ है कि विपक्ष अब इस आंदोलन को अपने बड़े राजनीतिक अभियान से जोड़ने की कोशिश में है। सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी को अचानक CJP के आंदोलन में लोकतंत्र की नई उम्मीद दिखाई देने लगी है, या फिर इसके पीछे चुनाव आयोग, मतदाता सूची और भाजपा के खिलाफ विपक्षी मोर्चे को मजबूत करने की रणनीति काम कर रही है?हम आपको बता दें कि राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं…
लोकतंत्र की जीवंतता केवल इस बात से तय नहीं होती कि संसद के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कितनी सार्थक बहस होती है, बल्कि इसकी असली कसौटी यह है कि संसद के बाहर सड़कों पर आम नागरिक की आवाज को कितनी गंभीरता और सहजता से सुना जाता है। देश की राजधानी नई दिल्ली के हृदय स्थल में स्थित जंतर मंतर पिछले 33 वर्षों से इसी लोकतांत्रिक चेतना, जन आक्रोश और नागरिक उम्मीदों का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। किंतु अब केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए जंतर मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है। 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्थायी आदेश में संशोधन करते हुए अब राजधानी में धरना और प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं, जिनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को एक घंटे तक संबोधित करते हुए कहा कि जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक न थकूंगा, न रुकूंगा। इस नारे का 19 बार जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक हर हालत में विकसित देश बनाना है। निश्चित तौर पर भारत को विकसित देश बनना ही चाहिए। सवाल यह है कि क्या तब तक भारत के करोड़ों लोग प्यासे रहेंगे। उन्हें पर्याप्त और शुद्ध पानी के लिए क्या भारत के विकसित होने तक इंतजार करना पड़ेगा। क्या देश के लोगों की प्यास और दूषित पेयजल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को तब तक के लिए रोका जा सकता है।विकसित भारत का सपना देखने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन इससे पहले केंद्र और राज्यों की सरकारों का यह खुलासा करना चाहिए कि देश के लोगों को गुणवत्तायुक्त पर्याप्त पीने का पानी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढ़ाई दशक की अनवरत राजनीतिक नेतृत्व यात्रा के दौरान लिए गए एक से एक चौंकाने वाले फैसलों ने मोदी को मोदी बनाया है। आज मोदी विश्व के सर्वाधिक भरोसेमंद नेताओं में से एक है। सामने वाले को भी यह भय सताये रहता है कि पता नहीं मोदी क्या स्टेंड लेकर क्या का क्या कर ड़ालेंगे। यही कारण है कि चाहे डोनाल्ड ट्रम्प हो, पुतिन हो या फिर शी जिंनपिंग हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हल्के में नहीं ले पाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी के आगे भारत नहीं झुका है तो रुस से कच्चे तेल का आयात जारी है। मालदीव का उदाहरण सामने है जब नरेन्द्र मोदी ने भारत के द्वीप पर केवल कुर्सी लगाकर बैठकर ही मालदीव का हिला कर रख दिया। देश में भी गुजरात के मुख्यमंत्री के रुप में करीब 13 साल और देश के प्रधानमंत्री के रुप…
स्टारलिंक की भारत में एंट्री का रास्ता साफ होता नहीं दिख रहा, तो एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर हमला करने का नया तरीका खोज लिया है। पहले अंबानी को भारत का ‘असली बॉस’ बताया और अब उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ कहकर तंज कस दिया। लेकिन मस्क साहब, जरा ठहरिए! यह सिर्फ मुकेश अंबानी पर कटाक्ष नहीं है, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री पद को भी एक कारोबारी विवाद में घसीटने की कोशिश है। प्रधानमंत्री का पद किसी उद्योगपति की जागीर नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का प्रतीक है। ऐसे में अपनी कंपनी के हितों के लिए इस पद पर तंज कसना आखिर किस तरह की कारोबारी शालीनता है? सवाल यह भी है कि भारत में अपनी शर्तें मनवाने के लिए मस्क इतने उतावले क्यों हैं कि उन्हें अब देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा का भी ख्याल नहीं रहा?हम आपको बता दें कि एलन मस्क का…
भारतीय चुनावी राजनीति में इन दिनों EVM बनाम बैलेट पेपर की बहस फिर तेज है। विपक्षी दलों का एक वर्ग लगातार मांग कर रहा है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह पुराने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। हाल में INDIA ब्लॉक ने भी बैलेट पेपर की वापसी की मांग दोहराई है और चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज किया है। लेकिन इस बहस के बीच एक असहज सवाल विपक्ष से भी पूछा जाना चाहिए कि अगर बैलेट पेपर ही चुनावी निष्पक्षता की गारंटी है, तो हाल में बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों की व्याख्या विपक्ष किस तरह करेगा?हम आपको बता दें कि असम के सिलचर में 3 अक्टूबर को नगर निगम के पहले चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान हुआ। परिणाम में भाजपा ने 42 में से 32 सीटें जीतीं और उसकी सहयोगी असम गण परिषद ने दो सीटें हासिल कीं। कांग्रेस को केवल…
पहाड़ की राजनीति में वैसे तो मौसम कब करवट ले ले, कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस बार कांग्रेस के भीतर का मौसम कुछ ज्यादा ही बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ भाजपा लगातार संगठन को चुनावी मोड में ले जा रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस अपने ही घर की उठापटक से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही है। इस पूरी कहानी के केंद्र में एक बार फिर वही पुराने चेहरे हरीश रावत हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार सवाल यह है कि लगातार चुनावी पराजयों के बाद भी कांग्रेस आखिर बार-बार उन्हीं पर दांव क्यों लगाये? और क्या अब भी उनके पास उत्तराखंड की राजनीति को निर्णायक रूप से प्रभावित करने की उतनी ही ताकत बची है?हम आपको बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर साफ संदेश दिया है कि चुनावी राज्य में किसी एक नेता का…
Supporting Student Journalist.
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