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उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला लेने में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित होने से जुड़े फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल के आरोपों की जांच देहरादून पुलिस के विशेष कार्यबल (एसआईटी) ने शुरू कर दी है।…
(फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 19 सितंबर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में केंद्रीय पैनल के चार पदों में से तीन पर जीत के बाद शनिवार को एबीवीपी समर्थकों ने कला संकाय के बाहर जीत…
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ‘‘ऐतिहासिक’’ जीत की सराहना करते हुए इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुंह पर ‘‘करारा…
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शनिवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के…
तेदेपा नेता ज्योत्सना तिरुनागरी ने शनिवार को आरोप लगाया कि तिरुपति लड्डू में कथित मिलावट मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)…
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशेषज्ञों से ऐसी आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और प्रभावी उपायों पर विचार करने का…
महाराष्ट्र नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के मंत्री बाबासाहेब पाटिल को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लातूर ज़िला केंद्रीय सहकारी…
उत्तर प्रदेश के विधायक राजेश्वर सिंह ने मांग की है कि जिस तरह ब्रिटिश काल के तीन आपराधिक कानूनों की…
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि वे पराली जलाने के लिए किसानों के खिलाफ FIR दर्ज करने…
कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे उनके…
उच्चतम न्यायालय ने दो दशक से अधिक पुराने भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के दौरान…
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को शनिवार को एक यहां की…
बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद (सराय भारती) गांव में एक वृद्ध महिला और उसकी दिव्यांग व दृष्टिबाधित…
निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने ABVP के इशू मौर्य और NSUI के वीर छत्रथ को बड़े अंतर से हराकर दिल्ली…
केरल कांग्रेस (जोसेफ) के नेता एवं विधायक थॉमस उन्नीयादन ने शनिवार को कहा कि वह लंबे राजनीतिक अनुभव के बावजूद…
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तकनीक ने मनुष्य को संवाद के ऐसे साधन उपलब्ध करा दिए हैं, जिनकी कल्पना कुछ दशक पहले तक असंभव लगती थी। अब एक क्लिक पर दुनिया…
वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने बताया है कि तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ ने पाकिस्तान के…
ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 2026 के ओपनिंग सेरेमनी में…
भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मयंक यादव ने भारत की जर्सी पहनने के लिए किए गए दो साल के…
खेल मंत्रालय ने फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया (एफएमएससीआई) को राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) के…
दो साल पहले लगी चोटों ने मयंक यादव के करियर पर गहरा विराम लगा दिया था, लेकिन…
अशोक शर्मा, एक किसान के बेटे, ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेले गए टी20I मैच से…
बॉलीवुड की दिग्गज और वरिष्ठ अभिनेत्री सोनी राजदान (Soni Razdan) ने नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित और भव्य फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) को लेकर एक बड़ा और उत्साहजनक बयान दिया है। सोनी राजदान का मानना है कि उनके दामाद और सुपरस्टार रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor), दक्षिण भारतीय अभिनेत्री साईं पल्लवी और ‘केजीएफ’ फेम यश के अभिनय से सजी यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा अनूठा अनुभव साबित होगी, जैसा दर्शकों ने बड़े पर्दे पर पहले कभी नहीं देखा है।इसे भी पढ़ें: Bridgerton फेम Phoebe Dynevor ने की शादी! प्रोड्यूसर कैमरून फुलर संग फ्रांस में रचाई ड्रीम वेडिंग, शेयर कीं खूबसूरत तस्वीरेंनमित मल्होत्रा की ‘डीएनईजी’ और ‘प्राइम फोकस स्टूडियोज’ द्वारा निर्मित इस फिल्म को वैश्विक स्तर पर बनाया जा रहा है। इसमें संगीत देने के लिए ऑस्कर पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता हांस जिमर और ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार जेम्स न्यूटन हॉवर्ड को साथ लाया गया है।…
इस समय देशभर में गणेश उत्सव धूम से मनाया जा रहा है। इस दौरान साधक अपने घर में…
Hindi NewsCareerIIT Bombay Student Suicide Case | Sahil Wakode Death Incident Mumbai3 मिनट पहलेकॉपी लिंकमुंबई के IIT बॉम्बे में 18 सितंबर 2026 की शाम सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था।साहिल एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। उसने क्वेश्चन पेपर का फोटो चैट जीपीटी पर अपलोड करके नकल करने की कोशिश की थी।साहिल की आत्महत्या के बाद करीब 400 छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। इस…
(तस्वीरों के साथ) चेन्नई, 19 सितंबर टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शनिवार को स्नातकों से कहा…
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) ने चालू वित्त वर्ष में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलाकर 10 लाख हरित…
टेक दिग्गज गूगल (Google) के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल ‘जेमिनी’ (Gemini) से जुड़ी एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है…
टाटा मोटर्स को अपने इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों की मांग मजबूत बने रहने और आगे भी इसमें वृद्धि होने की उम्मीद…
यूक्रेन के ड्रोन हमलों के कारण रूस की रिफाइनरी में ईंधन उत्पादन प्रभावित होने के बीच भारत, रूस को पेट्रोल…
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में साल 2024 का लोकसभा चुनाव एक ऐसे मोड़ के रूप में दर्ज हो चुका है, जिसने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अजेय मानी जाने वाली छवि को गहरा धक्का पहुँचाया। दिल्ली की सत्ता पर लगातार तीसरी बार काबिज होने के बावजूद, देश के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में पार्टी की सीटों का आंकड़ा लगभग आधा रह जाना एक ऐसी चेतावनी थी, जिसे नजरअंदाज करना आत्मघाती साबित हो सकता था। इस चुनावी झटके ने जहाँ एक ओर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को नई ऊर्जा दी, वहीं दूसरी ओर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को आत्ममंथन और अपनी रणनीतियों को नए सिरे से परिभाषित करने पर मजबूर कर दिया। अब जबकि राज्य साल 2027 के विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है, भाजपा का पूरा ध्यान केवल सत्ता बचाने पर नहीं, बल्कि अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन…
भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाते हैं। पश्चिम एशिया में होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा तो भारत ने हाथ पर हाथ रखकर बैठने की बजाय अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए नए रास्तों की तलाश तेज कर दी। इसी कूटनीतिक और रणनीतिक सक्रियता के बीच ओमान ने भारत के सामने ऐसा जोरदार प्रस्ताव रख दिया है, जो आने वाले समय में खाड़ी क्षेत्र से भारत तक तेल और ऊर्जा संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। हम आपको बता दें कि ओमान ने भारत को अपने सोहार बंदरगाह में निवेश का न्योता दिया है। यह ऐसा बंदरगाह है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से दूर है और संकट के समय भारत के लिए खाड़ी तक पहुंच का एक वैकल्पिक और सुरक्षित द्वार बन सकता है।नई दिल्ली में 16 सितंबर…
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की 10 वर्षों की गौरवमयी यात्रा और अभूतपूर्व सफलता के बाद केंद्र सरकार ने आगामी 15 अक्तूबर 2026 से इसके माध्यम से दो हजार रुपए से अधिक के कारोबारी भुगतान पर कारोबारियों के लिए 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का निर्णय लिया है।झूठ की गूंज एक्सप्रेस चलाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाला इंडी गठबंधन इस निर्णय के लिए सरकार पर अमेरिकी दबाव में झुकने, घुटने टेकने जैसे आरोप लगा रहा है। विपक्ष सोशल मीडिया पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क को मोदी टैक्स बताकर इसे तत्काल वापस लेने की मांग कर रहा है। 2000 से ऊपर के कारोबारी भुगतान के इस 0.4 प्रतिशत शुल्क पर विपक्ष के झूठ की गूंज सोशल मीडिया से लेकर व्यापारियों तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ व उत्तर प्रदेश के व्यापारी इसका प्रबल विरोध कर रहे हैं जबकि पेट्रोल पंप कंपनियां इस टैक्स को वापस लेने के…
नई दिल्ली ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद जिस गति से पड़ोसी देशों के साथ उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ाया है, उसने भारतीय विदेश नीति के अगले चरण की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के बाद भारत ने हिमालयी पड़ोस और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सक्रियता तेज कर दी है।भूटान में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यात्रा इसका सबसे ताजा उदाहरण है। 16 से 18 सितंबर तक की यात्रा में जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री के अलावा विदेश मंत्री डी.एन. ढुंगयेल के साथ विकास, ऊर्जा, व्यापार, संपर्क, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों पर व्यापक चर्चा की। इसके साथ ही भारत ने तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाकर यह संदेश दिया कि भूटान के साथ संबंध केवल पारंपरिक मित्रता तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले विकास और रणनीतिक सहयोग पर…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज विकास के पथ पर तेज़ी से अग्रसरित भारत, विकसित भारत बने के लिए सर्वांगीण विकास के कार्यों को धरातल पर मूर्त रूप देते हुए सफलता के नित-नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तेज़ी से आर्थिक सुधार हो रहे हैं, मोदी ने देश में परिवर्तन लाने के लिए शहर, कस्बों से लेकर के गांव, दुर्गम दूरदराज के इलाकों तक में भी अब विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के अनवरत विकास का कार्य युद्ध स्तर पर चलवाने का कार्य कर रखा है। 21वीं सदी की आधुनिकता की दौड़ में एआई व डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में भारत दुनिया भर में अपना लोहा मनवाने का कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विज़न के दम पर स्वदेशी को तेज़ी से बढ़ावा देकर के भारत तेज़ी से आत्मनिर्भर बनने का मुकाम हासिल कर रहा है। देश में विश्वस्तरीय आधुनिक सड़क, सागर…
दिल्ली में हुई ब्रिक्स शिखर बैठक को अगर केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानकर देखा जाएगा तो उसकी असली राजनीतिक अहमियत समझ में नहीं आएगी। देखा जाये तो यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव, युद्ध, अविश्वास और बदलते शक्ति-संतुलन से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत ने जिस तरह अलग-अलग ध्रुवों के देशों को एक मंच पर बैठाया, संवाद के रास्ते खोले और मतभेदों के बावजूद सहयोग की जमीन तैयार की, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर सामने आई है।ब्रिक्स की इस बैठक की सबसे बड़ी सफलता यही रही कि भारत ने उन देशों के बीच भी संवाद की संभावना पैदा की, जिनके बीच गहरे मतभेद हैं। ईरान और खाड़ी के देशों के बीच बातचीत इसका सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। पश्चिम एशिया लंबे समय से टकराव, अविश्वास और संघर्ष का मैदान बना हुआ है।…
आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रचलन बढ़ा है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी जोखिम उठाने और सही रणनीति अपनाने से बैंक ब्याज या एफडी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त होता है। इसलिए वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे बड़ी गलती रिटर्न के पीछे भागना और अपने लक्ष्य, जोखिम तथा समय-अवधि को नजरअंदाज करना है। देखा जाए तो म्यूचुअल फंड के निवेशक 10 आम गलतियाँ कर ही बैठते हैं। प्रायः हर किसी से यह हो जाती हैं। इसलिए इन गलतियों से बचें और एक बेहतर आर्थिक भविष्य प्राप्त करें। म्यूचुअल फंड निवेश की कुछ महत्वपूर्ण गलतियाँ निम्नलिखित हैं:-पहला, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना: पिछले 1–3 साल का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसलिए फंड की रणनीति, जोखिम और लंबी अवधि का प्रदर्शन भी देखें। अन्यथा भविष्य में आपको हानि उठानी पड़ सकती है।इसे भी पढ़ें: वाहन खरीदा, लेकिन छह महीने तक…
पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख शैक्षणिक प्रकल्प विद्या भारती के कम से कम एक हजार नए विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की घोषणा नहीं है, बल्कि इसे राज्य की शिक्षा-दृष्टि में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। 4 सितंबर 2026 को सामने आई इस घोषणा के अनुसार अगले एक वर्ष में राज्य के प्रत्येक जिले, नगरपालिका और पंचायत तक विद्या भारती के विद्यालयों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विद्या भारती से जुड़े 313 विद्यालय संचालित होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने विद्या भारती के नेतृत्व को राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाने का भी निमंत्रण दिया है। यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि विद्या भारती आज देश…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव सिर्फ वोटों की गिनती से नहीं जीते जाते। यहां जाति, जज्बात, चेहरा और संदेश, इन चारों का सही तालमेल सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाता है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर जरूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपनी पुरानी साइकिल में नए राजनीतिक पुर्जे लगाने में जुटे हैं। मकसद सपा को उसकी पुरानी छवि से बाहर निकालना है, जिसे विरोधी लंबे समय से एक खास सामाजिक दायरे और सत्ता में कथित तौर पर आक्रामक राजनीति से जोड़ते रहे हैं। अखिलेश की नई रणनीति में जातीय समीकरण भी है, हिंदू प्रतीक भी हैं, पीडीए का विस्तार भी है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि डिंपल यादव के रूप में एक नया और अपेक्षाकृत शांत चेहरा भी है।डिंपल की बढ़ती भूमिका और ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’देखा जाये तो अब तक डिंपल यादव की राजनीति अपेक्षाकृत…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र का हृदयस्थल माना जाता है। दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर गुजरता है, यही कारण है कि देश के इस सबसे बड़े सूबे में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचल का असर राष्ट्रीय फलक पर साफ दिखाई देता है। वर्ष 2026 की समाप्ति के करीब आते ही और 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच शह-मात का खेल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने सूबे की राजनीतिक जमीन को जो नई शक्ल दी थी, उसके बाद हर दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटा है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचने की कवायद में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे दस…
Supporting Student Journalist.
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