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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरठ और प्रयागराज के बीच बना यह…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण सात जिलों में फैले 142 निर्वाचन क्षेत्रों में चल रहा है, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदाता मतदान करने पहुंच रहे हैं। सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए…
ईरान से युद्ध के बाद से अमेरिका को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग होने का डर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। दुनिया भर के जो देश अमेरिका की दादागिरी के कारण उसके साथ खड़े रहा…
पंजाब के पटियाला जिले में शंभू बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक को उड़ाने की एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो…
भारत की हवाई रक्षा प्रणाली (Air Defence System) को जल्द ही एक बड़ी मजबूती मिलने वाली है। सुरक्षा सूत्रों के…
PM Modi Roadshow in Varanasi Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन, बुधवार को काशी…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए आज मतदान हो रहा है। राज्य की 142…
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप झेल रहे दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए बुधवार की सुबह किसी वरदान से कम नहीं…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले, दक्षिण 24 परगना के फलता में राजनीतिक माहौल…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले राज्य का सियासी पारा अपनी चरम सीमा लांघ चुका है।…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के मतदान के बीच एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के लिए वोटिंग सात ज़िलों की 142 सीटों पर शुरू हो गई है,…
पश्चिम बंगाल में वोटिंग के दूसरे चरण से पहले, भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को तैनात…
ग्वालियर/भोपाल। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज मंगलवार ग्वालियर में वेस्टर्न बायपास का निरीक्षण किया।…
नई दिल्ली में आयोजित इंफ्रास्ट्रक्चर सम्मेलन और अचीवर्स अवार्ड्स 2026 में देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों…
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पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। सवाल सीधा है कि क्या सत्ताविरोधी माहौल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने पक्ष…
U19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में आज भारत और इंग्लैंड की टक्कर हो रही है। हरारे…
भारत की पुरुष और महिला टीम बृहस्पतिवार को यहां बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में अपने आखिरी ग्रुप…
कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल के अर्धशतक और दोनों के बीच शतकीय साझेदारी से रॉयल चैलेंजर्स…
स्पेन के युवा टेनिस स्टार कार्लोस अल्काराज़ के साथ 2014 में हुई एक ऐसी ट्रेनिंग सेशन की…
टी20 वर्ल्ड कप से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार…
टी20 क्रिकेट अब वैसा नहीं रहा, जैसा 2007 में था, जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में…
कोलीन हूवर (Colleen Hoover) के बेस्टसेलिंग उपन्यास पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Verity’ का टीज़र ट्रेलर रिलीज हो गया है। ऐनी हैथवे और डकोटा जॉनसन अभिनीत यह फिल्म इस साल हैलोवीन सीजन की शुरुआत एक गहरे सस्पेंस और डरावने मोड़ के साथ करने के लिए तैयार है। ‘Verity’ एक ऐसी लेखिका लोवेन एशले (Lowen Ashleigh) की कहानी है, जिसे मशहूर लेखिका वेरिटी क्रॉफर्ड (Verity Crawford) की अधूरी बुक सीरीज को पूरा करने का जिम्मा सौंपा जाता है।Verity की कहानीColleen Hoover के बेस्टसेलिंग नॉवेल पर आधारित यह आकर्षक और साइकोलॉजिकल थ्रिलर फ़िल्म, मशहूर लेखिका Verity Crawford (Anne Hathaway) और Lowen Ashleigh (Dakota Johnson) पर केंद्रित है। Lowen एक लेखिका है जो Verity के लिए लिखने के लिए Crawford के घर में रहने चली जाती है। जब Lowen को Verity के लिखे हुए कुछ डरावने आत्मकथात्मक नोट्स मिलते हैं, तो उसे सच और कल्पना, और साथ ही हेरफेर और आकर्षण के बीच फ़र्क…
रोजाना की भागदौड़ से परेशान होकर हम सभी चाहते हैं आराम के लिए किसी ट्रिप पर जरुर जाएं।…
Hindi NewsCareerBlind Student Anushka Goyal Scores 92.6% In CBSE 10th Boards | UP5 मिनट पहलेकॉपी लिंकअनिष्का गोयल दुनिया को सिर्फ 10% देख पाती हैं यानी वो 90% दृष्टिबाधित हैं। फिर भी उन्होंने CBSE में ज्यादातर स्टूडेंट्स से बेहतर प्रदर्शन किया है।उत्तर प्रदेश के हाथरस की अनिष्का ने इस साल CBSE 10वीं बोर्ड में 92.6% अंक हासिल किए हैं, वो भी किसी कोटे से नहीं बल्कि जनरल कैटेगरी से।दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अनिष्का गोयल ने बताया अपना बोर्ड एग्जाम का पूरा सफर…अनिष्का को बचपन से ही कम दिखता था, जो समय के साथ सिर्फ 10% विजन तक रह गया।16…
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को खिलाड़ियों से उत्पादों का विज्ञापन करते समय सावधानी बरतने…
कल की तेज बढ़त के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली। सुबह के…
देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लि. का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी…
मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) के गुरुवार के अनुमान के मुताबिक, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में भारत की…
नेटफ्लिक्स ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के स्टूडियो और स्ट्रीमिंग कारोबार को खरीदने के लिए अपने प्रस्ताव को बढ़ाने से इनकार…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
बिहार की राजनीति में सत्ता का शिखर छूना जितना कठिन है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है उस शिखर पर टिके रहकर अपनी सर्वमान्यता सिद्ध करना। सम्राट चौधरी का बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में उदय राज्य के सियासी इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात माना जा रहा है। यह केवल एक व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी का बिहार में उस ‘बड़े भाई’ की भूमिका को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना है, जिसका इंतजार पार्टी कार्यकर्ता दशकों से कर रहे थे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के कंधों पर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वह नीतीश कुमार की उस लंबी और गहरी छाया से बाहर निकल पाएंगे, जिसने पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति को परिभाषित किया है? यही वह कसौटी है, जिस पर अब सम्राट चौधरी को…
भारत की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में यदि किसी एक समस्या ने दशकों तक देश की प्रगति को बाधित किया और हजारों निर्दोषों का लहू बहाया, तो वह नक्सलवाद था। एक समय ऐसा भी था जब तत्कालीन सरकारों ने इसे देश के लिए ‘सबसे बड़ा खतरा’ स्वीकार किया था, लेकिन इसके समाधान के लिए वह ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई थी जो आज नजर आ रही है। आज जब हम 2026 के मुहाने पर खड़े हैं, तो भारत के नक्शे से ‘लाल गलियारे’ का सिकुड़ता दायरा और बस्तर के जंगलों में गूंजती शांति इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है।अमित शाह ने गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही नक्सलवाद को केवल एक स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के बजाय इसे एक राष्ट्रव्यापी सुरक्षा चुनौती…
Supporting Student Journalist.
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