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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हमीरपुर में एक स्कूल तक 1.6 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए वन विभाग को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जल्द जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सोमवार को 200 से…
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक ईसाई संगठन ने पुलिस थाने में प्रदर्शन के दौरान समुदाय के सदस्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार और उन्हें डराने-धमकाने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों और एक महिला कांस्टेबल को…
उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल ने राजधानी लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) परियोजना के संचालन एवं रखरखाव के लिए फर्म के चयन को मंगलवार को मंजूरी दे दी। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव…
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को नयी दिल्ली में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की और…
महाराष्ट्र में पालघर जिले के एक आवासीय स्कूल के सात वर्षीय छात्र की तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी…
मुंबई की एक विशेष अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी की पत्नी को करोड़ों रुपये…
(फोटो के साथ) गुरुग्राम, 25 अगस्त गुरुग्राम में मंगलवार को लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया,…
गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने पिछले महीने हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर में दर्ज 1.12 किलोग्राम हेरोइन जब्ती के…
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने को लेकर पटना नगर निगम (पीएमसी) द्वारा…
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि कांगड़ा जिले में गग्गल हवाई अड्डे…
राजस्थान के जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल के चरक भवन स्थित ईएनटी वार्ड में लगा एक पंखा सोमवार शाम एक…
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में अचानकमार बाघ अभयारण्य (एटीआर) के लोरमी बफर क्षेत्र में कथित तौर पर बाघिन के हमले…
जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को अलग-अलग हादसों में दो मज़दूरों की मौत हो गई। सांबा ज़िले में कंक्रीट के पुल का…
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने 2026 के दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव से पहले विश्वविद्यालय परिसर में चुनाव प्रचार पर…
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीतू सिंह को सेवा…
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महान भारतीय कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने कहा था कि “हर मित्रता के पीछे कुछ स्वार्थ होता है। स्वार्थ के बिना कोई मित्रता नहीं हो सकती। यह…
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी और डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने मंगलवार को अल्जीरिया के खिलाफ होने वाले…
सोमवार को लॉस एंजिल्स स्टेडियम में FIFA वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप G के अपने पहले मैच…
‘द एथलेटिक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 जून 1958 के बाद पहली बार FIFA वर्ल्ड कप में…
2026 के फ़ाइनल में जीतने वाली टीम के कप्तान को FIFA वर्ल्ड कप की ट्रॉफ़ी अमेरिकी राष्ट्रपति…
भारतीय टीम प्रबंधन अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संयोजनों…
श्रीलंका A और अफ़गानिस्तान A के साथ चल रही ट्राई-नेशन सीरीज़ के लिए इंडिया A को अपनी…
सिद्धार्थ मल्होत्रा द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट (The Vvaan: Force of the Forrest) के साथ एक बिल्कुल अलग दुनिया में नजर आने वाले हैं। फिल्म का टीजर रिलीज हो गया है, जिसमें रहस्यमयी जंगल, लोककथाओं और अलौकिक शक्तियों से भरी दुनिया की झलक देखने को मिलती है। सिद्धार्थ के साथ फिल्म में तमन्ना भाटिया भी नजर आएंगी।टीजर में दिखा रहस्यमयी जंगलटीजर में एक ऐसे जंगल की झलक मिलती है, जिसे आम जंगल नहीं बल्कि रहस्यों और शक्तियों से भरी जगह के तौर पर दिखाया गया है। सिद्धार्थ का किरदार इस रहस्यमयी दुनिया में पहुंचता है और धीरे-धीरे उसके सामने ऐसी ताकतें आती हैं, जिन्हें समझना आसान नहीं है।सिद्धार्थ का दिखा योद्धा अवतारफिल्म के पहले जारी पोस्टर्स में सिद्धार्थ के दो अलग-अलग रूप नजर आए थे और अब टीजर उनकी इस रहस्यमयी कहानी को और आगे बढ़ाता है। एक तरफ उनका किरदार आम इंसान जैसा दिखता है, तो दूसरी तरफ…
भारत में कई अद्भुत चमत्कार और रहस्यमय मंदिरों का खजाना है। यहां पर आपको कई प्राचीन मंदिर देखने…
Hindi NewsCareerDungarpur School Roof Collapse | Rajasthan Primary School Accident1 मिनट पहलेकॉपी लिंकराजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में एक कमरे की छत गिर गई। उस समय स्कूल में 120 बच्चे मौजूद थे। ये बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे।इसी दौरान स्कूल परिसर में लंबे समय से बंद पड़ी एक जर्जर कक्षा की छत अचानक नीचे गिर गई। छत गिरने की तेज आवाज सुनकर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे और टीचर तुरंत कक्षाओं से बाहर निकल गए।स्कूल के 2 कमरे लंबे समय से जर्जरगनीमत रही कि…
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के सामने वित्तीय दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। रॉयटर्स की…
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक में 2016 में नियुक्त 48 सहायक प्रबंधकों…
एनर्जी की लागत में राहत मिलने से बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद बढ़त के साथ…
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए इसे…
मुंबई, पांच जुलाई वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को उम्मीद के मुताबिक प्रमुख नीतिगत दर…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
कानूनी विवाद में वकील की फीस और अन्य खर्च कई बार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। खासकर घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, तलाक, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या अन्य कानूनी मामलों में महिलाओं को जानकारी और कानूनी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सरकार की मुफ्त कानूनी सहायता व्यवस्था महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है।सबसे खास बात यह है कि किसी महिला को मुफ्त कानूनी सहायता पाने के लिए केवल कम आय वाली होना जरूरी नहीं है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत महिला होने के आधार पर भी मुफ्त कानूनी सेवाएं ली जा सकती हैं। NALSA के अनुसार आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला भी मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है।इसे भी पढ़ें: Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ?किन मामलों में मिल सकती है मदद?मुफ्त कानूनी सहायता केवल…
मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है और राज्य सरकार ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। मणिपुर में बड़े प्रयासों के बाद शांति स्थापित हुई लेकिन नये आंदोलन के चलते प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं और जनगणना प्रशिक्षण का काम कुछ जिलों में रोकना पड़ गया है। देखा जाये तो मणिपुर में ‘नो एनआरसी, नो सेंसस’ का नारा अब केवल जनगणना रोकने की मांग तक सीमित नहीं रह गया है। इसके पीछे विस्थापन, जनसंख्या में बदलाव, भूमि अधिकार, पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताएं हैं। तीन साल से अधिक समय से जातीय हिंसा की मार झेल रहे मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे का रूप ले चुकी है।बताया जा रहा है कि वर्तमान आंदोलन…
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। एक समय ग्रामीण और बाहरी दिल्ली की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरों में गिने जाने वाले, जाट समाज में व्यापक जनाधार रखने वाले और राष्ट्रीय राजधानी की सियासत में कांग्रेस की सत्ता का मजबूत स्तंभ रहे सज्जन कुमार की जिंदगी आखिरकार एक ऐसे मोड़ पर खत्म हुई, जिसे उनके राजनीतिक उत्थान और बाद के पतन की पूरी कहानी के रूप में देखा जा सकता है। सत्ता के शिखर से लेकर तिहाड़ जेल तक का उनका सफर इस कड़वे सच की याद दिलाता है कि बुरे काम का अंजाम बुरा ही होता है। हम आपको बता दें कि पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को तिहाड़ जेल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की…
सर्जियो गोर के एक बयान ने पाकिस्तान को ऐसा झटका दिया कि इस्लामाबाद ट्रंप प्रशासन पर बुरी तरह भड़क उठा। अमेरिका के भारत में राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर पहुंचकर जम्मू-कश्मीर को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” क्या बताया, पाकिस्तान की वर्षों पुरानी कूटनीतिक पटकथा ही हिल गई। प्रतिक्रिया इतनी तीखी थी कि पाकिस्तान ने अमेरिकी चार्जे डी’अफेयर्स नताली बेकर को विदेश मंत्रालय तलब कर बाकायदा “स्ट्रॉन्ग डिमार्श” थमा दिया और गोर के बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” करार दे डाला। सवाल यह है कि आखिर गोर के शब्दों में ऐसा क्या था जिसने पाकिस्तान को सीधे अमेरिका से भिड़ने के लिए मजबूर कर दिया?दरअसल, श्रीनगर दौरे पर पहुंचे गोर ने साफ कहा, “यह भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और मैं यहां पहली बार आया हूं।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ की, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर…
आधार आज कई सरकारी और निजी सेवाओं में पहचान के दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल होता है। बैंकिंग और दूसरी सेवाओं में KYC के लिए भी आधार का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आधार नंबर को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए Masked Aadhaar का विकल्प दिया गया है। इसमें आधार नंबर के ज्यादातर अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं।क्या होता है Masked Aadhaar?UIDAI के मुताबिक, Masked Aadhaar में आधार नंबर के पहले आठ अंक ‘xxxx-xxxx’ से छिपा दिए जाते हैं, जबकि केवल अंतिम चार अंक दिखाई देते हैं। यानी 12 अंकों का पूरा आधार नंबर दस्तावेज पर नजर नहीं आता। यह e-Aadhaar का ही एक रूप है। इसका मकसद जरूरत के मुताबिक पहचान का दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे को कम करना है।इसे भी पढ़ें: Atal Pension Scheme: क्या…
Supporting Student Journalist.
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