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संसद के विशेष सत्र में पेश होने वाले ‘परिसीमन बिल 2026’ को लेकर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सियासी रार गहरा गई है। गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके (DMK) प्रमुख एमके स्टालिन ने…
पाकिस्तान की राजनीति और सत्ता के गलियारों में छिपी ‘असली हकीकत’ एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है। इमरान खान सरकार में सूचना मंत्री रहे फवाद चौधरी ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए कहा…
मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ के दावे के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी…
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने…
सूत्रों ने बुधवार को बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल 20 अप्रैल को अमेरिकी अधिकारियों के साथ व्यापार वार्ता के लिए वाशिंगटन…
तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के केंद्र सरकार…
आम आदमी पार्टी के भीतर गहराता संकट अब खुलकर सामने आ गया है। हाल ही में आम आदमी पार्टी ने…
West Bengal Election: पहले चरण के लिए 2407 कंपनियां तैनात, चप्पे-चप्पे पर होगी Central Forces की नजर
भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की…
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को निष्पक्ष परिसीमन प्रक्रिया की मांग करते हुए…
बुधवार को दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के शिकोहपुर में विवादित जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में…
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को पासपोर्ट विवाद में…
गौतम बुद्ध नगर के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से जारी फैक्ट्री श्रमिकों का हिंसक विरोध प्रदर्शन अब शांत…
आंध्र प्रदेश के श्री सत्यसाई जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बुधवार दोपहर को एक रिहायशी मकान…
भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने बुधवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि…
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि परिसीमन आयोग सभी राजनीतिक दलों से परामर्श करेगा…
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हमारे देश के राजनेता भले ही चुनावों के दौरान दलित-महादलित-आदिवासी, ओबीसी-ईबीसी, अल्पसंख्यक-पसमांदा और गरीब सवर्ण आदि से जुड़े सामाजिक न्याय सम्बन्धी तरह-तरह की बातें करते हैं,…
U19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में आज भारत और इंग्लैंड की टक्कर हो रही है। हरारे…
भारत की पुरुष और महिला टीम बृहस्पतिवार को यहां बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में अपने आखिरी ग्रुप…
कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल के अर्धशतक और दोनों के बीच शतकीय साझेदारी से रॉयल चैलेंजर्स…
स्पेन के युवा टेनिस स्टार कार्लोस अल्काराज़ के साथ 2014 में हुई एक ऐसी ट्रेनिंग सेशन की…
टी20 वर्ल्ड कप से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार…
टी20 क्रिकेट अब वैसा नहीं रहा, जैसा 2007 में था, जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में…
साउथ सुपरस्टार और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उनकी बहुप्रतीक्षित एक्शन ड्रामा फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ (Ustaad Bhagat Singh) का इंतजार खत्म हो गया है। थियेटरों में अपना जलवा दिखाने के बाद अब यह फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म Netflix पर दस्तक दे चुकी है। हरीश शंकर द्वारा निर्देशित यह फिल्म 16 अप्रैल, 2026 को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम कर दी गई है। फिल्म के मेकर्स ने 11 अप्रैल को इसकी ओटीटी रिलीज का आधिकारिक एलान किया था। नेटफ्लिक्स इंडिया साउथ ने फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए लिखा: “नाम तो भगत है, लेकिन आंदोलन ही उसकी पहचान है।” फ़िल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ मिलीं, लेकिन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर आते ही इसने सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त चर्चा बटोरी। इसे भी पढ़ें: YRF ने किया नई फिल्म का ऐलान, Aneet Padda के साथ बड़े पर्दे पर फिर रोमांस करते दिखेंगे Ahaan Panday Ustaad Bhagat Singh अब Netflix पर…
भारत में घूमने के लिए कई लोकप्रिय जगहें है। जिन लोगों घूमने का काफी शौक होता है वे…
Hindi NewsCareerIndia Hosts BRICS Foreign Ministers | April 16 Current Affairs; India Sends TB Vaccine Afghanistan7 मिनट पहलेकॉपी लिंकजानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…नेशनल (NATIONAL)1. भारत ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की मेजबानी करेगाभारत मई में ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक भारत इस बैठक के जरिए क्षेत्रीय तनाव कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।ब्रिक्स मंच पर सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।ब्रिक्स समिट से पहले अध्यक्षता करने वाले देश को ब्रिक्स…
वैश्विक ऊर्जा राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने रूस और ईरान से…
घरेलू शेयर बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी में बुधवार को शुरुआती कारोबार में उछाल आया। सेंसेक्स 1,422.85 अंक जबकि निफ्टी 400…
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बिजली सुरक्षा को लेकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड…
भुगतान मंच फोनपे ने शनिवार को कृत्रिम मेधा (एआई) पर आधारित माइक्रोसॉफ्ट फाउंड्री की प्रौद्योगिकी से विकसित एक नई सुविधा…
अदाणी समूह ग्रेटर नोएडा में स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला-1 मोटर स्पोर्ट को फिर से शुरू करने की रणनीति…
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार मे आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली…
हेल्थ इंश्योरेंस में Pre-existing Disease छुपाने से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, पॉलिसी रद्द हो सकती है और भविष्य में इंश्योरेंस मिलना भी मुश्किल हो सकता है। पूर्व शोध IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 8 से 10 लाख क्लेम PED या उससे जुड़ी शर्तों की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं। जब आप अपना हेल्थ इंश्योरेंस कराते है, तो कंपनी आपकी पुरानी बीमारी यानी Pre-existing Disease का रिकॉर्ड मांगती है। यदि आप ऐसे मेंं झूठ बोलते है या जानकारी छुपाते हैं, तो कंपनी आपकी पॉलिसी तुरंत रद्द कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह ‘अतुल्य विश्वास’ (Uberrimae Fidei) के सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसे बीमा कंपनी और कानून धोखाधड़ी मानते हैं।इसे भी पढ़ें: जानिए, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYMY) के तहत आपको मात्र 55-200 रुपये में कैसे मिलेगी 3000 पेंशन?अगर आप यह गलती कर चुके हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम स्वीकार नहीं करेगी या आपका…
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना (PM SYMY) असंगठित क्षेत्र के गरीब श्रमिकों के लिए एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन मिलती है। वो भी तब, जब आपने लगभग 55–200 रुपये प्रति माह इस फंड में योगदान दिया हो, जो कि उम्र के हिसाब से निर्धारित है। फिर इसमें सरकार आपके योगदान के बराबर ही अतिरिक्त राशि जमा करती है, जिससे लंबे समय में 3000 ₹ प्रतिमाह की पेंशन व्यवस्था बनती है। # समझिए, PM SYMY क्या है? यह किसके लिए है?PM SYMY एक “केंद्रीय क्षेत्र की पेंशन योजना” है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (रेहड़ी पटरी वाले, मजदूर, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, एग्रीकल्चर वर्कर आदि) के लिए 2019 में शुरू की गई थी। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चलाता है और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पेंशन फंड के रूप में काम करता है। इसे भी पढ़ें: PM…
सरकारी मशीनरी के नाकारा होने के कारण देश में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ जैसे हादसे रुक नहीं रहे हैं। हादसों ऐसी श्रृंखला में नालंदा मंदिर का हादसा भी जुड़ गया है। नालंदा के शीतला माता मंदिर में पूजा करने के दौरान भगदड़ मच गई और इसमें 9 लोगों की जान चली गई। आठ महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज मंगलवार को नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कई देशों के छात्रों को डिग्री व मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान दिया गया। राष्ट्रपति की यात्रा की सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था,…
भारत के खिलाफ जहर उगलने के आदी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जब कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी दी तो यह उनकी बौखलाहट का खुला प्रदर्शन था, लेकिन हैरानी इससे भी ज्यादा इस बात पर है कि भारत के भीतर कुछ नेता इस खोखली धमकी को लेकर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। जिसे बार-बार उसकी हर हरकत पर मुंहतोड़ जवाब मिला हो, जिसे उसकी गुस्ताखियों की सजा उसके घर में घुसकर दी गई हो, उसकी गीदड़ भभकी पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का शोर मचाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि चिंताजनक भी है। देखा जाये तो यह एक कमजोर और बेअसर खतरे को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने और चूहे को शेर बताकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।हम आपको बता दें कि ख्वाजा आसिफ ने पिछले सप्ताह सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान यह दावा किया था कि भविष्य में…
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधनासभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे राज्य की राजनीति का पारा चढ़ रहा है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने प्रचार को आक्रामक बना चुकी हैं। उनके लिए इस बार राह उतनी आसान नहीं है। भारतीय जनता पार्टी भी इस बार हर हाल में बंगाल में अपनी सरकार बनाने को संकल्पबद्ध है। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा में कहा था कि गंगा नदी बिहार से ही बंगाल में जाती है और उसी दिन से बंगाल मे राजनीतिक तपिश का अनुभव होने लगा था। बंगाल में ममता दीदी के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह बहुत आसान नहीं है क्योकि कांग्रेस और वामपंथी दल भी पूरी ताकत से ममता दीदी को हराने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी अपनी ही पार्टी के निष्कासित विधायक…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
Supporting Student Journalist.
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