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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को राज्य में तत्काल नेतृत्व परिवर्तन की संभावना से इनकार किया और साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार अपना पूरा पांच वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी। मैसूर हवाई…
पंजाब एक बार फिर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। जालंधर और अमृतसर में कुछ ही घंटों के अंतराल पर हुए दो धमाकों ने पूरे राज्य में चिंता और भय…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की शानदार और ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे राज्य में हिंदू समाज के बीच उत्सव का माहौल अब भी बना हुआ है। गांवों से लेकर शहरों तक जय…
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने 6 मई को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि ‘जॉनी…
Tamil Nadu में Congress बनी Kingmaker, एक्टर विजय कल लेंगे CM पद की शपथ, Rahul Gandhi भी होंगे शामिल
तमिलनाडु कांग्रेस नेताओं ने चेन्नई स्थित टीवीके मुख्यालय में टीवीके प्रमुख विजय को समर्थन पत्र सौंपा। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और…
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें विधायक टिकट…
पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के बाद, आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक और नौदा विधानसभा…
कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बुधवार को पार्टी पर अपने सहयोगियों को धोखा देने…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद छिटपुट हिंसा की घटनाओं की खबरों के बीच कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद, समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव कल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री…
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने 6 मई को आश्वासन दिया कि विधानसभा चुनावों में मिली शानदार जीत के बाद, जिसने…
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की शानदार जीत के…
एआईएडीएमके सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को बाहरी समर्थन…
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पंजाब में हाल ही में हुए दोहरे विस्फोटों पर अपनी प्रतिक्रिया देकर विवाद…
खबरों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सलाहकार फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन…
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पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के लिए मिला जुला चित्र प्रस्तुत किया है।…
एवर्टन के खिलाफ मिली अहम जीत के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड के खेमे में राहत का माहौल है…
सोमवार रात प्रीमियर लीग में मुकाबला मैनचेस्टर यूनाइटेड ने एवर्टन को 1-0 से हराकर टॉप-4 की अपनी…
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया गया है और इस बार मुकाबला पहले…
मुंबई से आई खबर ने भारतीय महिला टेनिस में नई उम्मीद जगा दी है। बेंगलुरु में खेले…
सुपर आठ के मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, मुकाबलों की अहमियत भी बढ़ती जा रही है।…
वनडे विश्व कप जीतने के करीब तीन महीने बाद मैदान पर उतरी टीम को ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया…
बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत अपनी पिछली फिल्म इमरजेंसी के बाद एक बार फिर पर्दे पर वापसी करने के लिए तैयार हैं। उनकी नई फिल्म भारत भाग्य विधाता का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है, जिसने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है।नई पॉलिटिकल ड्रामा के साथ कंगना की वापसीकंगना रनौत एक बार फिर एक दमदार पॉलिटिकल ड्रामा लेकर आ रही हैं। फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए कंगना ने बताया कि भारत भाग्य विधाता देश के उन असली और अनसुने हीरोज की कहानी है, जिनके बारे में दुनिया ज्यादा नहीं जानती। यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है और इसमें कंगना मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। View this post on Instagram A post shared by Manikarnika Films Production (@manikarnikafilms) इसे भी पढ़ें: Govinda की पत्नी Sunita Ahuja होंगी Lock Upp 2 की पहली कंटेस्टेंट? होस्ट की कुर्सी संभालेगा ये अभिनेता?क्या है फिल्म की कहानी?फिल्म के बारे में…
क्या आप भी इस बार केदारनाथ जाने का प्लान बना रहे हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल…
सरकारी नौकरी की तलाश करने वाले उम्मीदवारों के लिए यह खबर बेहद काम की है। इस दौरान झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं का दौर जारी है, जहां 10 मई के होने वाली JPSC बैकलाग परीक्षा के लिए किलाबंद कर दिया है। वहीं, बीएड प्रवेश परीक्षा के अचानक टलने से हजारों छात्रों को नया इंतजार करना होगा। इस बीच, PSC ने एपीपी बैकलाग परीक्षा का रिजल्ट जारी कर सफल करने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा का टिकट दिया है।जेपीएससी बैकलाग प्रारंभिक परीक्षा को लेकर लगाई ये पाबंदीझारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), रांची द्वारा आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (बैकलॉग) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के…
देश के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र से एक अहम खबर सामने आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, किरण मजूमदार-शॉ ने…
रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 23 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.95 पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड…
स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सआई को ‘मिशन दृष्टि’ उपग्रह के सफल प्रक्षेपण पर बधाई…
बिहार की राजधानी पटना में आयोजित दो-दिवसीय ‘महिला रोजगार मेला-2026’ में 6,000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला। अधिकारियों ने…
भारत के तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन क्षेत्र में यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार और…
पश्चिम बंगाल में स्वाधीनता के पश्चात पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड और ऐतिहासिक बहुत मिला है। भाजपा ने बंगाल में दो शतक का आंकड़ा पार कर कर एक नई लकीर खींच दी है। पश्चिम बंगाल में भाजपा को जहां साल 2016 में 3 और 2021 में 77 सीटें मिलीं। वहां 4 मई 2026 को घोषित हुए चुनाव परिणाम में भाजपा ने 206 सीटों के साथ नया अध्याय लिख दिया है। अंततः भाजपा के लिए कभी असंभव माने जाने वाले पश्चिम बंगाल में भगवा लहरा गया है। भाजपा ने ममता बनर्जी के अभेद्य किले को भेदकर वहां अपना विजय का परचम लहरा दिया है। बीजेपी की ये जीत कई मायनों में विशेष है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में जिसने भी वहां के जनमानस को देखा, वहां के लोगों के मनोभावों, मुखरता और मौन को देखा। उन्हें ये परिणाम अप्रत्याशित नहीं लगे। क्योंकि 2026 के चुनाव में बंगभूमि…
बंगाल केवल एक भौगोलिक भूभाग नहीं है, बल्कि यह वह विचार है जिसने आधुनिक भारत की आधारशिला रखी। आज का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होने वाला है, क्योंकि यह मात्र एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उस माटी की अपनी जड़ों की ओर वापसी है, जिसने कभी ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से पूरे आर्यावर्त को जगाया था। यह जीत उस संकल्प की सिद्धि है जो दशकों से बंगाल की गलियों में मौन था, किंतु मरा नहीं था। आज जब बंगाल में राष्ट्रवाद का भगवा ध्वज लहरा रहा है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि गंगासागर की लहरें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उन बलिदानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं, जिन्होंने एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। यह उस विचारधारा की विजय है जो मानती है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही भारत की…
इंश्योरेंस का मकसद मन की शांति देना है, जब ज़िंदगी में अचानक कोई मुश्किल आती है – चाहे वह कार एक्सीडेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, घर में आग लग जाए, या कोई ट्रिप खराब हो जाए। लेकिन, अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम अचानक रिजेक्ट हो जाए तो यह शांति खत्म हो सकती है।क्लेम रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर साल हज़ारों क्लेम ऐसे कारणों से रिजेक्ट हो जाते हैं जिन्हें अक्सर रोका जा सकता है। यह आर्टिकल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों के बारे में बताता है, बताता है कि क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है और इन महंगी गलतियों से बचने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देता है।इसे भी पढ़ें: क्या होता है होम लोन इंश्योरेंस और क्यों हैं इसे लेना फायदे का सौदा?इंश्योरेंस क्लेम क्या है?इंश्योरेंस क्लेम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट है जो पॉलिसी होल्डर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हुए नुकसान या डैमेज के…
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। लेकिन अगर लोन चुकाने के दौरान कमाने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ऐसे जोखिम से बचाव के लिए होम लोन इंश्योरेंस अहम भूमिका निभाता है। लोन लेने वाले हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जल्द ही उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो वे अपने घर के लोन का बकाया नहीं चुका पाएंगे। कंज्यूमर नहीं चाहता कि उनकी असमय मौत के बाद होम लोन लेने का बोझ उनके परिवार पर पड़े। क्योंकि होम लोन एक लंबे समय के लोन से जुड़ा होता है जो 30 साल तक चल सकता है, इसलिए यह बात लोन लेने वाले के दिमाग में बार-बार आती है। इसलिए, लोन लेने वालों के लिए यह समझदारी है कि वे इसे ध्यान में…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
Supporting Student Journalist.
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