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प्रधानमंत्री मोदी पर आतंकवादी टिप्पणी करने के मामले में चुनाव आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि नोटिस आने दीजिए, हम शाम तक इसका जवाब देंगे। हमारे…
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत-अफ्रीका साझेदारी का विशेष महत्व है; यह एक अशांत दुनिया में “स्थिरता” और विश्वसनीयता का संदेश देती है। आगामी भारत-अफ्रीका फोरम शिखर…
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष समीर वी. कामत ने गुरुवार को कहा कि अंतरिक्ष अब राष्ट्रीय सुरक्षा का सिर्फ एक सहायक साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह वह प्रमुख क्षेत्र बन गया…
देश की राजधानी दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी के बलात्कार और हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने…
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने गुरुवार को विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री…
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतदान के बीच, सीपीआई नेता डी राजा ने गुरुवार को डीएमके के नेतृत्व वाले…
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कोयंबटूर दक्षिण में चुनाव प्रक्रिया…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान मुर्शिदाबाद जिला एक बार फिर राजनीतिक हिंसा का केंद्र बन गया…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच, भाजपा के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी…
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान के दौरान लोकतंत्र का व्यापक और जीवंत स्वरूप देखने को…
उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पेश आया। ड्रमंडगंज घाटी के…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान आज बृहस्पतिवार को मुर्शिदाबाद जिले के नौदा इलाके में हिंसा की…
तमिलनाडु का 2026 का विधानसभा चुनाव राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक युगांतरकारी मोड़ के रूप में दर्ज होने जा…
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए आज, बृहस्पतिवार (23 अप्रैल) को मतदान की प्रक्रिया जारी है। राज्य के…
महाराष्ट्र की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों—बारामती और राहुरी—पर उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से मतदान जारी है। जहाँ…
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पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। सवाल सीधा है कि क्या सत्ताविरोधी माहौल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने पक्ष…
आज की बॉलीवुड सुर्खियां व्यापारिक सफलता और व्यक्तिगत त्रासदियों के बीच बंटी नजर आ रही हैं। एक ओर अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ दुनिया भर में ₹127 करोड़ का आंकड़ा पार कर बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है, वहीं दूसरी ओर हरियाणवी अभिनेत्री दिव्यांका सिरोही के महज 30 साल की उम्र में निधन ने पूरी इंडस्ट्री को स्तब्ध कर दिया है। इसके साथ ही, सुपरस्टार विजय के राजनीतिक पदार्पण और इमरान खान की संभावित वापसी जैसी खबरों ने सिनेमा प्रेमियों के बीच हलचल तेज कर दी है। इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि मनोरंजन जगत इस समय बड़े बदलावों और भावनाओं के उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है।…………………………………………………………………………………………………………दिव्यांका सिरोही ने 21 अप्रैल को 30 साल की उम्र में आखिरी सांस लीमौत के बाद हरियाणवी एक्ट्रेस का आखिरी पोस्ट वायरलहरियाणवी एक्ट्रेस की आखिरी पोस्ट उनका एक डांस वीडियो हैजिसमें वह ‘बरसाना मिला है’ गाने पर झूमती…
साल 2026 की चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। आज यानी 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8…
उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और समानता के लिए यूजीसी ने एक अहम कदम उठाया है। साल 2026 के लिए यूजीसी ने एक नए विनियम जारी किए हैं। जिसका उद्देश्य कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकना है। देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों पर यह नियम समान रूप से लागू होंगे। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्टूडेंट्स, टीचर या फिर कर्मचारी के साथ जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर अन्याय न हो।जाति आधारित भेदभाव पर रोकयूजीसी द्वारा जारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम साल 2026 के तहत जातिगत भेदभाव को गंभीर अपराध…
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर…
भारत के सड़क, रेलवे और बिजली क्षेत्रों की मौजूदा क्षेत्रीय नीतियों और मानक संविदा दस्तावेजों में आपदा जोखिम से निपटने…
पश्चिम एशिया शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच वायदा कारोबार में चांदी की कीमत बुधवार को 2.08 प्रतिशत की…
विदेशी पूंजी की निकासी के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने बुधवार को शुरुआती बढ़त गंवा दी और गिरावट के साथ…
हाल के हफ्तों में, रिलायंस पावर और रिलायंस इन्फ्रा को गहन जांच का सामना करना पड़ा है क्योंकि इन दोनों…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
बिहार की राजनीति में सत्ता का शिखर छूना जितना कठिन है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है उस शिखर पर टिके रहकर अपनी सर्वमान्यता सिद्ध करना। सम्राट चौधरी का बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में उदय राज्य के सियासी इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात माना जा रहा है। यह केवल एक व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी का बिहार में उस ‘बड़े भाई’ की भूमिका को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना है, जिसका इंतजार पार्टी कार्यकर्ता दशकों से कर रहे थे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के कंधों पर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वह नीतीश कुमार की उस लंबी और गहरी छाया से बाहर निकल पाएंगे, जिसने पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति को परिभाषित किया है? यही वह कसौटी है, जिस पर अब सम्राट चौधरी को…
भारत की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में यदि किसी एक समस्या ने दशकों तक देश की प्रगति को बाधित किया और हजारों निर्दोषों का लहू बहाया, तो वह नक्सलवाद था। एक समय ऐसा भी था जब तत्कालीन सरकारों ने इसे देश के लिए ‘सबसे बड़ा खतरा’ स्वीकार किया था, लेकिन इसके समाधान के लिए वह ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई थी जो आज नजर आ रही है। आज जब हम 2026 के मुहाने पर खड़े हैं, तो भारत के नक्शे से ‘लाल गलियारे’ का सिकुड़ता दायरा और बस्तर के जंगलों में गूंजती शांति इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है।अमित शाह ने गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही नक्सलवाद को केवल एक स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के बजाय इसे एक राष्ट्रव्यापी सुरक्षा चुनौती…
बिहार के नए सम्राट को फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज मिला है। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हों, या पूर्व मुख्यमंत्री दम्पत्ति लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, कभी भी चैन पूर्वक राज नहीं कर सके। लिहाजा, मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उन जातीय और साम्प्रदायिक चुनौतियों से जूझना होगा, जो बिहार के विकास में शुरू से ही बाधक समझी गई हैं। लेकिन जिस प्रकार से आधुनिक बिहार के निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा को कांग्रेस के सहयोग से लंबे समय तक राज करते हुए जनसेवा का मौका मिला, वैसी ही मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा के सहयोग से जनसेवा का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा भी है कि पार्टी ने उन्हें पद नहीं, जनसेवा का अवसर दिया है, इसलिए विकास, सुशासन और समृद्धि उनके शासन का मूलमंत्र होगा।बिहार के आर्थिक विश्लेषक बताते हैं कि बिहार के विकास में श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद नीतीश कुमार…
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार मे आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली…
हेल्थ इंश्योरेंस में Pre-existing Disease छुपाने से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, पॉलिसी रद्द हो सकती है और भविष्य में इंश्योरेंस मिलना भी मुश्किल हो सकता है। पूर्व शोध IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 8 से 10 लाख क्लेम PED या उससे जुड़ी शर्तों की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं। जब आप अपना हेल्थ इंश्योरेंस कराते है, तो कंपनी आपकी पुरानी बीमारी यानी Pre-existing Disease का रिकॉर्ड मांगती है। यदि आप ऐसे मेंं झूठ बोलते है या जानकारी छुपाते हैं, तो कंपनी आपकी पॉलिसी तुरंत रद्द कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह ‘अतुल्य विश्वास’ (Uberrimae Fidei) के सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसे बीमा कंपनी और कानून धोखाधड़ी मानते हैं।इसे भी पढ़ें: जानिए, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYMY) के तहत आपको मात्र 55-200 रुपये में कैसे मिलेगी 3000 पेंशन?अगर आप यह गलती कर चुके हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम स्वीकार नहीं करेगी या आपका…
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना (PM SYMY) असंगठित क्षेत्र के गरीब श्रमिकों के लिए एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन मिलती है। वो भी तब, जब आपने लगभग 55–200 रुपये प्रति माह इस फंड में योगदान दिया हो, जो कि उम्र के हिसाब से निर्धारित है। फिर इसमें सरकार आपके योगदान के बराबर ही अतिरिक्त राशि जमा करती है, जिससे लंबे समय में 3000 ₹ प्रतिमाह की पेंशन व्यवस्था बनती है। # समझिए, PM SYMY क्या है? यह किसके लिए है?PM SYMY एक “केंद्रीय क्षेत्र की पेंशन योजना” है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (रेहड़ी पटरी वाले, मजदूर, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, एग्रीकल्चर वर्कर आदि) के लिए 2019 में शुरू की गई थी। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चलाता है और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पेंशन फंड के रूप में काम करता है। इसे भी पढ़ें: PM…
सरकारी मशीनरी के नाकारा होने के कारण देश में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ जैसे हादसे रुक नहीं रहे हैं। हादसों ऐसी श्रृंखला में नालंदा मंदिर का हादसा भी जुड़ गया है। नालंदा के शीतला माता मंदिर में पूजा करने के दौरान भगदड़ मच गई और इसमें 9 लोगों की जान चली गई। आठ महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज मंगलवार को नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कई देशों के छात्रों को डिग्री व मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान दिया गया। राष्ट्रपति की यात्रा की सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था,…
Supporting Student Journalist.
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