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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
भारतीय छात्रों की पसंद के मामले में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की चमक अब फीकी पड़ती जा रही है। लीप ग्लोबल एजुकेशन की एक रिपोर्ट कहती है कि भारतीय छात्र अब इटली, फ्रांस और न्यूजीलैंड जैसे देशों में नर्सिंग, एआई और फाइनेंस जैसे कोर्स चुन रहे हैं। इन देशों में नौकरी का रास्ता सीधा और पढ़ाई का खर्च कम है। अब इनका नया मंत्र है- डिग्री नहीं, जॉब। यूरोप भारतीय छात्रों के नए पसंदीदा ठिकाने के रूप में उभर रहा है। 30 लाख छात्रों के सर्वे पर आधारित रिपोर्ट यूरोप, न्यूजीलैंड जैसे देशों में ब्रिटेन, यूएस सरीखे एजुकेशन हब…
Rajeev Khandelwal, an Indian film actor and television host, gave a house tour of his Mumbai triplex apartment to Brut India. From wooden accents to sunlit space, Rajeev’s home is a perfect mix of luxury, comfort, and understated elegance. Let’s take a closer look at the actor’s beautiful home in Mumbai.Rajeev Khandelwal gave a house tour to Brut India. (simplyrajeev/Instagram/Youtube)Also read | Step inside Tulsi Kumar’s beautifully designed Delhi home, where glam meets comfortInside Rajeev Khandelwal’s homeDecked with earthy and vintage elements, the actor’s home is not just any other modern apartment but a true sanctuary that ensures peace in…
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के राजनीतिक करियर को प्रभावित करने वाले सबसे चर्चित और विवादित बयानों में से एक पर आज फैसला सुनाया गया है। ये तनखइया है, इनसे मत डरियो…इंशा अल्लाह इनसे जूते साफ कराऊंगा जैसी बातें सरकारी अधिकारी को लेकर कही गई थी लेकिन इसकी गूंज रामपुर से लेकर दिल्ली चुनाव आयोग तक पहुंची। अब सात सालों बाद इस बयान पर रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 16 मई के दिन अपना फैसला सुनाया। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक विवादित बयान के मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी करार…
Summer is the season of many cooling fruits, but not all of them enjoy the popularity of mangoes and watermelons. And according to Dr Shubham Vatsya, gastroenterologist and hepatologist at Fortis Hospital, Vasant Kunj, Delhi, one of the most underrated of the lot is muskmelon, also known as kharbuja.Muskmelon is a hydrating fruit loaded with beneficial nutrients. (Pexel)On Instagram on May 15, Dr Vatsya suggested having a bowl of muskmelon every day in summer, as the fruit offers multiple health benefits, especially for women. Also Read | Fitness coach warns ‘95% of people who lose weight gain it back’, reveals…
बॉलीवुड के ‘सुल्तान’ सलमान खान अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक और अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में रितेश देशमुख की मराठी ऐतिहासिक फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में एक दमदार कैमियो करने वाले सलमान खान ने एक बार फिर अपने एक बयान से सबको हैरान कर दिया है। शुक्रवार को रिलीज हुए एक इंटरव्यू के प्रोमो में सलमान ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने इतने लंबे और सफल करियर में आज तक कभी कोई स्क्रिप्ट (Script) नहीं पढ़ी है। ‘वैराइटी इंडिया’ (Variety India) को दिए एक खास इंटरव्यू में जब सलमान से उनकी फिल्मों के चयन की प्रक्रिया…
नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं, अमित शाह ने दे डाली डेडलाइन, NCB ने पकड़ा 182 करोड़ का ‘जिहादी ड्रग’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने पहली बार 182 करोड़ रुपये मूल्य की कैप्टागन टैबलेट जब्त की हैं, जिसे उन्होंने “जिहादी ड्रग” बताया। शाह ने एक्स पर कहा कि एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया और ऑपरेशन रेजपिल के तहत पश्चिम एशिया के लिए भेजी जा रही इस खेप को जब्त किया गया। मुंद्रा बंदरगाह और दिल्ली के नेब सराय से नशीले पदार्थ जब्त किए गए। सीरियाई नागरिक ने इसे चाय की पत्तियों के डिब्बे में छिपा रखा था। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, मुंद्रा बंदरगाह पर…
बांग्लादेश में नई सरकार आने के बाद लगा था कि मुहम्मद युनूस वाली गलतियां नहीं दोहराई जाएंगी और चीन तथा पाकिस्तान के खेमे में जाने की बजाय ढाका का झुकाव भारत की ओर ही रहेगा लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है। हम आपको बता दें कि ताजा घटनाक्रम के तहत बांग्लादेश ने अपने नौकरशाहों के प्रशिक्षण के लिए भारत के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी की बजाय पाकिस्तान के लाहौर स्थित सिविल सर्विसेज अकादमी को चुना है। यह कदम दक्षिण एशिया की बदलती कूटनीतिक राजनीति और बांग्लादेश की नई विदेश नीति का संकेत माना जा रहा…
हिंद महासागर में इस वक्त एक ऐसा गेम शुरू हो चुका है जिसका कंट्रोल जिसके हाथ में होगा भविष्य के एशिया की ताकत भी उसी के हाथ में होगी और अब भारत उसी गेम में अपना सबसे खतरनाक दांव खेलने जा रहा है। भारत की मुख्य भूमि से 1800 किलोमीटर दूर हिंद महासागर के बीचों-बीच मौजूद एक छोटा सा द्वीप, जिसे देखकर शायद दुनिया को कभी अंदाजा भी नहीं था कि एक दिन यही जगह चीन के लिए सबसे बड़ी टेंशन बन जाएगी और इसका नाम है ग्रेट निकोबार। सिर्फ 166 किमी दूर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्ते मलक्का…
बिहार के वैशाली जिले में वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को राज्य सरकार की ‘नो व्हीकल डे’ पहल के समर्थन में सरकारी वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया। यह पहल उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान की चिंताओं के बीच ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद शुरू की गई थी। जिला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह, कई प्रशासनिक अधिकारियों के साथ, पैदल, साइकिल से या ई-रिक्शा से कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जिससे आमतौर पर भीड़भाड़ वाला पार्किंग क्षेत्र लगभग खाली हो गया। हाजीपुर में पत्रकारों से बात करते हुए, सिंह ने वैशाली के निवासियों से आग्रह किया कि वे सप्ताह…
वैश्विक स्तर पर हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में हर साल लाखों लोगों में हाई बीपी की समस्या का निदान किया जाता है। वही भारत में भी एक्सपर्ट इस बढ़ते हुए खतरे को लेकर लोगों को सावधारी बरतने की सलाह देते हैं। आंकड़ों को देखे तो करीब 33% शहरी और 25% ग्रामीण आबादी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रस्त हैं। वहीं गंभीर बात यह है कि 60-70 फीसदी लोगों को जब तक समस्या ज्यादा न बढ़ जाए, तब तक इसके बारे में पता नहीं चल पाता है…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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