विदेश मंत्रालय ने ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (एसआईएनजी) फोरम-2026’ के लिए देश के दो राज्यों छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ अब अपनी औद्योगिक प्रगति और निवेश संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि साय विदेश मंत्रालय द्वारा नामित किए जाने के बाद सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित एसआईएनजी फोरम के पहले संस्करण में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए सिंगापुर का दौरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तीन से छह अक्टूबर तक सिंगापुर प्रवास पर रहेगा और ‘एसआईएनजी फोरम-2026’ में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा। अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण फोरम में छत्तीसगढ़ की भागीदारी राज्य को अपनी उपलब्धियों, औद्योगिक विकास और निवेश की व्यापक संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देगी।
साथ ही सिंगापुर के व्यापार जगत, उद्यमियों, निवेश संस्थानों और वैश्विक कंपनियों के साथ दीर्घकालिक आर्थिक संबंध स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल होगी। उन्होंने बताया कि ‘एसआईएनजी फोरम’ का यह पहला संस्करण है, जिसका आयोजन ‘सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन’ द्वारा किया जा रहा है। फोरम में सिंगापुर और भारत के वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रमुख और निवेशक एक मंच पर आएंगे।
इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ व्यापार, निवेश और भविष्य के सहयोग के नए अवसर विकसित करना है। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री साय सिंगापुर की प्रमुख कंपनियों, निवेश संस्थानों और वैश्विक कारोबारी समूहों के सीईओ एवं वरिष्ठ अधिकारियों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति के प्रावधानों, निवेशकों को दी जा रही सुविधाओं, ‘वनक्लिक एकल खिड़की प्रणाली’ तथा उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए विकसित अनुकूल कारोबारी वातावरण की जानकारी देंगे।
वे वैश्विक निवेशकों को विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की बैठकों में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, आईटी एवं आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और फार्मास्युटिकल्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर विशेष फोकस रहेगा। ये क्षेत्र बड़े निवेश के साथ तकनीक आधारित औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर सृजित करने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, मंडई वाइल्डलाइफ रिजर्व और गार्डन्स बाय द बे के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेगा। इन बैठकों में कौशल विकास, वन्यजीव संरक्षण, उद्यानिकी और हरित विकास के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी। इन क्षेत्रों में सिंगापुर के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ में कुशल कार्यबल तैयार करने, प्राकृतिक विरासत के संरक्षण तथा सतत एवं हरित विकास को आगे बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि यह यात्रा छत्तीसगढ़ को दुनिया के बड़े साझेदारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय द्वारा एसआईएनजी फोरम के लिए छत्तीसगढ़ का चयन प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। सिंगापुर प्रवास के माध्यम से राज्य में निवेश आकर्षित करने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और वैश्विक विशेषज्ञता एवं नवाचार से जुड़कर विकास के नए रास्ते खोलने का प्रयास किया जाएगा।’’
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय के साथ राज्य के प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
