त्योहारी सत्र की ग्राहकों की भीड़ कम होने के बाद करीब 74 प्रतिशत नियोक्ता वर्ष 2026 में त्योहारी सत्र के लिए नियुक्त किए गए लोगों में से कम से कम 10 प्रतिशत कर्मचारियों को काम पर बनाए रखेंगे। इनमें से ज्यादातर नौकरियां अग्रिम कामकाज में होंगी। सोमवार को आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
ग्लोबल जॉब साइट इनडीड की त्योहारी सत्र परिदृश्य 2026 रिपोर्ट से पता चला है कि 74 प्रतिशत से ज्यादा नियोक्ताओं को उम्मीद है कि वे व्यस्ततम अवधि के बाद भी वर्ष 2026 में त्योहारी सत्र के लिए नियुक्त किए गए लोगों में से कम से कम 10 प्रतिशत लोगों को काम पर बनाए रखेंगे। इसके लिए वे अनुबंध को बढ़ा सकते हैं, नवीनीकरण कर सकते हैं या उन्हें लंबे समय की भूमिका में बदल सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मांग ज्यादातर फ्रंटलाइन कामकाज में है – जैसे डिलिवरी और भंडारगृह से लेकर उत्पादन, परिवहन।
इनडीड की त्योहारी सत्र परिदृश्य 2026 रिपोर्ट भारत भर के 1,277 नियोक्ता और 2,569 कर्मचारियों और नौकरी चाहने वालों के बीच किए गए सर्वे पर आधारित है। रिपोर्ट से पता चला है कि 53 प्रतिशत से ज्यादा नियोक्ताओं को उम्मीद है कि वर्ष 2025 की तुलना में त्योहारी सत्र में कामगारों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव यह है कि वे कितनी जल्दी तैयारी शुरू कर रहे हैं। इनडीड इंडिया के प्रबंध निदेशक शशि कुमार ने कहा, ‘‘दिलचस्प बदलाव यह है कि त्योहारी सत्र एक ऐसा जरिया बनता जा रहा है जिससे कंपनियां अपनी कार्यबल को बड़े पैमाने पर तैयार करना चाहती हैं।
व्यवसाय को अब भी मांग में अचानक बढ़ोतरी का सामना करने के लिए लचीलेपन की जरूरत है, लेकिन वे यह भी समझ रहे हैं कि कम समय के लिए नियुक्ति का मतलब अल्पावधिक सोच नहीं होना चाहिए। जब नियोक्ता जल्दी तैयारी शुरू करते हैं और अच्छा काम करने वालों के लिए बने रहने के मौके बनाते हैं, तो त्योहारी सत्र ऐसी प्रतिभाओं को खोजने का एक व्यावहारिक तरीका बन सकता है।
