पटना। सहकारिता विभाग के माननीय मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने आज प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के बिहार में कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड), वेजफेड से संबद्ध सब्जी संघों तथा प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों द्वारा विगत वर्ष से अब तक किए गए कार्यों, विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा रबी 2026-27 मौसम से बिहार में PMFBY के कार्यान्वयन का निर्णय लिया गया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 21 जुलाई 2026 को राज्य स्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति (SLCCCI) का गठन किया गया है तथा इसकी पहली बैठक 31 जुलाई 2026 को आयोजित हो चुकी है। बैठक में आच्छादित फसल, इंडेम्निटी स्तर, क्लस्टर गठन, बीमा इकाई तथा फसल कटनी प्रयोग में तकनीकी प्रयोग सहित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए गए हैं। बीमा कंपनियों के चयन के लिए निविदा प्रस्ताव भारत सरकार को वैलिडेशन हेतु भेजा जा चुका है।
समीक्षा में रबी 2026-27 के लिए किसानों के बीमा आवेदन की अवधि 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित करने संबंधी विभागीय तैयारी की भी जानकारी दी गई।
माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी तैयारियों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए तथा क्षतिपूर्ति भुगतान की पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का वास्तविक लाभ किसानों तक समय पर पहुँचना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
वेजफेड की योजनाओं की भी हुई विस्तृत समीक्षा
वेजफेड की समीक्षा के दौरान “हर थाली में बिहारी तरकारी” की अवधारणा के तहत प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर विकसित की जा रही आधारभूत संरचनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। प्रस्तुतीकरण के अनुसार प्रखंड स्तरीय PVCS आधारभूत संरचना की कुल 114 इकाइयों में 113 के लिए भूमि प्राप्त हो चुकी है, 25 इकाइयों का कार्य पूर्ण तथा 82 इकाइयों का निर्माण कार्य जारी है। प्रखंड स्तरीय प्याज भंडारण संरचना की 68 स्वीकृत इकाइयों में 50 निर्माणाधीन तथा 10 पूर्ण हैं, जबकि 8 इकाइयों के लिए भूमि उपलब्ध होना शेष है। माननीय मंत्री ने निदेश दिया कि आधारभूत संरचना का निर्माण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्यक्ष लाभ सब्जी उत्पादकों और किसानों को मिले। किसानों के उत्पादन को बेहतर बाजार, भंडारण एवं विपणन व्यवस्था से जोड़ने के साथ-साथ सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाय।
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माननीय मंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि हर थाली में बिहारी तरकारी की परिकल्पना को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए उत्पादन से लेकर संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन तक पूरी श्रृंखला को मजबूत किया जाए। उन्होंने वेजफेड, सब्जी संघों एवं प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए किसानों को अधिक प्रभावी बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, अपर निबंधक श्री विकास कुमार बरियार, श्री मनोज कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, समरेश कुमार, निकेश कुमार, मिथिलेश कुमार सहित विभाग के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
