अभिनेता रणबीर कपूर अभिनीत और निर्देशक नितेश तिवारी की आगामी बहुचर्चित फिल्म ‘रामायण’ की रिलीज से पहले विवाद के बादल मंडराने लगे हैं। श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म निर्माताओं को पत्र लिखकर सिनेमाघरों में सार्वजनिक प्रदर्शन (रलीज) से पहले अपने प्रतिनिधियों के लिए फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग (Special Screening) आयोजित करने की मांग की है। महासंघ को आशंका है कि फिल्म में कुछ ऐसे दृश्य हो सकते हैं जो हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचा सकते हैं।
महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने पीटीआई-से कहा कि निर्देशक नितेश तिवारी और फिल्म की निर्माण कंपनी को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि दीपावली पर सिनेमाघरों में रिलीज से पहले श्री रामलीला महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को फिल्म दिखाई जाए।
इसे भी पढ़ें: Kangana Ranaut का विवादित बयान- ‘इस्लामिस्ट्स के संपर्क में आकर वामपंथी हो जाती हैं हिंदू बेटियां’, इंटरनेट पर सोनाक्षी सिन्हा से जोड़ा गया कनेक्शन
कुमार ने वर्ष 2023 में रिलीज हुई फिल्म आदिपुरुष का हवाला देते हुए कहा कि उस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समुदाय और रामलीला से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताई थी। उनका दावा है कि इनमें लंका के चित्रण तथा रावण और उसकी सेना को दिखाने के तरीके को लेकर भी आपत्तियां थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने आदिपुरुष को रिलीज से पहले देखे बिना उसका प्रचार किया था, लेकिन उस फिल्म में रामायण से जुड़ी कई बातों को गलत तरीके से दिखाया गया। हम वही गलती दोबारा नहीं दोहराना चाहते, क्योंकि रामायण अरबों लोगों की आस्था से जुड़ी है।’’
इसे भी पढ़ें: Ramayana में क्यों निभाया शूर्पणखा का रोल? Rakul Preet ने सोशल मीडिया पर फैन को दिया जवाब
महासंघ का दावा है कि उसे ऐसी जानकारी मिली है कि रामायण में कुछ ऐसे दृश्य हैं, जो भारत और विदेशों में रहने वाले हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं।
संगठन ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यदि फिल्म में कोई आपत्तिजनक दृश्य या संवाद हो तो उसे सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले हटा दिया जाए।
कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई और बिना विशेष प्रदर्शन के फिल्म रिलीज की गई, तो महासंघ अन्य हिंदू संगठनों के साथ मिलकर दिल्ली और अन्य राज्यों में सिनेमाघरों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगा।
Entertainment News Hindi Today
only at Prabhasakshi
