प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप धन शोधन मामले में ‘ईजमाईट्रिप’ के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें उन पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के नाम पर अवैध सट्टेबाजी से प्राप्त राशि को शेयर बाजार में लगाने की सुविधा प्रदान करने का आरोप लगाया गया है। केंद्रीय एजेंसी ने 10 सितंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक विशेष अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया और धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जारी एक अनंतिम आदेश के माध्यम से पिट्टी के 59.60 करोड़ रुपये मूल्य के डीमैट शेयर भी कुर्क किए हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन रोधी कानून के तहत इन शेयरों को ‘‘अपराध से अर्जित आय’’ बताते हुए अदालत से इन्हें जब्त करने की अनुमति मांगी है।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ईजमाईट्रिप के चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक पिट्टी (40) के खिलाफ आरोप रायपुर की विशेष अदालत के समक्ष दायर पांचवें पूरक आरोपपत्र में प्रस्तुत किए गए। पिट्टी ने बाद में एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें किसी आरोपपत्र की जानकारी नहीं है और न ही अदालत ने उन्हें तलब किया था। उन्होंने कहा, “इसलिए, इस मामले पर मुझे कुछ नहीं कहना है।
मैंने हमेशा सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग किया है और करता रहूंगा। कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, मैं अपने आचरण को सही साबित करने के लिए विस्तृत सबूत पेश करूंगा।”
‘ईजमाईट्रिप’ ने एक बयान में कहा कि उसकी होल्डिंग कंपनी ‘ईजी ट्रिप प्लानर्स लिमिटेड’ को फर्म या उसके निदेशक निशांत पिट्टी के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई की कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। ईडी ने आरोपपत्र में एबिक्स समूह के अध्यक्ष विकास गर्ग (53) समेत 42 व्यक्तियों और कंपनियों को नामजद किया है।
एजेंसी ने जुलाई में गर्ग के दिल्ली स्थित घर पर छापेमारी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं।
