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अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता को 5 साल पूरे हो गए हैं। लेकिन इन 5 सालों में अगर किसी रिश्ते ने सबसे ज्यादा करवट ली है तो वो है भारत और तालिबान का रिश्ता। कभी दिल्ली…
अमेरिकी विशेष अभियान बल, एशिया में फिलीपीन और दूसरे देशों की सेना के साथ मिलकर युद्ध अभ्यास बढ़ाने के लिए तैयार हैं, ताकि सुरक्षा गठबंधन को और मजबूत किया जा सके और इस इलाके में किसी…
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने टिल्लू ताजपुरिया-कौशल चौधरी-गुरविंदर बाबा गिरोह के तीन कथित शूटर को गिरफ्तार किया है और उनके पास से दो अर्ध-स्वचालित पिस्तौल और 11 कारतूस बरामद किए हैं। एक अधिकारी ने शुक्रवार…
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने 1947 के बंटवारे के दौरान अपनी जान और घर गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और…
एनडीआरएफ के DIG मोहसिन शहीदी ने शुक्रवार को बताया कि चमोली टनल हादसे में 12 लोगों को बचाया गया है,…
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने राहुल गांधी…
पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने…
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 12 अगस्त 2026 को आकाशवाणी के रंग भवन सभागार में विशेष कार्यक्रम ‘विजय यात्रा—तस्वीर भारत…
जेवर, 14 अगस्त 2026। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी भूमि देने वाले तथा परियोजना के कारण विस्थापित…
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने इस्लामाबाद को साफ़ और स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपने दुश्मनों पर…
7 मई, 2025 को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत के मिलिट्री ऑपरेशन के बाद, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र अजीत डोभाल ने पहली…
AIADMK के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के. पलानीस्वामी शुक्रवार को तंजावुर हेड पोस्ट ऑफिस में एक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे।…
कांग्रेस ने गुरुवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद रैली स्थल के ‘शुद्धिकरण’…
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को सिंधु जल समझौते को निलंबित रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि…
भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट (BPIA) पर एक महिला यात्री ने कथित तौर पर ₹49,000 की संपत्ति को नुकसान…
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रूस और जापान के बीच दशकों से चला आ रहा कुरिल द्वीप विवाद एक बार फिर भड़क उठा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विवादित इतुरुप…
करीब तीन हफ्ते पहले जब बांग्लादेश की टीम जिम्बाब्वे दौरे पर पहुंची थी, तब उसका आत्मविश्वास काफी…
भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज अब निर्णायक मुकाबले तक पहुंच चुकी है।…
फीफा विश्व कप फाइनल से पहले अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने अपने भविष्य को लेकर चल…
फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला सिर्फ फुटबॉल के लिहाज से ही नहीं बल्कि कूटनीतिक नजरिए…
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर अपनी शानदार वापसी का प्रदर्शन करते…
फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अब अंतिम मुकाबले का समय आ गया है। फीफा…
हॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस निकोल किडमैन ने अपने दो पूर्व पतियों, म्यूजिशियन कीथ अर्बन और सुपरस्टार टॉम क्रूज से हुए तलाक को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने याद किया कि कैसे लोगों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि हॉलीवुड के इतने बड़े स्टार्स से शादी करने की वजह से उनका खुद का करियर खत्म हो सकता है।कीथ अर्बन से अलग होने का मुश्किल दौरवोग को दिए एक नए इंटरव्यू में 59 साल की एक्ट्रेस ने मीडिया की कड़ी नजर के बीच दो बार तलाक से गुजरने का दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि कीथ अर्बन से अलग होना उनके लिए बहुत कठिन समय था, जिसने उन्हें अनिश्चित भविष्य से रूबरू कराया। किडमैन ने कहा कि उस दौरान वह काफी डरी हुई और कमजोर महसूस कर रही थीं, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Reacher Season 4 की प्राइम…
Mumbai: Listed oncology hospital chain HealthCare Global Enterprises (HCG) launched a new facility in Bengaluru on Tuesday, with an investment…
New Delhi: Union Education Minister Dharmendra Pradhan on Tuesday reviewed preparations for the forthcoming NEET-UG re-examination and directed officials to…
Washington: Scientists have uncovered a hidden “sugar code” on the surface of human cells that could transform how diseases are…
गर्मियों के मौसम में कान से संबंधित समस्याएं तेजी से देखने को मिलती हैं। खासकर कान में खुजली, दर्द, भारीपन,…
New Delhi: Financial constraints and slow financing approvals are emerging as a major barrier in India’s elective healthcare sector, with…
सेहतमंद रहने के लिए हेल्दी नाश्ता बेहद जरूरी होता है। क्योंकि नाश्ते से न सिर्फ दिनभर के कामों के लिए…
बारिश के मौसम में घूमने का मजा ही अलग होता है। क्योंकि इस मौसम में चारों ओर हरियाली,…
15 अगस्त भारत की आत्मा, स्वाभिमान और सामूहिक संकल्प का उत्सव है। यह वह ऐतिहासिक क्षण है, जब सदियों की पराधीनता के बाद भारत ने स्वतंत्रता का अमृत प्राप्त किया और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित एक नए युग की शुरुआत की। स्वतंत्रता के 79 वर्षों की इस यात्रा में भारत ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, अनेक चुनौतियों का सामना किया है और अनेक ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिन पर प्रत्येक भारतीय गर्व कर सकता है। आज जब पूरा देश तिरंगे के सम्मान में एकजुट होकर स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तब यह अवसर केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाने का…
टाटा समूह के अगले चेयरमैन की तलाश का रास्ता अब खुल गया है। टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन…
अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख से घरेलू मुद्रा को मिले समर्थन के बीच रुपया शुक्रवार को तीन पैसे मजबूत होकर…
वाणिज्यिक वाहन बनाने वाली कंपनी अशोक लेलैंड लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ…
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) तथा महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाकर…
(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, चार अगस्त विश्व बैंक ने मंगलवार को विकासशील देशों से स्वास्थ्य, शिक्षा और न्यायिक सेवाओं में सुधार लाकर…
संसद का मॉनसून सत्र पूरी तरह बर्बाद हो गया जिसके चलते कई सवाल उठे हैं। सबसे पहला सवाल यह है कि क्या यही संसदीय लोकतंत्र है, जहां संसद का पूरा सत्र ही हंगामे की भेंट चढ़ जाए? सवाल उठता है कि विपक्ष का काम सरकार को घेरना है या सदन को ही ठप कर देना? 20 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हो गया, लेकिन सवाल यह है कि इस पूरे सत्र में बहस कितनी हुई और हंगामा कितना? सवाल उठता है कि संसद में नारे लगना ज्यादा जरूरी है या जनता के मुद्दों पर सवाल-जवाब होना जरूरी है? सवाल उठता है कि जब सरकार जवाब देने को तैयार थी, तो विपक्ष ने संसद चलने क्यों नहीं दी?आंकड़ों को देखें तो राज्यसभा की उत्पादकता महज 39.17 प्रतिशत रही और सभापति के अनुसार सदन में कुल 37 घंटे 49 मिनट ही काम हो सका। वहीं लोकसभा की…
सोशल मीडिया इस समय ऐसे वीडियोज से भरा पड़ा है, जिनमें बलूचिस्तान के लोग अपनी आजादी का जश्न मनाते हुए नजर आ रहे हैं। 11 अगस्त को बलूचिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाए गए कार्यक्रमों के बीच बलूच अलगाववादी नेतृत्व ने अब अपने अभियान को एक नया राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश भी की है। बलूच नेता मीर यार बलूच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से “रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान” को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की अपील की है। साथ ही भारत की ओर से पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर उठाई गई आवाज की खुलकर सराहना की है।मीर यार बलूच ने एक्स पर जारी अपने संदेश में भारतीय मीडिया का विशेष रूप से आभार जताया। उनका कहना था कि भारतीय मीडिया ने 11 अगस्त को बलूचिस्तान में मनाए गए स्वतंत्रता दिवस को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल…
भारत सरकार द्वारा संचालित अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana – APY) देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और आम नागरिकों को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक लोकप्रिय सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी को हर महीने 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीड न्यूनतम मासिक पेंशन मिलती है।अटल पेंशन योजना (APY) 2026 क्या है?अटल पेंशन योजना 2026 एक सरकारी रिटायरमेंट स्कीम है, जिसे PFRDA रेगुलेट करता है। यह हर काम करने वाले भारतीय को सब्सक्राइबर के 60 साल का होने के बाद ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 या ₹5,000 की गारंटीड मंथली पेंशन देती है। यह अनऑर्गनाइज़्ड सेक्टर के लाखों लोगों के लिए बनाई गई है – दुकानदार, ड्राइवर, डिलीवरी वर्कर, घरेलू हेल्पर, किसान और सेल्फ-एम्प्लॉयड — जिनके पास EPF या फॉर्मल पेंशन नहीं है। जब आप जवान होते हैं…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जो लोग बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को हल्के में लेकर चल रहे थे, उन्हें अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं और उनकी सभाओं में उमड़ रही भीड़, खासकर युवाओं की मौजूदगी, पार्टी के लिए नई उम्मीद पैदा कर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी आकाश आनंद ने बसपा की रैलियों में बड़ी भीड़ आकर्षित की थी, हालांकि इसका चुनावी परिणाम पार्टी के लिए शून्य रहा। लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मुद्दे अलग होते हैं और इसी अंतर को समझते हुए आकाश आनंद इस बार बसपा के लिए जमीन तैयार करने में जुटे हैं।पिछले दिनों बसपा के भीतर हुई राजनीतिक उठापटक और संगठनात्मक चुनौतियों के बीच आकाश आनंद का यह आक्रामक अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा महज एक…
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले सप्ताहांत दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरण और रणनीति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद योगी ने इसे ‘सुशासन के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ने’ के लिए प्रेरणा देने वाला बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार भेंट के तौर पर नहीं देखा जा रहा।दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में डालते हुए नई नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने छह संगठनात्मक क्षेत्रों और विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा की है। नई टीम में करीब 60 फीसदी नए चेहरों को जगह दी गई है। साफ है कि भाजपा अब मिशन 2027 को केवल नारों तक…
राहुल गांधी का प्रयागराज आकर छात्रों से संवाद करना अपने आप में कोई असामान्य राजनीतिक घटना नहीं है। लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का युवाओं के बीच जाना, उनकी समस्याएं सुनना और सरकार से सवाल पूछना बिल्कुल स्वाभाविक है। लेकिन राजनीति में किसी कार्यक्रम का समाचार बन जाना और उसका चुनावी प्रभाव पैदा करना, ये दो बिल्कुल अलग बातें हैं। यही अंतर उत्तर प्रदेश की राजनीति के संदर्भ में राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को पेपर लीक, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं की समस्याओं के खिलाफ एक बड़े अभियान के रूप में पेश किया है। प्रयागराज का चयन भी प्रतीकात्मक है, क्योंकि यह देश के प्रमुख शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा केंद्रों में गिना जाता है। कांग्रेस का दावा है कि वह छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है। लेकिन यहां पहला राजनीतिक सवाल खड़ा…
किसी भी वाहन धारक के लिए थर्ड पार्टी बीमा बहुत जरूरी होता है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तीसरे व्यक्ति को हुई जान-माल की क्षति की भरपाई की जा सके। लेकिन बीमा कम्पनियों ने अब जो नया रुख अख्तियार किया है, उसका सार-सत्य यह है कि अब आपके गाड़ी चलाने के तरीके से ही यह तय होगा कि आपको कितना बीमा प्रीमियम देना होगा। यानी कि रफ ड्राइविंग करने वालों को अब ज्यादा बीमा प्रीमियम अदा करना पड़ेगा। इस हेतु बीमा कम्पनियों ने टेलीमैटिक्स तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है।वस्तुतः टेलीमैटिक्स (Telematics) एक ऐसी तकनीक है, जिसमें वाहन में लगे सेंसर, जीपीएस, मोबाइल ऐप या OBD (On-Board Diagnostics) डिवाइस के जरिए गाड़ी चलाने से जुड़ा डेटा एकत्र किया जाता है। फिर बीमा कंपनियां इस डेटा का विश्लेषण करके यह तय करती हैं कि चालक कितना सुरक्षित वाहन चलाता है और उसी के आधार पर अब बीमा प्रीमियम भी…
देश को नक्सलवाद-माओवाद के आतंक से मुक्ति दिलाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दो नये अहम अभियान प्रारंभ किये हैं- पहला, भारत को घुसपैठियों से मुक्त करना तथा दूसरा है, युवाओं को नशे की लत से मुक्ति दिलाना। भारत के किशोरों तथा युवाओं को हर प्रकार के नशे से मुक्ति दिलाने के लिए 2 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान“ का प्रारंभ करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया है। अपने सन्देश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहाकि जो युवा नशे से लड़कर बाहर निकलते हैं वे कमजोर नहीं, बल्कि असली योद्धा होते हैं। समाज को उनका सम्मान करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई दुश्मन देशों की आतंकी साजिश का ही एक हिस्सा है। दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में धकेलना चाहते हैं ताकि भारत कभी भी एक सशक्त एवं…
लोकतांत्रिक राजनीति में कई बार छोटे चुनाव भी बड़े संदेश दे जाते हैं। विधानसभा उपचुनावों को लंबे समय तक केवल रिक्त सीटों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया माना जाता रहा है। सामान्य धारणा यही रही कि जिस राज्य में जिस दल की सरकार होती है, प्रशासनिक बढ़त, संगठनात्मक शक्ति और सत्ता के प्रभाव के कारण वही दल उपचुनाव आसानी से जीत जाता है। इसी कारण उपचुनावों के परिणामों को व्यापक राजनीतिक संकेतक के रूप में कम ही देखा जाता था किंतु पिछले कुछ वर्षों में यह धारणा तेजी से बदली है। अब उपचुनाव केवल एक सीट का फैसला नहीं करते बल्कि जनता के तत्कालीन मनोभाव, सरकार के प्रति संतोष-असंतोष, संगठन की मजबूती, नेतृत्व की स्वीकार्यता और भविष्य की राजनीतिक दिशा के संकेत भी देते हैं। बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांझलपुर विधानसभा उपचुनावों ने भी यही संदेश दिया है। तीन सीटों में से दो पर…
आज जब पूरा देश पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, तब हर भारतीय के मन में उनकी मुस्कुराती छवि, ओजस्वी आवाज़ और मानवीय संवेदनाओं से भरा व्यक्तित्व एक बार फिर जीवंत हो उठता है। देखा जाये तो भारतीय राजनीति में ऐसे नेता विरले ही हुए हैं, जिनकी लोकप्रियता केवल अपनी पार्टी तक सीमित न रहकर राजनीतिक सीमाओं को भी पार कर गई हो। सुषमा स्वराज उन्हीं असाधारण नेताओं में थीं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, संसद हो या अंतरराष्ट्रीय मंच, उनके शब्दों में दृढ़ता थी, विचारों में स्पष्टता थी और व्यवहार में ऐसी आत्मीयता थी, जिसने उन्हें हर दल के नेताओं और करोड़ों भारतीयों का सम्मान दिलाया। छह अगस्त 2019 को 67 वर्ष की आयु में उनके निधन ने भारतीय राजनीति को एक ऐसी आवाज़ से वंचित कर दिया, जिसकी कमी आज भी महसूस की जाती है।सुषमा स्वराज का अंतिम सार्वजनिक संदेश…
Supporting Student Journalist.
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