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उत्तराखंड के मेडिकल शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने उन आरोपों की ज़िला-स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं, जिनमें कहा गया है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए फ़र्ज़ी स्थायी निवास और स्वतंत्रता…
महज 150 रुपये के अनुदान से शुरू हुआ दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) लगभग आठ दशक बाद देश की छात्र राजनीति के सबसे चर्चित केंद्रों में से एक बन चुका है और इसके गठन का इतिहास…
शनिवार को पंजाब पुलिस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू को हिरासत में ले लिया। उन्होंने पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) गेट के पास तब विरोध प्रदर्शन किया, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान का…
तमिलनाडु अपनी दो-भाषा नीति पर अड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के यह कहने के बावजूद कि राज्य को हिंदी के…
पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस…
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए शनिवार को जारी मतगणना के बीच अध्यक्ष पद के शुरुआती रुझानों में…
राजनीतिक शिष्टाचार की एक दुर्लभ मिसाल पेश करते हुए पूजर से कांग्रेस विधायक सेबेस्टियन एम.जे. ने खुद पीछे हटते हुए…
राष्ट्रीय राजधानी से सटे गुरुग्राम के सफायर 90 मॉल में स्थित 18 स्पा केंद्रों पर पुलिस ने छापेमारी कर 30…
बेंगलुरु में एक व्यक्ति ने अपने पड़ोस में रहने वाले 13 वर्षीय लड़के का कथित तौर पर अपहरण करने के…
दिल्ली में 19 सितंबर 2008 को बटला हाउस इलाके में हुई मुठभेड़ की एक घटना ने देश में राजनीतिक हलचल…
हरदोई जिले के सांडी थाना क्षेत्र के मुंशीगंज मोहल्ले की एक महिला ने पति पर उसकी नाक काटने का आरोप…
(तस्वीरों के साथ) नयी दिल्ली, 18 सितंबर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में शुक्रवार रात आठ बजे तक 39.77…
(तस्वीरों के साथ) नयी दिल्ली, 18 सितंबर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में शुक्रवार को 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज…
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज छात्र संघ चुनावों में ज़बरदस्त समर्थन का दावा…
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए मतगणना शनिवार सुबह आठ बजे शुरू होने के बीच विश्वविद्यालय परिसर में…
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तकनीक ने मनुष्य को संवाद के ऐसे साधन उपलब्ध करा दिए हैं, जिनकी कल्पना कुछ दशक पहले तक असंभव लगती थी। अब एक क्लिक पर दुनिया…
विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर रुकने का नाम नहीं ले रही है। 7वें हफ्ते में प्रवेश करने के बाद भी यह फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है। ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के आंकड़ों के मुताबिक, रिलीज के 43वें दिन (7वें शुक्रवार, 18 सितंबर) फिल्म ने भारत में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹5.00 करोड़ (नेट) का कलेक्शन दर्ज किया। इसके साथ ही, भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹248.38 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि दुनिया भर में (Worldwide Gross) फिल्म ने ₹316.30 करोड़ का आंकड़ा पार कर नया इतिहास रच दिया है।फिल्म ने अपने सातवें शुक्रवार, 18 सितंबर को 6,462 शो में कुल मिलाकर 18 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज की। 43वें दिन की कमाई में पिछले दिन की तुलना में 20 प्रतिशत की गिरावट आई; पिछले दिन फिल्म ने 9,160 शो से 6.25 करोड़ रुपये कमाए थे।भारत में कुल ग्रॉस…
आपने हमेशा कपड़े, गहने, डेकोर, राशन और गाड़ियों के काफी बाजार देखें होंगे। लेकिन क्या जानते हैं कि…
बांग्लादेश को आखिरकार भारत की जरूरत का एहसास होने लगा है! जिस समय नई दिल्ली ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आमंत्रित कर पड़ोसी संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर दिया, उस समय ढाका ने दूरी बनाए रखना पसंद किया। शायद उसे लगा कि दिल्ली जाने से अच्छा है इस्लामाबाद या मक्का जाया जाये और मक्का पैक्ट में शामिल हुआ जाये। लेकिन मक्का में हूतियों का हमला और मक्का पैक्ट की हवा निकलते देख बांग्लादेश को शायद अपनी गलती का अहसास होने लगा है। अब बांग्लादेश के सामने दो तस्वीरें हैं। एक ओर भारत में…
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) ने चालू वित्त वर्ष में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलाकर 10…
भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े को मजबूत करने की दिशा में एक अहम खबर सामने आई है। हिंदुस्तान…
टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों के शेयर शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए। इससे एक दिन पहले इनमें बढ़त…
स्विट्जरलैंड में जारी शांति वार्ता के बीच मध्य पूर्व (West Asia) में अचानक बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार…
देश के पूंजी बाजार में एक बार फिर बड़े सार्वजनिक निर्गमों को लेकर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय…
भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाते हैं। पश्चिम एशिया में होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा तो भारत ने हाथ पर हाथ रखकर बैठने की बजाय अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए नए रास्तों की तलाश तेज कर दी। इसी कूटनीतिक और रणनीतिक सक्रियता के बीच ओमान ने भारत के सामने ऐसा जोरदार प्रस्ताव रख दिया है, जो आने वाले समय में खाड़ी क्षेत्र से भारत तक तेल और ऊर्जा संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। हम आपको बता दें कि ओमान ने भारत को अपने सोहार बंदरगाह में निवेश का न्योता दिया है। यह ऐसा बंदरगाह है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से दूर है और संकट के समय भारत के लिए खाड़ी तक पहुंच का एक वैकल्पिक और सुरक्षित द्वार बन सकता है।नई दिल्ली में 16 सितंबर…
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की 10 वर्षों की गौरवमयी यात्रा और अभूतपूर्व सफलता के बाद केंद्र सरकार ने आगामी 15 अक्तूबर 2026 से इसके माध्यम से दो हजार रुपए से अधिक के कारोबारी भुगतान पर कारोबारियों के लिए 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का निर्णय लिया है।झूठ की गूंज एक्सप्रेस चलाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाला इंडी गठबंधन इस निर्णय के लिए सरकार पर अमेरिकी दबाव में झुकने, घुटने टेकने जैसे आरोप लगा रहा है। विपक्ष सोशल मीडिया पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क को मोदी टैक्स बताकर इसे तत्काल वापस लेने की मांग कर रहा है। 2000 से ऊपर के कारोबारी भुगतान के इस 0.4 प्रतिशत शुल्क पर विपक्ष के झूठ की गूंज सोशल मीडिया से लेकर व्यापारियों तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ व उत्तर प्रदेश के व्यापारी इसका प्रबल विरोध कर रहे हैं जबकि पेट्रोल पंप कंपनियां इस टैक्स को वापस लेने के…
नई दिल्ली ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद जिस गति से पड़ोसी देशों के साथ उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ाया है, उसने भारतीय विदेश नीति के अगले चरण की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के बाद भारत ने हिमालयी पड़ोस और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सक्रियता तेज कर दी है।भूटान में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यात्रा इसका सबसे ताजा उदाहरण है। 16 से 18 सितंबर तक की यात्रा में जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री के अलावा विदेश मंत्री डी.एन. ढुंगयेल के साथ विकास, ऊर्जा, व्यापार, संपर्क, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों पर व्यापक चर्चा की। इसके साथ ही भारत ने तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाकर यह संदेश दिया कि भूटान के साथ संबंध केवल पारंपरिक मित्रता तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले विकास और रणनीतिक सहयोग पर…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज विकास के पथ पर तेज़ी से अग्रसरित भारत, विकसित भारत बने के लिए सर्वांगीण विकास के कार्यों को धरातल पर मूर्त रूप देते हुए सफलता के नित-नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तेज़ी से आर्थिक सुधार हो रहे हैं, मोदी ने देश में परिवर्तन लाने के लिए शहर, कस्बों से लेकर के गांव, दुर्गम दूरदराज के इलाकों तक में भी अब विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के अनवरत विकास का कार्य युद्ध स्तर पर चलवाने का कार्य कर रखा है। 21वीं सदी की आधुनिकता की दौड़ में एआई व डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में भारत दुनिया भर में अपना लोहा मनवाने का कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विज़न के दम पर स्वदेशी को तेज़ी से बढ़ावा देकर के भारत तेज़ी से आत्मनिर्भर बनने का मुकाम हासिल कर रहा है। देश में विश्वस्तरीय आधुनिक सड़क, सागर…
दिल्ली में हुई ब्रिक्स शिखर बैठक को अगर केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानकर देखा जाएगा तो उसकी असली राजनीतिक अहमियत समझ में नहीं आएगी। देखा जाये तो यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव, युद्ध, अविश्वास और बदलते शक्ति-संतुलन से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत ने जिस तरह अलग-अलग ध्रुवों के देशों को एक मंच पर बैठाया, संवाद के रास्ते खोले और मतभेदों के बावजूद सहयोग की जमीन तैयार की, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर सामने आई है।ब्रिक्स की इस बैठक की सबसे बड़ी सफलता यही रही कि भारत ने उन देशों के बीच भी संवाद की संभावना पैदा की, जिनके बीच गहरे मतभेद हैं। ईरान और खाड़ी के देशों के बीच बातचीत इसका सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। पश्चिम एशिया लंबे समय से टकराव, अविश्वास और संघर्ष का मैदान बना हुआ है।…
आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रचलन बढ़ा है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी जोखिम उठाने और सही रणनीति अपनाने से बैंक ब्याज या एफडी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त होता है। इसलिए वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे बड़ी गलती रिटर्न के पीछे भागना और अपने लक्ष्य, जोखिम तथा समय-अवधि को नजरअंदाज करना है। देखा जाए तो म्यूचुअल फंड के निवेशक 10 आम गलतियाँ कर ही बैठते हैं। प्रायः हर किसी से यह हो जाती हैं। इसलिए इन गलतियों से बचें और एक बेहतर आर्थिक भविष्य प्राप्त करें। म्यूचुअल फंड निवेश की कुछ महत्वपूर्ण गलतियाँ निम्नलिखित हैं:-पहला, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना: पिछले 1–3 साल का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसलिए फंड की रणनीति, जोखिम और लंबी अवधि का प्रदर्शन भी देखें। अन्यथा भविष्य में आपको हानि उठानी पड़ सकती है।इसे भी पढ़ें: वाहन खरीदा, लेकिन छह महीने तक…
पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख शैक्षणिक प्रकल्प विद्या भारती के कम से कम एक हजार नए विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की घोषणा नहीं है, बल्कि इसे राज्य की शिक्षा-दृष्टि में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। 4 सितंबर 2026 को सामने आई इस घोषणा के अनुसार अगले एक वर्ष में राज्य के प्रत्येक जिले, नगरपालिका और पंचायत तक विद्या भारती के विद्यालयों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विद्या भारती से जुड़े 313 विद्यालय संचालित होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने विद्या भारती के नेतृत्व को राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाने का भी निमंत्रण दिया है। यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि विद्या भारती आज देश…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव सिर्फ वोटों की गिनती से नहीं जीते जाते। यहां जाति, जज्बात, चेहरा और संदेश, इन चारों का सही तालमेल सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाता है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर जरूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपनी पुरानी साइकिल में नए राजनीतिक पुर्जे लगाने में जुटे हैं। मकसद सपा को उसकी पुरानी छवि से बाहर निकालना है, जिसे विरोधी लंबे समय से एक खास सामाजिक दायरे और सत्ता में कथित तौर पर आक्रामक राजनीति से जोड़ते रहे हैं। अखिलेश की नई रणनीति में जातीय समीकरण भी है, हिंदू प्रतीक भी हैं, पीडीए का विस्तार भी है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि डिंपल यादव के रूप में एक नया और अपेक्षाकृत शांत चेहरा भी है।डिंपल की बढ़ती भूमिका और ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’देखा जाये तो अब तक डिंपल यादव की राजनीति अपेक्षाकृत…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र का हृदयस्थल माना जाता है। दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर गुजरता है, यही कारण है कि देश के इस सबसे बड़े सूबे में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचल का असर राष्ट्रीय फलक पर साफ दिखाई देता है। वर्ष 2026 की समाप्ति के करीब आते ही और 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच शह-मात का खेल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने सूबे की राजनीतिक जमीन को जो नई शक्ल दी थी, उसके बाद हर दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटा है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचने की कवायद में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे दस…
उत्तरप्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और निर्णायक अध्यायों में से एक रहा है। इस मंदिर आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली, भाजपा को राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अंततः 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक लक्ष्य पूरा हुआ।लेकिन इतिहास का दिलचस्प मोड़ यह है कि मंदिर बनने के बाद असली प्रशासनिक चुनौती शुरू हुई है, जिसके दृष्टिगत 2 सितंबर 2026 को “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र कुमार मिश्र को अपना पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। इसलिए मिश्र की नियुक्ति के पीछे छिपे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सियासी संदेश को समझना होगा।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से अयोध्या तक: कौन है राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, क्या होगी जिम्मेदारीमसलन, लगभग 5,585 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन…
Supporting Student Journalist.
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