दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए मतगणना शनिवार सुबह आठ बजे शुरू होने के बीच विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के 2,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। मतों की गिनती जारी रहने के मद्देनजर प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित की गई है और मतगणना केंद्र के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार केंद्रीय पदों के लिए मतगणना ‘नॉर्थ कैंपस’ स्थित विश्वविद्यालय खेल स्टेडियम के बहुउद्देश्यीय हॉल में हो रही है।
डूसू चुनाव के नतीजों से यह संकेत मिलेगा कि किस छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के रुख और उनकी चिंताओं को बेहतर ढंग से समझा है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतगणना और नतीजों की घोषणा शांतिपूर्ण ढंग से सुनिश्चित करने के लिए मतगणना केंद्र और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और परिसरों में पैदल गश्ती दल, मोटरसाइकिल दस्ते और पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) के वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं।
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख स्थानों पर अर्धसैनिक बलों के जवान भी तैनात किए गए हैं। मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि विद्यार्थियों और उम्मीदवारों के समर्थकों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके, भीड़भाड़ एवं लोगों को अनधिकृत रूप से एकत्र होने से रोका जा सके और झड़प जैसी घटनाएं नहीं हों। पुलिस के दल संवेदनशील स्थानों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
खासकर उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां मतगणना आगे बढ़ने और नतीजों की घोषणा के दौरान विद्यार्थियों एवं समर्थकों की अधिक आवाजाही होने की संभावना है। छात्र मार्ग, प्रोबिन रोड और यूनिवर्सिटी रोड समेत प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। ये पाबंदियां शनिवार को नतीजों की घोषणा होने तक लागू रहेंगी।
पुलिस मतगणना प्रक्रिया के दौरान प्रवेश और निकास बिंदुओं, विद्यार्थियों की आवाजाही तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन के साथ समन्वय कर रही है। इस चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के वाम गठबंधन समेत प्रमुख छात्र संगठनों के बीच मुकाबला है। इससे पहले 2025 के चुनाव में अध्यक्ष पद समेत केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पद पर अभाविप ने जीत हासिल की थी जबकि एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद पर विजय हासिल की थी।
अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतगणना के दौरान और इसके बाद भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
