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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य के पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचने पर बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और पिछड़ा वर्ग मोर्चा…
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के राऊ कस्बे में बुधवार को तेज रफ्तार एसयूवी ने दोपहिया वाहनों और एक ट्रैक्टर को टक्कर मार दी, जिससे पांच लोग घायल हो गए। इनमें एक बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई…
तिब्बत की सीमा के निकट मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई और करीब 100 लोगों की मौत हो गई, वहीं 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक…
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार संशोधित खान और खनिज (विकास और विनियमन)…
उच्चतम न्यायालय केंद्र सरकार की उस याचिका पर एक सितंबर को सुनवाई करेगा जिसमें सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई)-2025 के अभ्यर्थियों…
राष्ट्रीय राजधानी में बीते 24 घंटे में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के 138 मामलों की पुष्टि हुई है और सरकार ने…
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने आर्थिक आधार पर…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ पर चिंता जताई और महराजगंज…
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत चार हजार से ज्यादा महिलाओं…
लोकसभा सदस्य दयानिधि मारन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बुधवार को नेपाल में आई भीषण बाढ़ में फंसे या…
मध्यप्रदेश के देवास शहर में एक रेलवे अंडरपास में बारिश का पानी भरा होने के बावजूद एक निजी विद्यालय की…
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्कूल में हिजाब पहनने को लेकर दिए गए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के दौरान…
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के राजा की सीकरी गांव में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगाने के प्रयास को…
बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आयी बाढ़ के बाद गंडक नदी में…
भोपाल। बच्चों के लिए विपुल और गुणवत्तापूर्ण साहित्य की रचना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। आज बच्चों के साहित्य…
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महान भारतीय कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने कहा था कि “हर मित्रता के पीछे कुछ स्वार्थ होता है। स्वार्थ के बिना कोई मित्रता नहीं हो सकती। यह…
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) ने इस साल के अंत में भारतीय महिला टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे…
इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की सीरीज़ के शुरुआती दो टेस्ट के लिए…
क्रिकइन्फो के अनुसार, 2027 वनडे इंटरनेशनल (ODI) वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर अगले साल 22 फरवरी से 23 मार्च…
बुधवार को मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की मेन्स हंड्रेड में वेल्श फायर पर जीत के दौरान, इंग्लैंड के…
लगातार बारिश के कारण ब्रेडी में अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ पहला वनडे मैच बिना एक भी गेंद फेंके…
भारत और श्रीलंका के बीच आगामी 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में दो मैचों की टेस्ट…
साउथ की मशहूर अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु इन दिनों अपनी प्रेग्नेंसी के दौर का आनंद ले रही हैं। अभिनेत्री लगातार अपने प्रशंसकों के साथ इस खास सफर से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने जिम में कसरत करते हुए कुछ वीडियो साझा किए, जिन्हें देखकर लोग हैरान रह गए।जिम में वजन उठाती दिखीं सामंथासामंथा के साझा किए गए वीडियो में वह जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करती नजर आ रही हैं। इस दौरान वह वजन के साथ डेडलिफ्ट करती भी दिखाई दे रही हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है और इसे देखकर लोग उनकी कसरत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।View this post on InstagramA post shared by Samantha (@samantharuthprabhuoffl)इसे भी पढ़ें: Bhavika Sharma और Ankit Gupta के बीच आई दूरी, आखिर ऐसा क्या हुआ कि कर दिया अनफॉलो!डॉक्टर की सलाह के बाद जारी रखी कसरतवीडियो के साथ…
पीसीओएस यानी कि पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम एक कॉमन लाइफस्टाइल कंडीशन है। जिससे लाखों महिलाएं हर रोज निपटती हैं। पीसीओएस के…
महिलाओं के शरीर में अधिकतर बदलाव हार्मोनल चेंजेस की वजह से होते हैं। फिर चाहे वह मोटापा हो, फेस पर…
गर्मी का मौसम आते ही लोग तेज धूप और पसीने से परेशान हो जाते हैं। गर्मियों में तेज धूप होने…
खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण हार्मोनल संबंधित बीमारियां परेशान करती है। PCOD लाइफस्टाइल संबंधित बीमारी है। अक्सर लड़कियां…
Thiruvananthapuram: Kerala reported one more Shigella-related death and seven fresh cases on Sunday, taking the number of fatalities linked to…
New Delhi: With products flooding the market with promises of being “natural”, “healthy”, “heart-friendly” and having “no added sugar”, food…
अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जो बेहद खूबसूरत होने के साथ विदेशी नजारों…
यूपी TET एग्जाम-2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने बुधवार रात 9 बजे आंकड़े जारी किए। प्राइमरी (कक्षा 1 से 5 तक) और जूनियर (कक्षा 6 से 8) लेवल के एग्जाम में 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी पास हुए हैं।.प्राइमरी का रिजल्ट 80.07 प्रतिशत और जूनियर का 71.85 प्रतिशत रिजल्ट रहा है। TET एग्जाम में 2,06,771 शिक्षक पास हुए। अपनी नौकरी बचाने के लिए 2,68,799 शिक्षक इस परीक्षा में बैठे थे। 62,028 शिक्षक फेल हो गए। अब राज्य सरकार इन शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा कराने की तैयारी में है।TET परीक्षा…
भारत और जापान के बीच आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बढ़ता सहयोग और मजबूत होते व्यापार…
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने कहा है कि देश में बैंकों का इस तरह एकीकरण करने के प्रयास…
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) को महाराष्ट्र में 4,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण बिजली की निकासी के लिए 4,700…
जापान का जुलाई में निर्यात और आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बढ़ती ऊर्जा लागत एवं कमजोर येन से…
इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति आज यानी की 20 अगस्त को अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। नारायण मूर्ति…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
कानूनी विवाद में वकील की फीस और अन्य खर्च कई बार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। खासकर घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, तलाक, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या अन्य कानूनी मामलों में महिलाओं को जानकारी और कानूनी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सरकार की मुफ्त कानूनी सहायता व्यवस्था महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है।सबसे खास बात यह है कि किसी महिला को मुफ्त कानूनी सहायता पाने के लिए केवल कम आय वाली होना जरूरी नहीं है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत महिला होने के आधार पर भी मुफ्त कानूनी सेवाएं ली जा सकती हैं। NALSA के अनुसार आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला भी मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है।इसे भी पढ़ें: Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ?किन मामलों में मिल सकती है मदद?मुफ्त कानूनी सहायता केवल…
मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है और राज्य सरकार ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। मणिपुर में बड़े प्रयासों के बाद शांति स्थापित हुई लेकिन नये आंदोलन के चलते प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं और जनगणना प्रशिक्षण का काम कुछ जिलों में रोकना पड़ गया है। देखा जाये तो मणिपुर में ‘नो एनआरसी, नो सेंसस’ का नारा अब केवल जनगणना रोकने की मांग तक सीमित नहीं रह गया है। इसके पीछे विस्थापन, जनसंख्या में बदलाव, भूमि अधिकार, पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताएं हैं। तीन साल से अधिक समय से जातीय हिंसा की मार झेल रहे मणिपुर में जनगणना से पहले एनआरसी की मांग अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे का रूप ले चुकी है।बताया जा रहा है कि वर्तमान आंदोलन…
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। एक समय ग्रामीण और बाहरी दिल्ली की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरों में गिने जाने वाले, जाट समाज में व्यापक जनाधार रखने वाले और राष्ट्रीय राजधानी की सियासत में कांग्रेस की सत्ता का मजबूत स्तंभ रहे सज्जन कुमार की जिंदगी आखिरकार एक ऐसे मोड़ पर खत्म हुई, जिसे उनके राजनीतिक उत्थान और बाद के पतन की पूरी कहानी के रूप में देखा जा सकता है। सत्ता के शिखर से लेकर तिहाड़ जेल तक का उनका सफर इस कड़वे सच की याद दिलाता है कि बुरे काम का अंजाम बुरा ही होता है। हम आपको बता दें कि पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को तिहाड़ जेल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की…
Supporting Student Journalist.
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