TRENDING NEWS
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की कथित हत्या के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इस घटना पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी की सरकार पर…
पंजाब की राजनीति में इस समय काफी हलचल मची हुई है। राज्य की ‘आप’ सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा वापस ले ली है। रविवार…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने भारत के परमाणु कार्यक्रम और पवन ऊर्जा में मिली बड़ी सफलताओं…
पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले राजनीतिक माहौल को गरमाते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को…
पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के जमालपुर गांव में एक चुनावी रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह…
आम आदमी पार्टी से अलग होकर भाजपा में विलय करने के एक दिन बाद, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी…
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को राज्य के मतदाताओं से रविवार के लिए निर्धारित स्थानीय निकाय चुनावों में…
अप्रैल का महीना आम आदमी पार्टी के लिए गहरे सियासी संकट का प्रतीक बन गया है। पार्टी के प्रमुख नेता…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों को सरकार के…
पश्चिम बंगाल के महेशतला इलाके में संतोषपुर स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के करीब एक बड़ी आग लग गई। इस…
Breaking News 25 April 2026 | आज की ताज़ा और बड़ी खबरें- देश-दुनिया की ताज़ा और बड़ी खबरें अब आपकी…
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता CR केशवन ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार…
समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक नाबालिग लड़की की मौत…
आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के सत्तारूढ़ खेमे में जाने के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने…
बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख, जिन्हें इंजीनियर राशिद के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने बीमार पिता…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। सवाल सीधा है कि क्या सत्ताविरोधी माहौल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने पक्ष…
एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी के बेटे आयुष्मान सेठी हाल ही में एक क्रेडिट कार्ड स्कैम का शिकार हो गए। इस ठगी में उनके खाते से 87,000 रुपये कट गए। यह घटना उनके बड़े भाई आर्यमान सेठी के यूट्यूब व्लॉग के जरिए सामने आई। हालांकि, शुरुआत में घबराहट हुई, लेकिन बाद में पूरा परिवार आयुष्मान की इस गलती पर खूब हंसा और मजाक करता नजर आया।कैसे हुआ था स्कैम?आयुष्मान ने बताया कि उन्होंने एक सर्विस का 7 दिन का ‘फ्री ट्रायल’ लिया था, लेकिन धोखाधड़ी करने वालों ने पूरे साल का पैसा एक बार में काट लिया। जैसे ही आयुष्मान को पता चला कि उनके खाते से 87,000 रुपये कट गए हैं, वे घबरा गए और परिवार को बताया।इसे भी पढ़ें: Sushant Singh Rajput Case: Rhea Chakraborty को कोर्ट से बड़ी राहत, Special Court ने दिया आदेशपरिवार का मजेदार रिएक्शनव्लॉग में जब आयुष्मान ने बताया कि उनके कार्ड…
आजकल लोगों में घूमने का शौक काफी बढ़ गया है। घूमने के लिए कहीं न कहां ट्रिप पर…
Hindi NewsCareerUP ASOARO 929 Jobs; Bihar Instructor 726 Vacancies; 4137 Jobs This Week9 मिनट पहलेकॉपी लिंकइस हफ्ते देशभर के अलग-अलग विभागों में 4,137 पदों पर भर्तियां निकली हैं। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए:पूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ें.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔खबरें और भी हैं…आज की सरकारी नौकरी: DRDO में पेड इंटर्नशिप की 75 भर्ती; यूपी आंनगवाड़ी में 100 वैकेंसी, SSB में 827 पदो के…
सरकार ने शनिवार को स्टार्टअप के लिए 10,000 करोड़ रुपये की फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) योजना के दूसरे…
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार को बताया कि भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को नयी दिल्ली में मुक्त…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेमेंट्स बैंक नियमों का पालन न करने के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का…
भारत भर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग से संबंधित घटनाक्रमों का बेसब्री से इंतज़ार कर…
एशियाई बाजारों में मजबूती के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज की गई। बीएसई…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
बिहार की राजनीति में सत्ता का शिखर छूना जितना कठिन है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है उस शिखर पर टिके रहकर अपनी सर्वमान्यता सिद्ध करना। सम्राट चौधरी का बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में उदय राज्य के सियासी इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात माना जा रहा है। यह केवल एक व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी का बिहार में उस ‘बड़े भाई’ की भूमिका को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना है, जिसका इंतजार पार्टी कार्यकर्ता दशकों से कर रहे थे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के कंधों पर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वह नीतीश कुमार की उस लंबी और गहरी छाया से बाहर निकल पाएंगे, जिसने पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति को परिभाषित किया है? यही वह कसौटी है, जिस पर अब सम्राट चौधरी को…
भारत की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में यदि किसी एक समस्या ने दशकों तक देश की प्रगति को बाधित किया और हजारों निर्दोषों का लहू बहाया, तो वह नक्सलवाद था। एक समय ऐसा भी था जब तत्कालीन सरकारों ने इसे देश के लिए ‘सबसे बड़ा खतरा’ स्वीकार किया था, लेकिन इसके समाधान के लिए वह ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई थी जो आज नजर आ रही है। आज जब हम 2026 के मुहाने पर खड़े हैं, तो भारत के नक्शे से ‘लाल गलियारे’ का सिकुड़ता दायरा और बस्तर के जंगलों में गूंजती शांति इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है।अमित शाह ने गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही नक्सलवाद को केवल एक स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के बजाय इसे एक राष्ट्रव्यापी सुरक्षा चुनौती…
बिहार के नए सम्राट को फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज मिला है। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हों, या पूर्व मुख्यमंत्री दम्पत्ति लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, कभी भी चैन पूर्वक राज नहीं कर सके। लिहाजा, मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उन जातीय और साम्प्रदायिक चुनौतियों से जूझना होगा, जो बिहार के विकास में शुरू से ही बाधक समझी गई हैं। लेकिन जिस प्रकार से आधुनिक बिहार के निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा को कांग्रेस के सहयोग से लंबे समय तक राज करते हुए जनसेवा का मौका मिला, वैसी ही मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा के सहयोग से जनसेवा का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा भी है कि पार्टी ने उन्हें पद नहीं, जनसेवा का अवसर दिया है, इसलिए विकास, सुशासन और समृद्धि उनके शासन का मूलमंत्र होगा।बिहार के आर्थिक विश्लेषक बताते हैं कि बिहार के विकास में श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद नीतीश कुमार…
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार मे आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली…
हेल्थ इंश्योरेंस में Pre-existing Disease छुपाने से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, पॉलिसी रद्द हो सकती है और भविष्य में इंश्योरेंस मिलना भी मुश्किल हो सकता है। पूर्व शोध IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 8 से 10 लाख क्लेम PED या उससे जुड़ी शर्तों की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं। जब आप अपना हेल्थ इंश्योरेंस कराते है, तो कंपनी आपकी पुरानी बीमारी यानी Pre-existing Disease का रिकॉर्ड मांगती है। यदि आप ऐसे मेंं झूठ बोलते है या जानकारी छुपाते हैं, तो कंपनी आपकी पॉलिसी तुरंत रद्द कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह ‘अतुल्य विश्वास’ (Uberrimae Fidei) के सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसे बीमा कंपनी और कानून धोखाधड़ी मानते हैं।इसे भी पढ़ें: जानिए, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYMY) के तहत आपको मात्र 55-200 रुपये में कैसे मिलेगी 3000 पेंशन?अगर आप यह गलती कर चुके हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम स्वीकार नहीं करेगी या आपका…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16