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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रविवार (26 अप्रैल) को सुप्रीम कोर्ट में गुवाहाटी हाई कोर्ट के 24 अप्रैल के आदेश को चुनौती दी। हाई कोर्ट ने असम पुलिस द्वारा उनके खिलाफ मानहानि और जालसाजी के मामले…
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना की निंदा करते हुए कहा है कि एक लोकतांत्रिक समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं…
महाराष्ट्र के अकोला में देश में सबसे अधिक 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि नागपुर समेत विदर्भ के अन्य हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मौसम विभाग के अधिकारियों ने सोमवार यह जानकारी…
पश्चिम बंगाल की मानिकतला सीट पर रोचक और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। बता दें कि मानिकतला सीट…
पश्चिम बंगाल की नोआपाड़ा विधानसभा सीट पर इस बार बेहद दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। नाओपाड़ा सीट पर…
पश्चिम बंगाल में एक ऐसी सरकारी योजना है, जिसने लाखों स्टूडेंट्स की जिंदगी बदल दी है। दरअसल, हम बात कर…
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण के मतदान होने हैं। वहीं TMC की सरकार बनाने…
लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलनरत संगठनों…
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ…
मुंबई से भोपाल आ रहे एअर इंडिया के एक विमान में रविवार को उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने के…
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनावी हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।…
इन दिनों देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है और लोग तेज धूप से बचने के लिए…
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दूसरे चरण से पहले सियासी पारा काफी बढ़ा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरी कोलकाता में अपने रोडशो की शुरुआत…
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पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। सवाल सीधा है कि क्या सत्ताविरोधी माहौल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने पक्ष…
मशहूर पंजाबी और साउथ अभिनेत्री मेहरीन कौर पीरजादा ने अपने जीवन के एक नए सफर की शुरुआत कर दी है। उन्होंने 26 अप्रैल को अर्श औलख के साथ गुपचुप तरीके से शादी कर ली है। इस निजी समारोह में केवल परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए।शादी की खूबसूरत तस्वीरें की शेयरअभिनेत्री ने अपनी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। अपने खास दिन के लिए मेहरीन ने पेस्टल पिंक रंग का आउटफिट पहना था, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं। कपल ने ‘आनंद कारज’ रस्म के साथ शादी की। शादी की तस्वीरों में दोनों का अंदाज बेहद रोमांटिक और प्यारा है। मेहरीन ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘26.04.2026 #ArshDiMeher’। View this post on Instagram A post shared by MEHREEN 🌟🧿 (@mehreenpirzadaa) इसे भी पढ़ें: Animal के बाद Bobby Deol का फिर बड़ा धमाका, Anurag Kashyap की फिल्म बंदर की रिलीज़ डेट…
गर्मियों के मौसम में टूरिस्ट पैराग्लाइडिंग करना काफी पसंद करते हैं। क्योंकि यह एक एडवेंचर एक्टिविटी है, जिसमें…
वाशिंगटन में घटी एक चौंकाने वाली घटना ने एक बार फिर अमेरिका की राजनीति में हिंसा की गहरी जड़ों को उजागर कर दिया है। शनिवार रात लगभग आठ बजकर छत्तीस मिनट पर व्हाइट हाउस संवाददाताओं के वार्षिक रात्रिभोज के दौरान अचानक गोलियों की आवाज ने माहौल को दहला दिया। यह कार्यक्रम वाशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित हो रहा था, जहां देश की राजनीति, मीडिया और मनोरंजन जगत के प्रमुख लोग एकत्रित थे। इस अप्रत्याशित हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना ने न केवल उस शाम को…
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड और मेकमायट्रिप ने शुल्क मुक्त ‘प्री-बुकिंग’ सेवा प्रदान करने के लिए साझेदारी करने की…
शेयर बाजार में पिछले हफ्ते जो गिरावट देखने को मिली, उसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार तीसरे सत्र…
इन दिनों तकनीकी क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं और इसी कड़ी में एक और बड़ी खबर…
भारत से आयात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित 25 प्रतिशत शुल्क का पहला चरण बृहस्पतिवार से लागू हो…
डॉलर में उतार-चढ़ाव और भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दर को स्थिर रखने के फैसले से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
बिहार की राजनीति में सत्ता का शिखर छूना जितना कठिन है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है उस शिखर पर टिके रहकर अपनी सर्वमान्यता सिद्ध करना। सम्राट चौधरी का बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में उदय राज्य के सियासी इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात माना जा रहा है। यह केवल एक व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी का बिहार में उस ‘बड़े भाई’ की भूमिका को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना है, जिसका इंतजार पार्टी कार्यकर्ता दशकों से कर रहे थे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के कंधों पर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वह नीतीश कुमार की उस लंबी और गहरी छाया से बाहर निकल पाएंगे, जिसने पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति को परिभाषित किया है? यही वह कसौटी है, जिस पर अब सम्राट चौधरी को…
भारत की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में यदि किसी एक समस्या ने दशकों तक देश की प्रगति को बाधित किया और हजारों निर्दोषों का लहू बहाया, तो वह नक्सलवाद था। एक समय ऐसा भी था जब तत्कालीन सरकारों ने इसे देश के लिए ‘सबसे बड़ा खतरा’ स्वीकार किया था, लेकिन इसके समाधान के लिए वह ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई थी जो आज नजर आ रही है। आज जब हम 2026 के मुहाने पर खड़े हैं, तो भारत के नक्शे से ‘लाल गलियारे’ का सिकुड़ता दायरा और बस्तर के जंगलों में गूंजती शांति इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है।अमित शाह ने गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही नक्सलवाद को केवल एक स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के बजाय इसे एक राष्ट्रव्यापी सुरक्षा चुनौती…
बिहार के नए सम्राट को फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज मिला है। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हों, या पूर्व मुख्यमंत्री दम्पत्ति लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, कभी भी चैन पूर्वक राज नहीं कर सके। लिहाजा, मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उन जातीय और साम्प्रदायिक चुनौतियों से जूझना होगा, जो बिहार के विकास में शुरू से ही बाधक समझी गई हैं। लेकिन जिस प्रकार से आधुनिक बिहार के निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा को कांग्रेस के सहयोग से लंबे समय तक राज करते हुए जनसेवा का मौका मिला, वैसी ही मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा के सहयोग से जनसेवा का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा भी है कि पार्टी ने उन्हें पद नहीं, जनसेवा का अवसर दिया है, इसलिए विकास, सुशासन और समृद्धि उनके शासन का मूलमंत्र होगा।बिहार के आर्थिक विश्लेषक बताते हैं कि बिहार के विकास में श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद नीतीश कुमार…
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार मे आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली…
Supporting Student Journalist.
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