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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को फिर से चेतावनी दी कि ईरान के साथ शांति समझौता करने की कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिका ईरान पर “बहुत ज़ोरदार” हमला करेगा। उन्होंने कहा कि ये हमले आज…
बिहार सरकार के माननीय मंत्री, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, श्री मदन साहनी की अध्यक्षता में आज शराबबंदी कानून के प्रभावी एवं सुदृढ़ क्रियान्वयन के संबंध में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में…
भारत के जिस हिस्से पर पाकिस्तान दशकों से कब्जा करके बैठा हुआ है। अब वहां विद्रोह की ऐसी आग भड़की है कि चारों तरफ मारकाट मची हुई है। और यह सब शुरू हुआ है पीओके में…
AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को चुनाव आयोग द्वारा मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द करने की…
जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में आज दिनांक 11 जून 2026 को आयोजित पूजा समारोह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण…
तमिलनाडु की राजनीति इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। पूर्व पुलिस अधिकारी और लोकप्रिय नेता…
कांग्रेस ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ संभावित विलय की अटकलों को खारिज करते हुए ऐसी खबरों को…
कांग्रेस ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ संभावित विलय की अटकलों को खारिज करते हुए ऐसी खबरों को…
जल संसाधन विभाग, बिहार के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने आज भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत उत्तर प्रदेश की…
भाजपा ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर कचरा प्रबंधन ठेके से जुड़े ‘‘39,000 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले’’…
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें जीत ली हैं। पार्टी के उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण…
नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर में…
कांग्रेस पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा कि पार्टी बेरोज़गारी, महंगाई और परीक्षा संकट के मुद्दों पर…
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा स्थापित तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी उथल-पुथल का एक अभूतपूर्व दौर चल…
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने गुरुवार को परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ देशव्यापी विरोध अभियान शुरू करने की घोषणा…
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पिछले 12 वर्षों में भारत ने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक परिवर्तनों का एक नया युग देखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास ने…
भारत ने टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में एक भी मैच न हारने के बाद टी20 विश्व कप…
बता दें कि टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप ए में यह मुकाबला पाकिस्तान के लिए बेहद…
टी20 विश्व कप में भारत का अगला मुकाबला टीम संयोजन के लिहाज से अहम माना जा रहा…
टी20 विश्व कप में भारत ने तीन मुकाबले खेल लिए हैं, लेकिन युवा ओपनर अभिषेक शर्मा का…
पाकिस्तान हॉकी टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद विवाद खड़ा हो गया है। टीम के कप्तान अम्माद…
स्पेनिश फुटबॉल में इस समय बार्सिलोना को लेकर सवालों का दौर जारी है। लगातार दो अहम मुकाबलों…
भोजपुरी और टीवी इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस मोनालिसा इन दिनों वह अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में बनी हुई हैं। मोनालिसा और उनके पति विक्रांत सिंह राजपूत की शादी को एक लंबा समय बीत चुका है। दोनों ने साल 2016 में टीवी शो ‘बिग बॉस 10’ के घर के अंदर शादी रचाई थी। शादी के इतने सालों बाद भी इस कपल का कोई बच्चा नहीं है, जिसे लेकर अब विक्रांत ने खुलकर बात की है।आईवीएफ का सहारा लेने के बाद भी नहीं मिली खुशीएक इंटरव्यू के दौरान मोनालिसा और विक्रांत ने पहले बताया था कि वे अपने परिवार को आगे बढ़ाना चाहते हैं और इसके लिए पूरी कोशिश भी कर रहे हैं। अब इस मामले पर विक्रांत सिंह ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मोनालिसा और उन्होंने माता-पिता बनने के लिए आईवीएफ तकनीक का सहारा भी लिया था। लेकिन दुर्भाग्य…
हर साल हजारों-लाखों की संख्या में लोग भारत से सिंगापुर घूमने के लिए जाते हैं। यहां के फेमस…
16 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी पंजाब में 6,289 पदों पर निकली भर्ती, UPSSSC में 1829 पदों का नोटिफिकेशन जारी होने की। साथ में C-DAC में 951 पदों पर भर्ती और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में 495 वैकेंसी की।इन जॉब्स के बारे में जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए…1. पंजाब में 6,289 पदों पर निकली भर्ती, एज लिमिट 37 सालपीएसपीसीएल ने असिस्टेंट लाइनमैन के 6,289 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन 15 जून 2026 से शुरू होंगे। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.pspcl.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :10वीं पास, लाइनमैन ट्रेड में आईटीआई (ITI) सर्टिफिकेट या…
भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत सामने आया है। करीब ढाई दशक में पहली…
यात्रा संबंधी सेवाओं से जुड़े ऑनलाइन मंच मेकमाईट्रिप ने अपने ऐप पर जल्दी ‘चेक-इन’ और देर से ‘चेक-आउट’ की सुविधा…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में केंद्रीय…
रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 17 पैसे टूटकर 92.71 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। युद्धविराम के बावजूद इजराइल के…
देश के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए उन्हें 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है,…
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत FIR 2023 में लागू हुई और यह भारत के क्रिमिनल प्रोसीजर कानूनों में एक बड़ा बदलाव है। यह FIR दर्ज करने का एक साफ और व्यवस्थित तरीका पेश करता है और इसका मकसद कानून लागू करने को तेज़ और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट बनाना है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत FIR के नियमों में सेक्शन 173 और 174 में बड़े बदलाव किए गए हैं, जो इस बात पर फोकस करते हैं कि कोर्ट कानूनों को कैसे समझते हैं और सिस्टम गलत इस्तेमाल से कैसे बचाता है। नए एक्ट में ये अपडेट पहले के कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) को भी बेहतर बनाते हैं। भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव हो चुके हैं। भारतीय दंड संहिता (IPC) और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के स्थान पर अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) पूरी तरह प्रभावी हैं। इन नए कानूनों का…
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ कालखंड केवल शासन परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण के लिए याद किए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते बारह वर्षों का दौर ऐसा ही एक कालखंड है। यह केवल एक प्रधानमंत्री के लंबे कार्यकाल की कहानी नहीं है, बल्कि उस भारत की कहानी है जिसने स्वयं को नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और नई वैश्विक पहचान के साथ स्वयं को स्थापित किया है। नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि केवल राजनीतिक सफलता नहीं है, बल्कि जनता के उस विश्वास का प्रमाण है जो बार-बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से व्यक्त हुआ है। भारत जैसा विशाल, बहुभाषी, बहुधार्मिक और सांस्कृतिक विविधताओं से भरा देश किसी नेतृत्व को लगातार तीन…
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, कार्यशैली और राजनीतिक यात्रा पर अपने विचार रखते हुए कहा है कि मोदी की सबसे बड़ी विशेषता उनका आत्मचिंतनशील स्वभाव है। मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर लिखे गये अपने आलेख में देवेगौड़ा ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी केवल लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वह ऐसे जननेता हैं जिन्होंने बदलते भारत की आकांक्षाओं, चुनौतियों और लोकतांत्रिक चेतना को समझते हुए स्वयं को समय के अनुरूप ढाला है।देवेगौड़ा लिखते हैं कि नरेंद्र मोदी अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इस उपलब्धि ने जवाहरलाल नेहरू का पुराना कीर्तिमान पीछे छोड़ दिया है। यह केवल एक व्यक्ति की राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और जीवंतता का प्रमाण भी है।इसे भी पढ़ें: दिल्ली अग्निकाडों के…
भारत में परीक्षा अब केवल योग्यता का आकलन नहीं रह गई है बल्कि यह करोड़ों सपनों की निर्णायक कसौटी बन चुकी है लेकिन जब यही कसौटी बार-बार संदिग्ध हो जाए, जब मेहनत और ईमानदारी की जगह ‘जुगाड़’ और ‘माफिया नेटवर्क’ हावी हो जाएं, तब यह केवल परीक्षा का संकट नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य का संकट बन जाता है। पेपर लीक के चलते नीट-यूजी 2026 परीक्षा का रद्द होना, सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल और एसएससी जीडी परीक्षा में धांधली, ये घटनाएं मिलकर यह साबित करती हैं कि भारत की परीक्षा प्रणाली अब गहरे संस्थागत संकट में फंस चुकी है और भारत की परीक्षा प्रणाली अब वेंटिलेटर पर है। नीट-यूजी 2026 का घटनाक्रम तो इस विफलता की सबसे भयावह तस्वीर पेश करता है। लगभग 22.79 लाख छात्रों की मेहनत, उनके परिवारों के त्याग और वर्षों की तैयारी एक झटके में शून्य हो गई। यह…
हम सभी के पास एक बैंक अकाउंट होता है जो हमने स्कूल या कॉलेज के दौरान खोला था। या जब हमारी सैलरी किसी दूसरी कंपनी के ज़रिए आती थी। या क्योंकि किसी दोस्त ने कहा, “बस खोल लो, कोई नुकसान नहीं है।” लेकिन सालों बाद पासबुक गायब है, ATM कार्ड एक्सपायर हो गया है और आपने उसे कभी छुआ तक नहीं है।तो क्या होता है जब आप लंबे समय तक अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करते? क्या बैंक इसे बंद कर सकता है? क्या कोई चार्ज जमा हो रहा है? क्या आपका पैसा गायब हो जाएगा?बैंक अकाउंट तब “इनएक्टिव” होता है जब लगातार 12 महीने तक कस्टमर की तरफ से कोई ट्रांज़ैक्शन—जैसे, डिपॉज़िट, विड्रॉल, फंड ट्रांसफर, या इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन नहीं हुआ हो। अगर यह 24 महीने तक इनएक्टिव रहता है तो अकाउंट को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नियमों और दूसरे देशों के ऐसे ही नियमों के…
क्या आप जानते हैं कि हर साल 40% से ज़्यादा EPF बेनिफिट्स इसलिए बिना क्लेम के रह जाते हैं क्योंकि मेंबर्स ने सही नॉमिनेशन फाइल नहीं किया था? एक EPF मेंबर के तौर पर यह पक्का करना कि आपकी मेहनत की कमाई आपकी गैरमौजूदगी में आपके अपनों तक पहुंचे, सिर्फ़ एक ज़िम्मेदार फाइनेंशियल प्लानिंग ही नहीं है बल्कि यह आपके परिवार के भविष्य के लिए ज़रूरी सुरक्षा भी है। EPFO यूनिफाइड पोर्टल पर ई-नॉमिनेशन की शुरुआत ने इस प्रोसेस में बड़ा बदलाव किया है, फिर भी कई मेंबर्स अभी भी इस ज़रूरी काम को सही तरीके से पूरा करने में मुश्किल महसूस करते हैं। एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) मेंबर्स को अपने EPF अकाउंट के लिए परिवार के सदस्यों को नॉमिनेट करने की सुविधा देता है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में फंड ट्रांसफर आसानी से हो सके। बाद में होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए नॉमिनी की डिटेल्स…
यदि आपने समय से पहले ही कर्ज यानी लोन चुका दिया, जिसे “लोन फोरक्लोजर/प्री-क्लोजर” कहा जाता है और उसके बाद भी आपका सिबिल स्कोर गिर गया हो, तो यह प्रथम दृष्टया यानी पहली नजर में भले ही अजीब सा लगता है। लेकिन क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम ऐसा होने के पीछे कई तकनीकी पहलुओं पर काम करता है। इसलिए कई बार “जल्दी कर्ज चुकाना” भी अस्थायी रूप से आपके स्कोर घटा देता है। कहा भी जाता है कि कोई भी कार्य न तो समय से पहले करना चाहिए और न ही समय के बाद, बल्कि उसे उचित समय पर ही करना चाहिए। खासकर कर्ज जैसे वित्तीय लेन-देन के मामले में। अब आइए समझते हैं कि आखिर सिबिल स्कोर क्यों गिर जाता है?इसे भी पढ़ें: पीएम मुद्रा योजना में किस कैटेगरी में कितना लोन मिलता है?पहला, पुराना लोन एकाउंट बंद हो जाता है: जब आप लोन फोरक्लोज करते हैं, तो वह अकाउंट “बंद” दिखने…
कर्नाटक में कांग्रेस इस समय एक गहरे राजनीतिक धर्मसंकट में दिखाई दे रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री बदलकर उसने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। जिस तरह से आलाकमान के निर्देश पर सिद्धारमैया की जगह डी के शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है, वह दूरदर्शिता का परिचायक है। लेकिन सवाल है कि क्या मुख्यमंत्री बदलने से समस्या का स्थायी हल निकल चुका है? या फिर कोई और नई समस्या पनपेगी! कांग्रेस का अतीत इसी बात की चुगली करता है।चूंकि कांग्रेस के लिए जहां एक ओर सत्ता संतुलन मायने रखता है, तो वहीं दूसरी ओर एक स्थिर और टिकाऊ सरकार की चुनौती उसके समक्ष मौजूद है, जो चुनावी मुद्दा भी 2028 के विधानसभा चुनाव में बनेगा। और इसी बीच मुख्यमंत्री बदलने की लगातार चल रही चर्चाओं को सही साबित करके और अपना नया मुख्यमंत्री घोषित करके उसने कर्नाटक के राजनीतिक तापमान बढ़ा चुकी है।सवाल यह है कि क्या नेतृत्व परिवर्तन…
प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा संपन्न हो चुकी है। पश्चिमी एशिया संकट सहित दुनियाभर में चल रही उथल -पुथल तथा चीन की विस्तारवादी नीतियों के दृष्टिगत प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इन देशों से द्विपक्षीय संबंध सुधारने की दिशा में एक अहम पड़ाव बनी। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान उन्हें स्वीडन तथा नार्वे जैसे देशों ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देकर सम्मानित किया। नार्वे की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-नार्डिक देशों के शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया। प्रधानमंत्री की पांच देशों की यात्रा के दौरान कुल 57 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के व्यापक कूटनीतिक, आर्थिक और सामरिक निहितार्थ हैं। इन यात्राओं का एक परोक्ष संदेश यह भी है अब भारत दुनिया के ताकतवर देशों की कूटनीति की छत्रछाया से बाहर निकल कर अपनी स्वतंत्र नीति…
वर्ष 2026 की गर्मी केवल एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सामने खड़ी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है। अप्रैल-मई के दौरान भारत सहित दक्षिण एशिया के अनेक हिस्सों में पड़ी रिकॉर्ड हीटवेव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का संकट नहीं, वर्तमान की भयावह वास्तविकता है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य भारत के अनेक क्षेत्रों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई शहरों में बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। सड़कें सूनी दिखने लगीं, श्रमिकों का श्रम ठहरने लगा और बच्चों, बुजुर्गों तथा गरीब तबकों के सामने जीवन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। यह संकट अचानक नहीं आया। यह दशकों से प्रकृति के साथ किए गए असंतुलित व्यवहार, अंधाधुंध शहरीकरण, जंगलों की कटाई, संसाधनों के दोहन और सुविधावादी जीवनशैली का परिणाम है। प्रकृति ने बार-बार संकेत दिए, लेकिन विकास की अंधी दौड़ में…
Supporting Student Journalist.
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