TRENDING NEWS
गृह मंत्रालय (MHA) ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) और उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर या समकक्ष स्तर पर कम से कम दो वर्ष की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनिवार्य कर दी…
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने वैश्विक बाजार के समीकरण बदल दिए हैं। जहाँ भारत इसे अपनी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी जीत मान रहा है, वहीं पड़ोसी देश…
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि आगामी केंद्रीय बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बन रहे समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की प्रक्रिया को गति देगा। चौहान छत्तीसगढ़ के रायपुर में…
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच शनिवार सुबह एक बार फिर भीषण मुठभेड़ शुरू हो…
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक तनाव पैदा हो गया जब विधायक बृजभूषण सिंह ने…
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हुए हमले के मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हस्तक्षेप…
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शुक्रवार को गोवा की राजधानी पणजी में पार्टी की कोर ग्रुप बैठक की…
दिल्ली इन दिनों केवल भारत की राजधानी नहीं बल्कि एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया की कूटनीतिक धुरी बन चुकी है।…
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस के 20 साल के शासनकाल में असम की जनसंख्या संरचना…
सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्कूलों में…
डीएमके सांसद कनिमोझी ने शुक्रवार को कहा कि द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच बातचीत सुचारू रूप…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को टिहरी एक्रो फेस्टिवल और राष्ट्रीय एसआईवी चैंपियनशिप 2026 के भव्य समापन समारोह में…
दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड की विलंबित भुगतान अधिभार (एलपीएस) माफी योजना को 15 अगस्त…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और इंडिगो एयरलाइंस के संचालक इंटरग्लोब एविएशन को…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की “पुनर्विचार” की मांग को लेकर…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
इन दिनों विपक्ष उत्तर प्रदेश में दो घटनाओं के माध्यम से अपनी राजनीति साधने के प्रयास में है। पहली घटना वाराणसी के मर्णिकर्णिका घाट के नवीनीकरण के…
इंडिया ओपन 2026 की चर्चा इस बार खेल से ज़्यादा आयोजन की खराब व्यवस्थाओं और राजधानी की…
पेशेवर साइक्लिस्ट आमतौर पर उन छोटी-छोटी चीज़ों पर नज़र रखते हैं जिन्हें आम दर्शक महसूस भी नहीं…
बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले, भारत के टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान सूर्यकुमार…
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी मंगलवार को कोलकाता स्थित चुनाव आयोग कार्यालय से अपनी विशेष गहन पुनरीक्षण…
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 से पहले, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भारत में खेलने के…
बांग्लादेश ने मंगलवार को आईसीसी द्वारा आगामी आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत में भाग लेने…
क्या आप म्यूज़िक की सबसे बड़ी रात के लिए तैयार हैं? म्यूजिक की सबसे बड़ी और ग्लैमरस रात आखिरकार आ गई है। बेहतरीन म्यूजिक, शानदार स्टेज डिज़ाइन, पहली बार लाइव परफॉर्मेंस और ऐसे अनुभव जो ज़िंदगी भर याद रहेंगे, इन सबके लिए मशहूर ग्रैमी अवॉर्ड्स अपने 68वें एडिशन के साथ वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस साल, दर्शक अपने कुछ पसंदीदा कलाकारों को इतिहास बनाते हुए, कुछ शानदार परफॉर्मेंस और प्रेजेंटर्स की स्टार-स्टडेड लाइनअप देख पाएंगे। ग्रैमी अवॉर्ड्स लॉस एंजिल्स में होंगे, लेकिन भारत में इस इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग कब और कहाँ होगी? आइए जानते हैं कि भारतीय फैंस ग्रैमी 2026 कब और कहाँ देख सकते हैं।इसे भी पढ़ें: Arijit Singh Quit Playback Singing Explained | अरिजीत सिंह: संगीत नहीं छोड़ा, बल्कि एक ‘टूटे हुए सिस्टम’ को ठुकराया है?भारत ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026 की लाइव स्ट्रीमिंग कहाँ देख सकता है?68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स रविवार, 1 फरवरी को लॉस…
आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में लोग अपने स्वास्थ्य का सही तरीके से ख्याल नहीं रख पा रहे हैं। ऐसे…
डेंगू बुखार एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है जो दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में आम है। यह…
अधिक काम करने के बाद थकान होना लाजमी है। जब थकान होती है, तो कुछ घंटों की नींद और आराम…
हमारे शरीर में जब भी किसी तरह की गड़बड़ी की शुरूआत होती है, तो कोई भी अंग ठीक से काम…
हमारे ब्लड में हीमोग्लोबिन एक बेहद जरूर प्रोटीन होता है, जोकि रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है। इसका मुख्य…
बारिश का मौसम अपने साथ गर्मी से राहत दिलाती है और ताजगी लाता है। लेकिन इसके साथ कई बीमारियां भी…
दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनको घूमना, नई जगहों को एक्सप्लोर करना और अलग-अलग संस्कृतियों को…
Hindi NewsCareerMichael Nobbs Passes Away | London Olympics Hockey Coach; Current Affairs9 मिनट पहलेकॉपी लिंकजानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स की जानकारी, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…नेशनल (NATIONAL)1. ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 38वें नंबर पर29 जनवरी को वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडेक्स (WIPO) ने अपनी ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) 2025 रैंकिंग जारी की। इस रैंकिंग में भारत 38वें पायदान पर है।WIPO, ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स की रैंकिंग हर साल पब्लिश करता है।ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स किसी देश की इकोनॉमी में ह्यूमन कैपिटल और टेक्नोलॉजी के इनोवेशन को मापता है।GII रैंकिंग 2024 में भारत 39वें…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को आम बजट 2026-27 पेश करने के बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों से…
भारत मुक्त व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय संघ (ईयू) के बैंकों को चार साल में 15 शाखाएं खोलने की अनुमति…
सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मेटा ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने 2025 में भारत सरकार को आयकर के…
हैदराबाद स्थित दवा कंपनी डॉ रेड्डी लैबोरेट्रीज मार्च महीने में लोकप्रिय डायबिटीज दवा ओज़ेम्पिक का जेनेरिक संस्करण लॉन्च करने की…
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि डाक विभाग ने चालू वित्त वर्ष में राजस्व में 30…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय एक ऐसे संक्रमण काल से गुजर रही है, जहां सत्ता, संघर्ष, कानून और जनभावना-चारों धाराएं एक-दूसरे से टकराती हुई दिखाई देती हैं। यह टकराव केवल भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई भर नहीं है, बल्कि यह उस शासन शैली, लोकतांत्रिक मर्यादा और विकास दृष्टि की भी परीक्षा है, जिसके आधार पर बंगाल अपनी आने वाली राजनीतिक दिशा तय करेगा। लंबे समय तक “खेला होगा” के नारे के सहारे भाजपा को रोकने में सफल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने इस बार परिस्थितियां अपेक्षाकृत अधिक जटिल, चुनौतीपूर्ण और बहुआयामी नजर आ रही हैं। आज समूचे देश की नजरे पश्चिम बंगाल पर टिकी है। वहां आगामी विधानसभा काफी रोमांचक एवं निर्णायक होगा, जिसमें पश्चिम बंगाल का नया भविष्य बुनने की दिशाएं उद्घाटित होगी। एक ओर केंद्र और राज्य के बीच टकराव अपने चरम पर है, तो दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई, अदालती…
महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न शहरी निकाय चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा, प्रवृत्ति और भविष्य का संकेत देने वाला एक बड़ा जनादेश बनकर सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र की राजनीति अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। यह बदलाव केवल सत्ता के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक सोच, जन अपेक्षाओं और लोकतांत्रिक व्यवहार में गहरे परिवर्तन का द्योतक है। इन चुनावों ने जहां भगवा राजनीति की वैचारिक और संगठनात्मक शक्ति को नए सिरे से रेखांकित किया है, वही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सकारात्मक सोच एवं विकास की राजनीति को आगे बढ़ाया है। यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब विधानसभा चुनावों में विपक्ष को करारी शिकस्त दिए जाने को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था। इसके बावजूद राज्यव्यापी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा नीत महायुति गठबंधन…
बीएमसी चुनाव 2026 में भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। यह जीत ठाकरे परिवार के तीन दशक पुराने दबदबे को समाप्त करती है। बीएमसी के 227 वार्डों में बहुमत चिह्न 114 है, जहां महायुति 118 वार्डों में विजयी रही। इस चुनाव में भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि शिंदे की शिवसेना को 29 मिलीं, जिससे महायुति गठबंधन को 118 सीटों का बहुमत प्राप्त हुआ। जबकि शिवसेना (यूबीटी) को मात्र 65 सीटें मिलीं, जो अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन रहा। वहीं, कांग्रेस को 24, एआईएमआईएम को 8 एनसीपी अजीत पवार को 3, सपा को 2 और एनसीपी शरद पवार को 1 सीट मिली। वहीं, राज्य के अन्य निकायों में भी भाजपा ने 25 में से 29 पर कब्जा जमाया।देखा जाए तो कुल 227 वार्डों में मुंबई की सबसे अमीर निगम या यूं कहें देश के भी सबसे अमीर नगर निगम पर भाजपा नीत गठबंधन…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16