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बुधवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार राजधानी पटना के लिए शहरी विकास के एक बड़े मॉडल पर काम कर रही है, जिसे भविष्य में पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाएगा। फुलवारी शरीफ…
एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने ड्रग तस्करी के मामले में जॉन ब्रिटो नाम के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया। डीएमके ने एक्स पर टीवीके नेता आधव अर्जुन को उनके रिश्तेदार के इस मामले से जुड़े होने के…
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियान में जी7 शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान भारतीय नाविकों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया। एक अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत पर चिंता जताने के…
अब किसानों को फसल कटाई के तुरंत बाद कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी नहीं पड़ेगी। इसके लिए कृषि विभाग…
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि पंजाब के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूरे भारत के छात्रों और युवाओं से एकजुट होने और 17 जून को कोटा में…
बागी तृणमूल कांग्रेस नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने मंगलवार को कहा कि अदालत ही तय करेगी कि ‘असली TMC’ कौन है।…
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) और डेनमार्क के नेशनल म्यूज़ियम ने ऐतिहासिक डेनिश जहाज़ ‘ओरेसंड’ की संयुक्त रूप से पानी…
विजय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा राज्य की आर्थिक स्थिति पर जारी एक श्वेत पत्र के अनुसार, तमिलनाडु की कुल…
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा…
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने से मध्य प्रदेश में कांग्रेस को न सिर्फ़ राजनीतिक झटका लगा है, बल्कि…
हाल ही मे गुजरात के जानेमाने उद्योगपति, समाजसेवी एव ऑल इण्डिया MSME फेडरेशन के अध्यक्ष मगनभाई पटेल ने अपना जन्मदिन…
AIADMK के लिए एक और झटके के तौर पर, तमिलनाडु के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और विरलिमलाई के MLA सी. विजयभास्कर…
आम आदमी पार्टी (AAP) ने बिजली से जुड़ी समस्याओं को लेकर गोवा सरकार के खिलाफ अपना अभियान तेज़ कर दिया…
पंजाब में एक वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सिख…
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भारत आज विकसित राष्ट्र बनने के स्वप्न के साथ आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना बार-बार दोहराई जा रही…
भारत की पुरुष टीम ने यहां आईटीटीएफ विश्व टीम टेबल टेनिस चैंपियनशिप के रोमांचक ग्रुप सात मुकाबले…
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर बृहस्पतिवार को मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।…
वेपिंग कांड के बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना…
आईपीएल 2026 सीजन में मुंबई इंडियंस की टीम जीत के लिए तरस रही है। मुंबई के लिए…
दिल्ली कैपिटल्स के पास पिछले कुछ मैच के निराशाजनक नतीजों पर विचार के लिए अधिक समय नहीं…
हर फॉर्मेट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले और ‘हिटमैन’ कहे जाने वाले टीम इंडिया के…
‘बिग बॉस’ के पूर्व कंटेस्टेंट और मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गुरुग्राम में आयोजित एक लाइव कॉमेडी शो के दौरान हुए ‘₹370 की बिरयानी’ विवाद को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस के साथ-साथ अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। कमीशन ने गुरुग्राम कॉमेडी शो विवाद का स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लिया है और प्रणीत मोरे व हिमांशु जांगड़ा को 22 जून, 2026 को पैनल के सामने पेश होने के लिए समन भेजा है। इसे भी पढ़ें: आजकल आदमियों से बन नहीं रही, Veer Sahu संग तल्खी के बीच Sapna Choudhary का बड़ा बयान क्या है ‘₹370 की बिरयानी’ का पूरा विवाद?यह पूरा विवाद गुरुग्राम में प्रणीत मोरे के एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुए शो…
New Delhi: Around 43 per cent of Rs 300 crore allocated under Pollution Control and Emergency Measures in the Delhi…
स्वस्थ रहने के लिए रोजाना पेट का खुलकर साफ होना जरूरी होता है। हम में से बहुत सारे लोग इस…
Mumbai: In a finding that raises serious questions about the future of India’s healthcare workforce, a new study revealed that…
New Delhi: The Delhi government on Tuesday decided to bring the beneficiaries of the widow and disability financial assistance schemes…
आज के समय में मानसिक सेहत पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो हाल के…
Bengaluru: Deputy Chief Minister DK Shivakumar on Monday said the government was actively discussing a ban on use of mobile…
हर किसी को घूमने-फिरने का बहुत शौक होता है। पिछले कुछ सालों में उत्तराखंड का ऋषिकेश Gen-Z के…
हांलाकि अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर समझौते पर राजी होने के समाचार से दुनिया के देशों ने राहत की सांस ली है पर समझौता कितने दिन चलेगा और इसके साइड इफेक्ट क्या होंगे, इसे लेकर अभी से कयास लगने आरंभ हो गए हैं। इजरायल ने जहां सीज फायर समझौते से अभी तक तो अपने को अलग कर लिया हैं वहीं मिडिल ईस्ट फोरम ने समझौते की शर्तों को लेकर जो प्रतिक्रिया दी है उसे भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता। एक बात यह भी साफ हो जानी चाहिए कि जो मैसेज दुनिया के देशों के सामने गया है…
संदेश ऐप टेलीग्राम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पावेल ड्यूरोव ने आरोप लगाया कि रिलायंस समूह ने व्हाट्सऐप…
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मंगलवार को लगातार मजबूती देखने को मिली, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ गया। कंपनी की…
भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को अमेरिका में एक लंबे कानूनी विवाद में बड़ा…
IPO Alert: Investors के लिए कमाई का बड़ा मौका, Kotak Healthcare और Deepa Jewellers को SEBI की मंजूरी
दवा क्षेत्र की कंपनी कोटेक हेल्थकेयर और आभूषण क्षेत्र की कंपनी दीपा ज्वेलर्स को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय…
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे भारी उतार-चढ़ाव का असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर…
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है।इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में।पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15…
राजनीति में नेता कब चौला बदल ले, पता नहीं चलता। कांग्रेस को आंखे दिखाने वाली पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब सोनिया गांधी से मिली उनकी आंखों में आंसू भर आए। यह वाक्या बताता है कि राजनीति में कुछ भी स्थिर नहीं है। दोस्त कब दुश्मन बन जाएं और दुश्मन कब दोस्त, इसका राजनीतिक इतिहास पुराना है। इंडिया गठबंधन की दिल्ली बैठक के दौरान सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की भावुक मुलाकात ने कांग्रेस-टीएमसी के 30 साल पुराने उतार-चढ़ाव वाले संबंधों और बंगाल चुनाव के बाद आयी दरारों को फिर से चर्चा में ला दिया। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी अपनी पार्टी में टूट के बीच जब बैठक में पहुंचीं, तो कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आगे बढ़कर उन्हें गले लगा लिया। बंद कमरे में अपनी पुरानी सहेली और राजनीतिक साथी को सामने देख ममता बनर्जी के आंसू छलक पड़े।इसे…
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत FIR 2023 में लागू हुई और यह भारत के क्रिमिनल प्रोसीजर कानूनों में एक बड़ा बदलाव है। यह FIR दर्ज करने का एक साफ और व्यवस्थित तरीका पेश करता है और इसका मकसद कानून लागू करने को तेज़ और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट बनाना है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत FIR के नियमों में सेक्शन 173 और 174 में बड़े बदलाव किए गए हैं, जो इस बात पर फोकस करते हैं कि कोर्ट कानूनों को कैसे समझते हैं और सिस्टम गलत इस्तेमाल से कैसे बचाता है। नए एक्ट में ये अपडेट पहले के कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) को भी बेहतर बनाते हैं। भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव हो चुके हैं। भारतीय दंड संहिता (IPC) और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के स्थान पर अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) पूरी तरह प्रभावी हैं। इन नए कानूनों का…
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ कालखंड केवल शासन परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण के लिए याद किए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते बारह वर्षों का दौर ऐसा ही एक कालखंड है। यह केवल एक प्रधानमंत्री के लंबे कार्यकाल की कहानी नहीं है, बल्कि उस भारत की कहानी है जिसने स्वयं को नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और नई वैश्विक पहचान के साथ स्वयं को स्थापित किया है। नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि केवल राजनीतिक सफलता नहीं है, बल्कि जनता के उस विश्वास का प्रमाण है जो बार-बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से व्यक्त हुआ है। भारत जैसा विशाल, बहुभाषी, बहुधार्मिक और सांस्कृतिक विविधताओं से भरा देश किसी नेतृत्व को लगातार तीन…
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, कार्यशैली और राजनीतिक यात्रा पर अपने विचार रखते हुए कहा है कि मोदी की सबसे बड़ी विशेषता उनका आत्मचिंतनशील स्वभाव है। मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर लिखे गये अपने आलेख में देवेगौड़ा ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी केवल लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वह ऐसे जननेता हैं जिन्होंने बदलते भारत की आकांक्षाओं, चुनौतियों और लोकतांत्रिक चेतना को समझते हुए स्वयं को समय के अनुरूप ढाला है।देवेगौड़ा लिखते हैं कि नरेंद्र मोदी अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इस उपलब्धि ने जवाहरलाल नेहरू का पुराना कीर्तिमान पीछे छोड़ दिया है। यह केवल एक व्यक्ति की राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और जीवंतता का प्रमाण भी है।इसे भी पढ़ें: दिल्ली अग्निकाडों के…
भारत में परीक्षा अब केवल योग्यता का आकलन नहीं रह गई है बल्कि यह करोड़ों सपनों की निर्णायक कसौटी बन चुकी है लेकिन जब यही कसौटी बार-बार संदिग्ध हो जाए, जब मेहनत और ईमानदारी की जगह ‘जुगाड़’ और ‘माफिया नेटवर्क’ हावी हो जाएं, तब यह केवल परीक्षा का संकट नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य का संकट बन जाता है। पेपर लीक के चलते नीट-यूजी 2026 परीक्षा का रद्द होना, सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल और एसएससी जीडी परीक्षा में धांधली, ये घटनाएं मिलकर यह साबित करती हैं कि भारत की परीक्षा प्रणाली अब गहरे संस्थागत संकट में फंस चुकी है और भारत की परीक्षा प्रणाली अब वेंटिलेटर पर है। नीट-यूजी 2026 का घटनाक्रम तो इस विफलता की सबसे भयावह तस्वीर पेश करता है। लगभग 22.79 लाख छात्रों की मेहनत, उनके परिवारों के त्याग और वर्षों की तैयारी एक झटके में शून्य हो गई। यह…
हम सभी के पास एक बैंक अकाउंट होता है जो हमने स्कूल या कॉलेज के दौरान खोला था। या जब हमारी सैलरी किसी दूसरी कंपनी के ज़रिए आती थी। या क्योंकि किसी दोस्त ने कहा, “बस खोल लो, कोई नुकसान नहीं है।” लेकिन सालों बाद पासबुक गायब है, ATM कार्ड एक्सपायर हो गया है और आपने उसे कभी छुआ तक नहीं है।तो क्या होता है जब आप लंबे समय तक अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करते? क्या बैंक इसे बंद कर सकता है? क्या कोई चार्ज जमा हो रहा है? क्या आपका पैसा गायब हो जाएगा?बैंक अकाउंट तब “इनएक्टिव” होता है जब लगातार 12 महीने तक कस्टमर की तरफ से कोई ट्रांज़ैक्शन—जैसे, डिपॉज़िट, विड्रॉल, फंड ट्रांसफर, या इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन नहीं हुआ हो। अगर यह 24 महीने तक इनएक्टिव रहता है तो अकाउंट को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नियमों और दूसरे देशों के ऐसे ही नियमों के…
क्या आप जानते हैं कि हर साल 40% से ज़्यादा EPF बेनिफिट्स इसलिए बिना क्लेम के रह जाते हैं क्योंकि मेंबर्स ने सही नॉमिनेशन फाइल नहीं किया था? एक EPF मेंबर के तौर पर यह पक्का करना कि आपकी मेहनत की कमाई आपकी गैरमौजूदगी में आपके अपनों तक पहुंचे, सिर्फ़ एक ज़िम्मेदार फाइनेंशियल प्लानिंग ही नहीं है बल्कि यह आपके परिवार के भविष्य के लिए ज़रूरी सुरक्षा भी है। EPFO यूनिफाइड पोर्टल पर ई-नॉमिनेशन की शुरुआत ने इस प्रोसेस में बड़ा बदलाव किया है, फिर भी कई मेंबर्स अभी भी इस ज़रूरी काम को सही तरीके से पूरा करने में मुश्किल महसूस करते हैं। एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) मेंबर्स को अपने EPF अकाउंट के लिए परिवार के सदस्यों को नॉमिनेट करने की सुविधा देता है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में फंड ट्रांसफर आसानी से हो सके। बाद में होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए नॉमिनी की डिटेल्स…
यदि आपने समय से पहले ही कर्ज यानी लोन चुका दिया, जिसे “लोन फोरक्लोजर/प्री-क्लोजर” कहा जाता है और उसके बाद भी आपका सिबिल स्कोर गिर गया हो, तो यह प्रथम दृष्टया यानी पहली नजर में भले ही अजीब सा लगता है। लेकिन क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम ऐसा होने के पीछे कई तकनीकी पहलुओं पर काम करता है। इसलिए कई बार “जल्दी कर्ज चुकाना” भी अस्थायी रूप से आपके स्कोर घटा देता है। कहा भी जाता है कि कोई भी कार्य न तो समय से पहले करना चाहिए और न ही समय के बाद, बल्कि उसे उचित समय पर ही करना चाहिए। खासकर कर्ज जैसे वित्तीय लेन-देन के मामले में। अब आइए समझते हैं कि आखिर सिबिल स्कोर क्यों गिर जाता है?इसे भी पढ़ें: पीएम मुद्रा योजना में किस कैटेगरी में कितना लोन मिलता है?पहला, पुराना लोन एकाउंट बंद हो जाता है: जब आप लोन फोरक्लोज करते हैं, तो वह अकाउंट “बंद” दिखने…
कर्नाटक में कांग्रेस इस समय एक गहरे राजनीतिक धर्मसंकट में दिखाई दे रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री बदलकर उसने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। जिस तरह से आलाकमान के निर्देश पर सिद्धारमैया की जगह डी के शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है, वह दूरदर्शिता का परिचायक है। लेकिन सवाल है कि क्या मुख्यमंत्री बदलने से समस्या का स्थायी हल निकल चुका है? या फिर कोई और नई समस्या पनपेगी! कांग्रेस का अतीत इसी बात की चुगली करता है।चूंकि कांग्रेस के लिए जहां एक ओर सत्ता संतुलन मायने रखता है, तो वहीं दूसरी ओर एक स्थिर और टिकाऊ सरकार की चुनौती उसके समक्ष मौजूद है, जो चुनावी मुद्दा भी 2028 के विधानसभा चुनाव में बनेगा। और इसी बीच मुख्यमंत्री बदलने की लगातार चल रही चर्चाओं को सही साबित करके और अपना नया मुख्यमंत्री घोषित करके उसने कर्नाटक के राजनीतिक तापमान बढ़ा चुकी है।सवाल यह है कि क्या नेतृत्व परिवर्तन…
Supporting Student Journalist.
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