भारतीय सुपरक्रॉस रेसिंग लीग के तीसरे सीजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार प्रतियोगिता में 21 देशों के कुल 146 राइडरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और अब राइडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से बंद हो चुकी है। लीग के नए सीजन में भारतीय राइडरों के लिए 250 सीसी की एक नई श्रेणी भी शुरू की जा रही है, जिसका मकसद देश के उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, नए सीजन की शुरुआत 19 और 20 दिसंबर को पहले चरण के साथ होगी। इसके बाद दूसरा चरण 23 और 24 जनवरी 2027 को आयोजित किया जाएगा। तीसरा और अंतिम चरण 6 और 7 फरवरी 2027 को होगा। हालांकि, इन मुकाबलों के आयोजन स्थलों की घोषणा अभी नहीं की गई है।
भारतीय सुपरक्रॉस रेसिंग लीग में शहरों के बीच बने खास मैदानों पर मुकाबले कराए जाते हैं। इन मैदानों में मिट्टी से तैयार ट्रैक, ऊंची छलांग वाले हिस्से और कई तरह की बाधाएं होती हैं। इसी वजह से सुपरक्रॉस रेसिंग में राइडर की गति के साथ उसका संतुलन, नियंत्रण और तुरंत फैसला लेने की क्षमता भी काफी अहम होती है।
गौरतलब है कि लीग के पहले 2 सीजनों में 450 सीसी और 250 सीसी की अंतरराष्ट्रीय श्रेणियां थीं। इसके अलावा भारतीय और एशियाई राइडरों के लिए अलग 250 सीसी श्रेणी रखी गई थी। इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया के अनुभवी सुपरक्रॉस राइडरों के साथ मुकाबला करने और उनसे सीखने का अवसर देना था।
तीसरे सीजन में अब एक नई श्रेणी जोड़ी गई है। इसे ‘250 सीसी ग्रुप ए विदेशी बाइक केवल भारतीय भविष्य’ नाम दिया गया है। इसमें सिर्फ भारतीय राइडर हिस्सा लेंगे और इसके लिए 30 भारतीय राइडरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस श्रेणी में वही 250 सीसी बाइक इस्तेमाल होंगी, जो भारत-एशिया मिश्रित श्रेणी में इस्तेमाल की जाती हैं।
हर टीम को प्रत्येक श्रेणी में 2 राइडर उतारने होंगे। इससे पूरी लीग में भारतीय राइडरों की मौजूदगी भी बढ़ेगी। लीग के सह-संस्थापक और निदेशक ईशान लोखंडे ने कहा कि भारतीय भविष्य कैटेगरी देश के राइडरों के लिए एक व्यवस्थित रास्ता तैयार करने की योजना का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक, लीग का लक्ष्य ऐसा पेशेवर माहौल तैयार करना है, जहां दुनिया के बेहतरीन राइडर आएं और भारतीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिले।
तीसरे सीजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई जाने-पहचाने राइडर भी नजर आएंगे। इनमें 9 बार के ऑस्ट्रेलियाई सुपरक्रॉस और मोटोक्रॉस चैंपियन मैट मॉस शामिल हैं। वह पिछले सीजन के विजेता भी रहे हैं। पूर्व एमएक्स2 विश्व चैंपियन जोर्डी टिक्सियर भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
भारत की ओर से रुग्वेद बरगुजे, प्रज्वल विश्वनाथ, श्लोक घोरपड़े और इक्षण शनभाग जैसे अनुभवी सुपरक्रॉस राइडर चुनौती पेश करेंगे।
बता दें कि इस सीजन में कुल 7 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें पुणे के पुनीत बालन समूह के समर्थन वाली पीबीजी रेसिंग नई टीम के रूप में शामिल हुई है। होंडा, केटीएम, यामाहा और कावासाकी की बाइक प्रतियोगिता में इस्तेमाल होंगी। वहीं, होंडा इस सीजन में बीबी रेसिंग के साथ बतौर मुख्य प्रायोजक भी जुड़ रही है।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, 146 राइडरों की भागीदारी और भारतीयों के लिए नई श्रेणी लीग को और बड़ा मंच दे सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा देश के युवा राइडरों को मिल सकता है, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ एक ही प्रतियोगिता में सीखने और अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा और भारतीय सुपरक्रॉस को आगे बढ़ने का नया रास्ता मिल सकता हैं।
