स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की ओर स CPO भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती में पुरुषों के लिए 205 पद और महिलाओं के लिए 112 पद खाली हैं। वहीं CAPF में SI की 1320 वैकेंसी हैं। ऐसे में अगर आप भी दिल्ली पुलिस या CAPFs में SI बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि इस नौकरी में हर महीने हाथ में कितनी सैलरी आती है। वहीं ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि 7वें वेतन आयोग के मुताबिक चयनित कैंडिडेट्स को पे लेवल-6 में जगह मिलती है।
SSC-CPO की इन-हैंड सैलरी
सबसे पहला सवाल यह होता है कि सभी कटौतियां होने के बाद कितनी सैलरी मिलती है। तो अगर देखा जाए, तो बेसिक पे 35,400 रुपए होता है। वहीं सारे भत्ते मिलाकर ग्रॉस सैलरी करीब 47,496 रुपए होती है। NPS और अन्य सरकारी कटौती होने के बाद करीब 41,231 सैलरी इन-हैंड आती है।
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दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर ग्रुप ‘C’ की पोस्ट है। इस पोस्ट का ग्रेड पे 4,200 रुपए है और पे स्केल 35,400 रुपए से 1,12,400 रुपए तक होता है।
CAPF में सब-इंस्पेक्टर, BSF, CISF, CRPF, SSB और ITBP में एसआई की पोस्ट ग्रुप ‘B’ में आती है। इसका ग्रेड पे भी 4,200 रुपए है और पे स्केल 35,400 रुपए से 1,12,400 रुपए तक होता है।
CISF में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर ग्रुप ‘C’ की पोस्ट है। इसका ग्रेड पे 2,800 रुपए है। वहीं पे-स्केल 29,200 रुपए से 92,300 रुपये तक होता है।
ट्रेनिंग के समय सैलरी
भर्ती होने के बाद जब ट्रेनिंग शुरू होती है, तो कैंडिडेट्स को अच्छी-खासी सैलरी दी जाती है। दिल्ली पुलिस और बाकी सभी CAPF बलों में ट्रेनिंग के दौरान ग्रॉस सैलरी एक जैसी होती है।
सब-इंस्पेक्टर (दिल्ली पुलिस व CAPFs) की सैलरी 35,400 रुपये बेसिक पे, 6,018 रुपये डीए (17%), और 3,483 रुपये बाकी भत्ते के रूप में मिलते हैं। जिसमें से 4,142 रुपए NPS कटने के बाद ट्रेनिंग के समय करीब 40,759 रुपए मिलते हैं।
असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (CISF) को 29,200 रुपये बेसिक पे, 4,964 रुपये डीए, 3,033 रुपये मेस अलाउंस और 450 रुपये वाशिंग अलाउंस दिया जाता है। जिसमें 3,416 रुपए NPS कटता है और 34,231 रुपए इन हैंड सैलरी मिलती है।
शहरों के हिसाब से इन-हैंड सैलरी
ट्रेनिंग खत्म होने के बाद आपकी इन-हैंड सैलरी इस बार पर निर्भर करती है कि आपकी पोस्टिंग किस शहर में हुई है। सरकार ने शहरों को तीन कैटेगिरी X, Y और Z में बांटा गया है। बड़े शहरों में टीए और एचआरए ज्यादा मिलता है। इस कारण इस शहरों में इन हैंड सैलरी अधिक होती है।
X केटेगरी शहर जैसे दिल्ली और मुंबई में बेसिक पे 35,400 रुपये, डीए 6,018 रुपये, एचआरए 8,496 रुपये, टीए 3,600 रुपये और टीए पर डीए 612 रुपये मिलता है। वहीं कुल सैलरी 54,126 रुपए होती है। वहीं सीजीएचएस (250 रुपये), एनपीएस (4,142 रुपये) और बीमा (30 रुपये) मिलाकर कुल 4,422 रुपए कटते हैं। जिसके बाद में इन हैंड सैलरी 49,704 रुपए आती है।
वहीं Y केटेगरी शहर में HRA 5,664 रुपये और TA 1,800 रुपये मिलता है। वहीं कुल सैलरी 19,188 रुपए बनती है और कटौती के बाद 44,766 रुपए इन हैंड सैलरी मिलती है।
Z केटेगरी शबर में HRA 2,832 रुपये और TA 1,800 रुपये मिलता है। कुल सैलरी 46,356 रुपए बनती है और कटौती के बाद 41,934 रुपए मिलती है।
सैलरी स्लिप में क्या जुड़ा और क्या कटा
इसमें बेसिक सैलरी, मकान का किराया, महंगाई भत्ता, आने-जाने का खर्च और स्पेशल ड्यूटी के लिए मिलने वाले भत्ते शामिल हैं।
प्रोविडेंट फंड/एनपीएस का पैसा, प्रोफेशनल टैक्स, इनकम टैक्स और हेल्थ इंश्योरेंस या सीजीएचएस का चार्ज काटा जाता है।
वहीं ग्रॉस कमाई से सारी कटौतियां घटाने के बाद जो पैसा अकाउंट में आता है, तो उसको नेट सैलरी कहते हैं। स्लिप में पूरे साल का ब्योरा रहता है।
