कोलकाता, नौ अक्टूबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता विकास रंजन भट्टाचार्य के घर पर तोड़फोड़ के पीछे ‘‘हिंदुत्ववादी उपद्रवियों’’ का हाथ होने संबंधी उनके बयान को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, पुलिस ने इस बयान को लेकर भट्टाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है तथा उनके घर पर हमले के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बृहस्पतिवार को आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमले की निश्चित रूप से जांच की जाएगी।
मेरे निर्देश पर पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन वह (भट्टाचार्य) सोशल मीडिया पर यह कैसे लिख सकते हैं कि हमले के पीछे हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं का हाथ है? उन्होंने पूरे हिंदू समुदाय का अपमान किया है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं इस मामले को यूं ही जाने देने वालों में से नहीं हूं।
भगवा, सनातन, हिंदुत्व या राष्ट्रवादी ताकतों पर उंगली उठाने वाले हर व्यक्ति को सबक सिखाया जाना चाहिए।’’
भट्टाचार्य ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि ‘‘हिंदुत्ववादी’’ उपद्रवियों ने यहां उनके आवास की खिड़कियों के शीशे और एक सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया। यह घटना ई. एम. बाईपास के पास कालीकापुर इलाके में सुबह करीब पांच बजे हुई। भट्टाचार्य वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि चेहरे ढककर मोटरसाइकिल पर आए अज्ञात युवकों ने उनके घर की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। कोलकाता के पूर्व महापौर भट्टाचार्य ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है और दावा किया कि हमले के पीछे ‘‘हिंदुत्ववादी उपद्रवियों’’ का हाथ था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर की गई भट्टाचार्य की टिप्पणियों को लेकर टॉपसिया और गरफा थानों में उनके खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हमले के सिलसिले में बप्पा गुचैत नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जो नरेंद्रपुर का रहने वाला है। उसे दिन में बाद में अदालत में पेश किया जाएगा। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम गुचैत से पूछताछ कर रहे हैं ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके और यह जानकारी मिल सके कि इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।’’
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर गिरफ्तार व्यक्ति की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें उसने तृणमूल कांग्रेस के रंगों वाला गमछा पहन रखा है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हम उसके राजनीतिक संबंधों के साथ-साथ हमले के पीछे के मकसद की भी जांच कर रहे हैं।’’
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुचैत के खिलाफ शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 324(6) (मौत या चोट पहुंचाने अथवा गलत तरीके से रोकने की तैयारी करना), 125 (जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), 79 (महिला की गरिमा का अपमान करना), 352 (सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 351(2) (आपराधिक धमकी देना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अधिकारी ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में साक्ष्य मिटाने और जालसाजी से संबंधित आरोप भी जोड़े गए।
