गुवाहाटी, आठ अक्टूबर कांग्रेस की असम इकाई के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और हिरासत में लिए जाने के खिलाफ गुवाहाटी समेत राज्यभर में प्रदर्शन किए। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा और असम प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर गोस्वामी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर उस समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जब उन्होंने प्रदर्शन मार्च निकालने के लिए अवरोधक तोड़ दिए। कांग्रेस के एक नेता ने दावा किया कि राज्यसभा के पूर्व सदस्य बोरा (70) पुलिस के साथ हुई झड़प में घायल हो गए और उनके पैर में टांके लगाने पड़े।
राजीव भवन में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बोरा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा नीत सरकार के इशारे पर सीईसी द्वारा कथित तौर पर मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाए जाने के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। वहीं, कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई ने एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने के मामले में कथित भूमिका को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को यहां एक विरोध रैली निकाली। त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष आशीष कुमार साहा और वरिष्ठ विधायक सुदीप रॉय बर्मन के नेतृत्व में कांग्रेस के हजारों नेता और कार्यकर्ता अगरतला प्रेस क्लब के सामने जमा हुए और पश्चिम त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय तक मार्च किया।
कार्यालय पर उन्होंने कुमार की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में दिल्ली में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार पर भी चिंता जताई।
