© 2025 Siddhbhoomi.com. Designed with ❤️ by Abiral Pandey.
Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
(मानसी जगनी और वर्षा सागी) नयी दिल्ली, 11 सितंबर बालकनी में बना बाथरूम, बिना लिफ्ट वाली पांच मंजिला इमारत की छत पर बना टिन शेड वाला कमरा…. , हर इंच जगह की कीमत…. यहां तक कि प्लास्टिक की मेज के लिए भी अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं। दिल्ली में भविष्य बनाने का सपना लेकर आने वाले छात्र ऐसी तंग जगहों में रहने को मजबूर हैं, जिन्हें वे घर नहीं बल्कि जेल महसूस करते हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली देश के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों का केंद्र है, लेकिन दाखिला मिल जाने से ही छात्रों की मुश्किलों का अंत नहीं होता।उत्तर दिल्ली…
भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर शुरुआत की। बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली और सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा नीचे चला गया। निफ्टी भी 23,250 के स्तर से नीचे आ गया। सुबह 9:18 बजे सेंसेक्स 701.63 अंक यानी 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,200.96 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 239.05 अंक यानी 1.02 प्रतिशत टूटकर 23,237.75 पर पहुंच गया।बाजार में गिरावट का असर केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों तक सीमित नहीं रहा। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला।मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर भी दबाव मेंशुक्रवार को…
भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में औपचारिक कर्ज का करीब 60 लाख करोड़ रुपये का अंतर है। मौजूदा संस्थागत माध्यम छोटे उद्यमों की कर्ज की मांग का केवल 30-40 प्रतिशत ही पूरा कर पाते हैं। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई।रिपोर्ट में साथ ही कहा गया कि कारोबार, बैंकों, वित्तदाताओं, भुगतान सेवा प्रदाताओं और सार्वजनिक प्रणालियों समेत प्रमुख आर्थिक हितधारकों को निर्बाध रूप से जोड़ने वाली एक केंद्रीकृत एवं परस्पर संचालनीय डिजिटल प्रणाली एमएसएमई के कर्ज अंतर को पाटने में मदद कर सकती है। इससे देश के औपचारिक कारोबारी क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने में भी…
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिक्स समिट की तारीफ़ की है, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस के ख़िलाफ़ एक नया मुद्दा मिल गया है। यह घटनाक्रम वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के उस सवाल के एक दिन बाद हुआ है जिसमें उन्होंने पूछा था कि भारत को असल में इस समूह से क्या फ़ायदा हुआ है। गुरुवार को जहाँ चिदंबरम ने ब्रिक्स से होने वाले फ़ायदों पर सवाल उठाए थे, वहीं थरूर ने भारत द्वारा समिट की मेज़बानी को बहुत सम्मान की बात बताया। बीजेपी ने इसी अंतर को पकड़कर कांग्रेस पर निशाना साधा है।इसे भी पढ़ें: Karnataka में…
देशभर में आज यानी 11 सितंबर 2026 को बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है। दोपहर 12 बजे तक कई जगहों पर बैंक की शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित होने की स्थिति है। बैंक कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। ऐसे में अगर आपको आज बैंक की शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है तो पहले स्थिति की जानकारी लेना बेहतर होगा।इस हड़ताल का असर खास तौर पर सरकारी बैंकों की शाखाओं पर पड़ सकता है। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक समेत…
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को बुलाई गई एक दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण देशभर के सरकारी बैंकों में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। हड़ताल का सबसे व्यापक असर मध्य प्रदेश में देखने को मिला, जहां राज्य की कुल 8,707 बैंक शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाओं में ताले लटके रहे। इससे राज्य में रोजाना होने वाला करीब 5,500 करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन प्रभावित हुआ। कर्मचारियों और अधिकारियों के काम पर न आने के कारण शाखाओं में कैश जमा करने, पैसे निकालने, चेक क्लियरेंस, एफडी रिन्यूअल और सरकारी ट्रेजरी से जुड़े काम पूरी…
राजधानी नई दिल्ली के आसमान से जब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा का विशेष विमान पालम एयरबेस की धरती पर उतरा तो नजारा देखने लायक था। जैसे ही राष्ट्रपति रामा फोसा सीढ़ियों से नीचे उतरे भारतीय परंपरा के मुताबिक उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया गया और उसका वीडियो आपके सामने है। केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने आगे बढ़कर जब हाथ मिलाया तो दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति के चेहरे पर एक बड़ी और सहज मुस्कान तैर गई। हाथ जोड़कर नमस्ते करते राष्ट्रपति रामाफोसा की यह मुस्कान सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी बल्कि यह भारत और दक्षिण अफ्रीका के ऐतिहासिक…
भारतीय आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों का उल्लेख मिलता है। इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल सदियों से सेहत को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। इन्हीं में से एक अर्जुन की छाल है। आयुर्वेदाचार्यों के मुताबिक अर्जुन की छाल को खासतौर पर हृदय की सेहत के लिए लाभकारी मानी जाती है। वहीं आधुनिक विज्ञान भी इसके औषधीय गुणों पर लगातार शोध कर रहा है। अर्जुन छाल में एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनॉयड्स और ट्राइटरपेनॉयड्स पाया जाता है। जोकि शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने और हृदय को सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकता है।जानें क्या है अर्जुन की छालअर्जुन एक बड़ा औषधीय…
(जी उन्नीकृष्णन) चेन्नई, 11 सितंबर भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने स्वीकार किया कि दो महीने के विश्राम के बाद उन्हें श्रीलंका दौरे में अपनी गति और लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा था लेकिन दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पेल करने से उन्हें अपनी लय हासिल करने में मदद मिली है। सिराज श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की श्रृंखला के दौरान अपनी पुरानी फॉर्म में नहीं दिखे। वह लय हासिल नहीं कर पा रहे थे और उनकी गति भी काफी कम हो गई थी।सिराज ने इस श्रृंखला की चार पारियों में केवल 44 ओवर किए थे। सिराज…
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में छात्रों को आ रही समस्याओं को उठाने के लिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का धन्यवाद किया है। CJP के सौरव दास ने प्रेशर ग्रुप के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पंजाब का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अपने स्कूल ठीक करो अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लिया। X पर AAP नेता ने इन मुद्दों को उठाने के लिए CJP का धन्यवाद किया और कहा कि पार्टी राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी और चिंताओं का तुरंत समाधान करने की दिशा में कदम उठाएगी। इसे भी…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
हमसे संपर्क करने और जुड़ने के लिए मेल करें -
siddhbhoomi@gmail.com Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.