भारतीय कुश्ती दल के लिए अमेरिका जाने से पहले मुश्किल खड़ी हो गई है। 2024 की अंडर-17 विश्व चैंपियन नेहा सांगवान समेत कई भारतीय पहलवानों के अमेरिका के वीजा आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। इससे लास वेगास में 12 से 18 अक्टूबर तक होने वाली अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में इन खिलाड़ियों के हिस्सा लेने पर सवाल खड़ा हो गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बुधवार को अमेरिकी दूतावास में वीजा इंटरव्यू के लिए पहुंचे कई पहलवानों को मौखिक रूप से बताया गया कि उनके आवेदन इसलिए स्वीकार नहीं किए गए क्योंकि उनकी उम्र 20 साल से कम है और वे औपचारिक रूप से नौकरी नहीं करते हैं। इंटरव्यू के बाद खिलाड़ियों के पासपोर्ट भी उन्हें वापस कर दिए गए।
इस मामले को लेकर भारतीय कुश्ती फेडरेशन ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से हस्तक्षेप करने और खारिज किए गए आवेदनों पर दोबारा विचार करने की अपील की है। फेडरेशन ने गुरुवार को वीजा इंटरव्यू के लिए पहुंचने वाले बाकी पहलवानों के मामलों पर भी सकारात्मक तरीके से विचार करने का अनुरोध किया है।
बता दें कि भारतीय कुश्ती फेडरेशन की ओर से अमेरिकी दूतावास को भेजे गए पत्र के मुताबिक, बुधवार को कुल 24 प्रतिभागी वीजा प्रक्रिया के लिए पहुंचे थे। इनमें 16 पहलवान शामिल थे और इनमें से 9 पहलवानों के आवेदन खारिज कर दिए गए। फेडरेशन ने कहा कि उसे मिली जानकारी के अनुसार आवेदन खारिज होने की वजह खिलाड़ियों की रोजगार स्थिति और उनकी उम्र बताई गई है।
फेडरेशन ने अपने पत्र में यह भी समझाने की कोशिश की है कि जिस प्रतियोगिता के लिए ये खिलाड़ी अमेरिका जा रहे हैं, वह अंडर-23 वर्ग की विश्व चैंपियनशिप है। इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की उम्र 18 से 23 साल के बीच होती है। ऐसे में कई खिलाड़ी अभी अपना पूरा ध्यान खेल करियर पर लगा रहे हैं और उनके पास कोई नियमित नौकरी होना जरूरी नहीं है।
जिन पहलवानों के वीजा आवेदन खारिज होने की जानकारी सामने आई है, उनमें समर्थ गजानन म्हाकावे, धीरज कुमार मलिक, सचिन कुमार, निखिल, हरदीप, परवीन, अहिल्या शत्रुघ्न शिंदे, नेहा शर्मा और नेहा सांगवान के नाम शामिल हैं।
गौरतलब है कि नेहा सांगवान भारतीय कुश्ती की उभरती हुई खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने 2024 में अंडर-17 विश्व चैंपियनशिप में खिताब जीता था। ऐसे में उनके वीजा मामले को लेकर भारतीय कुश्ती जगत में भी चिंता बढ़ी है।
भारतीय कुश्ती फेडरेशन ने गुरुवार को वीजा इंटरव्यू देने वाले खिलाड़ियों को लेकर भी चिंता जताई है। फेडरेशन के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर खिलाड़ी भी 20 साल से कम उम्र के हैं और फिलहाल किसी औपचारिक नौकरी में नहीं हैं। इसलिए फेडरेशन ने अमेरिकी दूतावास से इन खिलाड़ियों के मामलों को खेल प्रतियोगिता के संदर्भ में देखने का अनुरोध किया है।
लास वेगास में होने वाली यह प्रतियोगिता युवा पहलवानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव और पहचान बनाने का अहम मंच है। अब भारतीय दल की भागीदारी काफी हद तक वीजा मामलों के समाधान पर निर्भर है और फेडरेशन की कोशिश है कि खिलाड़ियों को समय रहते अमेरिका जाने की अनुमति मिल सके और वे देश का प्रतिनिधित्व कर सकें, यही उम्मीद सभी की हैं।
