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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
Until a few decades ago, natural disasters were thought of as anomalies; freak occurrences that one could at best prepare for, but not predict.The laws of probability didn’t seem to work here.When it came to certain systems — storms, earthquakes, meteors — there was too much at play; too many layers, each one too complex and shaped by too many variables. Who could model or account for that?An answer emerged in the 1980s. A 39-year-old Danish theoretical physicist, Per Bak, came up with something called the sandpile model. (Read on for a bit more on what that is.)Two Indians, Deepak…
India needs a dedicated healthcare regulatory framework that gives patients access to transparent, comparable information on hospital quality, outcomes and costs, said Shailaja Chandra, Former Chief Secretary, Government of NCT of Delhi, during her plenary address at the 6th edition of ETHealthWorld’s Healthcare Leaders Summit.Chandra acknowledged the role of private equity and foreign capital in expanding India’s hospital infrastructure, arguing that such investment should not automatically be viewed negatively. “There is nothing wrong with PE investment. The country cannot [grow] without it,” she said, adding that external investors can also strengthen governance, questioning and operating standards.Her concern, however, was the…
दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने उस व्यक्ति के परिवार को 66.89 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है जिसकी दिसंबर 2023 में गुरुग्राम में एक ट्रक की चपेट में आने से 27 साल की उम्र में मौत हो गई थी। पीठासीन अधिकारी विक्रम, रमाकांत शर्मा के परिवार की ओर से दायर मुआवजा याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को दावा दायर करने की तारीख से नौ प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ मुआवजे की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।अधिकरण ने तीन सितंबर के अपने आदेश में कहा, “यह अभिलेख से साबित…
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स के सदस्य देशों से अपनी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और दुनियाभर में डिजिटल व्यापार को अधिक सुलभ बनाने का शुक्रवार को आग्रह किया। ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026’ के उद्घाटन सत्र को यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। भारत का यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) सालाना 250 अरब से अधिक लेनदेन का आंकड़ा पार कर चुका है, जो दुनियाभर में लेनदेन की संख्या के हिसाब से आधे से अधिक…
पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को कथित अवैध सरकारी जमीन बिक्री मामले में शुक्रवार को मेदिनीपुर की अदालत में पेश किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, रॉय को दिन में कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के बाद पश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित अदालत लाया गया।रॉय की पेशी से पहले अदालत परिसर और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। यह अदालत कोलकाता से करीब 130 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों ने बताया कि सीआईडी मामले में पूछताछ के लिए रॉय को…
दिल्ली इस समय दुनिया की कूटनीति का नया केंद्र बन गई है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए एक के बाद एक दुनिया के प्रमुख नेता भारत पहुंच रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय मुलाकातों का लंबा सिलसिला यह बताने के लिए काफी है कि भारत की वैश्विक भूमिका अब कितनी तेजी से बढ़ रही है। रूस से लेकर चीन, ईरान से लेकर खाड़ी देशों और अफ्रीका से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया तक, इन मुलाकातों के जरिए भारत एक साथ कई मोर्चों पर अपने रिश्तों को मजबूत कर रहा है। यह केवल नेताओं की मुलाकात नहीं, बल्कि बदलती…
हाल ही में सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटजीपीटी (ChatGPT) का ’80 के दशक का रेट्रो/वायरल लुक’ ट्रेंड छाया हुआ है, जहां हर कोई खुद को उस दौर के चमकीले कपड़ों, बड़ी जुल्फों और विंटेज स्टाइल में देखना पसंद कर रहा है। लेकिन अगर हम डिजिटल दुनिया के इस काल्पनिक ट्रेंड से हटकर असल जिंदगी के पन्नों को पलटें, तो सत्तर के दशक का बॉलीवुड सच में अपनी तरह का सबसे अनूठा और रंगीन दौर था। वह एक ऐसा स्वर्णिम समय था जब बड़े पर्दे पर एंग्री यंग मैन की दहाड़ और स्क्रीन पर दो बड़े सितारों का…
ऑडियो मनोरंजन मंच पॉकेट एफएम एवं माइक्रो-ड्रामा ऐप पॉकेट सागा की मूल कंपनी पॉकेट एंटरटेनमेंट का सालाना राजस्व 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गया है। कंपनी ने सालाना आधार पर 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि यह वृद्धि पॉकेट एफएम के वैश्विक विस्तार और सामग्री तैयार करने, उत्पादन, निजीकरण तथा वितरण में कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से हुई है।कंपनी के अनुसार, पॉकेट एफएम उसकी वृद्धि का मुख्य आधार बना हुआ है और मंच पर राजस्व बरकरार रखने की दर 44 प्रतिशत से बढ़कर 76 प्रतिशत हो गई…
ब्रिक्स और SCO जैसे मल्टीलेटरल संगठनों में ईरान के साथ मिलकर काम करने की भारत की तत्परता को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार के रास्तों को “बढ़ाने और उनमें विविधता लाने” के लिए नई दिल्ली के संकल्प को जाहिर किया। साथ ही, उन्होंने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए देश की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि तेहरान नई दिल्ली के साथ अपने पुराने संबंधों को कितनी अहमियत देता है। बिश्केक, किर्गिस्तान में शंघाई…
हूतियों ने सऊदी के तेल ठिकानों पर मिसाइलें दागी। सऊदी ने जवाब में यमन के अंदर बम बरसाए। लेकिन अब सवाल सिर्फ हमले का नहीं है। सवाल है अगली मिसाइल का। क्योंकि अगर होती फिर सऊदी के तेल ठिकानों पर हमले करते हैं तो क्या रियाद सिर्फ जवाब देगा? या इस बार हूती के ठिकानों को जड़ से मिटाने का ऑपरेशन शुरू होगा? अगर सऊदी ने हमला बढ़ाया तो क्या होती लाल सागर को युद्ध का अगला मोर्चा बना देंगे? एक तरफ सऊदी, दूसरी तरफ होती और बीच में यमन। लेकिन इसके पीछे खड़ा है पूरा मिडिल ईस्ट, ईरान का…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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